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काव्य / कविता संग्रह की किताबें

तूं चाही,मैं रीता

"तूं चाही,मैं रीता"यह मेरी सातवीं तथा शब्द इन पर प्रकाशित होने वाली। छठवीं काव्य संग्रह है।जब तक यह लिखी जा रही है तब तक के लिये पाठकों के लिए नि:शुल्क शब्द इन पर उपलब्ध रहेगी लेकिन पूर्ण हो जाने के बाद यह सशुल्क उपलब्ध हो सकेगी। आनलाइन लेखन मैंने सब

13 पाठक
1 लोगों ने खरीदा
50 अध्याय
7 अगस्त 2023
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230
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वैद्यनाथ मिश्र नागार्जुन की प्रतिनिधि कविताएँ

वैद्यनाथ मिश्र नागार्जुन की प्रतिनिधि कविताएँ का संकलन।

78 पाठक
72 अध्याय
28 अप्रैल 2023
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पृथ्वीराज-संयोगिता की गौरव गाथा (काव्यरूप में)

यह पुस्तक हमारे उन सभी महापुरुषों एवं पूर्वजों को समर्पित है, जिन्होंने सनातन धर्म की परम्पराओं (मानवता, सत्यता, न्याय इत्यादि) का आदर्श रूप से पालन करते हुए अपने श्रेष्ठ कर्मों द्वारा अपने धर्म, कुल एवं देश के गौरव को बढ़ाया तथा उसके हेतु अपना सर्वस्

44 पाठक
16 लोगों ने खरीदा
24 अध्याय
28 सितम्बर 2023
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81
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255
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श्रीमद्भागवत गीता (घर घर गीता, गीत पुनीता)

श्रीमद्भागवत गीता का सरल काव्य रूपांतरण

13 पाठक
34 लोगों ने खरीदा
18 अध्याय
2 सितम्बर 2023
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223
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423
हार्डकवर

ड्योढ़ी लाँघकर

मेरी मनपसंद वो कवितायेँ जो मेरे अंतर्मन की ड्योढ़ी लांघकर आप तक पहुँचने के प्रयास में हैं ।

33 पाठक
19 अध्याय
10 जनवरी 2024
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मीराबाई  की प्रसिद्ध  रचनाएँ

मीरा के पदों में कृष्ण लीला एवं महिमा के वर्णन का उद्देश्य मीराबाई द्वारा कृष्ण के प्रति अपनी अनन्य भक्ति का प्रकटीकरण करना था। मीराबाई बचपन से ही कृष्ण की अनन्य भक्तिन थीं। मीराबाई श्रीकृष्ण को ही अपना प्रियतम मान बैठी थीं। रस-योजना - मीराबाई के का

317 पाठक
325 अध्याय
12 अगस्त 2022
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मुट्ठी भर रेत

"मुट्ठी भर रेत" काव्य संग्रह में इंद्रधनुषी रंगों से रंगी अनेकानेक रचनाएं हैं। कहीं मां के आंचल की सुगंध है,तो कहीं देश-भक्ति का रंग दिखाई देता है। कुछ रचनाएं समाज को ललकारती हैं, तो कुछ प्रेम से पुचकार कर उन्नति के पथ पर अग्रसर करती हैं।

112 पाठक
3 लोगों ने खरीदा
44 अध्याय
9 मई 2022
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66
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213
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बस, इतना सा..

बस, इतना सा ******** ओंकार नाथ त्रिपाठी -------------------------- "बस,इतना सा"यह मेरी "शब्द इन" पर प्रकाशित होने वाली आठवीं नई कविता संग्रह है।आम बोलचाल की भाषा में लिखी गई मेरी रचनाएं मानवीय सोच व

34 पाठक
52 अध्याय
10 फरवरी 2024
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लफ्जों के पंख...🕊️

खामोशियां......अल्फाजों की दुनियां..🍁

12 पाठक
3 लोगों ने खरीदा
51 अध्याय
5 मई 2023
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53
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कबीर दास जी के दोहे

कबीर दास जी की वाणी में अमृत है। उन्होंने अपने दोहों के माध्यम से समाज की कुरीतियों पर प्रहार करने का कार्य किया है। कबीर दास जी मुख्य भाषा पंचमेल खिचड़ी है जिसकी वजह से सभी लोग उनके दोहों को आसानी से समझ पाते हैं। जब भी दोहे शब्द सुनाई देता है, तो सब

37 पाठक
40 अध्याय
26 मई 2022
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'कुरुक्षेत्र'

