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भोले नाथ की महिमा

2 अगस्त 2023

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बाबा हमरो खेती कइलन 
उपजे ला हीरा मोती हो लाल
राम  राम बिज बुनतु है
उपजे ला हिरा मोती हो लाल

बसहा बैल से खेती कइलन
सर्प के नारायण जोतीया हो राम
राम राम के बिज बुनतु है
उपजे हिरा मोती हो लाल

अपने बाबा बसहा पर चढलन
गौरा से बगही धरैलन हो 
राम राम के बिज बुनतु है
उपजे ला हिरा मोती हो राम

बाबा हमरो खेती कइलन
उपजे ला हिरा मोती हो लाल-२

            कवि-क्रान्तिराज
            दिनांक-02-08-23
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रचनाएँ
शिव की महिमा
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हे भोले नाथ हे शिव हे नीलकंठ तेरी महिमा है अजब निराली ! जाटा से गंगा निकली गले मे सर्पनागधारी , तन बदन भभूती सोभे माला तेरी अजब निराली! तेरी महिमा....... कैलास पर्वत पे इनका है ,डेरा , सर्प फन झुकाबे सुबह और सबेरा सती पार्वती से नेह लगवलन पग पग डाले डेरा , भाई बसहा इनका सबारी ! शिव की महिमा ..... हे शिव ..... शिव की महिमा.... क्रांतिराज बिहारी ०२/०३/२०२२ बुधबार

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