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गोल्डन मीन(golden mean)

Jitendra Kumar sahu

22 अध्याय
1 लोगों ने खरीदा
55 पाठक
17 अप्रैल 2023 को पूर्ण की गई
ISBN : 0

हम जो जीवन जी रहे है क्या उससे हम संतुष्ट है।हमने जो चाहा था वो हमे मिल गया भरपूर पैसा मनमाफिक पद व प्रतिष्ठा।क्या हम अब भी खुश है? हमने वो सफर पूरी कर ली जिसकी तलाश थी।मैं ऊन लोगो को पूछ रहा हूँ जिन्होंने सफलता पा ली अब वे अपने जीवन से संतुष्ट है।जब हमारे पास कुछ नहीं था तो उसे पाने के लिए संघर्ष करते रहे बेचैन थे उसे पाने के लिए दिन रात मेहनत करनी पड़ती थी।तब हमे वो उपलब्धि प्राप्त हुई जो एक आम इन्सान को जीवन जीने के लिए चाहिए।यह सब मिल जाने के बाद हम अभी भी जीवंत है और चेहरा में एक शिकंज भी नही।कही हम पैसा कमाए और अब उसे दान करने में खर्च कर रहे हैं। पहले खूब खाये अब उपवास कर रहे है। खूब दौड़ लगाए अब विश्राम कर आलस बन बैठे हैं। पहले मार दिया अब दुलार कर रहे है।मन के खेल को समझना जरूरी है। एक अति पर रहे अब दुसरी अति पर आ गए है। मनुष्य को दोनो अतियो में सुख कहाँ मिलता है तो वो सुख कहां है जो गरीबी में नही और अमीरी में भी नही मिलता है । हमे उस सुख या संतुष्टि को ढूँढना होगा जो ना एक अति पर है ना दुसरी अति पर;वो जिस मध्य में होगा उस मध्य पहचानना होगा।उस स्वर्ग की पहचान करनी होगी जिस ठहराव में शान्ति ही शान्ति है।उस गोल्डन मीन को उपलब्ध करना होगा जो पदार्थ के परे हैं। जो संसार के किसी वस्तु पर डिपेंड नही वो जगह तलाशने होंगे जो धूप-छाँव से प्रभावित नही होता। इस पुस्तक के आगे के लेख में ये जानेंगे कि सम्यक बोध हमे कैसे प्राप्त हो जिससे जीवन सफल व सुखमय हो जाए ।सुखमय से ज्यादा मूल्यवान आनन्दमय है। आनंदमय सुख दुख से ऊपर है असफलता मे भी आनन्द हो सकता है सफलता मे तो होता है चाहे वह क्षणिक क्यो न हो। हमे; मनुष्य को वही सम्यक जागरण चाहिए जो हार होने पर जीत का दर्शन करा देता हैं।निम्न उच्च का भेद समाप्त कर देता है। ऋतुराज बसंत के बारे में आप लोग जानते हैं न अधिक ठण्ड पड़ती है न अधिक गर्मी।न स्वेटर की जरूरत पड़ती है न कूलर की जरूरत पड़ती है।मध्य में इसी मध्य में पीले फूल पनपने व खिलने लगते है धरती फूलो से सज जाती है। कविओं ने कई कविता भी लिखे है। 

goldan men golden mean

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पुस्तक के भाग

1

गोल्डन समय

28 फरवरी 2023
13
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3

गोल्डन समय सभी लोगो के मुख से आप लोगो ने ये बात सुनी होगी कलयुग का जमाना है। ये कलयुग है जरा बच के रहना यहाँ झूठ का बोलबाला है।सच कही अस्त हो गया है। लोगो की बातो को सुनते सुनते हम उसे सच मा

2

माइन्ड (मन)

28 फरवरी 2023
3
1
1

माइन्ड (मन) मन को समझना बहुत जरूरी है क्योंकि कहा गया है मन के हारे हार है मन के जीते जीत।मन एक ऐसा शख़्स है जो अपनी जाल से हमे उलझाकर खुद मालिक बन बैठता है। मन अपनी चाल कब चलता है पता नही चलता।

3

जिसको जीवन कहते वो जीवन नही

1 मार्च 2023
3
0
0

जिसको जीवन कहते वो जीवन नही हम लोग ये कहते है कि हम जीवन जी रहे है। क्या यह सही है? क्या सचमुच में हम जीवन जी रहे हैं? मनुष्य जन्म लेता है बचपन आता फिर जवानी आती है फिर बुढापा। ये तो क्रमश: घटि

4

हँसा तो मोती चुगे

2 मार्च 2023
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एक बार की बात है गुरु द्रोणाचार्य ने पांडवो को धनुर्विद्या सिखाने के पहिले परीक्षा ली। सभी लोगो को एक पेड़ पर ले जाकर पूछा आप लोगो को क्या दिखाई दे रहा है उस चिडियाँ पर निशाना लगाना है ।सभी लोगो ने

5

सफलता और असफलता

2 मार्च 2023
3
1
1

सफलता और असफलता सफलता और असफलता जीवन में आती जाती रहती है। आप एक विद्यार्थी है और एग्ज़ाम पास कर लिए आप फ़र्स्ट डिवीजन से पास हुए आपने सोचा या लक्ष्य निर्धारित किया था कि मैं इस वर्ष फ़र्स्ट डि

6

विपत्ति का निखार

4 मार्च 2023
3
1
1

विपत्ति का निखार हम ये सोचते है कि हम पर कोई दुख का पहाड़ ना टुटे। कोई समस्या ना आए। सोचो यदि हमे कोई कार्य न करना पड़े तो हमारे शरीर से कोई काम ना होगा मासपेशी दुर्बल हो जायेगा जब हम किसी पार्

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समग्रता से जीना

4 मार्च 2023
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समग्रता पहले की अपेक्षा आज सूचनाएं ज्यादा प्राप्त हो रही है। आज इतनी सारी जानकारी हमे एक साथ मिलती है कि हम तनाव में आ जाते है। ऑफ़िस जाना है वहाँ की कई ऑनलाइन व ऑफलाइन काम पेंडिग है। बच्चो की फीस

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सतत

4 मार्च 2023
4
1
1

सतत जब कोई विद्यार्थी उत्तीर्ण होता है तो उसके पीछे हजारो कदम होते हैं। वो लगातार अध्ययन करता है तब उसे वो मंजिल हासिल होती है। कोई भी हम काम करे उसमें निरंतरता जरूरी है निरंतरता एक दिन सफलता के

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विचार

8 मार्च 2023
1
0
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विचार क्या हम विचार करते है? कितने लोग विचार करते हैं? कही विचार चल रहे है उसे तो हम लोग विचार करना तो नही कहते। तो हम भूल में है। विचार दिमाग में स्वतः चलते रहते है लेकिन वह विचरना नही है।उदाह

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श्वास का रिदम

12 मार्च 2023
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हेलो दोस्तो कैसे है आपलोग। आज हम श्वास के संबंध में कुछ जानेंगे।हम जीवित है क्योकि हम साँस ले रहे है।साँस जिसमे हम हवा को अपने नाक के नथुने से अंदर खिचते हैं और कुछ सेकंड पश्चात बाहर निकालते है। क्य

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सुबह व शाम का महत्त्व

12 मार्च 2023
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सुबह व शाम का महत्व सुबह व शाम का महत्व सभी लोगो को पता होना चाहिए। सुबह वो क्षण है जो करीब 5 से 7 बजे के बीच को हम मान सकते है। सुबह उठते ही हमारा मन ताजा रहता है इस मन का उपयोग अपने लिये करना

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शरीर को काम देना

12 मार्च 2023
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सभी लोगो में एक बात गौर करना शरीर का कोई एक ही अंग से अधिकतर हम काम लेते है। जीवन भर हम एक ही अंग को उस काम में झोक देते हैं। जो सन्तुलित नही है ।शरीर में संतुलन तभी होगा जब हम सभी अंगो से कार्य ल

