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रूहानी विज्ञान

विक्रम जीत गिरधर

8 अध्याय
1 व्यक्ति ने लाइब्रेरी में जोड़ा
27 पाठक
8 नवम्बर 2023 को पूर्ण की गई
निःशुल्क

रूहानी विज्ञान (आचार-विचार-9) सदा सहायी, अनंत सुखदायी, सदा रूहानी रहनुमाई; धन आवाजाई से बचाने वाले परम संत बाबाजी (ब्यास) को 

ruhani vigyan

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पुस्तक के भाग

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परिचय

2 नवम्बर 2023
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परिचय डॉ. विक्रमजीत जन्म : मार्च 4, 1955 (टोहाना) हरि. शिक्षा : हिन्दी, अंग्रेजी एवं राजनीति विज्ञान में एम. ए. डिप. लिब. एससी, नेट पी-एच. डी. (हिन्दी) डी. लिट. लेखन : पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का

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अथ् वार्तालाप

2 नवम्बर 2023
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नित्य प्रतीक्षारत धरा जगे सूर्य की उष्मा पाने हेतु अन्यथा समस्त पस्त सा रहे जगत्, वनस्पति जगत को चाहिए धूप - बदरा जो अपेक्षित गतिशील जीवों के संचालन हित- और उनमें से श्रेष्ठ मानव को क्षुधा पूर्ति पश्च

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6 नवम्बर 2023
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सुबोध राय मनमौजी किस्म का अपनी ही तरह का आदमी निकला कि छोटे-से-छोटे ओहदे पर रहते हुए भी तेवर बड़े-बड़े दिखा जाता विशेषतः बड़े आहदे वालों के सम्मुख, जबकि साथी-संगियों के साथ रहता तो ऐसे दर्शाता कि उनसे

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6 नवम्बर 2023
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घुमंतु छुटपन भाई जी को लगने लगा कि यह भौतिक संसार प्राचीन काल में भी जनश्रुति द्वारा सुदूर प्रान्तों (देशों) की सूचनाएं प्राप्त कर पैदल या पशुओं के सहारे लम्बी-लम्बी दूरी की यात्राएं कर अन्य देशों-जात

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6 नवम्बर 2023
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हर तरह के साधु-संतों व धर्मिक स्थानों के सत्संग आदि सुनने के पश्चात मियां लोभ-लाभ जी को भी मध्यम वय में एक पूर्ण संत के सत्संग में पहुँचनें का अवसर मिला तो एक अति भव्य - विहंगम दृश्य अपस्थित हो चौंकान

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8 नवम्बर 2023
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श्री आदी नाथ उर्फ (वस्तुत: व्याधि ग्रस्त अपराधी सम) कि उम्र बीतनेकेसाथ-साथ पापोंका लादान भी बढ़ता ही रहता हैक्योंकि जिन पदार्थो/अनाज़ों पेड़ पौधों या बनस्पति का हम प्रतिदिन भोग करतेहैं वह भी जीवन युक

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6 नवम्बर 2023
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माननीय अपरिपक्व सिंह जी उम्र के उस पड़ाव पर थे जहाँ लोग खुद को बूढ़ा या सठिया जाने वाली अवस्था में पहुँच बतलाने-जतलाने लगते हैं कि व्यवहार में कुछ भुलक्कड़पन, नादानी दिखाने या हैरानी देने वाली बात, हर

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6 नवम्बर 2023
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दु:खी मन राय (विगत खंडों के सभी जन का मिश्रण / व्यक्तित्व) अंत्तः स्वयं को ऐसे मुकाम या मचान के समीप पाता है जहां प्राय: उम्र देखकर तो जिंदगी की ढलान कह देते हैं पर वह अनुभव कहता है कि बाम पर है, मचान

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