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16/11/2022 :- क्षणिक प्रेम

16 नवम्बर 2022

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प्रिय सखी।
कैसी हो। मै अच्छी हूं और ठीक हूं। ठंड बढ़ने लगी है‌। पहाड़ों मे बर्फबारी होने से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ जाती है।
कल हमारी कालोनी के सामने एक फैक्ट्री धू धू रके जल गयी।
हम कल सारा दिन अफसोस होता रहा कि बेचारे मालिक का क्या होगा ।
बात क्षणिक प्रेम की हो रही हो तो कल की न्यूज़ का उदाहरण देना बनता है । क्षणिक क्या वो लड़की जो चार साल से लिव इन रिलेशनशिप में रही और फिर उसके आशिक ने उसके शरीर के दस टुकड़े करके फ्रिज मे रखे और रात को बाहर फेंक के आता था। प्यार है कहां दुनिया मे सब मतलब की दुनिया है।
आज के विषय :- क्षणिक प्रेम के लिए मेरी एक रचना।

चंदा को ना जाने क्यों आज सुंदर की याद आ रही थी।वह जानती थी कि वो दिल फेंक आशिक था पर था तो उसकी बेटी का पिता ।आज अचानक से वो पुरानी यादों मे खो गयी।वो पहाड़ों पर घर का चुल्हा जलाने के लिए लकड़ियां बीन रही थी मां वैसे तो उसे सुबह ही भेजती थी लकड़ी बीनने के लिए पर आज उसने देखा ही नही कि शाम के लिए जो जलावन था वो कल की बारिश मे भीग चुका था। वह अपनी सहेलियों के साथ गोलियां खेल रही थी तभी मां ने उसे बुलाया कि जा पहाड़ों पर जा कर कुछ लकड़ी बीन ला ।चंदा यथा नाम तथा गुण वाली बात थी ऊंचा लमबा कद निकाल लिया था चंदा ने मातर सोलह साल मे ही बहुत सुंदर दिखाई देती थी।जो उसे देखता वो देखता ही रह जाता।मा़ को सारा दिन चिंता सताती थी कि कही कोई उसकी बेटी को बहका ना ले ।चंदा मस्त मौला कभी यहां तो कभी वहां फुदकती फिरती थी।उसे दुनिया दारी का पता ही नही था।वह तब भी मसती से लकड़ियों को इकठ्ठा कर रही थी उसे पता ही नही चला कब मे से एक गाड़ी उसके पास आकर रूक गयी वह गट्ठर उठा कर घर की तरफ जा ही रही थी कि कार मेसे  एक सुंदर सजीला बांका नौजवान निकला ।ये लम्बा कद ,भूरी आंखे ,और कपड़े ऐसे जैसे कोई फिल्म का हीरो।एक बारगी चंदा भी उसे ठिठक कर देखने लगी ।उसने चंदा से पूछा,"ये फारेस्ट आफिसर्स का बंगला कहां पड़ता है।" पूरे इलाके मे एक ही बंगला था चंदा ने उस ओर इशारा कर दिया उस बांके जवान की आंखों मे देखकर चंदा बोलना ही भूल गयी। वो बोला ,"ले चलो गी मुझे मै यहां पर नया आया हूं आज ही पोस्टिंग हुई है ।चलो तुम ये लकड़ियां भी उठा लो वो बंगला दिखा देना फिर मै तुम्हें तुम्हारे घर तक छोड़ दूंगा। चंदा यंत्रवत सी उसके साथ गाड़ी मे बैठ गयी वह रास्ते भर इधर उधर की बातें करता रहा उसने ये जरूर दर्शा दिया था अपनी आंखों से जैसे वै चंदा को घोल कर पी जाएगा। हां जब वह बंगला देख कर चंदा को उसके घर तक छोड़ने आ रहा था तो बेचारगी दिखाते हुए बोला,"अभी तो भुखै मरना पड़ेगा क्योंकि कुछ भी सामान नही है रोटी बनाने के लिए।"जब दो बोल चन्दा के मुंह से फूटे थे । "हम ले आयेगे इतने दो तीन दिन रोटी।" यह कहकर चंदा लकड़ी का गट्ठर उठा कर चल पडी।
इधर सुंदर की फरेबी आंखों ने देख लिया था कि शिकार जाल मे फंस चुका है।बस अब तो उसके आने की देर है।
वह इसी तरह चंदा को अपने प्यार के जाल मे फंसाता चला गया।एक दिन वे दोनों दो जिस्म एक जान हो गये। चंदा दीन दुनिया को भूल कर सुंदर की बाहों मे ही अपना सब कुछ बसाना चाहती थी।चंदा को दिन ऊपर है गये।वह यह खुशखबरी देने जैसे ही बंगले पर पहुंची तो हैरान रह गयी । सुंदर एक बच्चे को गोद मे लिए बैठा था और अंदर से एक औरत जिसने सलवार सूट पहन रखा था वह आकर सुंदर की बाहों मे समां गयी ।चंदा को इससे ज्यादा क्या सूबूत चाहिए था सुंदर के फरेबीपन का वह पेड़ की ओट मे ही दोनों को देख कर उल्टे पांव लौट आयी। थोड़े दिनों बाद मां को भी पता चल गया कि चंदा पेट से है बच्चा गिराने की बात जब मां ने की तो चंदा बिफर गयी,"मां ये मेरी कोख मे पल रहा हे ये मेरा बच्चा है ।मै ही इसकी मां भी हूं और मै ही इसका बाप भी। चंदा ने दिल कड़ा कर लिया था । नौवें महीने एक सुंदर सी बेटी को जन्म दिया ।उसके बाद भी बहुत से हमदर्दी भरे हाथ उसकी और उसकी बेटी की ओर बढ़े पर चंदा ने किसी का भी हाथ नही पकड़ा।आज उसकी बेटी का पहला दिन था स्कूल के एडमिशन का ।आज चंदा को बड़ा सूकुन मिला जब मैडम ने पिता का नाम पूछा तो चंदा ने गर्व से बोला ,"चंदा रानी "।मैडम उसकी ओर देखती रह गयी और वो उठकर घर चली आयी।आज उसे सुंदर का वो घिनौना चेहरा याद आ रहा था जिसकी फरेबी आंखों के जाल मे वह फंस गयी थी।
अब चलती हूं सखी । अलविदा।
 Dr.Jyoti Maheshwari

Dr.Jyoti Maheshwari

बहुत बेहतरीन लिखा है आपने।

12 जनवरी 2023

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रचनाएँ
दैनंदिनी सखी (नवंबर)2022
5.0
ठंड बढ़ने लगी है सखी ।हम तुम बात करेंगें मुलाकात करेंगे और इंतजार करेंगे एक दूसरे से मिलने का।
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3/11/2022 :- 5जी तकनीक के लाभ और हानि

3 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो ।हम अच्छे है ।बस थोडा मौसम बदल रहा है तो बुखार ने घेर लिया है।वैसे अब ठीक है ।कल ही तुम्हारी ओर हमारी मुलाकात सुर्खियों मे थी।मतलब एक बार फिरसे तुम्हारी और हमारी मुलाकात प्रथम स्थान

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4/11/2022 :- देवोत्थान एकादशी

4 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी ।कैसी हो ।हम अच्छे है ।आज घर पर ही थे सोचा थोड़ा सिलाई ही कर लिया जाए। सालों से बंद बक्से से मशीन निकाली ।और सिलने बैठे ।तो हाथ ही दुखने लगे ।हमने तो रख दी एक तरफ मशीन ।अब बस हमसे नही

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5/11/2022 :- वैश्विक जलवायु परिवर्तन

5 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो । हम अच्छे है । कल ही शब्द मंच की तरफ से हमे काल आया कि हम डायरी लेखन मे प्रथम रहे है तो बधाई । नित्या जी से हमारी बातें हुई । उन्होंने हमारे आगामी पुस्तक पब्लिश के बारे मे पूछा ।तो

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6/11/2022:-समान नागरिक संहिता

6 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो ।हम अच्छे है ।जैसा कि आज तबीयत मे सुधार है तो हम देहली शोप पर आ गये है ।मंदी का दौर चल रहा है । ग्राहक ना के बराबर है।आज का विषय:- समान नागरिक संहितायूनिफॉर्म सिविल कोड यानि समान नाग

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7/11/2022 :- कार्तिक पूर्णिमा/गुरु नानक जयंती

7 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो । गुरु पर्व की लख लख वधाईयां। सखी वैसे तो आज चतुर्दशी है पर कल चंद्र ग्रहण है इस लिए आज ही गुरु पूर्णिमा मनाई जा रही है ।आज का विषय भी इसी पर आधारित है।विषय:-- गुरु पूर्णिमा/गुरु नान

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10/11/2022 :- जातिवाद और धर्म भेदभाव

10 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी ।कैसी हो ।हम अच्छे है ।अभी अभी देहली शोप से इकर बैठे है।आज सुबह ही देख लिया था आज का टापिक पर लिख नही पाये थे ।सो अब लिख रहे है ।आज का विषय :- जातिवाद और धर्म भेदभावजातिवाद एक ऐसी प्रणाली है

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12/11/2022 :- भ्रष्टाचार - समस्या और निदान

12 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी कैसी हो।हम अच्छे है । बहुत से मंचों पर प्रतियोगिताओं मे भाग ले रहे है ।इस लिए सखी तुम से मिलने का समय निकल ही नही पाता ।पर अब मिला करेंगे।आज का विषय :- भ्रष्टाचार - समस्या और निदान भारत

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14/11/2022 :- बाल दिवस

14 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो ।बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हमारे छोटे लाडले का आज मन नही था स्कूल जाने का ।फिर हम ने कहा कि आज बाल दिवस है बेटा । बच्चों का दिन । स्कूल मे मौज करना ।और वो झट से मान गया ।जब स्क

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16/11/2022 :- क्षणिक प्रेम

16 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो। मै अच्छी हूं और ठीक हूं। ठंड बढ़ने लगी है‌। पहाड़ों मे बर्फबारी होने से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ जाती है।कल हमारी कालोनी के सामने एक फैक्ट्री धू धू रके जल गयी।हम कल सारा दिन अफसोस

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20/11/2022 :- फिजियोथेरेपी

20 नवम्बर 2022
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हैलो सखी।कैसी हो। कल और परसो दो दिन तो बहुत ही बिजी थे ।सासू मां अस्पताल में भर्ती थी ।सारा दिन भागदौड़ होती रही ।अब 76+की हो चुकी है ।और बीमार भी बहुत रहती है । अस्थमा हे पचास सालों से ।कल मेरे आगे क

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23/11/2022 :- जैव ईंधन

23 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो ।हम अच्छे है ।कल से ही पुस्तक लेखन प्रतियोगिता के लिए उपन्यास के भाग प्रकाशित कर रहे है मंच पर ।"आखिर खता क्या थी मेरी"तुम पढ़ कर देखना सखी ।अगर आंखों मे आंसू ना आ जाएं तो कहना।कल ही

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22/11/2022 :- आनर किलिंग

22 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो।हम अच्छे है ।आज सुबह समाचारों मे यही चल रहा था आनर किलिंग।परिवार के किसी सदस्य विशेष रूप से महिला सदस्य की उसके सगे-संबंधियों द्वारा होने वाली हत्या को ऑनर किलिंग कहा जाता है। ये हत्

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25/11/2022 :- अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस

25 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो।हम अच्छे है ।आज सुबह के समाचार सुने मन भर आया ।आज अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस है।उस पर समाचार आ रहे थे साथ ही श्रद्धा हत्याकांड की खबरे भी आ रही थी । कोई इसे लव जेहाद कह र

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28/11/2022:-शिक्षा का बाजारीकरण

28 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो।हम अच्छे है ।और सुनाओ तबीयत पानी सब बराबर है ना।मौसम तो अब ज्यादा ही ठंडा हो गया है ।आज का विषय:- शिक्षा का बाजारीकरणप्राचीन समय में छात्र गुरुकुल में रहकर शिक्षा ग्रहण करते थे। वहां

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29/112/2022:- मीडिया की स्वतंत्रता

29 नवम्बर 2022
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प्रिय सखी।कैसी हो। अब क्या बताऊं मेरे साथ कल क्या हुआ। कपड़े मशीन मे धुल रहे थे । पतिदेव के नये हरे रंग के कुर्ते का रंग छोटे बेटे की सकूल की सफेद यूनिफॉर्म पर लग गया ।लग क्या गया पूरा पैंट ही हरी हो

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