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इतना क्यों तुम सवर रहे हो..., गीत-4

18 नवम्बर 2022

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             ।।गीत।।

तुम्हारे  घर  को  सनम बता दो
इतना  क्यों  तुम  सवर  रहे हो
तुम्हारी गलियां,तुम्हारी महफ़िल
फिर  क्यों इतना  शिंगर रहे हो...


नया लहंगा,  नया है काजल
नई है बिंदिया, नए है पायल
आंखों में कुछ अलग चमक है
होठों  पे  कुछ अलग दमक है

इतना न मुस्कुराओ मोहन
समझ सही तुम नजर रहे हो...


जो देखे वो भूल न पाए
जो चाहे वो जी न पाए
घुंघटे  से तो आओ बाहर
खिड़की से तो देखो बाहर

दरवाजा  न खुल्ला छोड़ो
समझ सही तुम नगर रहे हो...




  -रोहित कुमार "मधु"
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रचनाएँ
"मधु" एक गीत
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यह एक गीत संग्रह है प्रेम क्या है? इस प्रश्न का जाबाब कई प्रकार का है, एक वाक्य में कहना चाहे तो प्रेम की अनेक परिभाषाएं है प्रेम को प्रेम रूप में समझना कठिन है, जब होता है तो सिर्फ महसूस किया जा सकता है। बस यही से एक गीत संग्रह आपके लिए। आपको अवश्य ही पसंद आएगा धन्यवाद...
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आओ मिलने आओ... गीत-1

10 नवम्बर 2022
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।। गीत ।।आओ मिलने आओ, आंखों खलिश मिटाओ..मैं हूं दीवाना तेरा, तेरी हर इक अदा का,आओ गले लगाओ, कु

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तेरी उन निगाहों पर..., गीत-2

10 नवम्बर 2022
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यह गीत एक प्रिय के लिए है परंतु ये मेने ईश्वर को ध्यान में रखते हुए लिखा हैं, अगर आपकी कोई प्रियतमा हों तो आप उन्हें स्मरण करे और गीत पढ़े, और नही हैं तो जिस ईश्वर को आप प्रेम करते है उन्हे याद करे।

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प्रेम कैंसे जताए तुम्हे..., गीत-3

10 नवम्बर 2022
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।। गीत ।। मन विसर्जित कैंसी व्यथा मन आखिर कैंसे बताए तुम्हे... राह डले पुष्प कांटे हुए, छाले कैंसे आखिर बताए तुम्हे..

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इतना क्यों तुम सवर रहे हो..., गीत-4

18 नवम्बर 2022
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।।गीत।।तुम्हारे घर को सनम बता दोइतना क्यों तुम सवर रहे होतुम्हारी गलियां,तुम्हारी महफ़िलफिर क्यों इतना&n

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किताबे क्या है..., गीत -5

30 नवम्बर 2022
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किताबे क्या है समझ जाओगेप्रेमि का एक पृष्ठ पढ़ लीजिए...जख्म मरहम है दीवानों का इश्क नशा है दीवानों काबे-करारिया बहुत है यहांरात को बस करवटें

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दिल की बाते ... गीत -6

8 जनवरी 2023
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दिल की बाते गर सुन ले तो ओर भी अच्छा हैउसके बिन अब जीना है प्यार मेरा ये सच्चा है...एक ख्वाब सा आया मुझको, फिर जाने क्यों रूठ गयादिल था पत्थर लेकिन फिर भी,इक फूल&nbs

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वंचित न रह जाना प्यार से..., गीत -7

7 मार्च 2023
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भूल करो, लगते समझदार सेवंचित न रह जाना तुम प्यार सेगलियों में आना जरा संभाल केकदम हर एक रखना संभाल केमौसम खराब, चलना संभाल केहर घर दफ्तर खुले अखबार से...बुला लेना तुम, मुझे पुकार क

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मुझको रंगो से भरदे..., गीत 8

8 मार्च 2023
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मेघो से बोले दिल, दिल कीचाहत है मुझको रंगो से भरदे, दिल की चाहत है उसको भी रंगो से भरदे, मुझसे आहत है...

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