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भारत मे बढ़ता वायु प्रदूषण

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प्रिय सखी ।कैसी हो ।हम बस ठीक ही है ।एक तो दीपावली की थकावट ऊपर से ये प्रदूषण।खांसी ज्यादा ही बढ़ गयी है ।हे सखी कोई घरेलू नुस्खा ही बता दो जिससे ये मुई खांसी ठीक हो जाए।अब की बार पुस्तक प्रतियोगिता म

वाहनों की होड़ है आधुनिक जीवनशैली की चाहत कुछ भी कहो होता पर्यावरण प्रदुषित है क्योंकि चारों और फैला धुंध, वनों की अंधाधुंध कटाई से प्रकृति है अचंभित...., क्यों नहीं समझता मानव यह सब विनाशकारी होगा

जहर घोल रहे हवा में,बढ़ते हुए उद्योग।बढ़ती जनसंख्या कर रही,अधिक वाहन का उपयोग ।।खुलेआम जल रही पराली,रोकथाम से डर नहीं लगता।हानिकारक धुंआ निकलकर ,प्रदूषण को न्यौता देता।।कूड़ेदान बने हैं फिर भी,खुलेआम

दोहे—मीरा  दीवानी  हुई  , श्याम  दिखे  चहुँओर ।विष प्याला अमृत हुआ,श्याम समाए कोर ॥मीरा की वाणी बसे, सप्त सुरों का मेल ।कृष्ण भजन में रम गई,राणा खेलें खेल ॥दासी मीरा हो गई,कृष

कुछ चेतो मानव तुम जग के नही तो बहुत पछताओगे, करते रहे यूं दूषित धरती को दूषित तो, तुम हरियाली कहाँ से पाओगे? करते रहे जो वायु प्रदूषित, एक पल भी न जी पाओगे, खुली हवा में जो श्वास हो लेते, एक श्

जूझ रहा है समस्त संसार, हो प्रकृति या मानव जाति, सब पर है इसका घोर प्रहार। बढ़ रहा है बीमारियों का प्रकोप, जीवन हो गया है दुश्वार, ख़त्म हो रही हरियाली धरती से, वातावरण हो गया है बेकार। कहीं जल की स

लीलगयागाँवको चिमनीकाधुआँ। सूखकरजलनदीका बनगयाभाप, वायुभीदूषितहो बढ़ारहीताप। लोगोंनेपाटदिया रहा–सहाकुआँ। बनगएफर्नीचर जंगलकेपेड़, चारागाहनष्टहुए भटकरहीभेड़। खोगईसियारोंकी अबहुआँहुआँ हरियालेखेतमें उगगएमका

पहले से बढ़ रहा प्रदूषण उपर से दिवाली के फटकों की बढ़ोतरी,कैसे कम हो पाएगा प्रदूषण अगर हम सबने ना रखी सावधानी।।

भगवान श्री राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो उनकी पत्नी माँ सीता ने भी सहर्ष वनवास स्वीकार कर लिया। परन्तु बचपन से ही बड़े भाई की सेवा मे रहने वाले लक्ष्मण जी कैसे राम जी से दूर हो जाते! माता सुमित्रा से

भारत में बढ़ते वायु प्रदूषण के लिये सरकार और नागरिक दोनों ही जिम्मेदार है दोनों इसलिये जिम्मेदार है की जहां अनगिनत लोगों ने कमाई के लिये अपने निजी उद्योग खोल रखे है जिसमे की पेपर मिल व शुगर मिल जैसे उद

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