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गुरु ही सफलता का स्रोत भाग:-८

5 अगस्त 2021

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*‼️जय श्रीमन्नारायण‼️*


🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞


*‼️गुरु ही सफलता का स्रोत ‼️*


*भाग ८:-------*


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*गतांक से आगे:----*


*ब्रह्मज्ञान बिनु नारि नर कहहिं न दूसरि बात।*

*कौड़ी लागि लोभबस करहि बिप्र गुर घात।।'*

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*अर्थात:-*

(स्त्री-पुरुष ब्रह्मज्ञान के सिवा दूसरी बात ही नहीं कहते और लोभवश कौड़ी के लिए विप्र और गुरु की हत्या करते हैं।)


*पूज्यपाद श्रीगोस्वामीजी श्रीतुलसीदासजी महाराज ने जो कलियुग का वर्णन लिखा है उसे हम आज देख सकते हैं। आज समाज में 'ब्रह्मज्ञानी' बहुतायत में पाये जा रहे हैं, कोई निरंकारी है, कोई महात्मा है, कोई ब्रह्म ही है- सब 'ज्ञान में चल रहे हैं, ज्ञान की बंसी बजा रहे हैं'। हर किसी को सदा 'ज्ञान' बाट रहे हैं।*


अब देखिये, धर्म की क्रिया में तो परिश्रम है और विधिनिषेध का विचार करना पड़ता है। इसलिए कर्म और उपासना की बात तो बड़ी कठिन है। पर चूँकि अपने आप को धार्मिक भी दिखाना है और धर्म पर तो चलना नहीं है, इसलिए 'ज्ञानी' ही बन जाते हैं- ' *वाक्योच्चार्य समुत्साहात् तत्कर्मकर्तुमक्षमाः।* *कलौ वेदान्तिनो भान्ति फाल्गुने बालका इव।।'* सबसे सरल है कि श्वेत वस्त्र धारण कर लो और ब्रह्मज्ञान कहो। केवल बात ही तो करनी है, भ्रम ही फैलाना है।


आचार आदि का ध्यान रखना नहीं है क्योंकि 'ब्रह्मज्ञानी' के लिये कौन सी रुकावट? बस भक्ति-उपासना आदि पर अनेक कुतर्क करके लोगों को बहकाना है। ऐसे लोग ऊपर से तो महान् ज्ञानी बनते हैं पर भीतर से बड़े ही लोभी और क्रूर होते हैं। जिसके पास धन है उसी के पीछे भागा करते हैं। ये अपने छोटे से लाभ के लिए महान् पाप करने से भी नहीं चूकते हैं, दो पैसे के लाभ के लिए गुरु को ही मार डालेंगे।


श्रीमद्भागवत में भी आया है कि *'कलौ काकिणिकेऽप्यर्थे विगृह्य त्यक्तसौहृदाः। त्यक्ष्यन्ति च प्रियान्प्राणान्हनिष्यन्ति स्वकानपि।।'* (१२|३|४१) अर्थात् कलियुग में बीस संख्यामात्र कौड़ियों के लिए विरोध करके लोग प्रेमरहित बन माता-पिता, भाई, गुरु आदि स्वजनों को मार डालेंगे और अपने प्रिय प्राण भी खो देंगे।

और यह ब्रह्म ज्ञान प्राप्त भी कैसे हो जब तक सद्गुरु ना मिले तब तक ब्रह्म ज्ञान कैसे मिल सकता है शास्त्र, ग्रन्थ, उपनिषदों मैं वर्णन है सिर्फ और सिर्फ गुरु ही हमें मनुष्य से ब्रम्हज्ञानी बना सकते हैं जब चारों वेदों की रचना हुई तो उन चारों वेदों को समझने के लिए उपनिषद बनाए गए 108 उपनिषद की रचना की गई ऋषि ने 108 उपनिषद में भी अपनी पूरी बात नहीं कर पाए उपनिषदों के कारण ही 108 मनके की माला बनी इसी लिए 108 की संख्या शुभ मानी गयी है और सभी उपनिषद में गुरु उपनिषद सर्वश्रेष्ठ माना गया क्योंकि वशिष्ठ ने यह कहा है की:--

