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भारत के कुछ चुनिंदा पर्यटन राज्य-केन्द्रशासित प्रदेश, जहां है पर्यटन में अपार अवसर

7 अक्टूबर 2015

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भारत में हर मौसम के लिए इतने पर्यटन स्थल हैं कि हमें किसी और देश में जाने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी | भारत में सामुदायिक विविधता भरे इन पर्यटन स्थलों की संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन और सुन्दरता इन्हें ख़ास बनाती है | आइये एक नज़र डालते हैं, भारत के ऐसे ही कुछ चुनिंदा पर्यटन प्रदेशों, केन्द्रशासित राज्यों पर........


-    सिक्किम:


छुपे स्वर्ग की भूमि सिक्किम भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र का वह खूबसूरत राज्य है, जहां विश्व की तीसरी सबसे ऊँची पर्वत श्रेणी कंचनजंघा का विहंगम नज़ारा दिखाई पड़ता है | अपनी विशिष्ट संस्कृति, महान मठों, जैव विविधता तथा प्राकृतिक सुन्दरता से परिपूर्ण सिक्किम पूर्णतः पर्यटन पर आधारित राज्य है, जहां नामची स्थित गुरु रिनपोछे की ३६ मीटर ऊँची दुनिया में किसी भी संत की सबसे ऊँची मूर्ति है | सिक्किम की राजधानी गंगटोक है, जहां पहुँचने के लिए बागडोगरा, जलपाईगुड़ी तथा दार्जीलिंग से उत्क्रिस्ट परिवहन सेवा उपलब्ध है | सिक्किम स्थित युमथांग “पूर्व का स्विट्ज़रलैंड” की ख्याति रखता है | सिक्किम में आर्किड्स के साथ ही अन्य पादप प्रजातियों की उत्कृष्ट श्रृंखला पायी जाती है | तीस्ता एवं रंगीत नदिओं वाला सिक्किम साहसिक पर्यटन का भी एक उम्दा केंद्र है | मूलतः यह राज्य पर्यटन पर ही आधारित है, जहां पर्यटन के कारण लाखों रोज़गार स्वतः ही सृजित हुए हैं ।


-    गोवा:


पर्यटन और गोवा एक-दूसरे के पर्याय हैं | शायद ही कोई पर्यटक होगा, जो गोवा-भ्रमण की इच्छा न रखता हो | गोवा की पूरी अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही निर्भर है | अगर पर्यटन आधारित रोज़गार के असीमित अवसरों को प्रत्यक्ष देखना चाहें तो सागरतटीय गोवा राज्य जरुर पधारें | गोवा में विभिन्न ऐतिहासिक गिरिजाघरों की लम्बी सूची है | साथ ही यहाँ विभिन्न त्योहारों की धूम भी बस देखते ही बनती है | जिंदादिल गोवा का नृत्य-संगीत, व्यंजन सभी मशहूर है विशेष कर यहाँ की नाईट-लाइफ | वहीं सागर के सुन्दर तटों का नज़ारा गोवा को एक उत्कृष्ट पर्यटन केंद्र का दर्ज़ा स्वतः ही प्रदान करता है, जहां पर्यटकों की बढती आवक के साथ ही रोज़गार की ढ़ेरों संभावनाओं में भी भारी वृद्धि बढती ही जा रही है |

 

-    उत्तराखंड:


देवभूमि उत्तराखंड की आर्थिकी प्रमुखतया पर्यटन पर ही आधारित है | नयनाभिराम हिमालय की गोद में बसा यह सुन्दर राज्य धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, जहां यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ तथा बद्रीनाथ धामों के अलावा ऋषिकेश एवं हरिद्वार जैसे सुविख्यात स्थल हैं | गौरतलब है कि पर्यटन की महत्ता और इससे उत्पन्न रोज़गार की सम्भावनाएं जनवरी से अप्रैल, २०१६ में कुंभनगरी हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुम्भ मेले में आप सहज ही देख सकेंगे | साथ ही उत्तराखंड में अब चारधामों की शीतकालीन यात्रा यमुनोत्री हेतु खरसाली, गंगोत्री हेतु मुखबा, केदारनाथ हेतु उखीमठ तथा बद्रीनाथ हेतु जोशीमठ भी पर्यटन में अवसरों की प्रतिबद्धता स्वतः ही दर्शा रहा है | इन स्थलों के साथ ही नैनीताल, मसूरी, कौसानी, लैंसडोन इत्यादि पर्यटन आकर्षणों के कारण उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर पर्यटकों की आवक के मद्देनज़र यहाँ रोज़गार के अवसर निरंतर बढ रहे हैं |

