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अंतर्व्यथा

प्रखर "प्रियतम"

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मेरे जीवन के अनुभवों से निर्मित अहसास की दुनिया के कुछ शब्द ,जो गजल के रूप में ढलकर मेरे दिल से फूट पड़े !  

antarvatha

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