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लघु कथा

hindi articles, stories and books related to Laghu katha


सानिया अमान के कमरे बाहर आई और उसे दरवाज़ा नॉक किया लेकिन अंदर से कोई आवाज़ नही आई तो वोह दरवाज़ा खोल कर अंदर चली गयी। अंदर आते ही उसकी नज़र ब्लैक ट्रॉज़र और ब्लैक बांयाज पहेने अपनी तरफ पीठ करके खड़े कानो म

"भाई....मेरा...मेरा मतलब था कि वोह टी वी पर आज शो लगने वाला है जिसमे एडुकेशन के बारे में बताया जाएगा ताकि हमे कुछ इन्फॉर्मेशन मिल सके।" नादिया अपनी उंगलिया चटकाते हुए बात बदल कर बोली। "इस टी वी से तुम

दोनों पड़ोसी सरकार को जमकर कोस रहे थे। ये फकीर एक दिन हमको भी कटोरा पकड़वा करके जाएगा। मुझे अपनी दुकान पर काम करने के लिए एक भी नोकर नहीं मिल रहा है। मुझे खुद ही पूरी दुकान सँभालनी पड़ती है। मदन लाल की ब

भाग 2ना ना करते हुए भी उर्वशी खुद ही ले ले कर पांच छह पैग पी जाती है , रोहन ने तो ड्राइवर को पहले ही छोड़ दिया था, वह उर्वशी को पकड़ कर धीरे धीरे बाहर निकलने की कोशिश करता है ,पर उर्वशी तो एक कदम भी आ

भाग 1 रोहन मेहरा की अपनी एक कंपनी है, उसकी एक सुंदर पत्नी है , जिससे अभी कुछ महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी , लेकिन वह थोड़ा मनचला था ,शादी से पहले भी उसके कई रिश्ते थे ,और शादी के बाद उसने अभी तक कोई

पूजा की छोटी बहन उसके घर आयी हुई थी। होली के आसपास का समय था इसलिए जीजा साली में कुछ ज्यादा ही मजाक चलते रहते थे। एक दिन पूजा के पति ने उसकी बहन के साथ ऐसा व्यवहार कर दिया जो उसे पसन्द नहीं आया। उसने

सबसे बड़ा साधक जीवन में अनेक प्रश्न ऐसे आते हैं जिनका उत्तर कहीं नहीं मिलता है । जैसे सबसे बड़ी साधना क्या है ? सबसे बड़ा साधक कौन है ? ऐसे प्रश्नों के उत्तर किताबों में नहीं मिलते हैं , किस्से कहानि

श्रवण ने घर आकर कुछ देर राहत की सांस ली, वह सोफे पर लेटे लेटे सोचता रहा कि उसकी जिंदगी तो जैसे एक दौड़ती हुई गाड़ी बन चुकी थी जब देखो नए नए प्रोजेक्ट्स पर काम करना, न खाने का टाइम न पीने का टाइम, यहां

रोज की तरह आज भी दोपहर  एक बजे ऑफिस में लंच टाइम हो चुका था पर श्रवण अपने केबिन मे हाथ में कोरा कागज और पेन पकड़े न जाने किस उधेड़बुन में था तभी उसके दिल से आवाज आई, “ ये कैसी जिंदगी है, सब

किस्सा है सुरीली दादी का, दिव्या की प्यारी दादी का, दिव्या सालों से दादी से दूर है, दादी वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर है, दिव्या ने माता पिता को टोका था, दादी को वृद्धाश्रम जाने से रोका था, पापा ने आ

कार बाजार में कई पुलिस वाले हर दुकान पर जा जाकर पूछताछ कर रहे थे। वहाँ एक दुकान पर काम करने वाले ने बताया कि कल उसकी बस्ती में भी पुलिस पूछताछ करने आई थी। एक दो लोगों को पुलिस शक के आधार पर पकड़ कर अपन

Name Abhishek jain Insta @ajain_words रेतीला अरमान अरमानों की तर्ज पर  एक घर हमनें भी बनाया है  पसीनों की बूंद को, रेत में मिला एक रेतीला ख्वाब सजाया है  विशाल समंदर किनारे ढलती शाम

दीनानाथ के दो साल के बच्चे को साँप ने काट लिया था। गाँव के सारे लोग मिलकर साँप को लाठी से पीट रहे थे। शायद बच्चे ने साँप की पूँछ पकड़ ली थी या उस पर पैर रख दिया था। जिस कारण साँप ने बच्चे को काट लिया।

एक कक्षा में पेंसिल, कटर व रबड़ पढ़ते थे। पेंसिल ने एक दिन कटर को प्रेम पत्र लिखकर भेजा लेकिन वो पत्र रबड़ के हाथ लग गया। उसने उसमें लिखा सब मिटा दिया। जब कटर के पास वो पत्र पहुँचा तो कोरा कागज देखकर उसे

अरे आ गई हमारी बिट्टो ! शादी वाले ,हमारे इस घर मे असली रौनक अब आई है जब घर की बिटिया अपने घरवाले के साथ विराजी है ! , बड़ी बहू जरा जल्दी से आरती की थाली लाकर कुँवर साहब की और बिटिया की आरती तो उतारो  

ब्रह्म-बेला की मंद-मंद बयार में शीतलता का आभास है।होली को बीते अभी एक सप्ताह ही हुआ है ।रात्रि की कालिमा के चिन्ह अभी पूर्ण रूप से लुप्त नहीं हो पाए हैं । पूर्व दिशा से हल्के प्रकाश की आभा का प्रस्फुट

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एक सुबह आर्यमा अपने काम के लिेये निकलने ही वाली थी कि उसके फोन पर एक मैसेज आया, “मैं आ रहा हूं आज शाम”, आर्यमा मुस्‍कुराने लगी, बादल का मैसेज था। कुछ साल पहले बादल और आर्यमा एक साथ काम कर रहे थ

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एक कहानी जिसे उर्वी ने खुद अधूरा छोड़ दिया, वो  छोड़ आई उसे बहुत पीछे, जिसके साथ चलना उसकी तकदीर थी। अपने एक फैसले की सजा खुद को देती रही उर्वी लेकिन जब उसका अतीत लौटा तो मंजर कुछ और ही हो

अपने नाम के अर्थ के अनुरूप ,अपने में प्रकाश,चमक  आशावादी तथा महत्वकांक्षी जैसे गुणों को  समेटे हुए मैंनें, ईश्वर के आशीर्वाद  से अर्जित अपने ज्ञान के  अंशो को  मन,मस्तिष्क परिस्थिति तथा अनुभव पर आधारि

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आपने कभी कशिश महसूस की किसी चीज की... जिसकी दीवानगी...पागलपन के हद की हो... कोई ऐसा जो सब कुछ भुला दे... किसी की जिंदगी में उसे मिल जाये तो फिर आगे क्या होगा? उसकी सोच समझ और उसके आस पास सब

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