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शायरी

27 अक्टूबर 2021

15 बार देखा गया 15

ये माना मेरी जां मोहब्बत नहीं है ,

नज़रों से ना में मुरव्वत नहीं है।। 

जाना है तुम क्या उठाओगे खंजर ,

ऐसा कोई तुमको सोहबत नहीं है।। 

महल में हो बैठे मेहंदी लगाकर,

अदम के लिए वो ग़ुरबत नहीं है।। 

शनावर को डर क्या दरिया में फनां का ,

मुझ पे क्या तुमको अक़ीदत नहीं है।। 

खूंआशाम होकर तैयार हो बैठे ,

"रंजन" का लेकिन तुर्बत नहीं है।। 

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रबिन्द्रनाथ बनर्जी -रंजन- की अन्य किताबें

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शायरी

12 अगस्त 2016
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वो हक़ीक़तों का सहर,वो ख्वाबों के शब् सब हवा ही रह गए,"रंजन" वो तुम न रहे मगर हम,फ़क़त हम ही रह गए वाये !http://www.ghazal-e-ghalib.comhttps://www.ragragini-deewaneranjan.com

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शायरी

13 अगस्त 2016
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कौन कमबख्त कहता है कि वो अपने रंज-ओ-ग़म से परेशां है,सादा "रंजन", वो तो तेरे खुशहाली देख चैन से सोता भी नहीं ! http://www.ghazal-e-ghalib.comhttps://www.ragragini-deewaneranjan.com

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ज़िंदगी

12 नवम्बर 2018
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ज़िंदगी तेरे नाम इक खत भेजा था कभी "रंजन" ने ,जवाब में मौत किसने कह दिया भेजने के लिए !! Dear Music And Literature Lovers,You are most welcome to this encyclopaedia of Indian Classical Music. Here you will find the most

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शायरी रंजन की

20 मार्च 2019
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लोग वही राह दिखाते हैं "रंजन' को हरदम,जिस राह पे अक्सर रहजन फिरा करते हैं ! #jahararanjan https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.comDear Music Lovers,You are most welcome to this encyclopaedia of Indian Classical Music. Here you will find the most easiest example of defining RAGAS.The de

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होली मुबारक़

21 मार्च 2019
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मेरे सभी देशवासिओं को होली की हार्दिक शुभकामनाएं. सुख से रहे, आनंद से रहें एवंग स्वस्थ रहें. नमस्कार, जयहिंद !! #ज़हरारंजन https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com Dear Music Lovers,You are most welcome to this encyclopaedia of Indian Classical Music. Here you will

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याद कारोगे

3 अप्रैल 2019
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जब जब सुनोगे मेरा नाम याद करोगे, जब भी याद आएगी वो शाम याद करोगे, अब हम ही न रहे तो क्या कहोगे 'रंजन', मज़ार पे उड़ेंगी मेहँदी की पात पयाम याद करोगे !! #जहरारंजन Dear Music Lovers,You are most welcome to this encyclopaedia of Indian Classical Music. He

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रंजिश

16 अप्रैल 2019
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ताकि अब कभी भी न मुलाकात मुमकिन हो "रंजन ", मुझे जब ज़मीदोज़ देखा , वो ग़र्क़-ऐ-दरिया हो गए !! #jahararanjan https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com

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ज़ुनून

15 जून 2019
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जूनून ने किया किस क़दर ख़ानाख़राब इस हस्ती का "रंजन", मानिंद मजनू अब न तो दर है, न दीवार है न दरवाजा !!https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com Dear Music Lovers,You are most welcome to this encyclopedia of Indian Classical Mus

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एक जीवन

29 जून 2019
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गुड़िया रानी गुड़िया रानी क्या हाल है , ये देखो ना माँ ने अभी दूध पिलाया है । गुड़िया रानी गुड़िया रानी क्या हाल है , ये देखो ना कैसे मैंने बैठना सीखा है । गुड़िया रानी गुड़िया रानी क्या हाल है , ये देखो ना कैसे मैंने चलना सीखा है । गुड़िया रानी गुड़िया रानी क्या हाल है , ये देखो

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कीमत

1 जुलाई 2019
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आज ज़िंदगी की क़ीमत किस क़दर गिर गई है , अफ़सोस नहीं "रंजन" ,लेकिन मौत की गिरी हुई क़दर देख कर जी घबरा रहा है मेरा !!

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Ghazals Of Ghalib

13 जुलाई 2019
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आज हम भी जाते है देखने तमाशा सर पे क़फ़न बांध कर "रंजन" ,उनके हाथ में तेग थी और हमने भी सर झुका दिया महफ़िल में !! https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com

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जमाना

29 जुलाई 2019
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एक लतखोर नेता >>>>>हर लात के बाद----नीचे नहीं !! ऊपर चढ़ता ,_____फुटबाल की तरह 000000कमजोर पार्टी की गोलपोस्ट में [[[[[[[घुस गया !!!!!!फिर उसे बीच में रख,,,,,,दोनों पार्टियों ने खूब------लतियाया ??????खेल के अंत में ........जीतने वाले पार्टी ने,.,..,.,.,उस लतखोर को ******

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ग़ालिब

2 अगस्त 2019
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हवस को है निशात-ए कार कया कया, न हो मरना तो जीने का मज़ा कया !!(Ghalib) ------- ہوس کو ہے نشاطِ کار کیا کیا نہ ہو مرنا تو جینے کا مزا کیا -------- havas ko hai nishaa:t-e kaar kyaa kyaa nah ho marnaa to jiine kaa mazaa kyaa.(ghalib) Translation Eagerness has different var

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अदकारा

12 अगस्त 2019
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कभी मुहब्बत-ओ-वफ़ा इस तरफ,कभी अदावत-ओ-ज़फ़ा उस तरफ, 'रंजन' को मकीं का पता तो बता दो,कैसे कैसे किरायेदार है I https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com

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शायरी "रंजन" की

2 सितम्बर 2019
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वही अक्सर ठहरे पानी में डूब जाया करते हैं,जो शनावर दरिया में बेबाक तैरा करते हैं !https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.comhttps://spirituality.ghazalsofghalib.com

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शायरी

2 सितम्बर 2019
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वही अक्सर ठहरे पानी में डूब जाया करते हैं,जो शनावर दरिया में बेबाक तैरा करते हैं !https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.comhttps://spirituality.ghazalsofghalib.com

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तेरे साथ

18 सितम्बर 2019
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कुछ हंसना था कुछ रोना था ए ज़िंदगी तेरे साथ , लिखना था ज़माने को फूलों का पैग़ाम तेरे साथ , इतनी ईमानदारी क्यों दिखाया मौत को किसलिए , "रंजन" को जब जाना होगा मिलेगा क्या तेरे साथ !! https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com https

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डर लगता है

30 सितम्बर 2019
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तस्वीर में खुद के ज़ख्मों को तलाशने में डर लगता है , वो मंज़र वो हादसा याद आता है तो और डर लगता है ,, किस क़दर क़ातिल ने भगा भगा कर मारा था "रंजन",,, ज़ख्म किस हथियार से मिला ये बताने में डर लगता है !! -------- https://ghazalsofghalib.com https

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मुहब्बत

14 नवम्बर 2019
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मौत को नकारकर ज़िंदगी से मुहब्बत कर लिया , क़ातिल को भी जीने को मज़बूर अलबत कर लिया , अब उन्हें महसूस है अपनी कारस्तानी का "रंजन", अब तड़पते हैं जान देने को, जब मुहब्बत कर लिया ।। https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com https://s

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चेहरा

19 जून 2020
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कल तक कहते थे चेहरा मत दिखाना "रंजन",आज कल खुद चेहरा छुपा कर घूमते हैं वो !!

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आधुनिकरण

23 जून 2020
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आधुनिकरण (Modernisation) स्नान घर के दरवाजे, अब, स्विमिंगपूल पर जाकर , खुलते हैं ! मारे शर्म के घुघट , उतर गई है ------ स्विमिंग ड्रेस के सामने ! अब उन्हें इतना पर्याप्त , नहीं लगा !!! स्नान के लिए अब पहनना .. कुछ भी जरूरी नहीं , मीटिंग में . मांग रखा गया !! शायद वे ठीक ह

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आज

18 जुलाई 2020
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ज़िंदगी भीख में नहीं मिलती, ज़िंदगी बढ़ के छीनी जाती है "रंजन", कायरों का जीना भी कोई जीना है सिर्फ कुछ दिन गिनी जाती !! https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com

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आधुनिकरण

21 जुलाई 2020
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आधुनिकरण (Modernisation)स्नान घर के दरवाजे,अब,स्विमिंगपूल पर जाकर ,खुलते हैं !मारे शर्म के घुघट ,उतर गई है ------स्विमिंग ड्रेस के सामने !अब उन्हें इतना पर्याप्त ,नहीं लगा !!!स्नान के लिए अब पहनना ..कुछ भी जरूरी नहीं ,मीटिंग में .मांग रखा गया !!शायद वे ठीक हैं !कपडे के नी

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फैसला

23 जुलाई 2020
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मेरा तुम्हारा फैसला होगा खुदा के सामने, "रंजन", तुमने भी तैग खींच ली हमने भी सर झुका दिया ! https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com

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कबीर दास

5 अगस्त 2020
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कबीरदास की उलटी बानी , बरसे कम्बल भीगे पानी।” (कबीरदास का कहना है, "हर व्यक्ति अपने भीतर सुप्त रूप में विद्यमान समाज प्रदत्त संस्कार रूपी कम्बल ओढ़ा हुआ है, जिसमे कई जन्म के संस्कार हैं। जब ये भक्ति रूपी संस्कार के कम्बल बरसतें हैं, अर्थात जीवन में सक्रीय व क्रियाशील हो

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चीनी मिटटी के पुतले

19 अगस्त 2020
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चीनी मिटटी के पुतले, चमगादड़, कुत्ते, बिल्ली और कीट पतंगे खाने वाले,दुनिया पर राज करने का सपना देखने वाले,नींद कभी न खुलेगी, थक जायेंगे जगाने वाले। www.sahityasangeet.com

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चिराग

24 अगस्त 2020
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उपरवाले ने हाथ में दे तो दिया है चिरागे ज़िंदगी "रंजन", कुछ तो मेहनत करना ही पड़ेगा गर जिन्न को बुलाना है। https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com

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रहनुमाँ

20 मार्च 2021
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मेरे रहनुमा लो मै फिर से आ गया खोंज में तेरे ,फिर से तूने मुझे गलत मंजिल पे क्यूँ छोड़ा था !https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.com

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दोस्त

23 मार्च 2021
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दिल से दिल न मिलाया तुमने करम मेरा येही सही मेरे दोस्त ,"रंजन" का हाथ हमेशा मिलेगा तुमको जब समझो मांग लेना !https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.com

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किसके लिये

24 मार्च 2021
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किसी के रोने पर किसी को रोना नहीं आता ,"रंजन" रोता है शायद खुद की किसी बात पर।। https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.com

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ख़याल

25 मार्च 2021
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हर ग़म ही रहा हर दम में मेरे, हर ग़म पे मेरा हर दम निकला ,"रंजन" हर दम की ये खू तेरे कूचे की हर दम ही मेरा हर दम निकला। https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.com

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हकीकत

26 मार्च 2021
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वही हमेशा डूबते हैं ठहरे हुए समंदर में "रंजन",जिन्हे तूफ़ान को अपने वश में रखने का गुरूर हो ।https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.com

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असहाब

27 मार्च 2021
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"रंजन" का सामान था एक चराग ,एक किताब और उम्मीद ,जब वो भी लूट लिया असहाब ने तभी तो एक अफसाना बना !https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.com

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ग़ालिब

27 अप्रैल 2021
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`इशक़ से तबी`अत ने ज़ीसत का मज़ा पायादरद की दवा पाई दरद-ए बे-दवा पाया.(Ghalib)Translation by Rabindranath Banerjee(Ranjan)Through love, my temperament found the flavor of life,It found a remedy of agony and a pain incurable.Interpretation by Rabindranath Banerjee(Ranjan)F

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मंज़िल

10 मई 2021
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मंजिल की तलाश में हर मुकाम को छोड़ता गया ,"रंजन" को फिर मंजिल ने कहीं का ना छोड़ा हैफ़।। https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.com

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कबाड़ी

19 मई 2021
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एहसान मेरे दिल पे रहेगा, रहेगा हमेशा मेरे दोस्त ,"रंजन" को पढ़ने के लिए कबाड़ी तक जाना पड़ेगा।।https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com

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ग़म की ख़लिश

11 जून 2021
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वो ग़म की खलिश फिर से उभर आये तो अच्छा, गर उनकी दुआ में तासीर उतर आये तो अच्छा !

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अमृत वाणि

26 जून 2021
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बुद्धिमान जब कुछ कहते हैं तो उनको कहना होता है . मुर्ख जब कुछ कहते हैं तो उनको सिर्फ कहना होता है .https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com

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नानी

28 जुलाई 2021
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एक व्यक्ति की मृत्यू हो गई, इसका मतलब ये नहीं की वह चला गया. A person is dead, it does not mean he or she has gone.https://www.sahityasangeet.com/Naanee/

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ईदी

6 अगस्त 2021
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क्यूँ आप खफा हैं हमारी ज़िद पे ,क्या ईदी नहीं चाहिए ईद पे ,इतना सिर्फ कहना था आपको "रंजन",मत कीजिये गुरुर अपनी दीद पे !!https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.com

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मजबूरी

23 अगस्त 2021
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<p><a href="https://www.sahityasangeet.com/Dibrugadh/">आवाज-ए-पा है कि झोंका-ए-हवा है फरक क्या पड़ता

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तैराक

25 अगस्त 2021
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<p>वही हमेशा डूबते हैं ठहरे हुए समंदर में "रंजन",</p> <p>जिन्हे तूफ़ान को अपने वश में रखने का गुरूर

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बदनाम

8 सितम्बर 2021
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<p><br></p> <p><br></p> <p><br></p> <p><br></p> <p><br></p> <p>चाहोगे तो भी न भुला पाओगे कभी हम

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साफ़ बात

12 अक्टूबर 2021
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<p>साफ़ बात (Goddamn Right.)</p> <p>थे कहाँ ?</p> <p>जेल में ,</p> <p>गुनाह ?</p> <p>पेट के लिए,<

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वज़न और थकन

18 अक्टूबर 2021
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<p><br></p> <p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d3f

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शायरी

27 अक्टूबर 2021
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<p>ये माना मेरी जां मोहब्बत नहीं है ,</p> <p>नज़रों से ना में मुरव्वत नहीं है।। </p> <p>जाना ह

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हाल

30 अक्टूबर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d3ff742f7ed561c8

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तनहा

9 नवम्बर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d3ff742f7ed561c8

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अध्यात्मिक चिकित्सा

16 नवम्बर 2021
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<p>मित्रों, अगर आप मुंबई में निवास करते हैं , और आपको निःशुल्क आध्यात्मिक चिकित्सा या सेवा की आवश्यक

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चिंतन

30 नवम्बर 2021
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<p>(1) एक बड़ा जूता तब तक नहीं खरीदना चाहिए, जब तक हम अपना पैर बढ़ाना न सीख लें </p>

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सफर का वक़्त

1 दिसम्बर 2021
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<p>सफर के वक़्त सामान कम करता चला गया ,</p> <p>वजन ढोने से और थकान से बचता चला गया ,</p> <p>ज़िन

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रहज़न

6 दिसम्बर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d3ff742f7ed561c8

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भगवान

10 दिसम्बर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d3ff742f7ed561c8

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फल

17 दिसम्बर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d3ff742f7ed561c8

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ग़ज़ल

18 दिसम्बर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d3ff742f7ed561c88

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देवी

20 दिसम्बर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d3ff742f7ed561c8

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स्वर्ग

22 दिसम्बर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d3ff742f7ed561c8

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शुभेच्छा

31 दिसम्बर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d3ff742f7ed561c8

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दर्द

3 जनवरी 2022
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शायद दुनिया कायम है दर्द के रिश्ते पर, कोई नहीं हँसता किसी के गुज़र जाने पर !(रंजन)  https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com 

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