बात है सन 2016 की मैं और अवि वह अपनी सहेलियों के साथ घर जा रही थी और मैं उनके पीछे पीछे थोड़ी दूर चलने के बाद बारिश शुरू हो गई और हम सब ने उस पाक के बने दरवाजे की छत का सहारा लिया और इसके नीचे खड़े हो गए ताकि हम भीगना जाएं। उसकी एक दोस्त को पता था कि यह वही लड़का है जिसे अवनी प्यार करती है हम चुपके चुपके से नजरे मिला रहे थे मैं उसके लिए एक चित्र बनाकर लेकर गया था। लेकिन उसकी और सहेलियां होने के कारण देने की हिम्मत नहीं हो रही थी बारिश कुछ हल्की हुई तो हम आगे बढ़े और उसमें से एक सहेली का घर भी आ गया अब वह और उसकी थी जिस को पता था मैंने भी सोच लिया कि यह अच्छा मौका है अपनी बात रखने का मैंने उससे कहा कि मैं तुम्हारे लिए कुछ बना कर लाया हूं उसने वह पन्ना खोल कर देखा तो अपनी तस्वीर देख कर चौक गई उसने कहा आपने खुद बनाई है मैंने कहा क्यों बना नहीं सकता क्या उसने कहा बिना देखे कैसे मैंने कहा कि मेरी आंखों में और दिल में तुम्हारी इतनी बड़ी तस्वीर है कि यह तस्वीर तो उसके सामने कुछ भी नहीं इतनी देर में ही उसकी सहेली बोल पड़ी भैया आने वाले हैं जल्दी चलो उसने बाय कहते हुए फ्लाइ किस्स मेरी तरफ किया और वहां से चली गई जब भी बारिश होती है वह पल याद आ जाता है।