shabd-logo
Shabd Book - Shabd.in

वैभव दुबे की डायरी

वैभव दुबे

5 अध्याय
0 व्यक्ति ने लाइब्रेरी में जोड़ा
0 पाठक
निःशुल्क

 

vaibhav dube ki dir

0.0(0)

पुस्तक के भाग

1

शिक्षा का महत्व

6 अगस्त 2015
0
5
1

शिक्षा सागर मीठे जल काशिक्षा अम्बर बाहुबल काशिक्षा ज्ञान की प्यास बुझाएशिक्षा का अमृत जब छलकाशिक्षा बांधे प्रेम की डोरी मेंशिक्षा मिले माँ की लोरी मेंशिक्षा जीवन की प्रसन्नताशिक्षा स्नेह है आँचल काशिक्षा बेटियों का दर्पण हैशिक्षा बेटों का समर्पण हैशिक्षा का दीप आज जलेशिक्षा उजाला है कल काशिक्षा अप

2

मैं कृष्ण बना

14 अक्टूबर 2015
0
5
6

आप सभी कविगण व लेखकों से क्षमा चाहूँगाअत्यधिक व्यस्तता के कारण आप लोगों केबीच नहीं आ सका..आज अपनी पहली हास्य कविता जो 3 वर्ष पहले लिखी थी ,के साथ उपस्तिथ हूँ....इक रोज मैंने सोचा मैं कान्हा बन के जाऊँदिल का तार छेड़े ऐसी धुन मैं छेड़ जाऊँदृढ़ निश्चय पे अडिग हो है मन में मैंने ठानीकि गोपियों के साथ मैं

3

गजल

4 अक्टूबर 2016
0
2
0

4

कोख का कष्ट

6 दिसम्बर 2016
0
2
1

सुनो मम्मी सुनो पापा तुम्हारी गुड़िया रानी हूँजो भैया की कलाई पर बंधे राखी सुहानी हूँमैं नन्हें दिल के सपनों से इसी आँगन में खेलूंगीनहीं मारो मुझे तुम कोख में दुनिया मैं देखूंगीतुम्हारे प्यार के लम्हों की मैं भी इक निशानी हूँसुनो मम्मी सुनो पापा तुम्हारी गुड़िया रानी हूँजो भैया की कलाई पर बंधे राखी सु

5

एक ध्वज हो गया

7 अगस्त 2019
0
0
0

बिना रक्तपात वीर शिवा की तलवार काराणा जी के भाले का भी सम्मान हो गयारामबाण औषधि प्रयोग में ले आये जबअसाध्य रोग का संभव निदान हो गयाकई वर्षों पुराने एक विकट प्रसंग कादेश के दुलारे द्वारा समाधान हो गयाएक नागरिकता हुई एक ध्वज के तलेएक ही विधान एक संविधान हो गया

---

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए