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जीवन की शुरुआत

12 जुलाई 2022

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मनुष्य के द्वारा अपना पहला कदम रखने से पहले संसार का कुछ भी ज्ञान नहीं होता है और मनुष्य संसार की चीजों से पूरी तरह अनभिज्ञ रहता है। 
वह अच्छा-बुरा,सही-गलत या संसार के किसी भी रिश्ते के विषय में अपना कोई भी अनुभव नहीं रखता है। उस समय वह प्राणियों में श्रेष्ठ एक जीव की श्रेणी में अपनी पहचान रखता है। वह एक ऐसा प्राणी होता है जो हर प्राणी में सबसे ज्यादा बुद्धिमान होता है। 
एक बालक के जीवन में हर चीज एक जैसी होती है। वह उस चीज के फायदे नुकसान या उसकी अच्छाई बुराई बिलकुल भी नहीं समझता है। इसलिए मनुष्य के जीवन में बचपन की अवस्था को अबोध माना जाता है इसके पश्चात वह उस घर, परिवार,समाज,गांव,उपखंड,जिला, राज्य,देश,विश्व और ब्रह्मांड में अपनी जिंदगी की शुरुआत करने लगता है। 
समय के साथ एक बालक अपने जीवन में सब कुछ सीखने के लिए सदैव तत्पर रहता है। वह हमेशा और हर पल कुछ न कुछ नया सीखने की इच्छा रखता है। उस बालक के सीखने की इच्छाएं कभी भी खत्म नहीं होती है। ये इच्छाएं समय के साथ हमेशा बढ़ती जाती है। 
मनुष्य का बचपन रूप एक उस नवीन पात्र की तरह होता है जिसमें कभी भी कुछ रखा नहीं गया था। जब वह किसी भी व्यक्ति के साथ में आ जाता है तो वह उसे किस काम में प्रयोग करें यह उसके घर, परिवार और समाज की परिस्थिति के ऊपर निर्भर करता है। 
हर मनुष्य का समय और परिस्थिति हमेशा एक जैसी नहीं होती है इसलिए वह किसी भी चीज का प्रयोग अपने आसपास के वातावरण के अनुसार प्रयोग करेगा।
जिस तरह एक घड़े को दो अलग-अलग व्यक्तियों को दे दिया जाये तो वे उसे अलग-अलग उपयोग करेंगे। एक उसमें पानी भर सकता है। एक उसमें आटा भर सकता है या दूध गर्म करने के लिए भी प्रयोग कर सकता है। उसकी यह निर्भरता उसके सामाजिक और पारिवारिक माहौल पर निर्भर करती है। 
हर मनुष्य को अपने जीवन में प्रकाशित होने के लिए मौका मिलता है और हर मनुष्य अपनी मेहनत और अपने प्रयासों के बल पर ही अपने जीवन को ऊंचाई तक ले जाने में सक्षम रहता है।

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रचनाएँ
अपनी किस्मत के दीपक तुम स्वयं हो
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मनुष्य के जीवन में सफलता हासिल करने के बहुत से मौके आते हैं। जिनमें वह एक सफल व्यक्ति बनकर सफलता हासिल कर सकता है। मनुष्य अपनी किस्मत को स्वयं बदल सकता है। मनुष्य के जीवन का लक्ष्य और उसके अनुरूप उसकी मेहनत उसके जीवन में दीपक बनकर उजाला करने के लिए पर्याप्त है। ईश्वर भी मनुष्य के जीवन में उसी समय साथ देता है जब वह स्वयं अपनी जिंदगी में मेहनत करके आगे बढ़ने का प्रयास करता है।

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