दी टाइकून रिवेंज 6
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मिस मुझे एकबार सर से बात कर लेने दीजिए, इतना कहते ही रिसेप्शनिस्ट ने लैंडलाइन उठाया तो अदिति ने अपना हाथ आगे करके फोन नीचे रख दिया और ओर बोली
आपके सर यानी मेरे ex हसबंड ने मुझे कहा होया है कि मैं कभी भी किसी भी वक़्त ऑफिस में जा सकती हूं,
इतना कहते ही वो लिफ्ट में जाने लगी
तभी कुछ पुराने वर्कर्स ने उसे देखा और बोले",अरे यह तो अदिति रायचन्द है "यह यहाँ ", तभी किसी ने कहा अरे यह बहुत अच्छी है, इसको फसाया गया था, उस वक़्त,
अदिति को उनकी बाँते सुन गयी थी
अदिति ने मुस्कान के साथ उन लोगो को देखा और सोचने लगी
क्या ये लोग अब भी उसे याद करते हैं?
क्या आश्चर्य की बातहै।
जब श्रवण ने उस पर केस किया था , तो उसे उम्मीद थी कि वे उसके लिए कोई ना कोईउसके किये गवाही जरूर देगा लेकिन कोई उस समय उसके साथ खड़े होने को तैयार नहीं था।
तभी एक आदमी जो कि श्रवण के मैनेजर की टीम में से था उंसने अदिति के सामने आकर पूछा,
"ओह, क्या तुम जेल में नहीं थी? तुम यहाँ क्या कर ररही हो?" "हां।
तभी अदिति ने अपनी मुस्कान के साथ gकरके ऊँची आवाज में कहा
सीक्रेट लीक करने वाले लोगों को कभी काम पर नहीं रखा जाता जहाँ तक मेरी जानकारी है इसलिए
" "मैं यहाँ तुम्हारे बॉस को पटाने के लिए आई हूँ और
अब पेट भरने के लिए कुछ तो करना होगा,
सभी उसकी बात सुनकर दंग रह गए,
किसी ने कुछ नहीं कहा।
अदिति हील की आवाज करते हुए लिफ्ट में चली गई
उंसने अपने पर्स में से शीशा निकल कर चेहरा देखा और थोड़ा और मेकअप कर लिया।
" अदिति ने देखा कि लिफ्ट उसके फ्लोर पर आ गई है तो बाहर निकल गयी।
उस फ्लोर के सारे लोग स्तब्ध थे। अदिति में सामने उस गेट को देखा जहाँ कभी वो श्रवण के साथ वक़्त बिताती थी,
लेकिन अब उसको कोई फर्क नही पड़ रहा था, उंसने
दरवाजा खटखटाया । सश्रवण ने सिर भी नहीं उठाया लेकिन कहा, "अंदर आओ।" वो लैपटॉप पर बड़ी तेजी से टाइपिंग कररहा था,
अदित्ती अंदर आ गयी और फि र दरवाजा बंद कर दिया।
ऊँची हील जब उस केबिन के फर्श पर ठक ठक की आवाज सुनकर, श्रवण ने अपने हाथों को रोका और ऊपर देखा।
उसने जब अदिति का चेहरा देखा तो उसे यकीन ही नही होया
दिल और दिमाग मे कुछ हलचल होने लगी
हालांकि वो शांत रहने की कोशिश कर रहा था,
लेकिन उसकी उंगलियां कांप रही थी,
अदिति तुम! उंसने गौर से उसके चेहरे को देखा
आज भी हमेशा की तरह सिंपल मेकअप किया हुआ था । उसकी तवचा का रंग गहरा था और वह पहले से पतली लग रही थी। वही सूट पहना हुआ था जो उंसने आखिरी बारउसे पाए होये देखा था।
उसको पता नही क्यों कुछ अलग सा महसूस हो रहा था।
उसने एक आकर्षक मुस्कान के साथ उसकी ओर देखा लेकिन उसकी आँखों की रोशनी पहले जैसी नहीं थी, मानो समय के साथ बुझ गई हो। "मैं जेल से रिहा होयी हूँ आज ।" अदिति मुस्कुराई और कदम दर कदम दोनो के बीच का फासला दूर करते हुए बोली। श्रवण कुर्सी पर आराम से पीछे झुक कर बैठ गया, अपनी सुंदर आँखों को छोटा किया और अदिति को घूरने लगा।
"क्या तुमने नहीं कहा कि सब हिसाब बराबर है तो ?
तुम मेरे पास फिर से क्यों आयी हो?"
अदित्ती उसके सवाल को सुनकर मुस्कराई श्रवण के सामने उसके डेस्क पर बैठ गई। उसने अपने कान के किनारे को छूते हुए कहा, "मैं अपने ex हसबंड से कुछ पैसे मांगने आयी हूँ। क्या तुम मुझे कुछ पैसे देने को तैयार हो?
श्रवण उसे घूर कर देख रहा था शायद उसे समझने की कोशिश कर रहा था।
तभी अदिति ने उदास मन से कहा
आखिरकार, मैं अभी अभी मैं जेल से छुटी हु, कोई भी कंपनी ऐसी लड़की एम्प्लॉय नहीं चाहेगी जो व्यावसायिक रहस्य चुराने की दोषी हो।ओर मेरे सारे पैसे सारा कुछ तुम्हारे पासहै फिलहाल मुझे एक छोटी सी नौकरी भी नहीं मिल रही है। तुमतो जानतेहो कि सच्चाई क्या है ,,,,तो क्यों ना ,,,,,,अदिति ने श्रवण के करिब जाकर कहा
तुम मुझे कुछ पैसे दे दो,
श्रवण की आँखों में अंधेरा छा गया। उसको कुछ समझ नहीं आ रहा था, की आखिर यह चाहती क्या है, तभी अचानक से अदिति ने उसके गाल को चूम लिया और बोली चिंता मत करो फ्री मैं नही मांग रही,
हम एक डील करते है अभी
मैं तुम्हें खुश कर दूँगी, ओर तुम मुझे पैसे से खुश कर देना
हिसाब बराबर रहेगा,
क्यों क्या कहते हो, अदिति में आंख मार कर कहा तो श्रवण के माथे पर पसीना आने लगा उंसने तेज गुस्सा करते हुए कहा
तुम्हारी हिम्मत कैसे होयी अदिति तुम ऐसा सोच भी कैसे सकती हो
लेकिन अदिति को जैसे उसकी बात पर से कोई फर्क ही नही पड़ा, उंसने उसके गाल को छूते होये कहा
वैसे मुझे यह तो पता नही की बाहर प्रोस्टीटूए महिला की कीमत क्या हैं। लेकिन फिक्र मत करना मैं ज्यादा पैसे नहीं लुंगी ।" उसके बाद, वह उसे एक आकर्षक मुस्कान दे दी।
श्रवण को सांस लेने में तकलीफ होने लगी, उसको लगा किसी ने उसके दिल पर जोरदार कोई भारी चीज मार दी हो,
उसको अदिति आज अपनी वो अदिति नही लग रही थी जिसे वो जानती था यह तो कोई और ही थी। बस चेहरा एक था लेकिन हरकतें नियत सब कुछ अलग।
उसने काँपते हाथ से अदिति का हाथ पकड़ा और चिल्ला कर कहा
"जाओ" यहाँ से बाहर, अदिति , तुम जैसी घटिया औरत मैने आजतक जिंदगी में नही देगी, तुमने सोच भी कैसे लिया कि मैं तुम्हे फिरसे हाथ भी लगायुगा,
अदित्ती ने उसके चेहरे को देखा और हँसी।
उसकी हँसी एक चांदी की घंटी की तरह थी, कुरकुरा और कुछ रोमांटिक। उसने अपना हाथ हवा में उठाया और उसे बार-बार आंखे झपका कर बड़ी भी मदहोश करने वाली आवाज में बोली। "शायद श्रवण साहब सोच रहे हैं कि मेरे त्वचा पहले की तरह चिकनी नहीं है,
है ना? अपनी आंखों को उचका के कहने लगी
खैर,
जब मैं दो साल तक जेल में रही हूँ, तो मैं क्या कर सकती हूँ ? अपनी त्वचा का कैसे ख्याल रखती,
मेरे हाथ चिकने नहीं रहे, और मेरी हथेली में चीरे काटेहै। तुम जैसे पुरुष के लिए, हर महिला को मुलायम होना ही ज्यादा पसंद आता है लेकिन श्रवण साहब फिक्र मत करो
जो मजा जो सैटिस्फैक्शन मैं तुम्हे दूँगी कोई और लड़की तुम्हें कभी दे भी नही सकती,
उसके बोलने के बाद , उसने चतुराई से श्रवण की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति की ओर देखा। "हाँ?क्या कहते हो,
" उस वक्त श्रवण का चेहरा बेहद भयानक लग रहा था।
अदिति के चरित्र को देखते हुए श्रवण को लगा था ,वह आएगी और बदला लेगी। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। .
श्रवण उसे अजीब नजरो से देख रहा था,
उसने पिछला सूट पहना होयया था और वह पतली थी, और उसके स्तन पहले की तरह नही थे।
तभी अदिति ने उसकी आँखों को अपने शरीर पर देखा तो उसने अपनी शर्ट खोलनी शुरू करदी । कपड़ों से ढकी उसकी त्वचा अभी भी पहले की तरह बहुत गोरी थी।
उसके शरीर को देख कर श्रवण के हार्मोन ने उसे उत्तेजित करना शुरू कर दिया लेकिन वो किसी मूर्ति की तरफ अपनी कुर्सी पर बैठा रहा,।
अदिति ने उसे आंख मारी ओर हमेशा की तरह कुशलता से श्रवण की गोद में बैठ गई।
To be continue
Miss amittal
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