 

-    अंडमान-निकोबार द्वीप समूह:


बंगाल की खाड़ी में अवस्थित यह केन्द्रशासित प्रदेश अपने शांत सागर-तटों की बेमिसाल सुन्दरता, साहसिक जल-क्रीडाओं तथा अद्भुत जलीय संसार के दीदार के कारण पूरी दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है | विभिन्न द्वीपीय स्थलों के उलट यहाँ के सागर-तटों में व्याप्त नीरवता आपके मन-मस्तिष्क को तरो-ताज़ा कर देती है, यही कारण है कि वर्ष भर यहाँ सैलानिओं का रेला उमड़ा नज़र आता है | यहाँ की अर्थव्यवस्था भी मूलतः पर्यटन पर ही आधारित है | सेलुलर जेल, महात्मा गांधी मैरीन नेशनल पार्क, अंडमान वाटर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स, मिनी जू, कार्बिंस कोव, चिड़िया टापू, वानदूर सागर तट, समुद्रिका तथा हैवलॉक स्थित राधानगर सागर-तट औरर सबसे बढकर जलीय साहसिक पर्यटन के कारण यहाँ बड़े पैमाने पर पर्यटकों की संख्या में निरंतर बढोत्तरी हो रही है, जिससे यहाँ पर्यटन में रोज़गार की संभावनाएं भी उत्तरोत्तर फल-फूल रही हैं |

 

-    लक्षद्वीप:


अरब सागर में बसा भारत का यह केन्द्रशासित प्रदेश अपने कोरल द्वीपों, लाइटहाउसेस, मछलिओं की विशिष्ट प्रजातिओं, एकान्तमय सुन्दर सागर-तटों तथा बेहिसाब प्राकृतिक सुन्दरता के कारण पर्यटकों के पसंदीदा स्थलों में शामिल है, जहां स्कूबा डाइविंग, विंड सर्फिंग, कयाकिंग, सर्फिंग, कैनोइंग, वाटर स्कीइंग इत्यादि वाटर स्पोर्ट्स का भरपूर मज़ा लिया जा सकता है | नाईट समुद्री यात्रा के कारण भी इसकी ख्याति है | अमूमन मानसून को छोड़कर वर्षभर क्रूज़ के जलीय मार्ग पर अवस्थित होने के कारण लक्षद्वीप पर्यटकों के बीच तेजी से अपनी पैठ बना रहा है, जहां की आर्थिकी भी पर्यटन के कारण ही प्रगति की ओर निरंतर अग्रसर है |

 

-    पुदुचेरि:


भारत में फ्रेंच संस्कृति का प्रतीक स्तम्भ है केन्द्रशासित प्रदेश पुदुचेरि | शान्तमय पुदुचेरि बेंगलुरु तथा चेन्नई का प्रिय सप्ताहांत पर्यटन गंतव्य है, जहां श्री अरबिंदो आश्रम, ऑरोविले टाउनशिप, फ्रेंच वार मेमोरियल, महात्मा गांधी स्टेच्यू, डुप्लेक्स स्टेच्यू, पार्क स्मारक, विभिन्न म्यूजियम, बोटैनिकल गार्डेन, ऑसटेरी लेक तथा नेशनल पार्क, साइंस पार्क, भारती पार्क जैसे उत्कृष्ट दर्शनीय स्थल मौजूद हैं | साथ ही यहाँ विभिन्न ऐतिहासिक हिन्दू मंदिर, मस्जिद तथा गिरिजाघर भी अवस्थित हैं | वहीं वार मेमोरियल से डुप्लेक्स पार्क के बीच फैला तथा बंगाल की खाड़ी से लगा प्रोमिनेद सागर-तट या पांडिचेरि सागर-तट यहाँ का खास आकर्षण है | निश्चित रूप से यह केन्द्रशासित प्रदेश पर्यटकों की अच्छी आवक के कारण पर्यटन को अपनी अर्थव्यवस्था का मूल आधार मानकर निरंतर प्रगति पथ पर गतिशील है |

 

-    दमन और दीव:


पुर्तगाली संस्कृति का प्रतीक स्तम्भ है यह केन्द्रशासित प्रदेश | गुजरात में वापी से लगभग ७ किलोमीटर दूर स्थित अपने सागर तट, पुर्तगाली स्थापत्य कला, गिरिजाघरों तथा जुड़वां शहर, नानी दमन-मोती दमन की प्राकृतिक सुन्दरता के कारण प्रसिद्ध है | वहीं गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र से सता दीव अपनी नीरवता भरे सागर-तटों, दीव फोर्ट तथा गिरिजाघरों के लिए मशहूर है | इस केन्द्रशासित राज्य की आर्थिकी भी पर्यटन पर आधारित है, जो रोज़गार का प्रमुख आधार है |

 

-    दादरा और नगर हवेली:


महाराष्ट्र एवं गुजरात के बीच पश्चिमी भारत का यह केन्द्रशासित प्रदेश अपनी पुर्तगाली संस्कृति, गिरिजाघरों तथा वन्य संपदा के लिए मशहूर है, जहां की राजधानी है सिलवासा, जो अपनी वर्ली संस्कृति, प्राकृतिक सुन्दरता तथा सुरम्य बाग़-बागीचों के लिए जाना जाता है | इस केन्द्रशासित प्रदेश की आर्थिकी में भी पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसमें रोज़गार के असीमित अवसर मौजूद हैं |

 
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रचनाएँ
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पर्यटन क्षेत्र की रोचक जानकारियों का सतरंगी पिटारा...
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एक अरब पर्यटक...एक अरब अवसर : बुर्कीना-फासो (विश्व पर्यटन दिवस पर विशेष)

22 सितम्बर 2015
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संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा हर वर्ष २७ सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस का आयोजन होता है, एक नई थीम या प्रसंग के टैगलाइन से, जिसकी मेज़बानी अलग-अलग देश में होती है. इस बार विश्व पर्यटन दिवस (२७ सितम्बर, २०१५ ) की थीम है- एक अरब पर्यटक . . . एक अरब अवसर, जिसका प्रायोजक देश है – बुर्किना-फासो

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संपूर्ण पर्यटन का सर्वोत्कृष्ट संसार है उत्तराखंड

23 सितम्बर 2015
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आगामी विश्व पर्यटन दिवस (२७ सितम्बर, २०१५) के उपलक्ष्य में आज बात करते हैं भारत के पर्यटन प्रदेश एवं देवभूमि की प्रतिष्ठा रखने वाले उत्तराखंड की, जहां की आर्थिकी मुख्यतः पर्यटन पर ही निर्भर है.......... प्राकृतिक पर्यटन के परंपरागत प्रतिमान :नैनीताल, भोवाली, रामगढ, मुक्तेश्वर, भीमताल, रानीखेत, कौसान

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विश्व पर्यटन ही नहीं, भारत पर्यटन दिवस भी मनाएं

29 सितम्बर 2015
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विश्व पर्यटन दिवस, विगत २७ सितम्बर को पूरे विश्व में जोशोखरोश के साथ मनाया गया जिसकी आहट या धूम तो हम कहीं ना कहीं अवश्य महसूस करते है लेकिन भारत पर्यटन दिवस के बारे में अभी हमारे देश ही में जागरूकता एवं लोकप्रियता की भारी कमी है | जरुरत है इसे और लोकप्रिय बनाने की क्योंकि भारत हर प्रकार के पर्यटन क

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कौसानी : हिमालय में प्रकृति की इक सुन्दर कविता

30 सितम्बर 2015
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.........................................................................................................हरी-भरी वादियाँ, बर्फीली चोटियाँ, कल-कल करती नदियाँ, मोहक जीव-जन्तुओं की सपनीली दुनिया तथा बेहतरीन औद्योगिक एवं शैक्षणिक परिवेश को समेटे हुए सुन्दर, शांत, हरित, स्वच्छ, सुरक्षित एवं साक्षर देवभूम

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हनीमून डेस्टिनेशन : जीवन के सबसे सुखद पलों का खुशनुमा अहसास

7 अक्टूबर 2015
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हनीमून डेस्टिनेशन...यानि...जीवनके सबसे सुखद पलों का खुशनुमा अहसास...रोमांस एवं प्यार से सराबोर कुछ अन्तरंगलम्हों को ताउम्र सहेजने हेतु हर नव-विवाहित युगल की बेशकीमती सौगात...मोहब्बत कीखुशबू से लबरेज़ अपने हमसफ़र के साथ जनम-जनम के लिए बंधे डोर को मजबूत करने एवं एकख़ूबसूरत रिश्ता बनाने का सुनहरा अवसर...क

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कतर्नियाघाट वन्य-जीव अभ्यारण्य : अद्भुत एवं अभिनव आकर्षण

8 अक्टूबर 2015
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अपेक्षाकृतकम लोकप्रिय परन्तु अद्भुत एवं अभिनव पर्यटन आकर्षण यह वन्य-जीव अभ्यारण्य उत्तरप्रदेश के बहराइच जनपद के तराई क्षेत्र में नेपाल सीमा के समीप स्थित है, जो दुधवाटाइगर रिज़र्व का एक हिस्सा है| ३१ मई, १९७६ में स्थापित इस अभ्यारण्य को ६प्रखंडों में बांटा गया है| ४ प्रखंड कतर्निया, निशानगारा, मुर्थि

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अनोखे हांगकांग का अविस्मरणीय सफ़र

9 अक्टूबर 2015
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हांगकांगचीनी-गणराज्य का एक स्वायत्त-प्रशासकीय क्षेत्र है, जिसकी अपनी पृथकमुद्रा-प्रणाली, प्रवासी-कानून तथा कस्टम एवं न्याय-पद्धति है| यह संसार केमहत्वपूर्ण व्यापारिक एवं बड़े बैंकिंग केन्द्रों में से एक है, जहां की विशिष्टभौगोलिक दशा तथा व्यापारिक एवं राजनैतिक स्थिति के कारण आज इसे “चीन काप्रवेश-द्वा

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सुंदरबन है भारत के राष्ट्रीय-पशु का सबसे बड़ा घर

16 अक्टूबर 2015
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सुंदरबनदक्षिण-२४ परगना जिले के अंतर्गत आता है, जो भारत के पश्चिम बंगाल राज्य काक्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा तथा जनसंख्या के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा जिला है| इस जिले का मुख्यालय अलीपुर है | दक्षिण-२४ परगना जिला अलीपुर सदर, बरुईपुर,कैनिंग, डायमंड हार्बर तथा काकद्वीप नामक ५ सब-डिविजनों में बंटा है |

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मुंबई नाईट-लाइफ : जिसमें रात जागते हुए गाती है

20 अक्टूबर 2015
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संगीतकी तेज धुनों पर ऊर्जा से भरे लम्हों में पसीने से तर-बतर बदन और लहराते हुए जामके लिए पब तथा बार से अच्छी जगह कोई और नहीं है, जहां नाईट-लाइफ अपने पूरे शबाब परहोती है | मुम्बई शहर की तो हर बात निराली है, जिसमें यहाँ की रंगीन नाईट-लाइफ केजादू का कहना ही क्या ?मुंबईमें व्यक्ति रात को सोता नहीं, बल्क

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भारतीय पुरातन परंपरा का जीवंत एवं प्रवाहमयी संगम : अर्धकुंभ-2016 (हरिद्वार)

1 जनवरी 2016
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नव-वर्षके नव-श्रृंगार भरे माहौल में मन के मेले का आगाज़ हो गया है | जी हाँ, धर्मनगरी हरिद्वारमें में हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ 1 जनवरी से आरम्भ हो गया है अर्धकुंभ-2016का जो 30 अप्रैल तक समाप्त होगा | मान्यतानुसार पौराणिक समुद्र-मंथन के बाद निकले दिव्यअमृत की बूँदें पृथ्वी पर 4 स्थलों- प्रयाग (इलाहा

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शक्तिपीठ है हरिद्वार स्थित माया देवी मंदिर

2 जनवरी 2016
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हरिद्वार रेलवेस्टेशन के बिल्कुल समीप ही अवस्थित है माया देवी मंदिर | यह पावन स्थल मां शक्ति(देवी दुर्गा) के दिव्यचमत्कारिक 52 शक्तिपीठों में से एक है, जहां हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी माया विराजमानहैं | लगभग 11वीं शताब्दीपुराने इस मंदिर के बारे में यह प्रचलित मान्यता है कि यहाँ देवी सती का ह्रदय एव

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क्या कभी आपको भी ऐसा लगता है कि कुछ दिनों के लिए सब कुछ छोड़-छाड़कर एकांत में हिमालय या सागर किनारे बहुत दूर निकल जाएँ ??? क्या यह पलायन है अथवा पुन्हः ऊर्जा की अवस्थापना ???

4 जनवरी 2016
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रानीखेत स्थित झूला देवी मंदिर स्थापना का महात्म्य

7 जनवरी 2016
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काठगोदाम से लगभग 78 किलोमीटर,नैनीताल से लगभग 55 किलोमीटर और अल्मोड़ा से लगभग 40 किलोमीटर दूरस्थित अल्मोड़ा जिले में स्थित हिल स्टेशन रानीखेत की नीरव सुन्दरता हर किसी को यहाँसहज ही खींच लाती है| कुमाऊँ रेजिमेंटल के मुख्यालय रानीखेत के प्राकृतिक गोल्फकोर्स को यूं तो आपने विवाह जैसी बहुत सारी फिल्मों में

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कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व स्थित गर्जिया माता मंदिर की महिमा

9 जनवरी 2016
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देवीदुर्गा का अन्य प्रतिरूप मां गर्जिया का यह पवित्र मंदिर विश्वप्रसिद्ध कॉर्बेटटाइगर रिज़र्व के मनोरम वन्य-क्षेत्र में स्थित है | कॉर्बेट का प्रवेश-द्वार रामनगरक़स्बा जो नैनीताल जनपद का हिस्सा है से इस मंदिर की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है | उल्लेखनीयहै कि नैनीताल से लगभग 63 किलोमीटर दूर रामनगर से कॉर्बे

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पहाड़-बादलों के मिलन से दिखता है यहाँ स्वर्ग सा नज़ारा

18 जनवरी 2016
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संसार में बहुत सारे ऐसे स्थल हैं जो स्वर्ग सरीखे लेकिन अति रहस्यमय औरआश्चर्यजनक हैं| ऐसे ही स्थलों में शुमार है रहस्यमय देश चीन के यून्नान प्रांत के झंगजियाजी क्षेत्र में स्थित तियांजी माउंटेन| मार्बलके पत्थरों वाला तियांजी माउंटेन ऐसा स्थल है जहां बादलों का बसेरा है| वास्तव में आस-पास मौजूदजंगल और

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नैनीताल घूमें तो शक्तिपीठ नैना देवी मंदिर का दर्शन अवश्य करें

18 जनवरी 2016
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विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल सरोवर नगरी नैनीताल में यूं तो बहुत सारे पर्यटनआकर्षण हैं| लेकिन महत्वपूर्ण बात है कि इस स्थल के धार्मिक एवं पौराणिक महिमा से बहुतसारे लोग आज भी अनभिज्ञ हैं| उल्लेखनीय है कि नैनीताल अपनी प्राकृतिक सुन्दरता हीनहीं वरन देवी शक्ति के 52  शक्तिपीठ स्थलों में से भी एक पावन स्थल ह

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150 करोड़ का गांधीनगर स्थित हाईटेक 'महात्मा मंदिर'

30 जनवरी 2016
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अहमदाबाद के साबरमती आश्रम की तर्ज पर गुजरात की राजधानी गांधीनगर में नव-निर्मित“महात्मा मंदिर” भी सैलानियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। उल्लेखनीयहै कि लगभग 34 एकड़ में बना यह मंदिर करीब 150 करोड़ रुपए की लागत से बना है जिसके निर्माण मेंलगभग डेढ़ साल का वक्त लगा है। वर्ष 2012 में

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हरिद्वार का सिद्धपीठ चंडी देवी मंदिर

1 फरवरी 2016
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चंडीदेवी मंदिर देवभूमि उत्तराखण्ड की धार्मिक नगरी हरिद्वार जिसे धर्मनगरी औरकुंभनगरी भी कहते हैं में नील पर्वत के शिखर पर विराजमान है चंडी देवी मंदिर| इनदिनों यूं भी हरिद्वार में अर्ध-कुंभ मेला चल रहा है| इसलिए अगर आप अर्ध-कुंभ में हरिद्वारजा रहे हैं तो यहाँ हर की पैड़ी में पवित्र स्नान के साथ ही देवी

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जानें महिमा हरिद्वार स्थित सिद्धपीठ मां मन्शा देवी मंदिर की

2 फरवरी 2016
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देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक शहर हरिद्वार मेंइस समय अर्धकुंभ का मेला चल रहा है| अर्धकुंभ में अगर आप भी हरिद्वार जाने वाले हैंतो हर की पैड़ी में गंगा स्नान एवं आरती के साथ ही यहाँ मां मन्शा देवी मंदिर कापावन दर्शन करने भी अवश्य जाइए जहां निश्चय ही आपको आध्यात्मिक शांति मिलेगी|बिल्व पर्वत पर विराजमान ह

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भारतीय व्यंजनों का सफ़र / प्रस्तावना

12 अप्रैल 2016
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आहार मानव-जाति की मूलभूत आवश्यकता है | यह संस्कृति की सबसे अधिक महत्वपूर्ण पहचान है, जो भौतिक सुखों की सबसे आदिम अवस्था भी है | आहार के संबंध में भारतीयों की एक खास पहचान है | संसार के भिन्न-भिन्न लोगों की पसंद के सम्बन्ध में भारतीय व्यंजनों का वैसे भी कोई जोड़ नहीं है | संसार का शायद ही ऐसा कोई देश

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भारतीय व्यंजनों का सफ़र / सिक्किम के व्यंजन

12 अप्रैल 2016
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पहाड़ी राज्य सिक्किम अपने विशिष्ट प्रकार के व्यंजनों के लिए जाना जाता है | सिक्किमी व्यंजन अत्यंत अनोखे व्यंजन हैं क्योंकि इन व्यंजनों में न केवल भारत के अन्य राज्यों का अभूतपूर्व मेल दिखाई पड़ता है बल्कि पड़ोस के अन्य देशों के विविध व्यंजनों की छाप भी सामान्य रूप से मिलती है | भारतीय पाक कला शैली से त

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भारतीय व्यंजनों का सफ़र / लज़ीज़ शाकाहारी सिक्किमी-मोमोज बनाने की विधि

12 अप्रैल 2016
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सामग्री : मोमोज के लिए (200 ग्राम मैदा, 1 टेबल-स्पून घी या तेल, 1/5 टी-स्पून बेकिंग पाउडर, नमक स्वादानुसार), भरावन के लिए (2 प्याज, 8 कली लहसुन, 2 शिमला मिर्च, 1 टेबल-स्पून बंदगोभी, 2 गाजर, कद्दूकस की हुई आधा कटोरी हरी मटर, 100 ग्राम पनीर, 1 टेबल-स्पून घी या तेल, 1/4 स्पून काली मिर्च, 1 चुटकी लाल मि

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मरुस्थल में नखलिस्तान है माउंट आबू जो राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन है

27 अप्रैल 2016
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गर्मियों के दिनों में राजस्थान घूमने की बात करें तो आप जरूर हसेंगे कि गर्मी में पहाड़ के बजाय मरुस्थल की बात करने वाला शख्स शायद बावला है| लेकिन यह बात बिल्कुल दुरुस्त है क्योंकि राजस्थान में भी अरावली पर्वतों की गोद में एक बेहद लोकप्रिय पहाड़ी शहर ( हिल स्टेशन ) बसा है जिसे राजस्थान के इकलौते हिल स्ट

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