shabd-logo

लड़कियाँ जैसे पहला प्यार.....

18 अक्टूबर 2021

341 बार देखा गया 341
पल भर में जीवन महकायें
पल भर में संसार जलायें
कभी धूप हैं, कभी छाँव हैं
बर्फ कभी अँगार
लड़कियाँ जैसे पहला प्यार.....

बचपन के जाते ही इनकी
गँध बसे तन-मन में
एक कहानी लिख जाती हैं
ये सबके जीवन में
बचपन की ये विदा-निशानी
यौवन का उपहार
लड़कियाँ जैसे पहला प्यार.....

इनके निर्णय बड़े अजब हैं
बड़ी अजब हैं बातें
दिन की कीमत पर,
गिरवी रख लेती हैं ये रातें
हँसते-गाते कर जाती हैं
आँसू का व्यापार
लड़कियाँ जैसे पहला प्यार.....

जाने कैसे, कब कर बैठें
जान-बूझकर भूलें
किसे प्यास से व्याकुल कर दें
किसे अधर से छू लें
किसका जीवन मरूथल कर दें
किसका मस्त बहार
लड़कियाँ जैसे पहला प्यार.....

इसकी खातिर भूखी-प्यासी
देहें रात भर जागें
उसकी पूजा को ठुकरायें
छाया से भी भागें
इसके सम्मुख छुई-मुई हैं
उसको हैं तलवार
लड़कियाँ जैसे पहला प्यार.....

राजा के सपने मन में हैं
और फकीरें संग हैं
जीवन औरों के हाथों में
खिंची लकीरों संग हैं
सपनों-सी जगमग-जगमग हैं
किस्मत-सी लाचार
लड़कियाँ जैसे पहला प्यार.....

कुमार विश्वास की अन्य किताबें

23
रचनाएँ
बेस्ट ऑफ़ कुमार विश्वास
5.0
हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि और लेखक कुमार विश्वास के सभी लोकप्रिय कविताएं और लेखों का यहां आपको संग्रह मिलेगा.
1

हंगामा- कुमार विश्वास

14 अक्टूबर 2021
69
13
8

<p>भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा। </p> <p>हमारे दिल में कोई ख़्वाब पल बैठा तो हंगामा।

2

कोई दीवाना कहता है - कुमार विश्वास

14 अक्टूबर 2021
45
9
6

<p>कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है !</p> <p>मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !!</p> <p>म

3

उस पगली लड़की के बिन

14 अक्टूबर 2021
30
6
1

<span style="color: rgb(51, 51, 51); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, Helvetica, Arial, sans

4

होंठों पर गंगा हो हाथों में तिरँगा हो

14 अक्टूबर 2021
22
7
4

<span style="color: rgb(51, 51, 51); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, Helvetica, Arial, sans

5

कितने एकाकी हैं प्यार कर तुम्हें

14 अक्टूबर 2021
23
5
1

<span style="color: rgb(51, 51, 51); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, Helvetica, Arial, sans

6

मैं तुम्हें ढूंढने स्वर्ग के द्वार तक

14 अक्टूबर 2021
21
7
1

<span style="color: rgb(51, 51, 51); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, Helvetica, Arial, sans

7

कभी तुम सुन नहीं पायी, कभी मैं कह नहीं पाया

14 अक्टूबर 2021
25
4
2

<span style="color: rgb(51, 51, 51); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, Helvetica, Arial, sans

8

मेरे लफ्जे में मरते थे वो कहते है कि अब मत बोलो

18 अक्टूबर 2021
18
5
0

<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, Arial, Helvetica, s

9

स्वयं से दूर हो तुम भी स्वयं से दूर हैं हम भी

18 अक्टूबर 2021
13
5
0

<span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, Arial, Helvetica, s

10

क्या समर्पित करूँ

18 अक्टूबर 2021
18
3
0

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">बाँध दूँ चाँद, आँचल के इक छोर में<

11

मांग की सिंदूर रेखा

18 अक्टूबर 2021
10
2
0

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">मांग की सिंदूर रेखा, तुमसे ये पूछे

12

मधुयामिनी

18 अक्टूबर 2021
10
1
0

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">क्या अजब रात थी, क्या गज़ब रात थी<

13

ये वही पुरानी राहें हैं, ये दिन भी वही पुराने हैं

18 अक्टूबर 2021
13
1
0

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">चेहरे पर चँचल लट उलझी, आँखों में स

14

लड़कियाँ जैसे पहला प्यार.....

18 अक्टूबर 2021
11
1
0

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">पल भर में जीवन महकायें</div><div s

15

होली

18 अक्टूबर 2021
7
1
0

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">आज होलिका के अवसर पर जागे भाग गुला

16

ओ मेरे पहले प्यार

18 अक्टूबर 2021
11
0
0

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">ओ प्रीत भरे संगीत भरे!</div><div s

17

इतनी रंग बिरंगी दुनिया

18 अक्टूबर 2021
8
0
0

<div>इतनी रंग बिरंगी दुनिया, दो आँखों में कैसे आये,</div><div>हमसे पूछो इतने अनुभव, एक कंठ से कैसे ग

18

मद्यँतिका

18 अक्टूबर 2021
5
0
0

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">माँ को देखा कि वो बेबस-सी परेशान स

19

रंग दुनिया ने दिखाया

18 अक्टूबर 2021
8
0
0

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">रंग दुनिया ने दिखाया है निराला देख

20

तुम्हारी याद का क्या है उसे तो रोज़ आना है

18 अक्टूबर 2021
18
2
1

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">जहाँ हर दिन सिसकना है जहाँ हर रात

21

फ़क़त उस आदमी से ये ज़माना कम नहीं होता।

18 अक्टूबर 2021
15
4
0

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">सदा तो धूप के हाथों में ही परचम नह

22

मुझे तो हर घड़ी हर पल बहारों ने सताया है।

18 अक्टूबर 2021
17
3
1

<div style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Tauri, sans-serif;">बताऊँ क्या मुझे ऐसे सहारों ने सताय

23

अख़बार बना कर क्या पाया?

18 अक्टूबर 2021
30
6
2

<div class="separator amp-wp-95ecdb5" data-amp-original-style="clear:both;text-align:center;" style=

---

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए