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💐साथ सफ़र में थी तो चुकी क्यों?💐

14 फरवरी 2022

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रचनाएँ
💐रंग-ए-तमन्ना💐
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उर्दू ग़ज़ल का ये पहला गुलदस्ता आप दोस्तों की महफ़िल में रखता हूँ इस उम्मीद के साथ कि आप हमारी हौसला अफ़जाई ही नहीं करेंगे बल्कि हमारी कमियों को भी ज़रूर बतायेंगे। वो गुलाबी होंठ आंखें ..झील सी गहरी नशीली, वो हसीं सरगोशियां कातिल नज़र बातें रसीली। आसमा के चांद तुझ में सच कहूं वो दम नहीं है। मेरा वाला चांद तुझसे आज भी ज्यादा हंसी है।।  © आपका नवाब आतिश।
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💐मेरी निदा से....तेरी सना तक,💐

26 दिसम्बर 2021
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मेरी निदा से....तेरी सना तक,कोई तो रिश्ता है..पारसा सा।मैं एक गदा हूं...तेरे चमन का,मिजाज तेरा है बादशाह सा।।मेरी निदा से..................।। तुम्

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💐आदाब-ए-ग़ालिब...1💐

26 दिसम्बर 2021
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<div><span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;">कैद-याने-गम है..

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💐आदाब-ए-ग़ालिब..2💐

26 दिसम्बर 2021
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<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;">दिल को क्या चाहिए? जी

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💐होके खूंगर* गर्दिशे दौरां में...💐

27 दिसम्बर 2021
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<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;">होके खूंगर* गर्दिशे द

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💐पायल की ज़ुबां घुंघरू की कसक💐

27 दिसम्बर 2021
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<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;">पायल की ज़ुबां घुंघरू

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💐ये माना शहर में बेगाने बहुत है💐

27 दिसम्बर 2021
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<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;">ये माना शहर में......

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💐बस से बेबस हो गया💐

27 दिसम्बर 2021
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<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;">बस से बे .........बस

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💐मिलती नहीं लवों को...💐

28 दिसम्बर 2021
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<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;">मिलती नहीं लवों को हं

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💐पढ़ा न जाए है,दिल है, कोई...💐

28 दिसम्बर 2021
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<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;">पढ़ा न जाए है, .....द

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💐ओढ़कर चांदनी मुस्कुराता रहा💐

28 दिसम्बर 2021
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<div id="m#msg-f:1669855582639596224" class="mail-message expanded" style="color: rgb(0, 0, 0); font

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💐तेरी ज़ुबां तक आते आते,💐

28 दिसम्बर 2021
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<div id="m#msg-f:1669855595134019374" class="mail-message expanded" style="color: rgb(0, 0, 0); font

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💐मैं दरिया हूं किनारा ढूंढता हूं💐

28 दिसम्बर 2021
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<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;">मैं दरिया हूं...... क

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💐तिश्नगी जाम तक नहीं आई,💐

28 दिसम्बर 2021
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<div id="m#msg-f:1669855714536859078" class="mail-message expanded" style="color: rgb(0, 0, 0); font

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💐हम कैसे मुसाफिर थे सफर ढूंढते रहे💐

28 दिसम्बर 2021
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<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;">हम कैसे मुसाफिर थे...

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💐है धुंआ धुंआ सा रंग-ए-सहन💐

29 दिसम्बर 2021
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<div>है धुंआ धुंआ सा रंग-ए-सहन।<br></div><div><span style="font-size: 16px;">ग़म की बरसात... हुई है

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💐मर गया जब से जमाने की वफा..💐

29 दिसम्बर 2021
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<div>मर गया जब से जमाने की....वफा का पानी, <br></div><div><span style="font-size: 16px;">आसमा र

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💐सुबह फिर शाम...होती जा रही है💐

29 दिसम्बर 2021
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<div>सुबह फिर शाम...होती जा रही है, <br></div><div><span style="font-size: 16px;">बहुत बद-नाम..

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💐चलो न, चांदनी में ......💐

29 दिसम्बर 2021
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<div>चलो न, चांदनी में .................गुल खिलाएं,<br></div><div><span style="font-size: 16px;">साथ

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💐मेरा सर जलते हुए .....💐

29 दिसम्बर 2021
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<div>मेरा सर जलते हुए ..........अफताब पर रख दो,<br></div><div><span style="font-size: 16px;">जां मेर

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💐परछाइयों की चुभन...💐

5 जनवरी 2022
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उफ! ये कैसी!.....घुटन-घुटन सी है,याद के सर......चुभन-चुभन सी है।फिर कोई जख्म.......महक उट्ठा है, शव-ए-फुरकत..सुमन-सुमन सी है।उसकी नफरत ही....मेरा इश्क सही,पर इधर कुछ! छुअन-छुअन सी है।जख्म-ए-सर भी

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💐कुछ तो बेनाम...... गई होगी..💐

8 जनवरी 2022
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कुछ तो बेनाम...... गई होगी,खुदकुशी आम हो गई होगी।कुछ तो..........................बद्दुआ जब...असर नहीं लाई,जीस्त अंज़ाम ..हो गई होगी।कुछ तो..........................ज़िन्दगी भूख ..से गई लेकिन,मौत

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💐चलो न! छोड़ देते हैं...💐

8 जनवरी 2022
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चलो मिलने मिलाने की कसम अब तोड़ देते हैं। पुरानी वो डगर ख़्वाबों की ..आओ छोड़ देते हैं। चलो मिलने मिलाने की.............................तेरा गम भी नहीं तू भी...नहीं अहसास वाकी हो,वो सांसो का

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💐उफ!बड़ी भीड़ है सपनो की..💐

14 फरवरी 2022
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उफ!........बड़ी भीड़ है सपनो की, मगर तन्हाई,दिल-ए-वीरान सा अंजाना......शहर ढूंढ रही है।।उसको क्या चाहिए आखिर के जुबां मिल जाए?याद, भटकी हुई कश्ती है.......लहर ढूंढ रही है।।वो जो मालिक है,जहां भर का,और

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💐मिला क्या मुझको दुनिया से💐

8 जनवरी 2022
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मिला क्या मुझको दुनिया से, जो मैं, ..मांगू दुआ, ..जी लूं।

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💐मेरा दर्दे दिल गर पिया हो तो जानो💐

14 फरवरी 2022
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मेरा दर्दे दिल.....गर.... पिया हो तो जानो,जिया खो के..गर..गम जिया हो तो जानो।मेरा दर्दे दिल.....गरवो चश्मा लहू का.........पिघलता नजर से, जिगर की सतह पर.....लिया हो तो जानो।मेरा दर्दे दिल.....गरहो

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💐बहारें हैं तो क्या करना,कौन सी..💐

30 जनवरी 2022
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बहारें हैं तो क्या करना, ..कौन सी मेरे हिस्से हैं,मेरे हिस्सेमें सौ बरवादी-ए-हसरत के किस्से हैं।बहारें हैं तो क्या करना,............................मुझे दुनियां नहीं है जानती ..गम इसका नहीं है,मुझे तो

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💐चांदनी क्यों हमें चिढ़ाती है?💐

14 फरवरी 2022
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चांदनी क्यों.... हमें चिढ़ाती है? आह! क्यों वाज़ नहीं आती है? जिंदगी ..पांव घिस रही है यहां, चांद की रेल ...गुजरी जाती है।चांदनी क्यों.....हमें चिढ़ाती है?......ख्वाब में एक..हसीं सितार

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💐उलझे-उलझे हयात के लम्हें💐

14 फरवरी 2022
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उलझे-उलझे .....हयात के लम्हें, दौड़े आते हैं........छू के जाते हैं; बारहा कुछ.......लम्हों के पैमाने, तिश्ना लव छू के.....टूटे जाते हैं।।है तिजारत या..........रंगदारी है?ख्वाब कसरत से..

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💐साथ सफ़र में थी तो चुकी क्यों?💐

14 फरवरी 2022
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साथ सफ़र में थी तो चुकी क्यों?उन से दो-दो हाथ.......हुई क्या?साथ सफ़र में......................तन्हा तन्हा...........तन्हाई क्यों?महफ़िल मन के..साथ हुई क्या?साथ सफ़र में......................सूरज सहमा

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💐ऐ मेरे दर्द! ज़रा और! अभी जिंदा हूं!💐

14 फरवरी 2022
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ऐ मेरे दर्द! ज़रा और!.....अभी जिंदा हूं!है कहां ठौर! ज़रा और! अभी जिंदा हूं।। उसकी नजरों का जहर, दिल पे उतर....आया है, मुझ में मैं कब हूं...यहां, सिर्फ मेरा.......साया है।हां मैं उ

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💐इस तरह जिंदगी से,छले जा रहे हैं लोग💐

14 फरवरी 2022
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इस तरह जिंदगी से, ...छले जा रहे हैं लोग, जीने की आरजू में,.....ढले जा रहे हैं लोग।नज़दीकियों के खौफ से हैं..पस्त इस कदर, खुद, खुद से दूर-दूर....चले जा रहे हैं लोग।माना कि सर हुजूर हुई..हर शि

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💐फूलों से हसीं..कलियों से जबां💐

14 फरवरी 2022
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फूलों से हसीं..कलियों से जबां, कुछ भी तो नहीं,....दीवाना है।अफ़वाह!हकीकत भी तो नहीं,बस सिर्फ....हंसी अफसाना है।। जिसे लोग....मोहब्बत कहते हैं,है एक जरूरत, कुछ तो नहीं।इंसान भटकता है...

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💐क़ातिलाना अदा है तो है,💐

14 फरवरी 2022
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क़ातिलाना अदा है........ तो है,मौत आना दवा है ........तो है।ना मुक़म्मल ग़ज़ल.....ही सही,ख़त का आना कज़ा है ..तो है।शाने हक़ बारहा ........यूँ सही,सच व आला ख़ुदा है.....तो है।घर है वीरां तो क्या .....इश्क़ है,

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💐मुख़्तसर अशआर💐

14 फरवरी 2022
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1***कहीं है सब, कहीं कम कम का गम है,ये दुनियां कितनी छोटी कितनी कम है।जहां कहते हैं ..........रश बढ़ने लगा है,वहां ज्यादा है मैं,......कम है तो हम है।यहां हर आदमी,..........कब आदमी है,मगर जो है उसे...

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💐मुख़्तसर अशआर💐

14 फरवरी 2022
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1***खुदाया उफ़ ये क्या कारीगरी है?गुलों में रंगत-ओ-फितनागरी है।संग.वर.साज़ हैं शीशे के बुत सब,मेरे मालिक ये क्या. शीशागरी है। वो जो अपने ही..शानो पे हैं भारी,&n

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💐हम एक तमाशा हैं.......खुद में💐

14 फरवरी 2022
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हम एक तमाशा हैं.......खुद में, अज्ञान का ......सुर्ख परिंदा हैं। इतना एहसान.....करो हम पर, बस आज अभी ....जी लेने दो, हम तो खुद से........शर्मिंदा हैं। &n

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💐बेख़ौफ़ जमाना... है शायद,💐

14 फरवरी 2022
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बेख़ौफ़ जमाना... है शायद, या फिर ये. सिर्फ़ कहानी है।खुद दर्द के ..पीछे भाग रही,दुनियां कितनी ...दीवानी है। बेख़ौफ़... भाई को लड़ा कर ...भाई से, &nb

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💐वो देखो चांद क्यों शरमा रहा है💐

14 फरवरी 2022
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वो देखो चांद....क्यों शरमा रहा है, घटा में चुपके तन ...सरका रहा है।वो देखो चांद......................... मेरे महबूब के ....आरिज़ पे आके, शरम से आंख क्यों झपका रहा है। वो देखो चांद.

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💐जानलेवा निगाह की सी है।💐

14 फरवरी 2022
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जानलेवा निगाह ..........की सी है।जिंदगी इक ........गुनाह की सी है।जानलेवा...............................मांगने पर ये .........कुछ नहीं देती।बे वजह इक ......सलाह की सी है।जानलेवा.......................

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💐हुआ तो कुछ भी नहीं बस..💐

14 फरवरी 2022
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हुआ तो कुछ भी नहीं बस कोई खुशी ना रही। वो कैसी आंख थी सब देख कर दुखी ना रही।हुआ तो कुछ भी नहीं.............................तो क्या हुआ जो ज़िया ..जाती रही आंखों से।ज़ख्म -ए -दिल देखने की कोई बेबस

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💐क्या कहा? आज! नहीं बोलोगे।💐

14 फरवरी 2022
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क्या कहा? आज!....नहीं बोलोगे।मन का घूंघट....अभी न खोलोगे।।... डर गए आज क्या? ....मेरी तौबा। कल को फिर क्या.हिसाब ले लो

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💐आज कुछ दिल उदास है,के नहीं?💐

14 फरवरी 2022
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आज कुछ दिल उदास है,....के नहीं?तुम ही बोलो ये बात है,.......के नहीं?आज फिर दिल..........................तुम खफा भी नहीं हो,....चुप भी हो?दिल में कुछ इख्तिलाफ है,...के नहीं?आज फिर दिल..................

