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नदियां किनारे

9 जुलाई 2022

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बीते जो पल नदियां किनारे
थामकर हाथ एक दूजे का
और वो तेरी बाहों के सहारे
नदियां की मचलती धार
छेड़े दिल के मेरे तार
अंधियारे में चमकते जैसे झिलमिल सितारे
वक्त भी थमकर होता साथ हमारे
बहते पानी संग बहता सा बातों का सिलसिला
उस लम्हे में ना जमाने से शिकायत ना किसी से गिला
खामोशी भी बन जाती अल्फाज़ हमारे
वो खुशनुमा पल बीते तो जो नदियां किनारे
वो उड़ती तितलियां भी कलियों से 
महक चुराकर लाती
हवाओं में खुशबू बिखेर जाती
रंग ख्वाहिशों में भर जाती
संग बैठ कर आंखे मूंद कर
तुमसे करीबियाँ महसूस करना
विरह में वहीं तेरा इंतजार करना
पेड़ पत्तो कलियों में 
नदी के किनारे की हवाओं
तेरा अक्स का मिल जाना
दूर रहकर भी अपने करीब पाना
हर लम्हा वो सुहाना
तेरी बाहों का सहारा
         और
वो नदी का किनारा


मीनू द्विवेदी वैदेही

मीनू द्विवेदी वैदेही

बहुत सुंदर लिखा है आपने 👌 आप मुझे फालो करके मेरी कहानी पर अपनी समीक्षा जरूर दें 🙏

10 सितम्बर 2023

ऋतेश आर्यन

ऋतेश आर्यन

बहुत सुंदर श्रृंगारीक रचना 💐

18 मार्च 2023

Shailesh singh

Shailesh singh

बेहतरीन रचना

24 जनवरी 2023

Rajiya khan

Rajiya khan

Behtreen

31 अगस्त 2022

Shivika

Shivika

Bahut pyara likha

30 अगस्त 2022

Aniruddh rai

Aniruddh rai

Bahut khub

29 अगस्त 2022

28 अगस्त 2022

Rimjhim

Rimjhim

Very good👍 nice

28 अगस्त 2022

Pooja soni

Pooja soni

Shandar

28 अगस्त 2022

Neelam vaishnav

Neelam vaishnav

Bahut badhiya

25 अगस्त 2022

45
रचनाएँ
❣️❣️प्रेम डगर❣️❣️
5.0
❣️❣️ प्रेम डगर ❣️❣️ ख्वाबों का एक अनजाना नगर आसान कहां है, मुश्किल बड़ा ये सफर कभी इन राहों में कलियां खिल जाए कभी बेवफाई की ठोकर मिल जाए कभी खूबसूरत से मोड़ है आते तो कभी दर्द की राह में मुड़ जाते रुसवाई के भी है फसाने चाहत के कुछ अफसाने कभी जुदाई और तन्हाई की बेला कभी संग प्रियतम और खुशियों का मेला कही खिलती लबों पर मुस्कान कही मन में उठते तूफान कहीं मिल जाते दो दिल कहीं सिर्फ तड़प है हासिल प्रेम डगर एक निरंतर सफ़र खूबसूरत है मंजर साथ हो प्यारा कोई हमसफर बेवफाई के हो जो सिलसिले मिलता गम नगर
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नदियां किनारे

9 जुलाई 2022
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बीते जो पल नदियां किनारेथामकर हाथ एक दूजे काऔर वो तेरी बाहों के सहारेनदियां की मचलती धारछेड़े दिल के मेरे तारअंधियारे में चमकते जैसे झिलमिल सितारेवक्त भी थमकर होता साथ हमारेबहते पानी संग बहता सा बातों

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प्रेम डगर

9 जुलाई 2022
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पुरुष चले जब प्रेम की राहतलाश करे सिर्फ प्रेमरहती सिर्फ प्रेम की चाहमगर...स्त्री प्रेम डगर परजब चलती हैहर मोड़ पर कुछ कमीउसे खलती हैकिसी न किसी बहाने सेखोजती है साथी मेंकभी पिता सा सायाकभी भाई सा साथक

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बरसे सावन

9 जुलाई 2022
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नैनों से ऐसे बरसे सावनजैसे बिन मौसम होती बरसातना पूछो क्या गुजरी हम परमिली बेवफाई की जब सौगातताउम्र मुहब्बत का वादा करने वालेनिभा ना सके दो घड़ी जीवन में साथराहें गलत थी इश्क की या हमराही में ना

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स्पर्श तेरा पाया

9 जुलाई 2022
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ऐसे बरसे सावनजैसे मिलने तू आयाहर बूंद मे सनम स्पर्शतेरा पायारिमझिम सावन की मीठी सी सौगातसावन की फुहार मे अक्स तेरामुझे नजर आयाझिरमिर घटाओं मे बस कर तू आयाहर बूंद मे एहसास तेरा पायादूर रहकर भीसावन

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मेरे दिल का फसाना

9 जुलाई 2022
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तुम्हे कुछ बताना हैमेरा नहीं मेरे दिल का ये फसाना हैमाना दिल को तुमने तोड़ दियाख्वाब हसीन दिखा कर तन्हा मुझे छोड़ दियाअपना मुझे बनाया मुझे समझा जाना फिरमुंह मुझसे मोड़ लियाअगर तुम्हे जरा भी होगा एहसास

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चांदनी की बरसात

9 जुलाई 2022
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रात भर बरसती रही और भीगती रही रातमेरे अंगने मे हुई चांदनी की बरसातसितारों का सजा रहा मेलातेरे ख्यालों मे खोया दिल मेरा अलबेलाजो तू होता पास जुदा ना होतेतेरे मेरे एहसासहाल ए दिल करते बयांभूलकर ये दुनिय

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प्यारी सी वो लड़की

9 जुलाई 2022
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😘प्यारा सा वो अरमान वो है मेरी जान 😘वो प्यारी लड़कीचांदनी सी आसमां में है छाईबादल की बूंदों सी बरसात बन वो आईरिमझिम सी वो बौछारदोस्ती उसकी प्यारी प्यारा उसका प्यारनिराला उसका अंदाज़सब

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दस्तान ए दर्द

9 जुलाई 2022
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दर्द की दास्तानना सुना पाएशब्दों का लेकर सहराकागज़ पर दर्द ए दिल को सजाएआंसू बने स्याहीतन्हा रातें चांदसितारे दे गवाहीटूटे दिल की ये दास्तांखुशियों से था कभीहमारा भी वास्तावक़्त ने खेला खेलतकदीर

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सुकून

10 जुलाई 2022
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सुकून तुमसे दूर कहां तुम बिन जीवन नूर कहांकरार दिल को तेरे पास हैतुमसे जुड़े मेरे अहसास हैमेरे वजूद को तू महकाएंमहक तेरे इश्क सी तोफूलों में भी ना पाएबिन तेरे अधूरी ख्वाहिशेंअधूरे ख्वाब अधूरी है

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साथ तेरे हम रहे

10 जुलाई 2022
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क्या कहे क्या ना कहेसाथ तेरे हम रहेतू बाहों में हमें भरेसाथ में हम तारे गिनेरिमझिम बूंदे बरसेजब ये बूंदे तन को छु लेचाय की चुस्की हम केखूबसूरत आसमां हम तकेकल ना जाने क्या होफिक्र क्यों हम करेआज के ये

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रेत के घर सी ख्वाहिशें

10 जुलाई 2022
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रेत का घर है सारी ख्वाहिशेंशिद्दत से जिसे सजाते हैएक लहर मेंबेरहमी से सब बह जाते हैलहरें बन सारे अपने ही आते हैउम्मीदों और खुशियों को पल में बहा ले जाते हैरेत का घर सामेरी चाहतों का घरोंदा ह

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तेरे संग

10 जुलाई 2022
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तेरे संग हो एक ऐसे सफर की शुरुआत समझे एक दूजे के दिल की बात तेरे संग हो हर भौर सुनहरी तेरे आगोश में महकती हर रात सुहानी खिले मुस्कान बनकर मेरे लबों पर तेरे संग हो ऐसी ही जिंदगानी तू ही तू हो मेरी निग

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हुनर बेवफाई का

10 जुलाई 2022
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कुछ हुनर बेवफाई केअपनी यादों को भी सीखा देतेवक्त बेवक्त चली आती हैयादें तेरी याद दिला जाती है इश्क में मिली जो तुमसे रुसवाईएक कसक सी उठती हैजख्म कुरेदती तेरी बेवफाईजब जब तुझे भुलाने लगते हैख्याल

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प्यार का इम्तिहान

11 जुलाई 2022
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प्यार का इम्तिहान कब तलक लोगें क्या प्रीत मेरी कभी समझोगे क्यों दिलों मे बढ रही दूरी मुहब्बत क्या अब बन रही मजबूरी बेबात लड़ जाना होकर खफा यू रुलाना अच्छा नहीं प्यार का इम्तिहान यू लेते जाना रंजिशों

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नाजुक पल

11 जुलाई 2022
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वो आया मुझे बात अपनी बताईकुछ यू दी उसने अपने किए की सफाईकहना लगा एक नाजुक पल में जाने क्यों मदहोशी थी छाईबहक गया मैं ना करनी चाही तुमसे बेवफाईवो मुझसे माफ़ी नहीं मांगताबिन शिकायत माफ भी कर दू&nbs

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सबसे ज्यादा उसे था चाहा

12 जुलाई 2022
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सबसे ज्यादा था उसे चाहाकम वक़्त में दिल में उन्हें बसायाप्यार शिद्दत से था हमने जतायाचाहत है उनसे कितनी बार बतायाजाने क्यों फिर हम पर एतबार ना इन्हे आयासबसे ज्यादा प्यार इनसेहमने इन्हे समझायाप्यार शाय

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कोरे कागज़ सा मन

12 जुलाई 2022
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कोरे कागज़ सा था मनउम्मीदों की थामी थी कलमबेरहम वो दिलबरदर्द बेहिसाब लिख गयाख्वाहिशों फिर दफनायाइश्क ने कुछ इस तरह आजमायाहर तरफ से बेजार हुएउसे जिंदगी क्या बनायावजूद पर अपने सवाल जख्म पायाबीच मझधार मे

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बेवफा मुहब्बत

13 जुलाई 2022
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वो बेवफ़ा मुहब्बत तुम्हारी एक छलावा तुम्हारा प्यार झूठी कसमें वादे तुम्हारे झूठा निकला मेरा  एतबार ख्वाब जाने कितने हम सजाते रहे अपने दिल को बह लाते रहे था दिखावे का तेरे मुहब्बत का संसार मन में तुम्ह

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तेरी तलाश में

13 जुलाई 2022
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आज भी नहीं बदले मेरे एहसास तलाशती हूं तुम्हे अपने आस पास हूं हैरान करूं कहा कहा तुम्हे तलाश बदले नहीं आज भी मेरे एहसास तलाशती हूं तुम्हे अपनी ही अनकही  बातों में कभी तलाशती खामोश नज़रों में बसती आ

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मुहब्बत

13 जुलाई 2022
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तेरे ख्यालों  में कुछ यू गुम हो जाए मेरे वजूद के हर ज़र्रे मे तेरा अक्स मिल जाए मेरी मुहब्बत मेरी चाहत का ना  हिसाब दे पाए आंखो मे सूरत तेरी दिल ने अनगिनत ख़्वाब है सजाए तेरे इश्क के रंग मे इस कदर र

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तेरी मुहब्बत में

13 जुलाई 2022
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तेरी मुहब्बत में सनम अजीब सा हाल हैचांद मेरे सिरहाने तस्वीर तेरी आसमान में सजती कमाल है सितारें सारे आंखो में जगमगाते बनकर ख्याल हैतुमसे दूरी में आंखो के आंसू आसमां सेबरसे बेमिसाल हैआं

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अधूरी मुहब्बत अधूरा ख़्वाब

14 जुलाई 2022
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मेरी अधूरी मुहब्बत की कहानी कावो अहम किस्साहां मेरी जिंदगी वो मेरी चाहतों का हिस्सागगन में सबसे चमकता वो टिमटिमाता सिताराहां सजाया जतन से वो मुहब्बत का ख़्वाब हमाराझिलमिल करता जाने जब आसमां से टूट के

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अधूरा ख़्वाब

14 जुलाई 2022
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तेरा मेरा साथ होना नसीब नहीं पर ये ना समझना तू मेरे करीब नहीं माना तुमसे मिलकर बिछड़ गए सच मानो चंद लम्हों की मुहब्बत में भी हम निखर गए तेरे आंखो में बेशुमार प्यार जो दिखा बिछड़कर भी ना भूले मुहब्बत क

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दिल के अरमान

14 जुलाई 2022
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तेरी आगोश में आकर पिघल जाते हैदिल के अरमान भी मचल जाते हैहर तेरे साथ मिले राहत कातेरी दीवानी मैं असर है ये तेरी चाहत काजानें कितने ख्वाब सजाएं ये मनतेरी मुहब्बत की तपिश की कैसी ये अगनअधर है खामोश , दि

