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छंद -"पद्धरि"

hindi articles, stories and books related to Chhan -"paddhari"


छंद -"पद्धरि"(पदपादाकुलक की उपजाति)*शिल्प विधान - मात्रा भार =१६ आरम्भ में गुरु अनिवार्य *पदपादाकुलक चौपाई में चार चौकल बनते हैं तभी लय सटीक आती है । *अंत में १२१ ( जगण)छंद -"पद्धरि"हो पावन मनभावन उद्यान। हरियाली सुहावन पहचान॥ झूमे पेड़ घर बाग महान। डाल डाली पर फूल सुजान

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