*उपनिषदो वै गुरुर्वै सतॉम्यो*

अगर सब कुछ प्राप्त करना है तो गुरु उपनिषद के अलावा कोई ग्रंथ प्रमाणिक नहीं है विश्वामित्र ने इसी प्रकार की बात कही है अत्रि शंकराचार्य आदि ने कहा मैंने अपने जीवन में समस्त ग्रंथों को न छोड़ा है अनुभव किया है और मैं दावे के साथ ही यह कह सकता हूं कि गुरु उपनिषद से बड़ा कोई ग्रंथ नहीं है चाहे ऋग्वेद हो चाहे यजुर्वेद हो चाहे सामवेद हो चाहे अथर्ववेद हो इसलिए नहीं है वेदों को समझने के लिए गुरु की ही आवश्यकता होती है वही समझा सकता है कि वेद क्या है वही समझा सकता है उपनिषद क्या है जीवन क्या है पूर्णता क्या है और मैंने जो इस लोक दिया है वह गुरु उपनिषद का श्लोक है शंकराचार्य जी ने अपने शंकर भाष्य ग्रंथ जोकि उनका सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है जिसका अनुवाद कई देशों की भाषाओं में हो चुका है अमेरिका जर्मन आदि ने भी उसकी तथ्यों को अद्वितीय माना है और वही भाव शंकराचार्य जी ने अपने इस लोक में कहे हैं कि


*सदावै परेशं*

*गुरुर्वै पड़े पूर्ण मदैव नित्यं*

*अचित्यं रूपं सहितं सदैव:*

*आत्मानुभूति परंम परसं परैव*

अर्थात:---

इस श्लोक का अर्थ एक ही है पर वह श्लोक लिखा गया आज से 3000 साल पहले इसलिए 37000 साल तक यह विचार हमारे शास्त्रों में मंथन करता रहा यही जीवन का सत्य है जीवन का आधार है यही जीवन की पूर्णता है ऐसा इस श्लोक में क्या है? क्यों इस श्लोक को इतनी महत्ता दी गई है? इसमें यह बताया गया है कि व्यक्ति अपने आप में पूर्ण है ही नहीं पूर्ण तो प्रभु पैदा करता है जब एक गर्भ में बालक होता है तो वह पूर्ण होता है इसलिए पूर्ण होता है कि बहुत अच्छा अनुभव करता है उस गर्भ में इस श्लोक के भाष्य की बात कर रहा हूं मैं श्री महंत हर्षित कृष्ण आचार्य मेरा मानना है इसका सरलार्थ किया गया उस सरलार्थ की भी सरलार्थ किए गए तब लोगों को कुछ समझ में आया इसका अर्थ बाद में करूंगा अभी भाष्य करता हूं जब बालक गर्भ में होता है तो उसे कैसी सुख सुविधा होती है वह कैसा अनुभव करता है जैसे कोई अमीर आदमी अपने ड्राइंग रूम में बैठा हुआ है इसी लगा है वातानुकूलित कमरा है सोफा इत्यादि पड़े हैं किसी प्रकार की कोई चिंता नहीं है हर सुख सुविधा का ध्यान रखा गया है ठीक वैसी ही सुविधाएं उस गर्भ के बालक को अनुभव होती हैं और जैसे ही वो इस विश्व में पृथ्वी पर जन्म लेता है वह मनुष्य हो जाता है जब तक गर्भ में रहता है तब तक ब्रह्म का साक्षात्कार करता रहता है इसलिए उसको ब्रह्म भी कहा गया है जन्म लेते ही अनेकों मायावी बंधनों में उसको बांध दिया जाता है किसी ने कहा मैं तुम्हारा चाचा हूं यह पिता है यह मां है यह दादी हैं यह बाबा हैं इत्यादि इत्यादि अनेकों बंधन तत्काल तैयार हो जाते जन्म से पहले वह ब्रह्म है जन्म से पहले निर्विकल्प है जन्म से पहले उसको किसी प्रकार का मोह नहीं है मोह इसलिए नहीं गर्भ में परमपिता परमात्मा उनको जो अनहद नाद श्रवण करवाते हैं सारी सुख सुविधा का ध्यान रखते हैं वह सब माया में फंसते ही छूट चुका है उसे छोड़कर जन्म लेना पड़ता है इसलिए गर्व के बालक को ब्रह्म कहा गया है उस वातावरण से इस वातावरण में आता है उन्मुक्त भाव से उस बंधन के भाव में आता है तो वह बहुत व्यथित होता है रोता है दुखी होता है चिल्लाने लग जाता है और फिर वह दास गुलाम सा बन जाता है जैसे एक जंगल के शेर को पकड़ कर लाए और पिजड़े में डालें पहले तो वह सीखता है दहाड़ता है सीखते तोड़ता है उछलता कूदता है परंतु अंत में वह मनुष्य का दास बन जाता है फिर इन बंधनों को कैसे तोड़े इन बंधनों से कैसे मुक्त हो मनुष्यता को छोड़कर ब्रह्म तत्व कैसे धारण करें कैसे उस ब्रह्म को पहचाने क्योंकि जितने भी बंधन वाले हैं वह तो केवल अपने निहित स्वार्थ में आपको हंसाते रहते हैं मैं आपको ऐसा उपदेश नहीं देता कि आज सब बंधुओं को छोड़ दें मैं यह भी आदेश नहीं दे रहा कि सब कुछ छोड़ छाड़ कर भगवान का भजन करो उस से ही सब कुछ हो जाएगा जो कुछ भी प्राप्त नहीं हो सकता अगर पूर्णता प्राप्त करनी है तब तो गुरु की शरण में जाना अनिवार्य है जीवन क्या है जीवन का सार क्या है जीवन का आनंद क्या है अगर तुम यह सोच रहे हो कि तुम जीवन का आनंद प्राप्त कर रहे हो तो यह तुम्हारी मृगतृष्णा है आपने समझौता किया है एडजस्ट होने की कोशिश की है कि हम सुखी हैं मगर सुखी आप इसलिए हैं कि उस सुख को आपने देखा नहीं और उस सुख को देखने के लिए आपको उस सुखालय तक जाना ही पड़ेगा जैसे किसी ने कहा कि भाई इमरती बहुत अच्छी बनती है खाने में बहुत अच्छी होती बहुत स्वादिष्ट होती है अब आपने कभी इमरती नहीं खाई आपने देखी नहीं आप उसके स्वाद को कैसे जान सकते हैं आपको तो वहां जाना पड़ेगा जहां वह इमरती प्राप्त हो अब उसको प्राप्त करने के लिए आप उस व्यक्ति से मिलना पड़ेगा जिसके पास इमरती मौजूद है तभी तो वह आपको देगा इसके लिए आपको परिश्रम करना है वहां तक जाना है और उसका शुल्क भी देना होगा और जब उसको आप खाएंगे उसका स्वाद चख लेंगे तब जानेंगे इसमें क्या स्वाद है इसीलिए आपको गुरु के पास जाकर माया रूपी बंधनों का शुल्क प्रदान करके गुरुदेव की चरण शरण में अनुराग करते हुए उनसे उस ब्रह्म तत्व को प्राप्त करना है


क्रमश:-----

*श्रीमहंत*

*हर्षित कृष्णाचार्य*

*प्रवक्ता*

*संगीतमय श्रीमद्भागवत, श्रीराम कथा*

*ज्योतिष फलादेश*

*श्री जगदीश कृष्ण शरणागति आश्रम लखीमपुर- खीरी*

*मो0:-9648769089*

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गुरूपूर्णिमा विशेष

29 जून 2020
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*श्रीमते रामानुजाय नमः**श्री यतिराजाय नमः*💐💐💐💐💐💐💐💐 *गुरुपूर्णिमा विशेष*--- *द्वितीय भाग*🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕 गुरुदेव की असीम कृपा उनकी दया प्रेम वात्सल्य उसी के फलस्वरूप हमें परम आराध्य श्री लक्ष्मीनारायण जी के चरणों का आश्रय मिलता है और परमात्मा से मिलाने का पावन कार्य सिर्फ और सिर्फ श्

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गुरुपूर्णिमा पर विशेष

30 जून 2020
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*जय श्रीमन्नारायण* *श्रीमते गोदाम्बाय नमः*🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 *गुरुपूर्णिमा विशेष* *भाग तृतीय*🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 वैष्णव के चिन्ह स्वयं व्यक्ति को देव तुल्य बना देते हैं वैष्णव दीक्षा लेने के बाद पंच संस्कार युक्त मनुष्य स्वयं एक दिव्य यंत्र अर्थात दिव्य पुरुष के रूप में इस धरा धाम को आलोकित करता है