'कुरुक्षेत्र' का प्रतिपाद्य यही है कि मनुष्य क्षुद्र स्वार्थों को छोड़कर, बुद्धि और हृदय में समन्वय स्थापित करे तथा प्राणपण से मानवता के उत्थान में जुट जाए। युद्ध एक विध्वंसकारी समस्या है, जिससे त्राण पाने के लिए क्षमा, दया, तप, त्याग आदि मानवीय मूल्

29 पाठक
7 अध्याय
7 मई 2022
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चाँद पर रँगोली

वस्तुतः यह सफर मिथिला के अधवारा नदी से शुरू हो कर कर्नाटक के कृष्णा तट के बसावना बागेवाड़ी में विश्राम तक की भावनाओं का मिश्रण है। इस सफ़रनामा के कई दास्तानों के साथ आपको भी चाँद का सफर तय करना है, जहाँ हम सब मिल कर रंगोली बनाएँगे। एक ऐसा रंगोली जिस

9 पाठक
121 लोगों ने खरीदा
75 अध्याय
2 सितम्बर 2023
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66
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275
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सुनो न!

अपनी बात मुझमें से गर निकाल दो मेरी लेखनी मेरी ज़िन्दगी से मेरी नहीं निभनी यूँ तो आते हैं सभी जीने के लिये पर ज़िन्दगी न लगती सबको भली इतनी सुख में सखी और दुख में दोस्त मेरी लेखनी ने कभी न होने दी कोफ्त मेरी अनुभूतियाँ ,जो कवित

26 पाठक
1 लोगों ने खरीदा
61 अध्याय
21 जुलाई 2022
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63
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सुखनवर

यह किताब शेरो शायरी से संबधित है, जो आपको पसंद आएगी ! इसमें आपको शेरो शायरी की मेजवानी मिलेगी, जिसे पढकर आपका पेट तो भर जाएगा, पर मन नहीं ! आप बार बार पढना चाहोगे, इसमें आपको हर तरह की शायरी पढने मिलेगी, कोशिश की है मैनें कुछ हाले दिल लिखने की, उम्म

12 पाठक
1 लोगों ने खरीदा
31 अध्याय
12 मार्च 2022
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42
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रश्मिरथी

इसमें कुल ७ सर्ग हैं, जिसमे कर्ण के चरित्र के सभी पक्षों का सजीव चित्रण किया गया है। रश्मिरथी में दिनकर ने कर्ण की महाभारतीय कथानक से ऊपर उठाकर उसे नैतिकता और वफादारी की नयी भूमि पर खड़ा कर उसे गौरव से विभूषित कर दिया है। रश्मिरथी में दिनकर ने सारे स

108 पाठक
63 अध्याय
7 मई 2022
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मेरे मनोभाव

मेरी इस पुस्तक में मैंने मेरे भावों को शब्दों में पिरोया है। मैं एक शिक्षक का दायित्व निभाते हुए जीवन में जो अनुभव ले पाया उन्हीं अनुभवों और अहसासों को मैंने यहाँ मेरी रचनाओं में उकेरा है। आशा है आप सभी सुधी पाठकों को मेरा यह प्रयास पंसद आयेगा। कृपया

11 पाठक
2 लोगों ने खरीदा
21 अध्याय
1 मई 2023
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21
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कलरव की गूंज

यह पुस्तक प्रकृति और जीवन से सम्बन्धित कविताओं को प्रस्तुत करती है । प्रकृति के अनुपम सौंदर्य को और जिंदगी के अनुभवों को काव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है ।अगर आप प्रकृति - प्रेमी हैं और जीवन के संघर्षों को काव्य के रूप में पढ़ना चाहते है तो यह

102 पाठक
1 लोगों ने खरीदा
26 अध्याय
15 जनवरी 2022
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बनते बिगड़ते जमाने के रंग

सभी को सदर प्रणाम, कैंची साइकिल चलाने के सुख से शुरू हुई जीवन के इस उलटफेर में न दिन रुका न रात थमी। भगवान से ज्यादा शक्तिशाली समझने वाले लोगो ने भी अपने विकास के रफ्तार को दिन दूना रात चौगुना गति पकड़ने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लेकिन अद

5 पाठक
1 लोगों ने खरीदा
13 अध्याय
11 सितम्बर 2023
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खिचड़ी विप्लव देखा हमने

नागार्जुन के काव्य संग्रह खिचड़ी विप्लव देखा हमने का संकलन।

13 पाठक
26 अध्याय
26 अप्रैल 2023
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