shabd-logo
मेरी जिंदगी के कुछ सच्चे अल्फाज

मेरी जिंदगी के कुछ सच्चे अल्फाज

Sailesh Patel

7 भाग
0 व्यक्ति ने लाइब्रेरी में जोड़ा
5 पाठक
निःशुल्क

अपनों की दुनिया में भी अजीब सा मंजर होता है, जिन्हें निहत्था समझें अक्सर उन्हीं के पास खंजर होता है, घाव तो इतना गहरा देते हैं जितना की समुंदर भी नहीं होता है, फिर भी मुस्कुराकर जो विपरीत धाराओं का रुख मोड़ दे वही तो सिकंदर होता है, 

मेरी जिंदगी के कुछ सच्चे अल्फाज

मेरी जिंदगी के कुछ सच्चे अल्फाज

Sailesh Patel

7 भाग
0 व्यक्ति ने लाइब्रेरी में जोड़ा
5 पाठक
निःशुल्क

अपनों की दुनिया में भी अजीब सा मंजर होता है, जिन्हें निहत्था समझें अक्सर उन्हीं के पास खंजर होता है, घाव तो इतना गहरा देते हैं जितना की समुंदर भी नहीं होता है, फिर भी मुस्कुराकर जो विपरीत धाराओं का रुख मोड़ दे वही तो सिकंदर होता है,

0.0

पुस्तक के भाग