shabd-logo

deepaksrivastavaneelpadam

hindi articles, stories and books related to deepaksrivastavaneelpadam


featured image

है चन्द्र छिपा कबसे, बैठा सूरज के पीछे, लम्बी सी अमावस को, पूनम से सजाना है। चमकाना है अपनी, हस्ती को इस हद तक, कि सूरज को भी हमसे, फीका पड़ जाना है। ये आग जो बाकी है, उसका तो नियंत्रण ही,

featured image

ये सिर्फ एक हार है  भले ही कुछ बड़ी हो पर ये अंत कदापि नहीं ........................                   शूरवीरों की तरह लड़ते हुए ज़ख्मी हुए ज़ख्मों को भी अस्त्र सा संभाल लीजिये,  आगे भिड़े तो शत्र

featured image

"  इन्द्रवायू इमे सुता उप प्रयोभिरा गतम् । इन्दवो वामुशन्ति हि। "   हे इन्द्रदेव ! हे वायुदेव ! यह सोमरस आपके लिये अभिषुत किया (निचोड़ा) गया है। आप अन्नादि पदार्थों के साथ यहाँ पधारें, क्यो

featured image

"  वायो तव प्रपृञ्चती धेना जिगाति दाशुषे । उरूची सोमपीतये । "   हे वायुदेव ! आपकी प्रभावोत्पादक वाणी, सोमयाग करने वाले सभी यजमानों की प्रशंसा करती हुई एवं सोमरस का विशेष गुणगान करती हुई, सो

featured image

वाय उक्थेभिर्जरन्ते त्वामच्छा जरितारः । सुतसोमा अहर्विदः ।  हे वायुदेव ! सोमरस तैयार करके रखने वाले, उसके गुणों को जानने वाले स्तोतागण स्तोत्रों से आपकी उत्तम प्रकार से स्तुति करते हैं। 

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए