shabd-logo

शापित संतान -भाग 16

21 जून 2023

36 बार देखा गया 36
मैंने अपने घर में बात की तो तुम्हारे नाना,मामा तैयार हो गए और तुम्हें उनके यहाँ पढ़ने भेज दिया गया ,तब तुम्हारे मामा का विवाह न हुआ था पर तुम्हारे मामा के विवाह होते ही ,चेतना ने साफ कह दिया कि मैं किसी किच-किच में न पड़ना चाहती हूँ ,, तुम्हारी बहन की बच्ची की देखरेख, का उत्तरदायित्व मुझसे न उठाया जाएगा ,, उसका टिफिन बनाना,उसे स्कूल के लिए तैयार करना,उसके कपडे़ धोना  ये सब मैं क्यों करूँ!!



तुम्हारे मामा ने चेतना को कुछ भी न बताया था ,, तुम्हारे वहाँ रहने का कारण ,तुम्हारे पापा की हरकतों के बारे में ,, कुछ भी चेतना को न बताया था विशाल ने और माँ और पापा को भी बताने को मना कर दिया था ताकि वो हमारा उपहास न उडा़ए !
चेतना ने अपने हाथ खडे़ कर दिए तो विशाल ने तुम्हें हाॅस्टल में डाल दिया था ।


तुम्हारे पापा इससे भी बहुत चिढे़ हुए थे कि उनको उनकी बेटी से ही दूर कर दिया गया जबकि उनको अपनी आवारागर्दी के आगे सारे रिश्ते तुच्छ लगते थे ।
एक शाम की बात है तुम्हारे बाबा और तुम्हारे पापा के मध्य बहुत भयंकर बहस हो गई ,,, उस समय गीतिका भी यहाँ आई हुई थी ।अपनी बच्ची को वो उसके पापा ,मेरे नंदोई के पास छोड़ आई थी ।
तुम्हारे बाबा ने तुम्हारे पापा से कहा था कि मैंने तय कर लिया है कि मैं अपनी सारी चल व अचल संपत्ति गीतिका के नाम वसीयत कराने जा रहा हूँ ,, मेरे बाद मेरा जो भी है वो सब गीतिका का होगा ।



तुम्हारे पापा ने क्रोध में भरकर तुम्हारे बाबा से कहा - गीतिका का क्यों ? उसका विवाह हो चुका है और उसे उसका हिस्सा दहेज के रूप में आप दे चुके हो और अब जो है उसपर मेरा अधिकार है ,मैं रखूँ या उडा़ऊं ,,इससे किसी को कोई मतलब न होना चाहिए !

गीतिका ने कहा - पापा ऐसा मत कहिए ,मुझे कुछ न चाहिए मगर तुम्हारे बाबा ने कहा कि मैं तय कर चुका हूँ और मैं जो निर्णय ले चुका हूँ होगा वही बस ,, और वो अपने कमरे में चले गए थे ।



दो दिन बीते थे उसके बाद की सुबह मुझे तुम्हारे बाबा घर में कहीं न दिखे ,मैंने गीतिका से पूछा ,, उसने भी कहा कि मैंने भी सुबह से पापा को घर में न देखा ।श्रीनिवास ने भी यही कहा ।थोडी़ देर बाद तुम्हारे पापा ने आकर बताया कि पापा घर छोड़कर कहीं चले गए हैं ।

गीतिका ने घबराकर कहा -" पापा कहीं चले गए !! भाभी पापा कहाँ जा सकते हैं ,,पुलिस में रिपोर्ट लिखवानी होगी 
तो  तुम्हारे पापा ने गीतिका को क्रोध में भरकर कहा -"तुम अपनी तशरीफ ले जा सकती हो ,, तुम्हारा ब्याह हो चुका है न तो अपना घर देखो ,मुझे क्या करना है मैं देख लूँगा ,,तुम्हें सलाह देने की जरूरत नहीं है ,, तुम अपना देखो ।


जो स्वप्न तुम देख रही थीं कि सब तुम्हें मिल जाएगा ,वो स्वप्न देखना छोड़ दो ,, और सीधे अपने घर का रुख करो ,फिर कभी यहाँ मुँह उठाकर मत आना क्योंकि अब तुम्हारे खैरख्वाह पापा भी घर छोड़कर जा चुके हैं ।
और भी जाने क्या -क्या वो बेचारी गीतिका से कहते रहे मैं  तुम्हारे पापा के आगे गिड़गिडा़ती रही कि ऐसा मत कहें मगर उनके आगे मेरी एक न चली और गीतिका रोते हुए ये कहकर घर से चली गई कि मैंने कभी पापा की संपत्ति का लालच न किया ,कभी पापा की संपत्ति पाने के स्वप्न न देखे ,मेरे पति अच्छा -खासा कमाते हैं और ईश्वर की दया से हमें किसी चीज की कोई कमी नहीं है ,,जा रही हूँ मैं अब कभी यहाँ पाँव न रखूँगी । 



कुछ समय बाद तुम्हारे पापा  जब घर से बाहर गए थे तब उनका फोन आया कि मैने पापा को रास्ते में देखा था ,मैं उनके पास जाता उसके पहले उनके साथ दुर्घटना हो गई और वो चल बसे ।तुम्हारे बाबा का शव घर आया तब गीतिका घर आई थी  पर वो बाहर ही रही उसने घर में कदम भी न रखा था ,फिर उसके बाद कभी भी घर न आई।
तुम्हारे बाबा के गुजरने के बाद तो तुम्हारे पापा पूरी तरह स्वतंत्र हो गए और दिन रात आवारागर्दी करने लगे ।तुम्हारे बाबा ने जो महाविद्यालय खोला था ,जिसमें तुम्हारे पापा को वे प्रवेश तक न देते थे उस पर तुम्हारे पापा का स्वामित्व हो गया और जो महाविद्यालय शुचिता के लिए पूरे कानपुर में प्रसिद्ध था वो नकल के अड्डे के लिए बदनाम हो गया क्योंकि तुम्हारे पापा उसमें छात्रों व छात्राओं से मोटी रकम लेकर उन्हें नकल करने की खुली छूट देते थे ........

...वहाँ  अराजक गतिविधियां संचालित होने लगीं थीं जिसके कारण शिक्षा के प्रति प्रेम करने वाले ,अपना भविष्य बनाने का स्वप्न देखने  वाले छात्र व छात्राओं ने वहाँ दाखिला लेने के प्रति मन मोड़ लिया ।
तुम्हारे पापा ने उस महाविद्यालय को क्या से क्या बना दिया है ।" कहते कहते अर्पिता फफक फफक कर रोने लगी ।

शिवा सब सुनकर उदास होकर खडी़ हो गई और अनन्या की माँ का फोटो अपनी माँ की तरफ बढा़कर अपने कमरे में जाने लगी तभी अर्पिता ने उसका हाथ पकड़ कर रोते हुए कहा -" गोलू  इसीलिए मैं तुम्हें कुछ न बता रही थी ,,,,हर लड़की के लिए उसके पापा उसके हीरो होते हैं , मगर तुम्हारे पापा तो ,, " कहते कहते रुक गई और शिवा ने अर्पिता के हाथ पर अपना हाथ रखकर अपने कमरे की तरफ जाते हुए कहा -"मैं सही हूँ माँ ,आप रोइए मत "

इस सबमें रात हो गई थी पर न अर्पिता और न ही शिवा ने खाना खाया था क्योंकि अर्पिता के पुराने घाव ताजा हो गए थे और शिवा की भूख ये सच जानकर मर गई थी ।
इन दोनों के खाना न खाने से श्रीनिवास ने भी खाना न खाया और रसोंई की सफाई करके वो अपने कमरे में चला गया ।
शिवा का मन बहुत भारी हो गया था तो वो अपने कमरे से निकलकर रसोंई के बगल वाले कमरे से होती हुई बाहर निकल गई और वहाँ भारी मन लिए ,सोचते हुए टहलने लगी कि माँ के घाव हरे हो गए ,वो बुरी तरह रोने लगीं तो उनसे उन कमरों में पडे़ तालों के बारे में न पूछकर सही किया मैंने ,, 
उन कमरों की चाभी श्री के पास रहती है ,उसी से पूछूँ कि उन कमरों में ताला क्यों पडा़ रहता है !! अब ये तो साफ हो गया कि उन दो कमरों में से एक कमरा बाबा का व दूसरा गीतिका बुआ का होगा ।.......शेष अगले भाग में।

Papiya

Papiya

👌🏼👌🏼👌🏼

21 सितम्बर 2023

22
रचनाएँ
शापित संतान
5.0
मैं आप लोगों के लिए एक नई कहानी लेकर आई हूँ -'शापित संतान '।मेरी ये कहानी पूर्णतः काल्पनिक है । एक पिता अपनी संतान के लिए हर त्याग करता है मगर जब उसकी संतान गलत राह पकड़ ले तो उसका सुख ,चैन छिन जाता है ,ऐसी संतान शापित संतान ही होती है ।ऐसी ही शापित संतान अपने पुत्र से त्रस्त पिता को क्या क्या सहना पड़ता है वो पढ़कर एक पिता की पीडा़ महसूस करिए मेरी कहानी -'शापित संतान'पढ़कर ।
1

शापित संतान --भाग 1

16 जून 2023
54
27
10

भोर के नौ बजने वाले थे और भगवान भास्कर अपने प्रचण्ड रूप में आकर ग्रीष्म का कहर बरपा रहे थे।शिवा और अनन्या धूप से बचने को अपने अपने सिर दुपट्टे से ढ़के ,रिक्शे के लिए सड़क के किनारे बने फुटपाथ पर खडी़

2

शापित संतान -भाग 2

17 जून 2023
38
24
2

"अच्छा वो सब छोड़ ,,,सुन न शिवा,हमको मिले छह महीने हो गए और हम अभी एक दूसरे के बारे में कुछ न जानते हैं सिवाय इसके कि तू कानपुर और मैं बरेली से हूँ,चल पहले तू अपने बारे में बता फिर मैं अपने बारे में त

3

शापित संतान -भाग 3

17 जून 2023
31
24
2

,,,,, मुझे छोटे से ही जयपुर के हाॅस्टल डाल दिया गया ,जयपुर जहाँ मेरा ननिहाल है , मुझे धुँधला -धुँधला याद है वहाँ माँ मिलने आती थीं और मुझसे मिलने मेरे बाबा भी आते थे ,,,, वहीं मेरी सारी शि

4

शापित संतान भाग -4

18 जून 2023
30
24
2

"वो,,, शिवा अनन्या की तरफ देखकर कहते हुए रिक्शेवाले बाबा से बोली -" बाबा आज वापसी में हमें लेने न आइएगा , हमें काॅलेज में आज समय लगेगा ,कब वापसी हो पाएगी !कह न सकती तो आपको कितने समय बुलाऊँ !!तो हम वा

5

शापित संतान -भाग 5

18 जून 2023
28
24
2

दोनों के मन में प्रश्न थे पर उन्होने उस रिक्शेवाले बाबा से कुछ भी पूछना उचित न समझा ।शिवा ट्रेन में बैठी जयपुर जा रही थी ।जितना ट्रेन आगे बढ़ रही थी उतना ही उसका मन उसको पीछे की ओर खींच रहा था। उसका म

6

शापित संतान भाग -6

18 जून 2023
29
24
3

इंसान अपने भीतर किसी बात का बोझ लेकर कैसे चल लेता है ,,, मन की गाँठें किसी से तो खोलकर अपने मन का बोझ हल्का कर सकता है ,, उसे करना चाहिए वरना उस बोझ के तले सबकुछ दबकर रह जाता है ,, होंठों की हँसी,आँखो

7

शापित संतान भाग 7

19 जून 2023
28
24
1

"कुछ भी !! पर मुझे तो लगता है कि रिक्शेवाले बाबा का कानपुर से कुछ तो नाता है ,, वरना वो ऐसे चौंकते नहीं पर वो कुछ बताते भी तो नहीं !!"शिवा ने कहा और दोनों अंदर प्रवेश कर गईं ।" अनन्या ,शुभ्रा काकी को

8

शापित संतान भाग 8

19 जून 2023
28
24
1

"नहीं ,वो नहीं मैं सोच रही थी कि रिक्शेवाले बाबा कितनी मेहनत करते हैं ,दिन रात रिक्शा खींचते हैं तब जाकर उनके घर चूल्हा जलता होगा ।"अनन्या ने कहा।"हाँ वो तो है पर हम कर भी क्या सकते हैं !!"शिवा बोली।"

9

शापित संतान भाग 9

19 जून 2023
27
24
1

कितनी भीड़ है लोगों की !!मैं कैसे ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दूँगी !!उस आदमी ने सुना तो मेरे पास आकर बोला कि आप मरना क्यों चाहती हैं !! मैंने रोते हुए सब बताया तो वो सुनकर उदास होकर आँसू ब

10

शापित संतान भाग 10

19 जून 2023
27
24
1

शिवा चुपचाप सिर झुकाकर मामा के साथ घर के अंदर चली गई ।नानी उसको देखकर खुश भी हुई और कुछ सोचकर उनकी आँखों के कोर भी भीग गए थे ।वो याद करने लगी - जब वो पिछली बार नानी के घर आई थी तब एक दिन मामा के

11

शापित संतान -भाग 11

20 जून 2023
27
24
1

शिवा की आँखों में धुंधली सी यादें तैरने लगीं-- गोलू,,,, उधर सीढियों की तरफ नहीं,,, उधर गिर जाओगी ! इधर आओ इधर ,,, गोलू ,,, तुमसे से चापाकल न चलेगा ,,, हा हा हा ,,, आ जाओ इधर ,,,, शिवा के मा

12

शापित संतान -भाग 12

20 जून 2023
27
24
1

श्रीनिवास आया और चाय व नाश्ते के जूठे बर्तन ले जाने लगा ।"माँ मैं जाकर पूरा घर देखकर आती हूँ ।"शिवा ने कहा और वो अपने कमरे से निकलकर रसोंईघर देखकर फिर रसोंईघर के बगल वाले कमरे में गई। विशाल रसोंई के ब

13

शापित संतान -भाग 13

20 जून 2023
26
24
1

" माँ बस अभी ही तो आई ! पापा से नमस्ते करने को हाथ जोडे़ मगर पापा ने तो मुझे स्नेह से देखा तक नहीं !! अपनी बेटी से मिलकर लगता है पापा को खुशी न हुई !!" शिवा ने ये प्रकट करते हुए कहा जैसे उसने कुछ सुना

14

शापित संतान -भाग 14

21 जून 2023
26
24
1

शिवा स्नान करके अपने कमरे में आई ही थी कि उसके फोन की घण्टी बजी ।शिवा ने फोन उठाकर कहा -" हाँ अनन्या ,कैसी है तू ?" उधर से अनन्या की आवाज आई -"मैं सही हूँ तू बता तुझे कारण पता चला कि तेरी माँ तुझ

15

शापित संतान -भाग 15

21 जून 2023
26
24
1

शिवा पलटी तो देखा कि पीछे माँ खडी़ थीं और उनके चेहरे पर घबराहट थी ,तभी शिवा को याद आया कि उसने रसोंई के बगल वाले कमरे के भीतर वाले दरवाजे की कुण्डी़ बंद कर दी थी वो अभी खोली नहीं !!"एक मिनट माँ !"कहती

16

शापित संतान -भाग 16

21 जून 2023
26
24
1

मैंने अपने घर में बात की तो तुम्हारे नाना,मामा तैयार हो गए और तुम्हें उनके यहाँ पढ़ने भेज दिया गया ,तब तुम्हारे मामा का विवाह न हुआ था पर तुम्हारे मामा के विवाह होते ही ,चेतना ने साफ कह दिया कि मैं कि

17

शापित संतान-भाग 17

22 जून 2023
26
24
1

सोचते हुए शिवा ने श्रीनिवास के कमरे की तरफ देखा - नित्य की तरह श्रीनिवास के कमरे का दरवाजा उड़का हुआ था और उसके कमरे की लाइट जल रही थी ।ये श्री कमरा बंद कर लाइट जला कर कुछ करता है या इसकी लाइट जलाकर स

18

शापित संतान-भाग 18

22 जून 2023
26
24
1

"हाँ यही करती हूँ फिर तुझे बताती हूँ ,अब सो जा बहुत रात हो गई है ,, शिवा ने कहा और फोन रखकर स्वयं से कहने लगी श्री से कुछ भी करके उन दोनों कमरों की चाभियां लेकर कमरे खोलकर देखूँगी ,, &

19

शापित संतान -भाग 19

22 जून 2023
26
24
1

अनन्या ने कहा और शिवा ने फोन रख दिया और सुबोध चंद्र राव के कमरे के सामने जाकर खडी़ हो गई।श्रीनिवास को होश आया तो वो हड़बडा़कर कमरे से निकलते हुए बाहर आया तो देखा कि शिवा बडे़ सर के कमरे के बाहर ,हाथ म

20

शापित संतान -भाग 20

22 जून 2023
27
23
1

गधे की औलाद, मुझसे प्रश्न करेगा!!चटाआक !! गाल सहलाना छोड़ और कान खोलकर सुन ले मैं जो करने जा रहा हूँ उसमें अगर मेरे साथ रहने में आनाकानी की तो तेरी चमडी़ उधेड़कर कुत्तों को खिला दूँगा,, अब

21

शापित संतान -भाग 21

22 जून 2023
27
24
1

सर ने बडे़ सर को फिर मेरे स्नानागार में बाँध कर रखा और फिर अगले दिन उन्हें लुधियाना जाने वाली बस में बैठा दिया ,, बडे़ सर इस घटना से इतना टूट चुके थे कि उन्होने बिना कोई क्रिया,प्रतिक्रिया किए लुधियान

22

शापित संतान - भाग 22 अंतिम भाग

22 जून 2023
27
24
7

छमिया ये सब देखकर समझ गई कि ये सब भाऊ के घरवाले हैं और भाऊ किसी वजह से अपना घर छोड़कर आए थे और ये लोग उन्हें मनाने आए हैं ।वो बैठे बैठे सब सुनने लगी।"उठो,उठो,उठो,श्रीनिवास।" श्रीनिवास को उठाते हुए सुब

---

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए