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विश्व हिंदी दिवस

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विश्व हिन्दी दिवस के माध्यम से हम सभी को हिन्दी के प्रति समर्थन और स्नेह का इजहार करने का अवसर मिलता है। 10 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 10 जनवरी, 1949 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहली बार हिंदी बोली गई थी। हिंदी दिवस वर्ष में दो बार मनाया जाता है एक बार 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में दूसरी बार 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में।


सत्य व असत्यअनिल और सुनिल दोनों बहुत ही घनिष्ठ मित्र व सहपाठी भी थे। वे कक्षा - सात में पढ़ते थे। अनिल एक बुद्धिमान लड़का था। वह सत्य में विश्वास करता था। वह कभी असत्य नहीं बोलता था, जबकि सुनिल असत्य

दिनू की कहानीएक समय की बात है । खेड़ा नामक एक गांँव में एक अमीर साहूकार हेमा रहता था । वह बहुत ही धनवान था । गाँव के लोग उसका बहुत सम्मान करते थे । इस वजह से साहूकार घमण्डी और अहंकारी हो गया था । 

मोबाइल ( उपहार का डिब्बा ) एक समय की बात है । सुबह विद्यालय जाते समय टप्पू को एक उपहार का डिब्बा सड़क के किनारे पर लावारिस मिला था । उस उपहार के डिब्बे में एक नया मोबाइल रखा हुआ था । उस डिब्बे को

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सपना  ऐसा देखिये , नींद नहीं फिर आए ,  सपना हो  साकार जब, चैन तभी मिल पाए । (c)@दीपक कुमार श्रीवास्तव "नील पदम्"                

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शब्द. इन परिवार को विश्व हिंदी दिवस की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनायें ।              दीपक कुमार श्रीवास्तव "नीलपदम्"              

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तकनीकी में अब रखो, हिंदी का उपयोग,  जिसको हिंदी आएगी, वो ही पायेगा भोग ।              (c)@दीपक कुमार श्रीवास्तव "नीलपदम्"                

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भारत सहित पूरी दुनिया में विश्‍व हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। हिंदी प्रेमियों के लिए आज का दिन खास है।पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए 2006 में हर साल 10 जनवरी को विश्

एक हाथी और छह अंधे व्यक्तिएक समय की बात है, एक गांव में छह अंधे व्यक्ति बड़ी खुशी के साथ आपस में मिल - जुल कर रहते थे। एक बार उनके गांव में एक वयस्क हाथी आया। जब उनको इस बात की जानकारी हुई, तो वो भी उ

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आज विश्व हिंदी दिवस की सभी को शुभकामनाएं। जब हिंदी के बारे में सोचती हूं तो एक गाना याद आता है हिंदी भारत मां की बिंदी हिंदी हिंदुस्तान है। हिंदी वह भाषा है जो हमारे अंतर्मन की भावों को व्यक्त करने का

आँखे हँसती हैं, मग़र दिल ये रोता है,जिसे हम अपनी मंजिल समझते हैं,उसका हमसफ़र कोई और ही होता है... 

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हिंदी भाषा की समृद्ध सांस्कृतिक और भाषाई विरासत का जश्न मनाने के लिए प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 1975 में हुए पहले विश्व हिंदी सम

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प्रस्तावना: भाषा हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो हमें समृद्धि और एकता की ओर बढ़ने में सहारा प्रदान करती है। हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है और इसका महत्व अधिकता में हमारे सांस्कृतिक और भाषाई ध

 दीया ने अजय को फ़ोन कर कहा कि शाम को आते हुये सब्जी लेते आना, सुबह के लिये नाश्ते के लिये कुछ नही है, अजय ने इस सबका उत्तर हम्म करके दिया और फ़ोन काट दिया।  अजय की ऑफिस से छुट्टी के बाद घर आत

चाहत किस-की...? एक समय की बात है, एक व्यक्ति अपनी हाल ही में एक कार खरीदी वो उस को बड़ी चाहत से धुलाई करके चमका रहा था। उसी समय उसका पांच वर्षीय लाडला बेटा, किसी नुकीली चीज से कार पर कुछ लिखने लग

परिचय: प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाने वाला विश्व हिंदी दिवस एक ऐसा उत्सव है जो हिंदी भाषा के महत्व और सांस्कृतिक महत्व को पहचानता है। विश्व स्तर पर सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक के

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विश्व हिन्दी दिवस: हिंदी भाषा का महत्त्वहिंदी भाषा एक सामान्य शब्दों की सुंदर व्याकरण और साहसिक विविधता का संगम है। हिंदी के अर्थ, आदर्शों, और संस्कृति में उसकी महत्ता को मानते हुए, हर साल 10 जनवरी को

अनीश की कहानी.... एक छोटे से प्यारे से गांव में एक छोटा - सा, साधारण - सा बच्चा रहता था। उस बच्चे नाम अनीश था । वो बहुत ही अच्छा बच्चा था। सदा दूसरों की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहता था।&nbs

एक छोटे से गाँव में एक चिड़िया रहती । चिड़िया छोटे-बड़ो का सम्मान भी करती थी। चिड़िया बहुत ही प्यारी थी। वह हमेशा खुश रहती थी और अपने आसपास के सभी जानवरों से प्यार से रहती। एक दिन, चिड़िया पेड़ प

राजा और चिड़िया की कहानीएक राजा के विशाल महल में एक सुंदर वाटिका थी, जिसमें अंगूरों की एक बेल लगी थी। वहां रोज एक चिड़िया आती और मीठे अंगूर चुन - चुनकर खा जाती तथा अधपके व खट्टे अंगूरों को नीचे गिरा द

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थकती हैं संवेदनाएँ जब तुम्हारा सहारा लेता हूँ, निराशा भरे पथ पर भी तुमसे ढाढ़स ले लेता हूँ, अवसाद का जब कभी उफनता है सागर मन में मैं आगे बढ़कर तत्पर तेरा आलिंगन करता हूँ, सिकुड़ता हूँ शीत में जब

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