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लोच एवं शोज भरी बिल्कुल अलग मधुर आवाज की प्रतिमूर्ति : कविता कृष्णमूर्ति (जन्मदिन पर विशेष)

25 जनवरी 2016

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90 के दशक की लोकप्रिय पार्श्वगायिकाओं में शुमार लोच एवं शोज भरी बिल्कुल अलग मधुर आवाज की प्रतिमूर्ति, कविता कृष्णमूर्ति का जन्म दिल्ली में रहने वाले एक अय्यर परिवार में 25 जनवरी, 1958 को हुआ था| संगीत की शुरुआती शिक्षा कविता जी ने घर में ही ली| गौरतलब है कि आठ साल की उम्र में ही एक संगीत प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद कविता जी ने ठान लिया था कि उन्हें गायिका ही बनना है| कविता जी के करिअर को बनाने में हेमामालिनी का विशेष योगदान रहा| अभिनेत्री हेमामालिनी ने कविता जी को मुंबई बुलाया जहां कविता जी मुंबई के सेंट जेविअर्स कॉलेज में पढाई करते हुए संगीत सीखती रहीं| हेमामालिनी ने कविता का नाम कई म्यूजिक डायरेक्टरों को रिकमेंड किया| कविता कृष्णमूर्ति लता जी के डबिंग गाने गाती रहीं| इस दौरान संगीतकार हेमंत कुमार ने कविता के कॉलेज में उन्हें सुना और उनसे बांग्ला में एक गीत गवाया| वहीं गायक मन्ना डे के साथ भी कविता जी कई संगीत आयोजनों में गाती रहीं| कविता जी का हिंदी फिल्म में ग्गायण पदार्पण “मांग भरो सजना” फिल्म में हुआ| इसके बाद लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत में फिल्म ‘प्यार झुकता नहीं’ के गीत ‘तुमसे मिलकर न जाने क्यों’ से कविता जी को पहचान मिली| लेकिन कविता कृष्णमूर्ति जी को फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ के श्री देवी पर फिल्माए गाने ‘हवा हवाई” ने लोकप्रियता के शीर्ष पर पहुंचा दिया| फिर तो कविता जी ने हिंदी सिनेमा के लिए यादगार गीतों की झड़ी लगा दी| पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कविता जी को चार बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका का फिल्मफेयर पुरस्कार हासिल हो चुका है- फिल्म ‘1942-अ लव स्टोरी’ के गीत ‘प्यार हुआ चुपके से’, फिल्म ‘याराना’ के गीत ‘मेरा पिया घर आया’, फिल्म ‘खामोशी-द म्यूजिकल’ के गीत ‘आज मै ऊपर’ तथा फिल्म ‘देवदास’ के गीत ‘डोला रे डोला’ गीत के लिए श्रेया घोषाल के साथ


कानों में मिठास घोलने वाली प्रख्यात गायिका कविता कृष्णमूर्ति जी को उनके जन्मदिन पर ढ़ेरों शुभकामनायें !!!


कविता जी द्वारा गाये कुछ हिट एवं यादगार गाने:


फिल्म ‘तेरी मेहरबानियाँ’ का गीत ‘आई जवानी मोरी चुनरिया’, फिल्म ‘कर्मा’ का गीत ‘न जइयो परदेस’, ‘हर करम अपना करेंगे’, फिल्म ‘नाम’ का गीत ‘तेरे दिल की तू जाने’, फिल्म ‘नगीना’ का गीत ‘बलमा तुम बलमा हो’, फिल्म ‘सदा सुहागन’ का गीत ‘कहता है सिन्दूर तेरा’, फिल्म ‘लोहा’ का गीत ‘पतली कमर लम्बे बाल’, फिल्म ‘शूरवीर’ का गीत ‘आवाज़ हमारी इस वादी’, फिल्म ‘बड़े घर की बेटी’ का गीत ‘बड़े घर की बेटी के नखरे बड़े’, फिल्म ‘बंटवारा’ का गीत ‘थारे वास्ते रे ढोला’, फिल्म ‘चालबाज़’ का गीत ‘न जाने कहाँ से आई है’, फिल्म ‘ईश्वर’ का गीत ‘आगे सुख तो’, फिल्म ‘निगाहें’ का गीत ‘सारा सारा दिन तुम’, फिल्म ‘अम्बा’ का गीत ‘शेरो वाली माता का’, फिल्म ‘बागी’ का गीत ‘चांदनी रात है’, फिल्म ‘हम’ का गीत ‘जुम्मा चुम्मा दे दे’, फिल्म ‘सनम बेवफा’ का गीत ‘अंगूर का दाना हूँ, फिल्म ‘सौदागर’ का गीत ‘इलू इलू’ और ‘टाइटल गीत’, फिल्म ‘यारा दिलदारा’ का गीत ‘बिन तेरे सनम’, फिल्म ‘बोल राधा बोल’ का गीत ‘हवा सर्द है’, फिल्म ‘दिल आशना है’ का टाइटल गीत, फिल्म ‘खुदा गवाह’ का गीत ‘तू मुझे कुबूल’, फिल्म ‘माशूक’ का गीत ‘कौन हो तुम जो’ और ‘ओ ओ यारा’, फिल्म ‘निश्चय’ का गीत ‘किसी हसीं यार की तलाश’ और ‘नई सुराही’, फिल्म ‘शोला और शबनम’ का गीत ‘तू पागल प्रेमी आवारा’, फिल्म ‘आँखें’ का गीत ‘ओ लाल दुप्पटे वाली’, फिल्म ‘दलाल’ का गीत ‘ओये मैंने चोरी चोरी’, फिल्म ‘खलनायक’ का गीत ‘नायक नहीं खलनायक है तू’, फिल्म ‘सर’ का गीत ‘बंद होठों से’ और ‘आज हमने दिल का हर’, फिल्म ‘भैरवी’ का गीत ‘ओ बालम केसरिया’ और ‘अब के सावन में बरखा नहीं’, फिल्म ‘मोहरा’ का गीत ‘तू चीज़ बड़ी है मस्त मस्त’, फिल्म ‘बाम्बे’ का गीत ‘तू ही रे’, और ‘कुची-कुची रकम्मा’, फिल्म ‘जीत’ का गीत ‘दिल का क्या करें साहिब’, फिल्म ‘रंगीला’ का गीत ‘प्यार ये जाने कैसा है’, फिल्म ‘अग्निसाक्षी’ का गीत ‘ओ पिया’ और ‘ओ यारा दिल लगाना’, फिल्म ‘हिन्दुस्तानी’ का गीत ‘टेलीफोन धुन में’, फिल्म ‘खिलाडियों का खिलाड़ी’ का गीत ‘इतना मुझे पता है’, फिल्म ‘पापा कहते हैं’ का गीत ‘पहले प्यार का पहला गम’, फिल्म ‘गुप्त’ का गीत ‘ये प्यार क्या है’ और टाइटल गीत, फिल्म ‘इश्क़’ का गीत ‘नीद चुराई तूने’ और ‘मिस लोवा लोवा’, फिल्म ‘परदेस’ का गीत ‘आई लव माय इंडिया’, फिल्म ‘विरासत’ का गीत ‘ढोल बजने लगा’, फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ का गीत ‘कोई मिल गया’, फिल्म ‘सात रंग के सपने’ का गीत ‘मुझ पे भी जवानी आई है’, फिल्म ‘साज़’ का गीत ‘क्या तुमने है कह दिया’, फिल्म ‘बादल’ का गीत ‘न मिलो हमसे ज्यादा’, फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ का ‘निम्बुड़ा निम्बुड़ा’ और टाइटल गीत, फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ का ‘म्हारे हिवडा में’, ‘मैया यशोदा’ और ‘टाइटल गीत, फिल्म ‘ख़ूबसूरत’ का गीत ‘मेरा एक सपना है’, फिल्म ‘मन’ का गीत ‘काली नागिन के जैसी’, फिल्म ‘ताल’ का गीत ‘इश्क़ बिना क्या जीना’, फिल्म ‘वास्तव’ का गीत ‘मेरी दुनिया है’, फिल्म ‘क्या कहना’ का गीत ‘ऐ दिल लाया है बहार’, फिल्म ‘पुकार’ का गीत ‘है के सरा’ और ‘सुनता है मेरा खुदा’, फिल्म ‘ज़ुबैदा’ का गीत ‘धीमे धीमे गाऊं’, फिल्म ‘देवदास’ का गीत ‘हमेशा तुमको चाहा’ और ‘मार डाला’, फिल्म ‘दिल चाहता है’ का गीत ‘वो लड़की है कहाँ’, फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ का गीत ‘बोले चुडिया’, फिल्म ‘नायक’ का गीत ‘चलो चले मितवा’, फिल्म ‘राहुल’ का गीत ‘छेड़ ना मुझको’, फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ का टाइटल गीत, फिल्म ‘यादें’ का गीत ‘एली रे एली’, फिल्म ‘दीवानगी’ का गीत ‘प्यार से प्यारे तुम’, फिल्म ‘दिल है तुम्हारा’ का गीत ‘ ओ साहिबा’, फिल्म ‘कांटे’ का गीत ‘दिल क्या करे’, फिल्म ‘कोई मिल गया’ का गीत ‘इन पंछियों’, फिल्म ‘कुछ न कहो’ का गीत ‘अच्छी लगती है’, फिल्म ‘मंगल पांडे-द राइजिंग’ का गीत ‘तुम्हारी अदाओं पे’ इत्यादि|      

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अपने शब्दों, सुरों एवं गायिकी के दम पर देश-दुनिया में एक अलग पहचान बनाने वाले गीत-संगीत के सच्चे साधकों के जीवन संसार की रोचक एवं प्रेरक जानकारी...
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९० के दशक की “मेलोडी क्वीन” : अनुराधा पौडवाल (जन्मदिन पर विशेष)

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सदाबहार संगीतकार “मोजार्ट ऑफ मद्रास” ए. आर. रहमान (जन्म-दिवस पर विशेष)

6 जनवरी 2016
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6 जनवरी, 1967 को तमिलनाडु राज्य के चेन्नई मेंजन्मे अल्लाह रक्खा रहमान यानि ए. आर. रहमान हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध सदाबहारसंगीतकारों में से एक हैं जिन्होंने भारतीय फिल्म संगीत को विश्व भर में पुख्तापहचान दिलाने में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है| म्यूजिक के इस मास्टरमाइंड कापूर्व में नाम ए. एस. दिलीप क

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70-80 दशक की बेहतरीन पार्श्वगायिकाओं में से एक “हेमलता”

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किसी समय स्वर-कोकिला लता दी और सुर-उस्ताद आशा ताई के एक छत्र गीत-संसार मेंअनुराधा पौडवाल, अल्का याग्निक, कविता कृष्णमूर्ति, साधना सरगम के अलावा जिनगायिकाओं ने अपनी प्रतिभा से पहचान बनाई, उनमें हेमलता का नाम भी शामिल है | 16 अगस्त 1954 को भारत के हैदराबाद शहर मेंजन्मी लता भट्ट, जी हाँ यह हेमलता जी के

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इस गीत पर सिनेमा-हाल में उछाले गए थे सिक्के

20 जनवरी 2016
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90 साल के हुए संगीतकार ‘खय्याम’, जन्मदिन पर दान की करोड़ों की प्रॉपर्टी

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हिंदी सिनेमा के प्रख्यात संगीतकार मोहम्मद जहूर ‘खय्याम’ आज 90 साल के हो गए हैं। अपनेजन्मदिन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने एलान किया कि वे अपनी 12 करोड़ की प्रॉपर्टी दानकर रहे हैं। इससे नए संगीतकारों को मदद मुहैया कराई जाएगी। दान से जुड़े ट्रस्ट से विभिन्नहस्तियों को भी जोड़ा जाएगा| 18 फ़रवरी,

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अरिजीत सिंह की बेहतरीन गायिकी का नमूना है गीत ‘तुझे याद कर लिया है आयत की तरह’ (सुनें आडियो)

23 फरवरी 2016
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विगत वर्ष 2015 में रिलीज़ हिंदी फिल्मों केबेमिसाल निर्देशकों में से एक संजय लीला भंसाली की बाजीराव मस्तानी में यूं तो सभीगीत बेहतरीन हैं| लेकिन इस फिल्म में आज के दौर के बेहद प्रतिभावान गायक अरिजीतसिंह द्वारा गाये गीत ‘तुझे याद कर लिया आयत की तरह’ दिल को छू लेने वाले अविस्मरणीयगीतों में से एक है| निश

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भारतीय पॉप गीतों की क्वीन अलीशा चिनॉय हिंदी सिनेमा की भी लोकप्रिय पार्श्वगायिका हैं (जन्मदिवस पर विशेष)

18 मार्च 2016
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हिंदी फिल्मों में पार्श्वगायन में अलीशा चिनॉय को लाने का श्रेय जाता है दिग्गजसंगीतकार बप्पी लाहिड़ी को| अलीशा चिनॉय ने 1980 के दशक में एक साथ कई फिल्मोंजैसे 'टार्जन', डांस-डांस, कमांडो, गुरु, लव-लव-लव आदि में डिस्को हिट सांग्स गाये| हालाँकि 80 के दशक में उन्होंने सबसे ज्यादा हिट गाना था 1987 में मिस

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मेरे देश की धरती और यारी है ईमान मेरा जैसे गीतों के रचयिता गुलशन बावरा की जयंती (१२ अप्रैल) पर उनसे जुड़ी कुछ खास बातें

13 अप्रैल 2016
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<!--[if !supportLists]-->-    <!--[endif]-->गुलशन बावरा का पूरानाम था गुलशन कुमार मेहता जिनका नाम गुलशन बावरा एक फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर ने उनकेड्रेस-सेंस को देखते हुए दिया था|<!--[if !supportLists]-->-    <!--[endif]-->लाहौर से ३० किमी० दूरशेखूपूरा नामक जगह पर १२ अप्रैल १९३७ को इनका जन्म हुआ था|<!--[i

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गीतकार हसरत जयपुरी की जयंती पर भावभीनी आदरांजलि

15 अप्रैल 2016
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15 अप्रैल 1922 को जयपुर में जन्मेहिंदी सिनेमा के जाने-माने गीतकार हसरत जयपुरी का जन्म नाम था इकबाल हुसैन| 1940में जयपुरी साहब मुंबई आये| शुरुआत में 11 रुपये मासिक पर बसकंडक्टर का काम किया| एक मुशायरे में पृथ्वीराज कपूर जी ने उन्हें नोटिस किया औरराज कपूर को उनका नाम सुझाया| फिर राज कपूर के कारण 1949

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कहीं दूर जब और ज़िन्दगी कैसी है पहेली हाय जैसे गीतों के शब्दकार योगेश को जन्मदिन की शुभकामनायें

16 अप्रैल 2016
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16 अप्रैल 1943 को लखनऊ में जन्मे गुणी गीतकार योगेश गौड अपने सुन्दर प्रवाहमय अर्थपूर्णगीतों के लिए जाने जाते हैं| 1971 की कालजयी फिल्म आनंदके गीत कहीं दूर जब दिन ढल जाए और ज़िन्दगी कैसी है पहेली हाय को भला कौन भूल सकताहै| हिंदी सिनेमा के ये उम्दा गीत हैं| फिल्म रजनीगंधा का गीत रजनीगंधा फूलतुम्हारे महक

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