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🌎पृथ्वी पर सब कुछ व्यर्थ है।,🌍

PAVAN YADAV

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उपदेशक का यह वचन है, कि व्यर्थ ही व्यर्थ, व्यर्थ ही व्यर्थ! सब कुछ व्यर्थ है। Vanity of vanities, saith the Preacher, vanity of vanities; all is vanity. एक पीढ़ी जाती है, और दूसरी पीढ़ी आती है, परन्तु पृथ्वी सर्वदा बनी रहती है। One generation passeth away, and another generation cometh: but the earth abideth for ever.  

prithvi par sab kuchh vyarth hai

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पुस्तक के भाग

1

1.व्यर्थ शब्द का अर्थ है

27 अगस्त 2023
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सुलैमान ज्ञानी ने लिखा, “ सुलैमान ज्ञानी ने लिखा, “ “उपदेशक का यह वचन है, कि व्यर्थ ही व्यर्थ, व्यर्थ ही व्यर्थ! सब कुछ व्यर्थ है” (सभोपदेशक 1: 2)। “व्यर्थ” शब्द का अर्थ है “सांस,” या “वाष्प।” श

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2.ईश्वर लोगों को एक नया जीवन दिया है।

27 अगस्त 2023
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ईश्वर लोगों को पूर्ण जीवन जीने की शक्ति देता है । अच्छी खबर यह है कि परमेश्वर मनुष्य को उनके भाग्य को पूरा करने के लिए पालन करने की क्षमता देता है। यीशु ने कहा, “मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; ज

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3.हर एक बात का एक अवसर, एक समय है।

27 अगस्त 2023
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हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है। To every thing there is a season, and a time to every purpose under the heaven: अकसर आपने लोगों को कहते हुए सुना होगा, “क

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विषय- आप किस इस पर ध्यान लगाते हैं ,पेट या ईश्वर!

9 सितम्बर 2023
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उनका ईश्वर पेट है! उनका ईश्वर पेट है!उनका ईश्वर पेट है! (फिलिप्पियों 3:19) आज बहुत से लोगों ने पेट को अपना ईश्वर बना लिया है कोई कहता है कि पैसा ही परमेश्वर है कोई कहता पेट परमेश्वर है परंतु यह सब

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