shabd-logo

खुला आसमान और टैक्स

12 फरवरी 2022

32 बार देखा गया 32


दो दिनों के सुरमई बादलों की धूप-छांव के बाद आज खुला आसमान दिखाई दे रहा है।  फिलहाल ठंड आज छुट्टी पर है और सूर्यदेव डयूटी पर मुस्तैद हैं।  पर ये गुनगुनी धूप बहुत अच्छी लग रही है। 

ये खुला आसमान बादलों से बिछड़ने के बाद साफ सुथरा नजर आ रहा है, जैसे अपनी प्रिय से बिछड़ने के बाद उसकी यादों को दिलोदिमाग से धो-पोंछ कर साफ कर दिया हो।

लेकिन सखी खुले आसमान में विचरण करते पंछी नदारद है।पता नहीं वह चिड़ियों का कलरव कभी फिर से हमारे जीवन मे सुनाई देगा या नहीं! मुश्किल ही लगता है क्योंकि 6G की टेस्टिंग भी शुरू होने वाली है। ऐसा न हो की 8G आते -आते मनुष्य प्रजाति ही विलुप्त हो जाये और खुले आसमान तले ऊंची अट्टालिकाओं के खंडहर और 8G के टॉवर खड़े अट्टहास कर रहें हों?  

पर फिलहाल तो खुले, साफ सुथरे आसमान तले, गहरी सांस ले और खुल कर हँसे।  क्या है ना! कि अभी तक हंसी पर टैक्स नहीं है। बाकि 100 रुपये कमा कर 30 रुपये टैक्स देने का अहसास कैसा होता है, ये आप भी जानते हैं।

वसीम बरेलवी का शेर है-

आसमाँ इतनी बुलंदी पे जो इतराता है,
भूल जाता है ज़मीं से ही नज़र आता है।।



गीता भदौरिया

Dinesh Dubey

Dinesh Dubey

सही कहा आपने

16 फरवरी 2022

वणिका दुबे "जिज्जी"

वणिका दुबे "जिज्जी"

बेहतरीन लेखन मैंम अब तो क्रिप्टो पर भी लगा दिया ।।😂

12 फरवरी 2022

गीता भदौरिया

गीता भदौरिया

12 फरवरी 2022

आभार वणिका जी

12 फरवरी 2022

गीता भदौरिया

गीता भदौरिया

12 फरवरी 2022

आभार प्रभा जी

3
रचनाएँ
दैनिक प्रतियोगिता
5.0
शब्द.इन की प्रतियोगिता

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए