shabd-logo

वही

hindi articles, stories and books related to wahi


featured image

गृहस्थी का मूल पिता है फादर्स डे के अवसर पर मनीष रामरक्खा द्वारा अपनेस्वर्गीय पापा श्री सुभाष रामरक्खा जी को भावभीनी श्रद्धांजली .कविता में वर्णितसभी गुण उनके पापा में विद्यमान थे .मूल है घर गृहस्थीका ,आकाश सा विस्तार है |रीढ़ बन कर जो खड़ा है,साथ निज परिवार है |हंस जैसी चातुरी है,ज्ञान – गुण धर्

संबंधित टैग्स

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए