shabd-logo

गणतंत्र दिवस

25 जनवरी 2022

25 बार देखा गया 25
स्वतंत्र देश को एक सूत्र में पिरोया ,
जब आंबेडकर ने संविधान संजोया।
जाति,धर्म, वेशभूष को छोड़,
भारत गणतंत्र बन पाया,
जब 26 जनवरी 1950 को,
गणतंत्र संज्ञान में आया।
गणतंत्र की महिमा गाता हर इंसान है,
हर्ष से बोलो मेरा देश हिन्दुस्तान है।
जय हिंद,जय भारत
8
रचनाएँ
अनीता की कविता डायरी
0.0
ये क़िताब मेरी कविताओं का संकलन है। झांकी है स्त्री मन की,समसामयिक घटनाओं पे मेरे विचार है जो उकेरे गए है कविता के रूप में ।आशा है कि आपको ये पसंद आएगी🙏
1

सोचों एक दिन नींद खुले।

11 सितम्बर 2021
8
15
3

<p>सोचो एक दिन सोये और नींद खुले अपने कॉलेज के हॉस्टल में होते शोर से</p> <p>खोलें जब दरवाज़ा,जाते हु

2

करवा और भारत-पाकिस्तान मैच

26 अक्टूबर 2021
25
14
7

<p>इस करवाचौथ का वृतान्त सुनो मित्रों-</p> <p>इधर चल रही थी करवा की तैयारी,</p> <p>उधर भारत पाकिस्ता

3

सिसकती नदी

10 नवम्बर 2021
2
2
3

<p>एक दिन यूँही गुज़रना हुआ,नदी के किनारे से।आवाज़ कुछ सुनाई दी नदी किनारे से। पास कुछ जाना हुआ तो पान

4

औरत का दर्द

23 नवम्बर 2021
2
2
2

<div><span style="font-size: 16px;">अक्सर मैंने जोरदार ज़नानी आवाज़ों के पीछे का</span></div><div><spa

5

औरत का दर्द

23 नवम्बर 2021
4
4
3

<div><span style="font-size: 16px;">अक्सर मैंने जोरदार ज़नानी आवाज़ों के पीछे का</span></div><div><spa

6

नमन है तुम्हे हिन्द के वीर

10 दिसम्बर 2021
5
4
6

<p>छाती पे तमगे देख के जिसके भूतल हिल जाता था।</p> <p>सो रहा है वो शेर देखो, देश सत-सत शीश नमाता है।

7

मंथरा का आना

7 जनवरी 2022
2
1
4

जीवन में मंथराओ का आना,आप में भरत-सा स्नेह लाता है।जीवन में मंथराओ का आना,आप में लक्ष्मण सा साथ लाता है।जीवन में मंथराओं का आना,आप में सीता सा विश्वास लाता है।जीवन में मंथराओ का आना,आप को कुछ पल का शो

8

गणतंत्र दिवस

25 जनवरी 2022
0
0
0

स्वतंत्र देश को एक सूत्र में पिरोया ,जब आंबेडकर ने संविधान संजोया।जाति,धर्म, वेशभूष को छोड़,भारत गणतंत्र बन पाया,जब 26 जनवरी 1950 को,गणतंत्र संज्ञान में आया।गणतंत्र की महिमा गाता हर इंसान है,हर्ष से ब

---

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए