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जीवन की अनबूझ पहेली !!!

22 दिसम्बर 2015

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ऐसा क्यों होता है कि जीवन में परेशानियाँ एक साथ ही आती हैं ? सुख के क्षण गिनती के जबकि दुःख के पल पहाड़ जैसे होते हैं ? इंसान अन्तः शक्ति कहाँ से और कितनी लाये ???
मदन पाण्डेय 'शिखर'

मदन पाण्डेय 'शिखर'

<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0in;margin-bottom:.0001pt;line-height:33.0pt;mso-layout-grid-align:none;text-autospace:none"><span lang="HI" style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;mso-ascii-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-hansi-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;color:black;mso-bidi-language:HI;mso-ansi-font-weight:bold">दुःख वो अनुभूति है,</span><strong><span style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-bidi-font-family:Mangal;color:black;mso-bidi-language:HI"><o:p></o:p></span></strong></p><p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0in;margin-bottom:.0001pt;line-height:33.0pt;mso-layout-grid-align:none;text-autospace:none"><span lang="HI" style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;mso-ascii-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-hansi-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;color:black;mso-bidi-language:HI;mso-ansi-font-weight:bold">जिसे होता है वही सहता है,</span><strong><span style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-bidi-font-family:Mangal;color:black;mso-bidi-language:HI"><o:p></o:p></span></strong></p><p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0in;margin-bottom:.0001pt;line-height:33.0pt;mso-layout-grid-align:none;text-autospace:none"><span lang="HI" style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;mso-ascii-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-hansi-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;color:black;mso-bidi-language:HI;mso-ansi-font-weight:bold">वही साहस पैदा करता है,</span><strong><span style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-bidi-font-family:Mangal;color:black;mso-bidi-language:HI"><o:p></o:p></span></strong></p><p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0in;margin-bottom:.0001pt;line-height:33.0pt;mso-layout-grid-align:none;text-autospace:none"><span lang="HI" style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;mso-ascii-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-hansi-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;color:black;mso-bidi-language:HI;mso-ansi-font-weight:bold">और &nbsp;वही हल ढूंढता है,,,,,,,</span><strong><span style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-bidi-font-family:Mangal;color:black;mso-bidi-language:HI"><o:p></o:p></span></strong></p><p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0in;margin-bottom:.0001pt;line-height:33.0pt;mso-layout-grid-align:none;text-autospace:none"><span lang="HI" style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;mso-ascii-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-hansi-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;color:black;mso-bidi-language:HI;mso-ansi-font-weight:bold">लेकिन अपना -अपना नसीब है,</span><strong><span style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-bidi-font-family:Mangal;color:black;mso-bidi-language:HI"><o:p></o:p></span></strong></p><p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0in;margin-bottom:.0001pt;line-height:33.0pt;mso-layout-grid-align:none;text-autospace:none"><span lang="HI" style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;mso-ascii-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-hansi-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;color:black;mso-bidi-language:HI;mso-ansi-font-weight:bold">कोई इससे उबर जाता है...</span><strong><span style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-bidi-font-family:Mangal;color:black;mso-bidi-language:HI"><o:p></o:p></span></strong></p><p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0in;margin-bottom:.0001pt;line-height:33.0pt;mso-layout-grid-align:none;text-autospace:none"><span lang="HI" style="font-size:12.0pt;font-family:&quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;mso-ascii-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;mso-hansi-font-family:&quot;Kruti Dev 040 Wide&quot;;color:black;mso-bidi-language:HI;mso-ansi-font-weight:bold">कोई सारी उम्र भर ढोता है,</span><stron

30 जनवरी 2016

योगिता वार्डे ( खत्री )

योगिता वार्डे ( खत्री )

सचमुच जीवन एक अनभुझ पहेली है पर क्या हम जीवन को समाज पायें है ... वास्तविक मैं जीवन क्या है उसका उद्देश्य क्या है ओर कयीं सवाल जिनसे हमें ऊपर सोचना होगा कयीं लोग इनहि बातों को लेकर उलझे रहते है या हमेशा निराश रहते है की मेरे गुज़रे हुए कल मैं क्या हुआ था ओर भी बीती हुई घटनाओं के बारे मैं सोच कर चिंतित रहते है ... अब जीवन को समझना आवयक है जीवन कीं &nbsp;पहेली को &nbsp;बुझना तो मानव एक अकेला एसा प्राणी है जों हंस सकता है बोल सकता है ओर सभी गतिविधियाँ जो ओरों से अलग है एसके लिए हमें भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए ओर ख़ुश होना चाहिये ... ओर मानव जीवन मैं दुःख के पल पहाड़ जेसे नहीं होते कहीं ना कहीं उसके ज़िम्मेदार हम लोग ही है अगरजीवन मैं सिर्फ़ ख़ुशियाँ पानी है तो हमेशा &nbsp;मुस्करते रहिये ओर सबको ख़ुशियाँ देते रहिये देखना आपका जीवन बदल जाएगा .... ओर एंसान अनंत शक्तियों का मालिक है उसे कहीं से लाने की ज़रूरत नहीं है वो उसे उसके अंदर ही मिलेंगी बस एक बार ये समज आ जाये के एसे पाना केसे है ... धन्यवाद

23 दिसम्बर 2015

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रचनाएँ
chandreshvimlatripathi
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आपके किसी भी दिन की शुरुआत ज़िन्दगी से जुडी किसी कहानी, विचार, घटना या बेबाक बात से ।
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श्री गणेशाय नमः (कहानी शुरू होती है.......)

18 सितम्बर 2015
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अनगिनत ख्वाबों को दिल में संजोये जब वो अपने शहर से निकला था, तो उसकी आँखों में झिलमिल से सपने थे । वाबस्ता थीं उसकी हर सांसें उच्चश्रृंखल से श्वास के । दूर शहर में उसको फिर से अपने घर का शहर सजाना था । पर जिस शहर में पढ़कर कभी पलट कर न आने के बारे में सोचा था, आज फिर उसी शहर ने ही उसको दस वर्षों तक अ

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छूना है लेखनी का आसमां

7 अक्टूबर 2015
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                      सपने...जीने की राह |अर्थात् अपनों एवं स्वयं के लिए बहुत कुछ करने की तमन्ना | सपने ही तो थे, जिनमेंमैंने ना जाने कितनी कहानिओं, कितने किरदारों को मन-मुताबिक़ जीया है और आज भी अपनीहर अगली मंजिल तक और इसके बाद शायद अनंत तक हर चरित्र को जीये जाते रहना है | अपनीसीधी-सादी मां के बुलंद

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ज़रूरत स्वच्छता क्रांति की ....

8 अक्टूबर 2015
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सदियाँ बदल गईं परहिंदुस्तान की सीरत व आत्मा वही है| ख़ालिस शुद्ध| लेकिन देश के लगभग हर शहरों में धरातलपर यानी प्रत्यक्ष, वो शुद्धता नहीं दिखती| हालांकि स्वाधीनता संग्राम से शुरू हुआक्रांति का सिलसिला हिंदुस्तान में बदस्तूर जारी है| क्रांति के राष्ट्र की उपाधि वालेइस देश की कालजयी क्रांतियों में हरित,

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शिक्षकों के नाम, लिंकन की प्रेरक पाती

9 अक्टूबर 2015
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प्रिय शिक्षक मित्रों,बच्चों को सिखाना होगा| मुझेपता है कि आप सभी इसे सहजता से स्वीकार नहीं करेंगे| लेकिन बच्चों को पुस्तकों कीदुनिया से रूबरू कराते हुए उन्हें आसमान में उड़ती चिड़ियों, उजाले में घूमतीमधुमक्खियों तथा हरी-भरी पहाडी में खिले फूलों में निहित शाश्वत अर्थ को समझने केलिए शांति के साथ चिंतन-म

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माता का भक्तों को बुलावा, आ गए शारदीय नवरात्र

13 अक्टूबर 2015
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शरणागत दीनार्त परित्राण परायने|सर्व स्यारति हरे देवी !नारायणी नमोस्तुते ||शारदीय (आश्विन) नवरात्रोंके पावन शुभारम्भ पर, शब्दनगरी परिवार की ओर से आप सभी के सुखी जीवन हेतु मंगलशुभकामनायें.....हमारी जगत जननी माँ अम्बे से यही कामना एवं प्रार्थना है कि मां अम्बेआप पर सदा यूं ही कृपा बरसाती रहें........ ज

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हंसी के ठहाके लगाइये, टेंशन फ्री हो जाइये !!!

13 अक्टूबर 2015
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<!--[if !supportLists]-->1.       <!--[endif]-->टीचर ने कक्षा में एक बच्चेसे पूछा, टीचर: दहेज किसे कहते हैं? बच्चा: जब कोई लड़का किसी लड़की को जीवन भर झेलने के लिए तैयार हो जाता है। तो इसकेबदले उसे दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को दहेज कहते हैं।  <!--[if !supportLists]-->2.       <!--[endif]-->छोटा स

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“सत्य एवं असत्य के बीच जीत सदा सत्य की ही होती है”

22 अक्टूबर 2015
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                       आज के युग में भगवानश्रीराम के आदर्श विश्व शांति के लिए निश्चय ही वरदान हैं | आज भी हम भगवान श्री राम के आदर्शों पर चलनेवाले संतान की ही अभिलाषा रखते हैं | वस्तुतः भगवानश्री राम का पूरा जीवन एक सामान्य व्यक्ति के लिए एक पावन ग्रन्थ है, जिसमें सुख-दुःख, संघर्ष इत्यादिमानवीय संवे

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हिंदी ई-बुक्स डाउनलोड करे मुफ्त में | www.Hindiebooks.Ga

24 अक्टूबर 2015
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क्या आप अपने मोबाइल/संगणक पर हिन्दी में किताबे  पढ़ना चाहते है और इंटरनेट या गूगल पर इसे खोजते रहते है?    बेशक जब आप ये हिंदी में लिखी हुई लेख पढ़ रहे है तो साफ जाहिर है की आप अपनी मातृभाषा से बहुत प्यार करते है। कई बार आपको हिंदी किताबे पीडीएफ फॉर्मेट में मिल तो जाती है परन्तु या तो आपको ई-बुक डाउनल

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“शरद-पूर्णिमा की महिमा”

26 अक्टूबर 2015
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             आज शरद-पूर्णिमाका पावन दिन है | ज्ञात हो कि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा “शरद पूर्णिमा”के रूप में मनाई जाती है । शरद पूर्णिमा को “कोजागर पूर्णिमा व्रत” और “रासपूर्णिमा” भी कहा जाता है। कुछ क्षेत्रों में इस व्रत को “कौमुदी व्रत” भी कहाजाता है। धर्म-ग्रंथों के अनुसार इसी दिन चन्द्

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“ गुस्ताख़ी माफ़” (करवा-चौथ स्पेशल)

29 अक्टूबर 2015
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देवी लक्ष्मी कावाहन “उल्लू” एक बार उनसे रूठ गया और बोला,“मां आपकी सभी लोगपूजा करते हैं, मुझे कोई नहीं पूछता”।देवी लक्ष्मीबोलीं,“वत्स, मैतुम्हें आशीर्वाद देती हूँ कि,अब से हर सालमेरी पूजा के विशेष दिन दीवाली से ठीक ११ दिन पहले न केवल तुम्हारी पूजा होगी वरन उसदिन सभी उल्लू पूजे जायेंगे”तब से दीवाली के

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कार्टून देखना बच्‍चों के लिए है नुकसानदायक ; सचेत रहें अभिभावक

4 नवम्बर 2015
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अगर आपका बच्चा टीवी पर कुछ ज्यादा ही कार्टून देखने लगा है और इसका शौक़ीनहोता जा रहा है, तो आपको थोड़ा सावधान होने की जरुरत है | क्योंकि यह लत आपके बच्‍चेके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती है | सूत्रोंके मुताबिक इन दिनों  टीवी पर तेजी से बढ़ रहे कार्टून चैनलों में आने

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डिस्ट्रक्शन-थेरेपी के जरिये तोड़-फोड़ कर भगाइए तनाव

5 नवम्बर 2015
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आज-कल की दुनिया में तनाव का जिक्रही तनाव बढ़ा देता है | इसलिए इससे बचने और इसके बचाव के लिए विश्व भर में तरह-तरहके तरीके अपनाये जा रहे हैं | तनाव भगाने का ऐसा ही नया और अनूठा तरीका है, डिस्ट्रक्शन-थेरेपी| इस अजीबोगरीब थेरेपी को स्पेन में तीन लोगों ने मिलकर शुरू किया था, जिसे अब बहुत सारेदेशों में खूब

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दीवाली यानि रिश्तों की जमा-पूंजी

6 नवम्बर 2015
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त्योहारों का विधानहमारे बड़े-बुजुर्गों या पूर्वजों ने अत्यंत सोच-समझकर ही किया है | इसपरिप्रेक्ष्य में दीवाली का जिक्र खास है | यूं भी मेरे जैसे ही ज्यादातर लोगों कापसंदीदा उत्सव या त्योहार दीवाली ही होगा ! परम्पराओं के अनुसार अधिकतर त्योहारअपने पैतृक या जन्मभूमि पर ही मनाया जाता है | मेरे घर में भी

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“हर पल खोजती ज़िन्दगी के संघर्ष की कहानी”

9 नवम्बर 2015
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 मिलेगी खुशी मुझे भी,पर इंतज़ार रह गया,मेहरबां होगी ज़िन्दगी कभी,पर सिलसिला सा हो गया !किससे कहूं अपनी आशा और उम्मीदका फ़साना?यहाँ तो हर शख्स, मुझसे बेगानाहो गया ।हँसते हैं छुपाकर दर्द, संभालाहै सबका जर्द,पर मिलीं बस तन्हाईयाँ, इल्जामदेकर मुझे बेदर्द ।चाहे कोई कुछ भी कहे, ताने देया हँसे,पर अब तो मेरी ह

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दिलवाले या बाजीराव ?

18 दिसम्बर 2015
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आज रिलीज़ "दिलवाले" और "बाजीराव-मस्तानी" मूवीज़ में कौन सी ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित होगी ?

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वास्तविक प्रेम की परिभाषा ???

19 दिसम्बर 2015
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आपके अनुसार  आज-कल क्या है वास्तविक प्रेम की परिभाषा ?

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करियर का आत्म-मंथन

19 दिसम्बर 2015
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बचपन जो अपनेसपनों में ही मस्त होता है; अगर इन सपनों में आपके करियर का भी एक रंग हो तो वोजुनून बन जाता है | साथ ही अगर आपकी प्रतिभा को शैक्षणिक, सामाजिक और पारिवारिकपरिवेश से भी स्वीकृति, प्रोत्साहन और सम्मान मिले तो फिर शुरू हो जाता है; कुछनया, कुछ अलग और सर्वोत्तम करने का अंतरद्वंद | स्वाभाविक है क

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फिल्म समीक्षा : “बाजीराव-मस्तानी” का सार्वकालिक सन्देश है “मुहब्बत स्वयं में एक मज़हब है” (रेटिंग : 4/5)

21 दिसम्बर 2015
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हिंदी सिनेमा के बेहद प्रतिभाशाली निर्देशकों में से एक संजय लीला भंसाली कीफिल्मों का दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार रहता है, जिनकी फिल्मों में एक-एक दृश्यपर्दे पर जीवन्तता के साथ साकार हो उठते हैं | भंसाली की ताज़ातरीन सिनेमाई उम्दाप्रस्तुति है फिल्म “बाजीराव-मस्तानी...एक योद्धा की प्रेम कहानी” | यह फिल

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जीवन की अनबूझ पहेली !!!

22 दिसम्बर 2015
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ऐसा क्यों होता है कि जीवन में परेशानियाँ एक साथ ही आती हैं ? सुख के क्षण गिनती के जबकि दुःख के पल पहाड़ जैसे होते हैं ? इंसान अन्तः शक्ति कहाँ से और कितनी लाये ???

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कुछ रंगों की कहानी, हिंदी फ़िल्मी गीतों की जुबानी...(नव वर्ष पर विशेष)

24 दिसम्बर 2015
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प्रेम का रंग हो या जीवन का, हर रंग कुछ न कुछ कहता है ! ये बात और है कि इसकेमायने हम सभी के लिए अलग-अलग हो सकते हैं !! बात रंगों की ताजगी और मस्ती की हो औरहिंदी सिनेमा के सदाबहार गीतों का ज़िक्र न आये; ये तो हो ही नहीं सकता !!! तो आइयेनव वर्ष की शुभ बेला के स्वागत में बिना देर किये चलें, उस सफ़र में जह

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नहीं रहीं हेयरकट की स्टाइल आइकॉन एवं बेमिसाल अभिनेत्री “साधना”

25 दिसम्बर 2015
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हिंदी फिल्मों कीमशहूर अभिनेत्री साधना जी का देहावसान हो गया है | सूत्रों के अनुसार आज शुक्रवारका दिन होते ही मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। वे 74 वर्ष की थीं। अपने हेयरकट ‘साधना कट’ की वजहसे “स्टाइल आइकॉन” के रूप में पहचानी जाने वाली हिंदी फिल्मों की प्रख्यात नायिका साधनाजी काफ

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2015 का आख़री ख़त आपके नाम....

31 दिसम्बर 2015
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मेरे प्रिय मित्रोंमै आपका वही पुराना मित्र 2015  हूँ, जिसके साथ आपने एक-एक पल बांटे थे | आज मेरा आख़री दिन है इसलिए आप सभी कोमेरा आख़री बार सादर नमन ! क्योंकि आज रात 12  बजे के बाद मै इतिहास बन जाऊंगा; किसीके लिए सुनहरी याद बन जाऊंगा तो कोई मुझे बुरे दिनों के लिए कोसेगा | लेकिन आप हीबताइये इसमें मेरा

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कार्टून देखना बच्‍चों के लिए है नुकसानदायक ; सचेत रहें अभिभावक

31 दिसम्बर 2015
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अगर आपका बच्चा टीवी पर कुछ ज्यादा ही कार्टून देखने लगा है और इसका शौक़ीनहोता जा रहा है, तो आपको थोड़ा सावधान होने की जरुरत है | क्योंकि यह लत आपके बच्‍चेके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती है | सूत्रोंके मुताबिक इन दिनों  टीवी पर तेजी से बढ़ रहे कार्टून चैनलों में आने

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मंगलमय हो 2016…….

1 जनवरी 2016
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“शब्दनगरी संगठन” की ओर से आप सभीको नव-वर्ष-2016 की दिली-मुबारकबाद !!!

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“मोहे रंग दो लाल” गीत ने दिया आज के दौर को भी मान

7 जनवरी 2016
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अगर आपने संजय लीला भंसाली की ताजातरीन बेमिसाल सिनेमाई प्रस्तुति फिल्म“बाजीराव-मस्तानी” को देखा होगा तो आपने “मोहे रंग दो लाल” गीत को जरुर सराहा होगा| मौजूदादौर के गीत-संगीत पर यूं तो बहुत सारी बातें कहीं जाती हैं लेकिन ऐसा नहीं है किइस दौर में अविस्मरणीय गीतों का सृजन ही नहीं हो रहा| इस बात को ठोस आ

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बड़े-बूढ़ों को दें प्रेम-सम्मान भरा साथ, बनें इनके मजबूत पांव-हाथ

8 जनवरी 2016
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लोककथा है कि किसी समय एक धनाड्य परिवार में एक दंपति ने अपने इकलौते बेटे कोमिट्टी खोद कर उसमें मिट्टी के पात्र “भरुई” (लोटा) और “परई” (कटोरा) को दबाते हुएदेखा और आश्चर्य से पूछा बेटे ये क्या कर रहे हो ? बेटे ने अपने पिता-माता को जवाबदिया| ध्यान से देखिये आप लोग, यह वही चीजें हैं जिनमें आप लोग दादा जी

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सुविचार !!!

14 जनवरी 2016
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वर्ष के पहले सबसे बड़े त्योहार ‘मकर संक्रांति’ के उत्साह में डूबा भारत

14 जनवरी 2016
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भारतीय पर्वों में मकर संक्रांति ही संभवतः एक ऐसा पर्व है जिसका मनाया जाना सूर्यकी गति पर निर्भर है | इसी कारण मकर संक्रांति प्रतिवर्ष 14 जनवरी को पूरे देश मेंभिन्न-भिन्न नामों मसलन असम में बीहू, तमिलनाडु में पोंगल, पूर्वी उत्तर प्रदेशएवं बिहार-झारखण्ड में खिचड़ी, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक वकेरल

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देश की आन, बान और शान है सेना (भारतीय सेना दिवस पर विशेष)

15 जनवरी 2016
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ज्ञातव्य हो कि 15 जनवरी 1949 को ब्रिटिश प्रमुख सर फ्रांसिस बुचर ने भारतीयसेना के कमांडर-इन चीफ का पद लेफ्टिनेंट जनरल के.एम.करियप्पा को सौंपा था। भारतीयसेना की कमान पूरी तरह से मिलने के उपलक्ष्य में ही हर वर्ष 15 जनवरी को भारतीयसेना दिवस मनाया जाता है| आज भारत अपना 68वां सेना दिवस मना रहाहै। पूरे विश

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“सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुड़ाऊं, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं||”

16 जनवरी 2016
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पटना साहिब (पटनाशहर) में वर्ष 1666 में जन्मे सिखों के 10वें गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी की आज 348वीं जयंती है| ज्ञातव्य है कि देश में मुगल शासनकाल में हिंदुओं के जबरन धर्मांतरणके खिलाफ अपने जान की कुरबानी देने वाले गुरु तेगबहादुर के पुत्र गुरु गोबिंद सिंहजी ने अपने जीते जी कभी भी मुगल शासकों से हार नही

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सुविचार !!!

18 जनवरी 2016
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रूठे सुजन मनाइए जो रूठे सौ बार, रहिमन फिरि-फिरि पोईये टूटे मुक्ताहार |अर्थात अच्छे लोग भले ही सौ बार रूठ जाएँ, उन्हें हर बार मना लेना चाहिए | जिसप्रकारमाला टूटने पर मोतियों को धागे में वापस पिरो लिया जाता है |

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जब हनुमान जी ने भीम का घमंड किया था चूर

18 जनवरी 2016
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सर्व विदित है कि पांडवों को जुए में हारने के बाद बारह वर्ष का अज्ञातवासभोगना पड़ा था| अज्ञातवास के दौरान एक बार सभी पांचों भाई और द्रौपदी घने जंगलोंमें भटक रहे थे। भटकते हुए वे कैलास पर्वत के जंगलों में पहुंच गए। उस समय यक्षोंके राजा कुबेर का निवास भी कैलास पर्वत पर ही था। कुबेर के नगर में एक सरोवर थ

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सुविचार !!!

19 जनवरी 2016
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“हिन्दू हृदय-सम्राट” थे “बालासाहेब ठाकरे” (जयंती पर विशेष)

23 जनवरी 2016
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२३ जनवरी १९२६ को पुणे में केशव सीताराम ठाकरे के यहाँ जन्म लिया बालासाहेबकेशव ठाकरे ने जिन्हें उनके अनुयायी “हिन्दू हृदय-सम्राट” कहते हैं|  भारत के महाराष्ट्रप्रदेश के प्रसिद्ध राजनेता थे जिन्होने शिव सेना के नाम से एक प्रखर हिन्दूराष्ट्रवादी दल का गठन किया था। उन्हें लोग प्यार से बालासाहेब भी कहते ह

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67 वें गणतंत्र दिवस की पूर्व-संध्या पर “शब्दनगरी” की तरफ से सभी देशवासियों को सहृदय बधाई!!!

25 जनवरी 2016
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छोटी लेकिन बड़ी बात (सराहनीय पहल) !!!

25 जनवरी 2016
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आपने भी ये बातजरुर गौर की होगी| जब भी आप एक विशेष मल्टीप्लेक्स-नेटवर्क में कोई मूवी देखनेजाते हैं तो फिल्म की शुरुआत में ‘एक विशिष्ट धुन-गीत’ प्रस्फुटित होता है “जन गणमन अधिनायक जय हे! और पूरा परिवेश “राष्ट्र-गान” के सम्मान में बिना कहे खड़े होकर “राष्ट्र”को नमन करते हुए अपनी नस-नस में सहज ही गर्वानु

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शब्दनगरी की तरफ से अपील !!!

27 जनवरी 2016
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शब्दनगरी कीप्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने एवं इसके लेखकों को हतोत्साहित करने हेतु कुछ अराजक विरोधीतत्वों द्वारा हमारे लेख-रचनाओं पर अश्लील चित्र पोस्ट किये जा रहे हैं| ऐसीस्थिति को ठीक करने हेतु हमारा एडमिन प्रयासरत है| कृपया ऐसी किसी भी पोस्ट पर आप सेनिवेदन है कि इसकी सूचना तत्काल शब्दनगरी को दें| 

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गाँधी जी के सुवचन! (गाँधी-पुण्यतिथि पर विशेष)

30 जनवरी 2016
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आज बापू की पुण्यतिथि पर उन्हेंपूरे देश की भावभीनी श्रधांजलि!! आइये राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी के शाश्वत आदर्शोंपर चलने का संकल्प लें और देश में शांति, सौहार्द्र एवं स्वच्छता का अलख जगायें!!!

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सकारात्मक सोच !!!

1 फरवरी 2016
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सुविचार !!!

2 फरवरी 2016
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कब्ज़ से हैं परेशान तो आजमाइये ये नुस्खे

2 फरवरी 2016
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नींबू का रस पाचन-तंत्र को ठीक करता है। इससे शरीर में मौजूद विषाक्त कण निकल जाते हैं। वास्तव में ताजा नींबू पानी सुबह पीने से कब्ज नहीं होती। आप चाहें तो लेमन-टी भी पी सकते हैं। अमूमन पुदीना और अदरक दोनों की चाय बनाकर पीने से कब्ज की समस्या नहीं रहती। वैसे भी अदरक की चाय कब्ज से छुटकारा

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सुविचार !!!

3 फरवरी 2016
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जब बीरबल के पुत्र ने अपनी बुद्धि का लोहा मनवाया

3 फरवरी 2016
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एक बार बादशाह अकबर ने बीरबल से तीनप्रश्न पूछे -1. ईश्वर कहां रहता है? 2. ईश्वर कैसे मिलता है? और 3. ईश्वर करता क्या है? इस पर बीरबल ने कहा कि इन प्रश्नोंके उत्तर वह कल बतायेंगे| यह कहकर बीरबल अपने घर लौट आये। हालाँकि बीरबल इनप्रश्नों को लेकर बहुत अधिक चिंतित थे। बीरबल को चिंतित देख कर जब उनके पुत्र

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सुविचार !!!

9 फरवरी 2016
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सुविचार !!!

10 फरवरी 2016
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आज का अमर चित्र !!! (खूब लड़ी मर्दानी की रचयिता सुभद्रा कुमारी चौहान की पुण्यतिथि १५ फरवरी पर आदरांजलि )

16 फरवरी 2016
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सुविचार !!!

16 फरवरी 2016
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सुविचार !!!

22 फरवरी 2016
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क्यों हैं राधारानी भगवान श्रीकृष्ण की सर्वप्रिया?

23 फरवरी 2016
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देवी राधारानी का नाम भगवान श्रीकृष्ण से पहले क्यों लिया जाताहै? क्यों हर मंदिर में राधा जी ही कान्हा के साथ विराजित होती हैं? इसके पीछेबहुत सारी किंवदंतियाँ और पौराणिक मान्यतायें हैं| कहते हैं कि इन प्रश्नों को एकबार जब नारद जी ने भी भगवान श्रीकृष्ण से पूछा तो उन्होंने कहा कि देवर्षि आप खुदही इस बात

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सुविचार !

24 फरवरी 2016
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अगर ये बजट परीक्षा थी तो मोदी फेल हुए हैं

29 फरवरी 2016
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उल्लेखनीयहै कि रेडियो के अति लोकप्रिय प्रोग्राम मन की बात में श्री नरेन्द्र मोदी नेलोगों से आम बजट को अपनी परीक्षा करार दिया था और इसमें उन्होंने पास होने काआत्मविश्वास भी दिखाया था लेकिन दुःख की बात है कि श्री मोदी जी का यह आत्मविश्वासउन्हें इस परीक्षा में पास नहीं करवा पाया बल्कि मोदी जी इस परीक्ष

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सुविचार !!!

3 मार्च 2016
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मिस्टर परफेक्शनिस्ट एक्टर आमिर खान (जन्मदिन पर विशेष)

14 मार्च 2016
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१४ मार्च, १९६५ को आमिर खान ने मुंबई के बांद्रा के होली फेमिली अस्पताल में एक ऐसे मुस्लिम परिवार में जन्म लिया जो भारतीय मोशन पिक्चरमें दशकों से सक्रिय था| ज्ञातव्य हो कि आमिर के पिता ताहिर हुसैन एक फ़िल्मनिर्माता थे जबकि उनके दिवंगत चाचा नासिर हुसैन एक फ़िल्मनिर्माता के साथ-साथ एक निर्देशक भी थे। गौ

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आज मनाये जा रहे विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर आइये जानें ध्यान रखने योग्य कुछ बातें

15 मार्च 2016
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उपभोक्ताओं की परेशानियां:<!--[if !supportLists]-->-         <!--[endif]-->सेहत के लिए नुक़सानदेह पदार्थ मिलाकर व्यापारियों द्वाराखाद्य पदार्थों में मिलावट करना या कुछ ऐसे पदार्थ निकाल लेना, जिनके कम होने से पदार्थ कीगुणवत्ता पर विपरीत असर प़डता है, जैसे दूध से क्रीम निकाल कर बेचना|<!--[if !supportLis

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पिक्चर ऑफ़ द डे

17 मार्च 2016
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पिक्चर ऑफ़ द डे

23 मार्च 2016
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नव संवत्सर की हार्दिक बधाई !!!

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पिक्चर ऑफ़ द डे !!!

26 मार्च 2016
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कर्टसी : भास्कर.कॉम 

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बातें जिनसे परिवार में रहती है सुख-शांति और प्यार

29 मार्च 2016
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आइये जानें परिवारमें प्रेम और सुख-शांति बनाए रखने हेतु कुछ महत्वपूर्ण बातें:- परिवार मेंप्रेम बनाए रखने के लिए जरूरी है कि अहं का भाव छोड़ दिया जाए, क्योंकि अहं के होते प्रेम नहीं रह सकता और इसके बिना नहींहो सकती है घर में सुख-शांति|- जीवनसाथी औरबच्चों पर पूरा रखें पूरा विश्वास।- परिवार केसदस्यों पर

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कौन हैं भगवान ब्रह्मा विष्णु महेश के माता-पिता

1 अप्रैल 2016
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हम सभी के माता-पिता होते हैं। प्रत्येक मनुष्य के कोई-न-कोई माता-पिता तोहोते ही हैं। तो फिर भगवान के भी माता-पिता होंगे ? तो भगवान के माता-पिताकौन हैं? कभी-कभार ऐसा भी कहा जाता है कि संत भगवान से भी बड़े होते हैं। भगवान संतोंको अपने से भी ज्यादा महत्त्व देते हैं। इसीलिए भगवान श्रीकृष्ण ने संतों के चर

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शुभकामना !

8 अप्रैल 2016
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आज का सुविचार !!!

8 अप्रैल 2016
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मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जी के शुभ जन्मदिन पर हार्दिक बधाई !

15 अप्रैल 2016
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सुविचार !

16 अप्रैल 2016
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सटायर ऑफ़ द डे !

19 अप्रैल 2016
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जैन धर्म के चौंबीसवें तीर्थंकर हैं भगवान महावीर स्वामी (जयंती पर विशेष)

19 अप्रैल 2016
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भगवान महावीर स्वामी जैन धर्म के वर्तमानअवसर्पिणी काल के चौंबीसवें (२४वें) तीर्थंकर हैं| उल्लेखनीय है कि भगवान महावीरका जन्म करीब ढाई हजार साल पहले (ईसा से 599 वर्ष पूर्व), वैशाली के गणतंत्रराज्य क्षत्रिय कुण्डलपुर में हुआ था। भगवान महावीर को 'वीर', 'अतिवीर' और 'सन्मति' भी कहा जाता है। तीर्थंकरमहावीर

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सुविचार

23 अप्रैल 2016
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वह जो हमारे चिंतन में रहता है वह करीब है, भले ही वास्तविकता में वह बहुत दूर ही क्यों ना हो; लेकिन जो हमारे ह्रदय में नहीं है वो करीब होते हुए भी बहुत दूर होता है. चाणक्य

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क्या उत्तर प्रदेश में वास्तव में हाथी चलेगी तो उड़ेगा धूल , ना साइकिल चलेगी ना खिलेगा फूल ???

26 अप्रैल 2016
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पिछले संसदीय चुनाव में अबकी बार मोदी सरकार और जनता माफ़ नहीं करेगी जैसे चुनावी जुमले खूब लोकप्रिय हुए थे | यूं तो हर चुनाव में चुनावी जुमले हिट होते रहे हैं | और जनता भी इसका खूब लुत्फ़ उठाती रही है | यहाँ तक कि कई राजनीतिक पार्टियों की चुनावी वैतरणी तक इन जुमलों से पार तक हो जाती है | गौरतलब है कि दे

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वक़्त की हर शह गुलाम !

28 अप्रैल 2016
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है तो यह फिल्म वक़्त का मशहूर गीत | लेकिन सौ फीसद सच बात है | शुरुआत में जब इंसान को जीवन का अनुभव नहीं होता तो उसे लगता है कि वक़्त उसकी मुट्ठी में है | यौवन में तो ऐसा लगता है वक़्त ना केवल मुट्ठी में बल्कि उसका गुलाम है | फिर अचानक ऐसा पल आता है | ऐसी स्थितियां बन जाती हैं कि सब कुछ मुट्ठी से छूटता 

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लता दी द्वारा साझा किया हुआ विचार

29 अप्रैल 2016
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