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गुरुपूर्णिमा विशेष

3 जुलाई 2020
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*जय श्रीमन्नारायण* *श्रीमते रामानुजाय नमः*🌹🌺🌹🌺🌹🌺🌹🌺 *गुरुपूर्णिमा विशेष* *चतुर्थ भाग*🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 प्रिय भागवत भक्तों जीवन एक मिट्टी का बना हुआ पुतला है इस पुतले को किस प्रकार से उत्तम रूप देकर समाज के हित में प्रशस्त करना सद्गुरु का कार्य है सद्गुरु की कृपा से वैष्णो मार

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गुरुपूर्णिमा विशेष

3 जुलाई 2020
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*जय श्रीमन्नारायण* *श्रीमते गुरुचरण कमलेभ्यो नमः*💐🌺💐🌺💐🌺💐🌺 *गुरुपूर्णिमा विशेष* *भाग ५*🦚🌳🦚🌳🦚🌳🦚🌳 *किमत्र बहुनोक्तेन शास्त्रकोटि शतेन च । दुर्लभा चित्त विश्रान्तिः विना गुरुकृपां परम् ॥*अर्थात :-बहुत कहने से क्या ? करोडों शास्त्रों से भी क्या ? चित्त की परम् शांति, गुरु के बिना

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गुरु पूर्णिमा पर विशेष

5 जुलाई 2020
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*जय श्रीमन्नारायण**श्रीमद गुरु चरणकमलेभ्यो नमः*🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼 *श्री गुरु पूर्णिमा विशेष* *भाग षष्ठ*🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼आप सभी भगवत भक्तों को पावन गुरु पूर्णिमा महापर्व की हार्दिक बधाई बहुत-बहुत शुभकामनाएं अनेकानेक अमंगल अनुशासनम आज का पावन पर्व वह पर्व है जिस दिन गुरु अपने शिष्य को शक्तिपात दीक्षा

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गुरु व शिष्य धर्म

5 जुलाई 2020
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*जय श्रीमन्नारायण**श्री यतिराजाय नमः*🥀🌷🥀🌷🥀🌷🥀🌷 *गुरु शिष्य के कर्तव्य*☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿सभी मित्रों को पावन गुरु पूर्णिमा पर्व की व श्री व्यास जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं गुरु और शिष्य का मिलन ठीक उसी प्रकार है जैसे एक छोटा सा जलबिंदु अनंत सागर में जाकर के मिले आज का दिन वही अवसर

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उपदेश सूत्र

29 जुलाई 2020
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*श्रीमते रामानुजाय नमः**श्रीगोदम्बाय नमः**चीराणि किं पथि न सन्ति दिशन्ति भिक्षां* *नैवाङ्घ्रिपाः परभृतः सरितोऽप्यशुष्यन् ।**रुद्धा गुहाः किमजितोऽवति* *नोपसन्नान् कस्माद्भजन्ति कवयो धनदुर्मदान्धान्*पहनने को क्या रास्तों में चिथड़े नहीं हैं? रहने के लिए क्या पहाड़ो की गुफाएँ बंद कर दी गयी हैं? अरे भाई !

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शिखा (चोटी) बन्धन क् महत्व

30 जुलाई 2020
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शिखा बन्धन (चोटी) रखने का महत्त्व💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐शिखा का महत्त्व विदेशी जान गए हिन्दू भूल गए।हिन्दू धर्म का छोटे से छोटा सिध्दांत,छोटी-से-छोटी बात भी अपनी जगह पूर्ण और कल्याणकारी हैं। छोटी सी शिखा अर्थात् चोटी भी कल्याण, विकास का साधन बनकर अपनी पूर्णता व आवश्यकता को दर्शाती हैं। शिखा का त्याग

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श्रीस्वामी जी की दिव्य यात्रा

31 जुलाई 2020
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।। श्रीमते रामानुजाय नमः।।श्रीरामानुजाचार्य जी की दिव्य देश यात्रा------------------------------------------------श्रीवैष्णव जन श्रीरामानुज स्वामी जी के पास जाकर कहते हैं – “स्वामी जी! आपने श्रीवैष्णव सम्प्रदाय को प्रतिष्ठित किया है और विरोधी सिद्धान्तों को हराया है। अब कृपया तीर्थ यात्रा पर चलिये औ

