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रिया सिंह सिकरवार " अनामिका " के बारे में

मैं एक विधार्थी हूँ .... मुझे लिखना और पढ़ना पंसद है . . . नारी है वो नारी है वो ताड़न की अधिकारी दो परिवारो को एक करने वाली टूटे विश्वास को जोड़ने वाली खुले मन से हँसने वाली अपनी इच्छा को मारने वाली आँसू को छूपाने वाली दर्द में भी मुस्कुराने वाली कर्तव्य से अपने मूँख ना मोड़ने वाली थकने पर भी उफ्फ ना करने वाली हे मानव .... नारी है वो नारी ... है वो ताड़न की अधिकारी ... ताड़न की अधिकारी का अर्थ यहां पर प्यार पाने की हकदार से है ।

पुरस्कार और सम्मान

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दैनिक लेखन प्रतियोगिता2023-06-23
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दैनिक लेखन प्रतियोगिता2023-04-12
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दैनिक लेखन प्रतियोगिता2023-02-05
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दैनिक लेखन प्रतियोगिता2022-12-26
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दैनिक लेखन प्रतियोगिता2022-09-24
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दैनिक लेखन प्रतियोगिता2022-08-03
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दैनिक लेखन प्रतियोगिता2021-10-27

रिया सिंह सिकरवार " अनामिका " की पुस्तकें

परी सी हैं वो ..🧚🏻‍♀️

परी सी हैं वो ..🧚🏻‍♀️

चाँद का टुकड़ा

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कविताएं और शेर

कविताएं और शेर

बेहद प्यार

39 पाठक
11 रचनाएँ

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कविताएं और शेर

कविताएं और शेर

बेहद प्यार

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दिल की आवाज

दिल की आवाज

शब्दों की लड़ी ....

31 पाठक
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दिल की आवाज

दिल की आवाज

शब्दों की लड़ी ....

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हमे क्या पता था
कि वो सब बेवजह था

हमे क्या पता था कि वो सब बेवजह था

हमे क्या पता था कि वो सब बेवजह था

28 पाठक
2 रचनाएँ

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हमे क्या पता था
कि वो सब बेवजह था

हमे क्या पता था कि वो सब बेवजह था

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28 पाठक
2 रचनाएँ

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दहेज ... ये कैसा रिवाज है . . .

दहेज ... ये कैसा रिवाज है . . .

        सुधीर जी अपनी बेटी राधिका की शादी को लेकर हमेशा चिंतित रहा करते थे । वो पेशे से एक सरकारी टिचर थे । वो अपने परिवार के साथ एक छोटे से घर में रहा करते थे । सुधीर जी के परिवार में उनकों लेकर कुल पाँच  सदस्य रहा करते थे । वो उनकी पत

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दहेज ... ये कैसा रिवाज है . . .

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        सुधीर जी अपनी बेटी राधिका की शादी को लेकर हमेशा चिंतित रहा करते थे । वो पेशे से एक सरकारी टिचर थे । वो अपने परिवार के साथ एक छोटे से घर में रहा करते थे । सुधीर जी के परिवार में उनकों लेकर कुल पाँच  सदस्य रहा करते थे । वो उनकी पत

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बेशक ! पापा की परी होती हैं बेटियां

बेशक ! पापा की परी होती हैं बेटियां

बेटियां

23 पाठक
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₹ 6/-

बेशक ! पापा की परी होती हैं बेटियां

बेशक ! पापा की परी होती हैं बेटियां

बेटियां

23 पाठक
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मेरे पापा🙏🏻🤗

मेरे पापा🙏🏻🤗

एक पिता का अपने बच्चों के प्रति प्यार और त्याग । बच्चों के खुशी में खुश हो जाना , आदि .. जिसे हम लब्जो में बया नहीं कर सकते हैं । पिता की आत्मा महान होता हैं ,उनके गुस्से में ही प्यार छुपा होता है ।

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₹ 7/-

मेरे पापा🙏🏻🤗

मेरे पापा🙏🏻🤗

एक पिता का अपने बच्चों के प्रति प्यार और त्याग । बच्चों के खुशी में खुश हो जाना , आदि .. जिसे हम लब्जो में बया नहीं कर सकते हैं । पिता की आत्मा महान होता हैं ,उनके गुस्से में ही प्यार छुपा होता है ।

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मेरे अभिमान है पापा ...

मेरे अभिमान है पापा ...

मेरे प्यारे पापा🙏🏻😊❤️

12 पाठक
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₹ 4/-

मेरे अभिमान है पापा ...

मेरे अभिमान है पापा ...

मेरे प्यारे पापा🙏🏻😊❤️

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" शब्दों की मोती "

" शब्दों की मोती "

कुछ अपनी और कुछ कल्पना कर के लिखती हूँ , मैं कहानी ,कविता , शेर , गीत और गजल भी लिख लिया करती हूँ । अभी तो शुरूआत हैं ये , आगे शायद मेरी लेखनी में और निखार आ जायेगी ।

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₹ 3/-

" शब्दों की मोती "

" शब्दों की मोती "

कुछ अपनी और कुछ कल्पना कर के लिखती हूँ , मैं कहानी ,कविता , शेर , गीत और गजल भी लिख लिया करती हूँ । अभी तो शुरूआत हैं ये , आगे शायद मेरी लेखनी में और निखार आ जायेगी ।

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कही*-*अनकहीं दिल की बातें

कही*-*अनकहीं दिल की बातें

दिल की आवाज

10 पाठक
49 रचनाएँ

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कही*-*अनकहीं दिल की बातें

कही*-*अनकहीं दिल की बातें

दिल की आवाज

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बडा बेरहम था इश्क मेरा

15 मई 2023
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बडा बेरहम था इश्क मेरावक्त आया जब साथ देना कातो साथ छोड़ दिया ...खैर .....ना शिकवा इश्क से हैना शिकायत खुदा से हैबस ख़फ़ा मैं खुद से हूँ के मेरा इश्क ऐसा क्यों ? 10:02 am13/05/2023 &nb

वो भूल थी मेरी ...

15 मई 2023
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तुम जो आए मेरी जिंदगी मेंमेरी दुनिया बदल गयीहर चीज मिला मुझेमुझे हर ख़ुशी मील गयीवो भूल थी मेरी ...मेरी जिंदगी बदल गयीवास्ता जब हुआ सच सेसच में मैं पूरी बिखर गयी11:09 pm &nb

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