अगले दिन सुबह जल्दी उठकर तेजपाल उसकी पत्नी सरला और बच्चे चिंटू और रिंकी सभी स्नान करके पूरा परिवार भोलेनाथ की पूजा करने के लिए गंगा जल,बेलपत्र आदि को भोलेनाथ के शिवलिंग को समर्पित करते हैं तेजपाल की पत्नी पूजा के बाद सबके लिए अच्छा भोजन तैयार करती है सभी भोजन ग्रहण करते हैं और इसके पश्चात तेजपाल काम के लिए निकलता है कि तभी उसके दरवाजे पर कोई दस्तक देता है,तेजपाल दरवाजा खोलता है और देखता है कि जिस फैक्ट्री में वह पहले काम करता था वहा का उसका एक साथी रामलाल दरवाजे पर था।
तेजपाल उससे मिलता है और उसको पानी के लिए पूछता है पर वह मना कर देता है तेजपाल पूछता है आप यहां कैसे कोई काम था क्या रामलाल बोलता है नही काम कोई नहीं है बस मैं आपको यह बताने आया था कि हम लोग जहा पहले उस फैक्ट्री में काम करते थे वहा के मालिक ने नया बिजनेस शुरू किया है और पुराने सारे मजदूरों को आने को बोला है,पहले की जो तनख्वाह रह गई थी वह भी देंगे और सैलरी भी बढ़ाई जाएगी उन्होंने हमारे जितने भी साथियों की वहा मृत्यु हुई उनके परिवार वालो को अच्छे पैसे दिए और जो घायल हुए थे उनका इलाज भी करवाया है।
यह सुनकर तेजपाल खुश हो गया और वापस पुराने मालिक के पास जाता है वहा जाके मालिक से मिलता है सभी पुराने मजदूरों को देख मालिक भी खुश हो जाता है उसको मजदूर ढूढने नहीं पड़ेंगे मालिक के द्वारा सभी को उनके पुराने पैसे देने को बोला गया और सभी मजदूरों को ग्यारह हजार रुपए प्रति माह देने का मालिक ने वादा किया सभी मजदूरों की ख़ुशी का ठिकाना न रहा सभी खुश थे तेजपाल ने सोचा इतने पैसे मिलेंगे उससे वह अपने घर की छत कुछ ही महीनों में सही करवा लेगा और अपने बच्चो का अच्छे स्कूल में दाखिला भी करवा सकता है।
कंपनी का मालिक अपनी नई कंपनी का उद्घाटन उस एरिया के मंत्री के द्वारा करवाता है और सभी मालिक के आदेश पर काम में लग जाते है दिनभर काम करने के बाद सभी शाम को अपने घर के लिए निकलते है तेजपाल भी शाम को अपने घर के लिए निकलता है तभी मालिक आता है और सभी को उनके पुराने पैसे देता है सभी खुश हो जाते हैं कि उनका पुराना पैसा मिल गया तेजपाल यह खुशखबरी अपनी पत्नी को सुनाता है, कि उसका वा अन्य सभी मजदूरों का पहले का बकाया पैसा मिल गया और इस महीने से ग्यारह हजार रुपए तनख्वाह भी मिलेगी उसकी पत्नी यह सब सुनकर खुश हो जाती है और बोलती है मुझे पता था यह साल हमारा बहुत अच्छा होगा भोलेनाथ हम पर कृपा करेंगे और फिर हम अपने घर की छत कुछ ही महीनों में सही करवा लेंगे,तेजपाल बोलता है हा घर की छत और बच्चो का स्कूल में दाखिला करवाएंगे।
कुछ महीनो के बाद तेजपाल अपने घर की छत भी सही करवाता है और अपने बच्चो का अच्छे स्कूल में दाखिला भी करवा लेता है,अब से वह और उसका परिवार खुशी से रहने लगते हैं जब भी तेजपाल या उसके परिवार पर कोई मुसीबत आती है तब भोलेनाथ उनकी सहायता करते हैं इतना सब मिलने के बाद भी तेजपाल भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा को बिल्कुल भी कम नहीं होने देता है,इसके पश्चात वह और उसका परिवार खुशी से रहने लगते है ।।।।
यह जरूरी नहीं कि गरीब व्यक्ति बहुत अधिक पैसा कमाने पर ही खुश रहे वह अपने परिवार की आवश्यकता की वस्तुओ की पूर्ति कर पाए उतना ही बहुत है तेजपाल ने वह कर दिखाया और वह अब अपनी इस नौकरी से खुश था और उसका परिवार भी....
धन्यवाद
आपको कहानी कैसी लगी कृपया जरूर बताएं......
(समाप्त)......