shabd-logo

लघु कथा

hindi articles, stories and books related to Laghu katha


अगली सुबह प्रेम जल्दी उठ जाता है और मां के पास जाकर कहता है, "मां, आपको आपके जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई! आप हमेशा खुश रहो और मेरा हमेशा ध्यान रखो।"प्रेम की मां कहती हैं, "बेटा, मैं कब तक तेरा ध्यान रखू

तेरे साथ कितनी हसीन थी ज़िंदगीअब तेरे बिना बस सज़ा है ज़िंदगीतेरे साथ कितने मज़े में थी ज़िंदगीअब तेरे बिना बड़ी बेमज़ा है ज़िंदगीकभी तूने ही संवारी थी मेरी ज़िंदगीफिर क्यों तूने उज़ाड़ दी मेरी ज़िंदग

featured image

प्रेम घर आकर अपने कमरे में बैठा था और सागर के साथ हुई बातचीत के बारे में सोच रहा था। उसे यह अहसास हो रहा था कि सागर सिर्फ एक सख्त बॉस नहीं है, बल्कि उसके अंदर भी संवेदनशीलता और भावनाएं हैं। उधर, सागर

सागर ने मुस्कुराते हुए कहा : "क्या हुआ? अब चुप क्यों हो गए? बताओ कौन अंधा है? लेकिन पहले तुम कार में जल्दी बैठो, नहीं तो और भीग जाओगे।"प्रेम: नहीं सर आप जाओ मैं चला जाऊंगा।  सागर : लगता है त

'ले जाओ मेरे सामने से इस आज़ाद ख्याल लड़की को और सलीमगढ़ के उसी क़िले में कैद कर दो, जहां उसके महबूब ने दम तोड़ा था। और जब तक मेरा हुक्म न हो, इसे बाहर निकलने की इजाज़त न दी जाए।' औरंगज़ेब ने किसी चोट ख

मोनिका ओ माय डार्लिंग, दुनिया में लोगों को धोखा कभी हो जाता है आंखों में आंखों में .... इसी प्रकार के और भी कई अतरंगी गाना सुनते हुए राम और रहीम जो बहुत ही पुराने दोस्त है वह एक कमरे में पार्टी क

एक समय की बात है, जलालाबाद नगर में जलाल खान नाम का एक बादशाह था। वह बहुत पराक्रमी था। उसका प्रेम उसी के नगर में रहने वाली मधुमति नाम की स्त्री से हो गया। जो चन्द्रमा के समान सुन्दर थी। उसकी आंखें हिरन

इश्क क्या है, इस पर बड़े-बड़े कवियों और शायरों ने एक से एक खूबसूरत बातें कही होगी लेकिन इस अहसास को शब्दों में बयान कर पाना बहुत ही मुष्किल है क्योंकि कुछ लोगों के इश्क करने का अंदाज औरों से अलहदा होता

मगध देष में सुकुमार नाम का एक राजा राज्य करता था जिसकी चन्द्रावती नाम की रानी थी। जो अत्यन्त ही सुन्दर और गुणवती स्त्री थी। सम्पूर्ण देष में उसके जैसी सुन्दर कोई अन्य न थी, मानो ब्रह्मा ने उसे अपने हा

मोबाईल में ग्रेट ग्रैण्ड मस्ती फिल्म में षाइनी मेड का सीन देखता हुआ मोन्टी मन ही मन गुदगुदा रहा था और एक्साईटेड होते हुए सोचता है। अगर ऐसी मेड मेरे पास भी होती तो क्या मजा होता! इंस्टा, फेसबुक, व्हाटस

वो पुराने दिन, वो सुहाने दिन जब टीवी घर आया, तो लोग किताबें पढ़ना भूल गए । जब कार दरवाजे पर आई, तो चलना भूल गए । हाथ में मोबाइल आते ही चिट्ठी लिखना भूल गए । जब घर में ac आया, तो ठंडी हवा के लिए पे

featured image

किस्सा है अमरावती का जो की अभी 72-73 वर्ष की है, पर यह किस्सा 2-3 साल पुराना है | किस्सा शुरू करने के पहले अमरावती छोटा सा परिचय जरूरी है | अमरावती के पति राम अमोल पाठक जी एक पब्लिकेशन हाउस के सम्पादक

 (निकु और नीशू दो दोस्त की दोस्ती) (नीकु और नीशू दोनों दोस्त आपस में वार्तालाप कर रहे हैं)निकु - ये बताओ नीशू दोस्त! आज कई दिनों के बाद हम दोनों दोस्त विद्यालय जा रहे हैं। क्या तुमने गृहकार्

दृश्य: जंगल में राजा शेरसिंह की सभा चल रही है सभी जानवर अपनी अपनी जगह पर बैठे हैं तभी बंदर(गोलू) राजा से एक सवाल पूछता है।बंदर(गोलू) : महाराज आपको राजा किसने बनाया? शेर (राजा शेरसिंह) : क्या कहना

एक बार की बात है, एक बहुत ही क्रूर अंग्रेजी शिक्षिका थी जो कि हमारे कक्षा में पढ़ाती थी। वह हमेशा सख्त और अन्यायपूर्ण नियमों के साथ प्रतिष्ठित रहती थी। उसकी कक्षा में पढ़ने का तरीका अनोखा था। वह हमेश

बच्चें मन के सच्चे... बचपन में याद है ….. अब इस तरह का आशीर्वाद कम ही मिलता है….. जब कोई रिश्तेदार व परिवार वाले हमारे घर आते थे तब फल व खिलौने लेकर आते थे और जब उनके वापस लौट

जब बस में सफर कर रहा था...और ड्राइवर के बगल में खड़ा था...इतने में एक महिला ने ड्राइवर से बोला की "भैया" मुझे यहीं उतार दो...ड्राइवर ने उसे उतार दिया और फिर बस चलाते हुए मुझसे कहने लगा की दिनेश जी एक ब

एक बार एक साँप जंगल में घूम रहा था। उसे भूख लगी थी और वह खाने की तलाश में था। तभी उसे एक मकड़ी दिखाई दी। साँप ने सोचा कि उसे यह मकड़ी अपना शिकार बनाएगी। लेकिन मकड़ी बहुत चतुर थी। मकड़ी ने साँप को एक

         एक दफा का जिक्र हैं । किसी दूर दराज के मूल्क में चिल जैसे काले बाल वाला एक बहुत ही खुबसुरत बादशाह रहता था । उस बादशाह के ईमानदारी और दौलत के वजह से उसे बहुत पसंद किया

यह कहानी है एक छोटे से परिवार की जो अपने जीवन के फैसले लेने से पहले यह सोचता है की समाज क्या सोचेगा? उन्हें अपनी खुशियों से ज्यादा समाज की विचारधारा का ध्यान रखना ज्यादा जरुरी लगता था | लेकिन जब  एक प

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए