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रंगीन शाम

29 नवम्बर 2021

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होंठों पर मोहब्बत का पैगाम,,
बिखर रही है रंगीन शाम...
सतरंगी सपने कुछ,,
इन नीली आंखों के।
रेशमी धागों में लिपटे,,
रंग लाल प्यार के वादों के।
गुलाब रंग बिखरते सिमटते,,
प्यार के इरादों के।
बेबाक आंखों में छलकता,,
हया का सुर्ख जाम।
इस रंग भरे मंज़र का,,
जाने क्या हो अंजाम।
उफ्फ! ये रंग भरी शाम...

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रचनाएँ
प्रेम झंकार
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इस किताब में एक से बढ़कर एक प्रेम काव्य पढ़ने को मिलेंगे। कहीं बारिश में भीगता प्यार, कहीं प्यार का इज़हार, कहीं बढ़ती नज़दीकियों का ख़ुमार, तो कहीं जज़्बातों की बहार। प्यार के हर रंग को देखने के लिए पुस्तक को अंत तक पढ़ें।

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