shabd-logo

द्वितीय नवरात्र।

23 मार्च 2023

10 बार देखा गया 10
प्रणाम!
कैसे हैं आप सब?
आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।

आज नवरात्र का दूसरा दिन हैं, जिसमें माता के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा की जाती हैं। हम सभी अपने व्रत को संपूर्ण करने के लिए मंदिर या तीर्थ स्थल का आश्रय लेते हैं। लेकिन जो कहीं बाहर नहीं जा सकते, वह सब अपने घर में ही इस व्रत को करते हैं। 
       

क्योंकि भगवान को याद करने के लिए कोई स्थान निश्चित नहीं हैं। हम जहां उन्हें स्मरण करेंगे, उनकी उपस्थिति वहीं होंगी। हमारे विचार से घर या तीर्थ स्थल कोई इतना मायने नहीं रखता, जितना कि यह मायने रखता हैं कि वह व्यक्ति कितनी श्रद्धा भाव से इस व्रत को करता हैं।
       

अगर भक्त के मन में भगवान बसते हैं, तो वह जहां भी रहे, चाहें वो झोपड़ी हीं क्यों ना हों, वही मंदिर बन जाता हैं। क्योंकि भगवान तो सच्चे प्रेम के भूखें होती हैं। इसलिए हीं तो कहा गया हैं, "भक्त के वश में हैं भगवान"।  अगर मन की भक्ति सच्ची हो, तो जरूर मिलते हैं। वैसे तो प्रभु को दुनिया की कोई ताकत नहीं बांध सकती, लेकिन एक प्रेम हीं हैं, जिसमें वो बिना बांधे हीं स्वयं बंध जाते हैं।
       

आज मातारानी ब्रह्मचारिणी स्वरूप में भक्तों की सुनने के लिए आईं हैं। माता की घोर तपस्या और त्याग के कारण ही, उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। माता का हर रूप हमें जीवन का कोई न कोई अमूल्य संदेश अवश्य देता हैं। 
        

माता का ब्रह्मचारिणी स्वरूप हमें यह संदेश देता हैं कि "आधुनिक युग में भी मनुष्य को अपना संत व्यवहार नहीं भूलना चाहिए। मनुष्य को सदैव अपना जीवन पूरी सादगी और सरलता के साथ बिताना चाहिए"।
       

आज भी व्रत बहुत ही अच्छे से संपन्न हुआ और पूरा दिन मंगलमय रहा। आज हमें इस दिन से यह सीख मिली हैं कि "सादगी हीं परम सौंदर्य हैं और विनम्रता ही सबसे सुंदर आभूषण"। आज़ के लिए बस इतना हीं फिर मिलते हैं कुछ और नयी बातों के साथ,,।
🌻वासुदेवाय नमः🌻

दिव्यांशी त्रिगुणा
लेखिका, शब्द इन
23/03/2023



18
रचनाएँ
जीवन दैनंदिनी..! (मार्च-2023)
0.0
इस किताब में आपको शब्द इन द्वारा दिए गए विषयों पर उत्कृष्ट एवं उत्तम लेख पढ़ने के लिए मिलेंगे। कृपया हर लेख को पढ़कर अपनी सुंदर समीक्षा अवश्य लिखें,,। 🌻वासुदेवाय नमः🌻
1

ऑस्कर 2023

14 मार्च 2023
14
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।शब्द इन पर आज़ का विषय हैं- "ऑस्कर 2023"इसी क्रम में, हम सबसे पहले इस अवार्ड्स के इतिहास के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें जान लेते हैं।ऑस्‍कर अ

2

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस।

15 मार्च 2023
5
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।शब्द इन का आज़ का विषय हैं- "विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस"।यह दिवस हर साल 15 मार्च को मनाया जाता हैं। यह दिन आग्रह करने का अवसर देता हैं कि सभी उ

3

जीवन में दूसरे मौके।

16 मार्च 2023
6
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।शब्द इन का आज़ का विषय हैं- "जीवन में दूसरे मौके"।जरूरी नहीं कि हर बार हमें जीवन में दूसरा मौका मिलें। कभी केवल एक प्रयास में हीं हमें अपना लक्

4

ज़िन्दगी के बाद।

23 मार्च 2023
5
4
0

ज़िन्दगी के बाद,ऐसे हम मिलेंगे यूं आज़ भुलेंगे ना तुमको,भुलेंगे ना तेरी फरियाद,बस ऐसे हम मिलेंगे यूं आज़,,।आया वो पल हैं एक खास,जिसमें हम होंगे कहीं साथहम यूं मिलेंगे आज़,,।होंगी हमारी मुलाकात,फि

5

कितना दर्द हुआ हैं।

23 मार्च 2023
7
4
0

कितना दर्द हुआ हैं, ये जीवन किसकी दुआ हैं, हम जो जी रहें हैं, श्याम नाम कह रहें हैं,वो तो प्रेम हैं जी, प्रेम जीवन सही,,। कितना दर्द हो रहा हैं, जो तुमसे बिछड़ा हुआ हैं,प

6

प्यास दिल की।

23 मार्च 2023
5
4
0

प्यास इस दिल की, ये प्यास हैं दिल की,आस हैं दिल की, ये आस हैं इस दिल की,पूरी होती हैं जब, जब श्याम आते हैं,पूरी होती हैं जब, जब मोहन आते हैं,ये प्यास हैं इस दिल की,,।सब वादें

7

जगत के रंग।

23 मार्च 2023
5
4
0

जगत के रंग क्या देखें,तुम्हीं रंगीन इतने हों,,जगत की खुशियां क्या देखें,तुम्हीं खुशहाल इतने हों,,हम तो बस तुम्हें देखकर,हीं अपना सारा संसार देख लेते हैं,,हम तो बस तुम्हें चाहकर,हीं अपना सारा प्रेम समझ

8

मुझे रंग जाओ।

23 मार्च 2023
5
4
2

ओ श्याम आओ, मुझे रंग जाओ मैं रंगना चाहूं, बस तेरे रंग में,,मेरे प्यार के रंग, कान्हा तेरे संगये रंग गहरे हैं, बस तेरे संगमैं मुस्कुराऊ, मैं तुझे बुलाऊं आजा होली के दिन, मैं गीत गाऊंमैं तुझे

9

नवरात्र प्रारंभ।

23 मार्च 2023
6
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।शब्द इन का आज़ का विषय हैं- "नवरात्रि और उसका महत्व"।आज से नवरात्र और हिन्दू नववर्ष दोनों ही प्रारंभ हो रहें हैं। नवरात्रि और नववर्ष दोनों का स

10

प्रथम नवरात्र।

23 मार्च 2023
5
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।नवरात्र के पहले दिन "मां शैलपुत्री" की पूजा होती हैं। जिसे सभी भक्तजन पूरे श्रद्धा भाव से करते हैं। मम्मी और हम हर साल इस व्रत को पूरे विधिविधा

11

द्वितीय नवरात्र।

23 मार्च 2023
4
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।आज नवरात्र का दूसरा दिन हैं, जिसमें माता के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा की जाती हैं। हम सभी अपने व्रत को संपूर्ण करने के लिए मंदिर या तीर्थ स्थल क

12

तृतीय नवरात्र।

24 मार्च 2023
5
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।आज नवरात्र का तीसरा दिन हैं और इस पावन दिन में मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की जाती हैं। आज माता अपने भक्तों के भय का नाश करने और उन्

13

चतुर्थ नवरात्र।

25 मार्च 2023
4
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।आज चतुर्थ नवरात्र हैं, जिसमें माता दुर्गा के कुष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती हैं। माता भिन्न भिन्न रूपों में अपने भक्तों के कष्ट हरने आती हैं।

14

पंचम नवरात्र।

26 मार्च 2023
4
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।आज नवरात्र का पांचवां दिन हैं और इस दिन में माता दुर्गा के स्कन्द माता स्वरूप की पूजा की जाती हैं।हम सब पूजा करते समय अपने सुख, दुःख की बातें म

15

छठवां नवरात्र।

27 मार्च 2023
4
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।आज नवरात्र का छठवां दिन हैं और इस दिन में माता दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती हैं। माता दुर्गा का यह रूप बड़ा ही तेजस्वी और दिव्य ह

16

सप्तम नवरात्र।

28 मार्च 2023
6
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,। आज नवरात्र का सातवां दिन हैं और इस दिन में माता दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती हैं। माता का यह रूप थोड़ा भयावह तो हैं, लेकिन

17

अष्टम नवरात्र।

29 मार्च 2023
4
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।आज नवरात्र का आठवां दिन हैं और इस दिन में माता दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती हैं। आज के अष्टम नवरात्र को हीं दुर्गा अष्टमी भी कहते ह

18

नवम नवरात्र व रामनवमी।

30 मार्च 2023
5
4
0

प्रणाम!कैसे हैं आप सब?आशा करते हैं कि सब कुशल से होंगे,,।आज नवरात्र का नवां और अन्तिम दिन हैं और इस दिन में माता दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती हैं। माता अपने भक्तों को अनेक सिद्धियां भ

---

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए