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शायरी

18 दिसम्बर 2021

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जो जमाने की पुरानी रीति है 
मैं भला कैसे ना उन पर काम करता 
छोड़ कर जाना मुझे पूरा था लाजिम 
मैं ही पागल था जो रोज उसको याद करता 

-Shivanshukla (शिvansh) 🖋❣️🖋
पुस्तक लेखन प्रतियोगिता - 2023

20 दिसम्बर 2021

Shivansh Shukla

Shivansh Shukla

22 दिसम्बर 2021

आभार🙏

Pragya pandey

Pragya pandey

बहुत सुंदर 🙏😊

19 दिसम्बर 2021

Shivansh Shukla

Shivansh Shukla

22 दिसम्बर 2021

शुक्रिया🙏

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