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श्रीमते रामानुजाय नमः

12 अगस्त 2020
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹*।।श्रीमते रामानुजाय नमः।।**श्रीपराशर भट्टर् और श्रीवेदव्यास भट्टर् का जन्म*-------------------------------------------------------श्रीपराशर भट्टर् और श्रीवेदव्यास भट्टर् कूरत्तालवान् (कूरेश स्वामी) और माता आण्डाल के सुपुत्र हैं । श्रीपराशर भट्टर् और श्रीवेदव्यास भट्टर् (दोनों भाई)

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श्रीमते रामानुजाय नमः

12 अगस्त 2020
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।।श्रीमते रामानुजाय नमः।।श्रीरामानुज स्वामी की मेलकोटे की यात्रा-------------------------------------------------श्रीरामानुज स्वामी जी के मार्गदर्शन में सभी वैष्णव श्रीरंगम् में आनन्द मंगल से रह रहे थे। तभी एक दुष्ट राजा , जो शैव सम्प्रदाय से सम्बन्ध रखता था, विचार किया कि शिवजी की श्रेष्ठता को स्थ

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कृष्ण भक्त

20 अगस्त 2020
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🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻*बहुत ही प्रेरणाप्रद कथा**➖एक दरिद्र ब्राह्मण यात्रा करते-करते किसी नगर से गुजर रहा था , बड़े-बड़े महल एवं अट्टालिकाओं को देखकर ब्राह्मण भिक्षा माँगने गया , किन्तु उस नगर मे किसी ने भी उसे दो मुट्ठी अन्न नहीं दिया।* *➖आखिर दोपहर हो गयी , तो ब्राह्मण दुःखी होकर अपने भाग्य को कोस

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कलंक चतुर्थी

25 अगस्त 2020
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* *अज्ञानता वस किसी पर संदेह करना एक दिन मनुष्य को ऐसी स्थिति में पहुंचा देता है कि वह पश्चाताप की अग्नि में जलने लगता है और उसे प्रायश्चित का कोई उपाय नहीं दिखता बिना जाने बिना विचार किए किसी प्रकार का निर्णय करना कितना गलत होता है यह भगवान श्री कृष्ण जी ने अपनी लीला मात्र से

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गुरू

22 जुलाई 2021
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*जय श्रीमन्नारायण**स्त्रीयों को गुरू क्यूं नहीं बनाना चाहिये , और संतो को क्यूं स्त्रीयों से दूर रहना चाहिये ,, शास्त्र से*:-------- "" प्रश्न -- हमने गुरूसे कण्ठी तो लेली , पर उनमें श्रद्धा नहीं रही तो क्या कंठी उनको वापस कर दें ?"" उत्तर--कंठी वापस करने के लिए हम कभी समर्थन

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गुरु ही सर्वस्व है

29 जुलाई 2021
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*जय श्रीमन्नारायण*🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *भाग:-१* *गुरु ही सफलता का स्रोत*🥀🌲🥀🌲🥀🌲🥀 गुरु चाहते हैं कि शिष्य दिव्यता के इस मार्ग पर अग्रसर हो और तुम इस पद पर पहुंच जाओगे तो तुम्हें अपने आप एहसास होगा तुम्हें संतोष होगा कि तुम इस पद पर खड़े हो औरों को तो इस पद का ज्ञान भी नहीं है वह पत्र जहां

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गुरु ही सफलता का स्रोत

30 जुलाई 2021
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*गुरु ही सफलता का स्रोत*🌲🥀🌲🥀🌲🥀🌲🥀 *जय श्रीमन्नारायण* *भाग:-२*☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿इस दुनिया के लिए एक और शब्द है संसार संसार शब्द दो शब्दों के सहयोग से बना है सम सार इसका अर्थ है कि जो अवस्था मेरी प्रकृति के अनुरूप है वही संसार है इसलिए अगर मैं कामों को हूं तो सुंदर स्त्री को देखने में अ

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गुरु ही सफलता का स्रोत

31 जुलाई 2021
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*जय श्रीमन्नारायण*🌹💐🌹💐🌹💐🌹💐 *गुरु ही सफलता का स्रोत**भाग:-----३*🌲🌿🌲🌿🌲🌿🌲🌿 *गतांक से आगे*---- *क्या गुरु का भी ऋण होता है*--------तो उत्तर आएगा हां शिष्य अपने गुरु का ऋण कभी उतार ही नहीं सकता अपने माता-पिता का ऋण उतार सकता है अपने स्वजनों का ऋण उतार सकता है क्योंकि उनसे उसके देश