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💐जब दर्द को खुशी की जरूरत..💐

14 फरवरी 2022
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जब दर्द को खुशी की जरूरत नहीं रहती, जरूरत नहीं रहती। सांसो पे जिंदगी की हुकूमत नहीं रहती, हुकूमत नहीं रहती।।....वो ताजदार-ए-वक्त चला लेके सलामी

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💐मेरी नाकामियां जख्में ज़िगर...💐

14 फरवरी 2022
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मेरी नाकामियां .....जख्में ज़िगर भरने नहीं देती, शिकस्ता पैरहन की ..धज्जियां करने नहीं देती।मेरी नाकामियां....…..................................मेरे मुंह से निवाला छीन कर ..अच्छा है वो कैसे?&nbs

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💐गम आशना है,शाम है,मय और जाम है💐

14 फरवरी 2022
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गम आशना है, शाम है, मय और जाम है। ऐसे में हम नहीं, ना सही, लव से काम है।गम आशना है..................................तोहमत हयात ए बज़्म,सितम, मेरे नाम है। फिर है मेरे करीब क

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💐मन के आंगन सजी गम की बारात हैं।💐

14 फरवरी 2022
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मन के आंगन सजी गम की बारात हैं।सोया सोया सनम .....सोई सी रात है। मन के आंगन............................✓सुबह होते ही सब .....छूट जाने को है, कोई सपना है फिर ....टूट जाने को है।रोक दे वक्त को

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💐ऐ दिल ये तो बता इस दिल को....💐

14 फरवरी 2022
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ऐ दिल येतो बता इस दिल को समझाने कहां जाएं, कोई सुनता नहीं तो दिल के .अफसाने कहां जाएं।ऐ दिल....................................................बनाया जिनको था रहबर वो चोरों के सखी निकले, मगर

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💐हमने कुछ पाया तो क्या पाया..💐

14 फरवरी 2022
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हमने कुछ पायातो क्या पाया,अजी खोया बहुत, हो के बेकश दिल मेरा तन्हाई में,.....रोया बहुत।हमने कुछ पाया तो.....................…...........मैं मजे में हूं ........यही दुनियां को बतलाता रहा, यूं

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💐वो दरिया-आे-दिल याद बेशक रखेंगे,💐

14 फरवरी 2022
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वो दरिया-आे-दिल याद बेशक रखेंगे,जो अहद-ए-वफा में वो बरसात होगी।वो दरिया-आे-दिल ....................✓कोई चश्मेवर .........नाज़ बेशक करेंगे,जो आब-ए-आइना.. में वो ज़ात होगी।वो दरिया-आे-दिल ..............

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💐वो रो दिया था मुझसे कल... 💐

14 फरवरी 2022
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वो रो दिया था मुझसे...कल बात करते करते,कुछ भी न कहने पाया ..अंजाम करते करते।वो रो दिया...........................करते करते*जिंदा ही कब थे उसके....जज्बात बेहतरी के,वो थक गया था बेशक असफ़ार करते करते।वो

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💐ऐ हक़ीक़त तेरे अंदाज़ पे रोना कैसा,💐

14 फरवरी 2022
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ऐ हक़ीक़त तेरे............ अंदाज़ पे रोना कैसा,ये फिसलते हुए-कल ....आज़ पे रोना कैसा।।ऐ हक़ीक़त तेरे.....................................उम्र-ए-रफ्ता से न जाए जो....गमों का मौसम,फिर किसी गर्दिश-ए-आगाज

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💐आतिश हूं फकत तस्कीन-ए-सफर,💐

14 फरवरी 2022
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आतिश हूं फकत तस्कीन-ए-सफर,तस्वीर ए मुहब्बत .........रखता हूं।मैं उसको नज़र ........में रखता हूं।।...मैं उसको................................✓आया जो ............चमन में बेपर्दा,कलियों की हसी.... खो सकत

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