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आव कहे सो औलिया

22 अक्टूबर 2022

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आव कहैं सो औलिया,
बैठ कहें सो पीर,।
जा घर आव ना बैठु है,
सो काफिर  बेपीर ,।।
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अर्थात ,*" जो आदर से आने के लिए कहता है ,वह औलिया है, और जो सम्मानपूर्वक बैठता है वह शीलवान है,! जिसके घर ये दोनो नही है ,वह शीलहीन दुष्ट है,,!!
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रचनाएँ
कबीर वाणी
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कबीर के दोहे
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कबीर वाणी

31 जुलाई 2022
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹सब धरती कागज करूं,लिखनी सब बन राय ।सात समुंदर की मसी करूं ,गुरु गुण लिखा न जाय!!अर्थात ,*" सारी पृथ्वी को कागज बनाकर ,समूर्ण जंगल का कलम बनाये , सात समुंदर के जल का स्याही बनाए तब

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गुरु से प्रेम

2 अगस्त 2022
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 जैसी प्रीति कुटुंब की, तैसी गुरु सो होय । कहे कबीर ता दास का , पग ना पकड़े कोय,,!! अर्थात ,*" जिस प्रकार मनुष्य अपने कुटुम्ब से प्रेम करता है ,यदि वही भाव अपने गुरु के प्र

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मूल रूप

11 अगस्त 2022
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹मूल ध्यान गुरु रूप है , मूल पूजा गुरु पांव। मूल नाम गुरु वचन है , मूल सत्य सतभाव!! 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 अर्थात ,*"ध्यान का मूल रूप गुरु का रूप ही है ,गुरु चरणों की उपासना ही पू

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गुरु उपदेश

13 अगस्त 2022
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹लक्ष कोष जो गुरु बसे,दीजै सुरति पठाय।शब्द तुरी असवार है,छीन आवे छीन जाय।।🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹अर्थात ,*" गुरु आपसे भले लाखो कोस दूर हो ,तब भी उन्हे अपने हृदय में बसाए रखो उनके च

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घी के दर्शन

16 अगस्त 2022
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹आंखो देखा घी भला ,ना मुख मेला तेल ।साधू सो झगड़ा भला ,ना सकट सो मेल!!🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹घी का दर्शन करना अच्छा है ,मुंह में डाला हुआ तेल अच्छा नही होता , जैसे संतो से झगड़ा अच

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आव कहे सो औलिया

22 अक्टूबर 2022
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 आव कहैं सो औलिया, बैठ कहें सो पीर,। जा घर आव ना बैठु है, सो काफिर बेपीर ,।। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 अर्थात ,*" जो आदर से आने के लिए कहता है ,वह औलिया है, और जो सम्मानपूर्व

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बिगाड़ी कामिया,

26 अक्टूबर 2022
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹भक्ति बिगाड़ी कामिया,इंद्रिन् केरे स्वाद ।हीरा खोया हाथ सो,जनम गंवाया बाद !!🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹अर्थात ,*" इन्द्रियों के स्वाद में पड़कर कामी व्यक्तियों ने भक्ति को विनष्ट कर ड

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