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गुरु हि सफलता का स्रोत

1 अगस्त 2021
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*जय श्रीमन्नारायण*☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿*गुरु ही सफलता का स्रोत*🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼 *भाग:-४* *गतांक से आगे------* *अनुभवति हि मूर्ध्ना पादपस्तीव्रमुष्णं।**शमयति परितापमं छायया संश्रितानाम्।।*(अभिज्ञान शाकुंतलम:५/7)अर्थात:- वृक्ष अपने सिर से तो तीव्रउष्णता का अनुभव करता है पर अपने आश्रितों के ताप को छाया से

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बिल्वपत्र पूजन 108 मन्त्र

1 अगस्त 2021
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*महादेव की बिल्व पत्रों से पूजा*〰〰🌼〰🌼〰🌼〰〰त्रिदेवों में भगवान शिव को सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाला माना गया है। भगवान शिव को ‘भोलेनाथ’ और ‘औघड़’ माना गया है जिसका तात्पर्य यह है कि वो किसी को बहुत अधिक परेशान नहीं देख सकते और भक्त की थोड़ी सी भी परेशानी उनकी करुणा को जगा देती है।नीलकंठ रूपेण करुणामय

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गुरु हि सफलता का स्रोत

2 अगस्त 2021
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*श्री यतिराजाय नमः*🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺 *गुरु हि सफलता का स्रोत**भाग ५:-----**गतांक से आगे:----*गुरु के बारे में शास्त्र में कहा गया है--*गुरूर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः! गुरु साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः*अर्थात:- वास्तव में ही पूर्णता का दूसरा नाम गुरु है अष्ट महा सिद्धियां गुर

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नियमावली

3 अगस्त 2021
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🌺🍥🌺🍥🌺🍥🌺🍥🌺🍥🌺🍥 ‼️ *श्री राधे कृपा हि सर्वस्वम* ‼ *नियम एवं प्रतिज्ञा* ♦🍀♦🍀♦🍀♦🍀♦️🍀♦️🍀 *मित्रों यह समूह बनाने का एकमात्र उद्देश्य यह है कि जिन्हें हम भूलते जा रहे हैं उन सनातन परम्पराओं को हम पुन: जीवित कर सकें। सभी भगवत्प्रेमियों को एक

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गुरु ही सफलता का स्रोत

4 अगस्त 2021
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*जय श्रीमन्नारायण*🌺🌷🌺🌷🌺🌷🌺🌷 *गुरु ही सफलता का स्रोत**भाग:-६*☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿*गतांक से आगे:------*संसार में दुख हैं हर दुख का कारण है और हर दुख का निवारण भी है गुरु की कृपा प्राप्त करने का सरल उपाय ही दीक्षा है और शिष्य का धर्म यही है की पुनः पुनः गुरु चरणों में उपस्थित होकर दीक्षा द

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गुरु ही सफलता का स्रोत

4 अगस्त 2021
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‼️ *श्रीमते रामनुजाय नमः* ‼️💐🌹💐🌹💐🌹💐🌹 *🌹🌹गुरु ही सफलता का स्रोत 🌹🌹*🦚 *भाग ७*🦚*गतांक से आगे------**शिष्य कितना भी क्षमता वान क्यों ना हो जाए उस का साधन आत्मक स्तर कितना भी उच्च क्यों ना हो जाए चाहे उसमें ब्रह्मांड को दोबारा रचने की क्षमता ही क्यों ना आ जाए तब भी वह सद्गुरु के सामने शिशु

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गुरु ही सफलता का स्रोत भाग:-८

5 अगस्त 2021
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*‼️जय श्रीमन्नारायण‼️*🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞 *‼️गुरु ही सफलता का स्रोत ‼️**भाग ८:-------*🌺🌷🌺🌷🌺🌷🌺🌷*गतांक से आगे:----**ब्रह्मज्ञान बिनु नारि नर कहहिं न दूसरि बात।**कौड़ी लागि लोभबस करहि बिप्र गुर घात।।'*🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹*अर्थात:-*(स्त्री-पुरुष ब्रह्मज्ञान के सिवा दूसरी बात ही नहीं कहते और