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शाकाहार एक पंख

14 मार्च 2023
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हमारा आहार क्या है? हम कौन सा आहार ले रहे है? विज्ञान ने तीन तरह के आहार विभाजित किया है शाकाहार,मांसाहार व सर्वाहार।संसार में तीसरे तरह के लोग ज्यादा होते है जो साक सब्जी व मांस दोनो खाते हैं। एक

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होश पूर्वक जीना

16 मार्च 2023
0
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होश पूर्वक जीने का क्या अर्थ होगा? सामान्यतया हम कहते हैं हम तो होश से काम कर रहे हैं,होश से चल रहे है,होश से दौड़ रहे है,होश से खा रहे है। सुबह से शाम तक हम यही तो कर रहे हैं।तो होश और क्या है? आप

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छोटे से शुरुआत

19 मार्च 2023
1
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आज लेख छोटा सा है। हम जो भी करे चाहे किसी बिजनेस की शुरुआत करे,चाहे निवेश करे ,चाहे किसी उत्तर को याद करे,घर का निर्माण कराए जो भी करे हमेशा छोटे से शुरुआत करनी चाहिए। विद्यार्थी के लिए 10 लाईन का

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जो तुम दोगे वही मिलेगा

20 मार्च 2023
1
0
0

प्रत्येक क्रिया के प्रति प्रतिक्रिया होती है। यह न्यूटन का नियम भी है। यह नियम प्रत्येक व्यक्ति के जीवन पर भी लागू होता है। प्रत्येक एक्शन के प्रति रिएक्शन। अस्तित्व को जो तुम दोगे वही तुम पर वापस

17

तुम अद्वितीय हो।

19 मार्च 2023
2
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0

तुम अद्वितीय हो इस संसार में तुम्हारे जैसा और कोई नही है। गुलाब का हर फुल आकार में अलग-अलग है कोई भी फुल एक जैसा नही है। किसी पौधे के एक पत्ती को लो उसके समान संसार के किसी पौधे में वैसा पत्ती न प

18

अन्तिम विचार एक बीज

25 मार्च 2023
0
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जब हम सो कर उठते हैं तो कोई विचार सीधा मन में चल रहे होते है। ये विचार आपने अभी सोचा नही और अचानक सो कर उठते ही मन में चलने लगते है। कभी ध्यान दिया है ये विचार आपको कब आया होगा। बीते हुए दिन में ज

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तुम्हारे टार्च का बटन दूसरे के पास क्यो?

28 मार्च 2023
3
1
2

जब हमें कोई गाली देता है तो हम क्रोधित हो उठते है इसी प्रकार जब हमारी कोई प्रशंसा करता है तो हम फूले नहीं समाते। साधारण सी बात है जब गाली देता है तो हम उससे नफरत करने लगते है ।हमारे अंदर की ज्वाला

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धन:एक सीढ़ी

1 अप्रैल 2023
3
1
4

आप लोग ये कहते है पैसा सब कुछ नही होता।क्या पैसा सब कुछ नहीं होता सच है बात।सभी लोग कह देते है पैसा सब कुछ नही है। जिसके पास पैसा नहीं है वो भी कह देता है पैसा सब कुछ नही है उसे तो अनुभव नही है फि

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पर्यावरण सजगता

3 मार्च 2023
4
0
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आज हमे अपने पर्यावरण के प्रति विचार मंथन करने की ज़रूरत है। जिस पृथ्वी पर हम रहते हैं वह नष्ट होने के कगार पर है।हमने तो अपने घर को साफ सुथरा व सजाकर रखा है।पर उसका नीव ही कमजोर हो तो मकान कब तक साथ

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भाग-ll

19 सितम्बर 2023
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●रिजेक्शन (Rijection) अक्सर हमे यह बताया या पढ़ाया जाता है कि हमे हर स्थिति में ना के बजाय हा कहना चाहिए।ना कहने से मामला वही पर समाप्त हो जाता है द्वार बन्द हो जाता है ।मामला समाप्त जय राम जी की। अ

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