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तन्हा कर गए

15 जुलाई 2022
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तुम दिल के करीब आकरदूर चले गएसाथ मेरा छोड़कर तन्हा कर गएदिल के दर्द से तुम अनजानजख्म ना भरने वाले दे गएउससे दिल लगाने कीसजा कुछ यूं पा गएदर्द और तन्हाई को हम भा गएबेवफाई से जो कभी फुर्सततुम ये जरूर बत

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अभी है बाकी

16 जुलाई 2022
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ये दिल तो तेरा हो चुका है बस तेरा इकरार है बाकी रंग तेरी मुहब्बत का मुझ पर चढ़ चुका है तेरा इजहार है बाकी बड़े शिद्दत से चाहत का ख़्वाब सजाया तेरा इंतजार है बाकी शाम तेरे ख्यालों गुजर चुकी है तेरी य

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डरता है दिल

16 जुलाई 2022
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जमाने के डर कर बदल ना जाए तू कहीं इश्क के ख़्वाब मुक्कमल होने से पहले ही बिखर ना जाए कहीं चाहत की गहराई से रह ना जाए तू बेखबर कहीं चाहत का असर खो ना जाए कहीं उतर गई तेरी मुहब्बत के सागर में किनारे त

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वफाओं की मिली सजा है

16 जुलाई 2022
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रुसवाइयों का काफ़िला है वफाओं की मिली सजा है इस महफिल मे कभी आकर देखना तनहाई में भी उसी की यादों का मेला है सांझ ढली सूरज डूबता गया तन्हाइयों का कारवां बढ़ा जिंदगी का अब ये सिलसिला है उनके ख़यालो

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सोचा ना था

17 जुलाई 2022
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सोचा ना प्यार कि राह में ये मोड़ भी आएगा ताउम्र हमकदम बनकर चलने का वादा करने वाला हमसफ़र बीच सफ़र में छोड़ जाएगा दिल में रहकर दिल की धड़कन बनकर वो ही एक दिन प्यार भरा दिल तोड़ जाएगा एक लम्हा दूर न

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अनजान सफ़र

17 जुलाई 2022
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नए रिश्ते की ये नई डगर दोनों है अजनबी है ये एक अनजान सफ़र थामकर एक दूजे हाथ चलो चलते हम साथ लेकर संग ख़्वाबों का नगर प्यार बनाए ये अनजान सफ़र रिश्ते के इस सफर पर निकलते है एक दूजे को जान जाए कुछ ऐ

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काश

17 जुलाई 2022
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काश कभी ऐसा हो जाए मै तेरे जैसे बन जाऊं और तू मेरे जैसा हो जाए              काश तुम करते रही डर तक इंतजार और ना हो तुझे मेरा दीदार वक्त पर ना हम आए बेइंतहा इंतजार तुमसे कराए इंतजार का मतलब शायद तब

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एक अनजान सफ़र

18 जुलाई 2022
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एक अनजान सफ़र की हुई यू शुरुआत हौले हौले बढ़ने लगी प्यार की आगे बात एक अनजाना वो जरा दीवाना जाने कौन है , कब से खड़ा वो मौन है नज़रे मिली तो हुआ एहसास निगाहों से कर रहा था वो दिल की बात लेकर इशारों

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मुहब्बत का आखरी पैगाम

18 जुलाई 2022
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 उस खत ने भी आंसू बहाए होंगे शब्द भी तड़प कर तिलमिलाए होंगे तेरी कलम भी की होगी शिकायत हजार सह ना पाए होंगे वो भी बेवफ़ा प्यार सहम कर घबराएंगे होंगे अपनी कहानी का देख ये अंजाम बेदर्दी से तुमने भेजा जब

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सावन की रिमझिम सा प्यार

19 जुलाई 2022
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सावन की रिमझिम सा मन को छू जाए ऐसा प्यारा उसका प्यार मन की धरा को प्यार की बरखा से भिगाए ऐसा उसका साथ मन के आंगन को हराभरा कर जाए प्यार का ऐसा उसका अहसास रुनझुन करती सी उसकी दिल की धड़कन सावन की बूंदो

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मन ये झूम ले

19 जुलाई 2022
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बातें तेरी मीठी चाशनी सी तेरे लबों से होकर गुजरे जी चाहें तेरे लबों को लबों से छू ले बहकती मेरी ये नज़रे तेरी नज़रों से मिलकर क्या तेरी नज़रों को नज़रों से चूम ले फिज़ाओं में रूमानियत हवाओं में बिखर

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एक प्रेम कहानी

20 जुलाई 2022
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ढलते सूरज की छाई लालिमा से गहराती सिंदूरी शाम तेरे ख्यालों में खोकर दिल में लेकर तेरा नाम खूबसूरत सी रात के पन्नों पर लिखी एक  कहानी तेरी प्रीत मे रंगी मै तेरी दीवानी एहसासों के सागर से चुन कर शब्दों

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ख्वाहिश मेरी

21 जुलाई 2022
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है ख्वाहिश एक रात ऐसी भी आए तेरे मेरे दरमियान दूरियां सारी मिट जाए तू आ जाए मेरे इतना करीब साथ तेरा पाए बन जाए तू मेरा नसीब तेरी मुहब्बत में आंखो ने जाने कितने ख़्वाब सजाएं इन ख़्वाबों को तेरी बाहों

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एक रात ऐसी भी

21 जुलाई 2022
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खामोशी भरी नज़रों की बात तू कभी समझ जाए धड़कने तेरी फिर कभी मेरा नाम गुनगुनाए आज भी करती हूं तेरा इंतजार शिकवे सारे मिटाकर जताए तू कभी तो प्यार खामोशी को मिल जाए लफ्ज़ प्यार के खत्म होंगे पल इंतजार

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मेरी अधूरी प्रेम कविताएं

21 जुलाई 2022
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मेरी अधूरी चाहत एक कसक सी चुभती दिल में पाए कहीं ना राहत तेरी यादों को जब पन्नों पर उतारा मुक्कमल हो ना सका वहां भी बहुत मैंने संवारा अधूरी रह कविताएं भी ढल ना सकी मुक्कमल प्यार मे यादों के पन्ने किर

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मुझमें तू

21 जुलाई 2022
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जिंदगी मेरी तेरे आने से पहले वीरान थी अपनी ही उलझनों से जरा परेशान थी प्यार के एहसास से बिल्कुल अनजान थी मैं अब तक नादान थी बात बात पर आंखे नम हो जाती मै जाने किं ख्यालों में खो जाती लेकिन जब हुई इश्

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तुम्हारा मिलना

21 जुलाई 2022
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तुम्हारा मुझसे मिलना ऐसा थाअरसे से सजाया ख्वाब कामुक्कमल हो जाना जैसा थाप्रीत तेरी ऐसीवीराने के खिली होकोई कली जैसीतुम्हारा मिलना ऐसादिन में चांद काआसमान में सजने जैसासूरज का शीतल होने जैसातेरी प्रीत

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याद आते हो

21 जुलाई 2022
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भूल न पाए कुछ पलकें भीगी सीआंखे है नमआशिकी के टुकड़े हुएहर तरफ बिखरे हुएकहां हो तुमयादों की गलियों में हम भटकते हैहर ज़र्रे तुम होफिर भी कहीं क्योंतुम मिलतेक्या चाहत का ये ही होना था अंजाम&n

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तेरे बिन

22 जुलाई 2022
5
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तेरे बिन जीने की सोच भी ना पाऊंकितनी मुहब्बत है तुमसे लफ्ज़ों मे बता न पाऊंबनकर तेरा साया तेरा साथ निभाऊंतू रहे जहां खुद वहीं पाऊंसाया भी अंधेरों साथ छोड़ देता हैतब उजाला बन कर तेरे साथ चल जाऊंतेरे बि

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तेरे बिन अधूरी मेरी चाहत है

22 जुलाई 2022
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तेरे बिन अधूरी मेरी हर चाहत है एक तू है जिससे है मुझे मुहब्बत है तेरी ही मेरे दिल जगह है तू ही तो जीने की वजह है ना तेरा जैसा ना तुमसे बेहतर चाहे बस तुझ तक ही आए मेरी हर राहें तेरे बिन मिले ना कहीं रा

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वो लम्हे

23 जुलाई 2022
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दिल ढूंढता है फिर वो लम्हेजब तेरी बाहों के साए मेंखूबसूरत पल थे बिताएकाश वो लम्हे फिर मिल जाएभूलकर सारे दर्द एक बार फिर मुस्कुराएकाश वो लम्हे फिर लौट आएतेरी चाहत में जब बेसब्री सेइंतजार के मीठे प

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