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गुरु ही सफलता का स्रोत

6 अगस्त 2021
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*श्रीयतिराजाय नमः*🦜🦚🦜🦚🦜🦚🦜🦚*‼️गुरु ही सफलता का स्रोत‼️* *भाग:-९**गतांक से आगे:----------**ब्रम्हाण्ड रश्मिनिकरेश्वनु गुज्जछदमात।**यस्य स्तुतीं प्रकृतिरेव स्वयं करोति।**गायन्ति यां ऋषिजनाः सुजनाश्च तं वै।**तं वन्दे रामानुजस्य चरणारविन्दम।।*जिनकी स्तुति स्वयं प्रकृति भी करती है उस स्तुति का

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गुरु ही सफलता का स्रोत

7 अगस्त 2021
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*श्रीमते यतिराजाय नमः*🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿🌿☘️ *‼️ गुरु ही सफलता का स्रोत‼️**भाग १०:--**गतांक से आगे:-------*शिष्य का जीवन गुरु से जोड़कर ही पूर्ण बनता है जीवन की यात्रा तो संसार में जिसने भी जन्म लिया है वह करता ही है लेकिन कितने व्यक्ति इस जीवन में पूर्णता प्राप्त करते हैं यह ज्यादा महत्वपूर्ण है शास्त

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गुरु ही सफलता का स्रोत

8 अगस्त 2021
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*🦚 जय श्रीमन्नारायण🦚*🌼🌞🌼🌞🌼🌞🌼🌞 *‼️ गुरु ही सफलता का स्रोत ‼️**भाग ११*🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌲☘️🌿*गतांक से आगे:-------* *यस्मान् महेश्वरः साक्षात कृत्वा मानुष विग्रहं।**कृपया गुरुरूपेण मग्नाः प्रोद्धरति प्रजा:।।**अर्थात:--*स्वयं परमेश्वर मानव मूर्ति धारण करके कृपया पूर्वक गुरु रूप में माया में म

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गुरु ही सफलता का स्रोत

10 अगस्त 2021
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*श्रीमते रामानुजाय नमः*🌲🌿🌲🌿🌲🌿🌲🌿*‼️गुरु ही सफलता का स्रोत ‼️**भाग १२:--**गतांक से आगे:-------*जीवन पौरुष के साथ जीने के लिए प्राप्त हुआ है और वह पौरुष गुरुद्वारा प्रदत्त ज्ञान का पूर्ण रूप से पकड़ कर ही प्राप्त हो सकता है। सद्गुरु हर जीवन में साथ रहते हुए उस मार्ग पर ले जाते हैं जो पूर्णता का,

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आपकी जिज्ञासाएं? हमारे समाधान

12 अगस्त 2021
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*श्रीमते यतिराजाय नमः**‼️ आपकी जिज्ञासायें ?? हमारे समाधान‼️*🌷🌺🌷🌺🌷🌺🌷🌺🌷*भाग १:---**प्रश्न:- गुरु दीक्षा क्या जरूरी है ??गुरु दीक्षा के कितने रूप हैं ??जब सीखना ही है तो दीक्षा के बिना भी तो सीखा जा सकता है तो दीक्षा के द्वारा गुरु एवं शिष्य के बीच कौन सा संबंध स्थापित हो जाता है**उत्तर:- सा

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आपकी जिज्ञासाएं??हमारे समाधान।

13 अगस्त 2021
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*जय श्रीमन्नारायण*🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼*‼️आपकी जिज्ञासाएं??हमारे समाधान।‼️**🦚भाग :-2**गतांक से आगे:----*केवट का गुरु कोई साधारण मनुष्य नहीं अपितु स्वयं भगवान भोलेनाथ थे पूर्व जन्म में जब वह परिवार के भरण-पोषण के लिए शिकार करता था एक दिन भूख और प्यास से व्याकुल जंगल में भटकता रहा और शिकार नहीं मिला हाथों

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आपकी जिज्ञासाएँ?? हमारे समाधान।

15 अगस्त 2021
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*जय श्रीमन्नारायण*🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳*‼️आपकी जिज्ञासाएं?? हमारे समाधान‼️*💐💐💐💐💐💐💐💐*भाग ३ :-**गतांक से आगे:--------*शिष्य का गुरु के प्रति एक कर्तव्य है और इसी प्रकार गुरु का भी शिष्य के प्रति एक कर्तव्य है शिष्य का मतलब है अनुशासन और पूर्ण समर्पण इसी प्रकार गुरु का भी तात्पर्

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आपकी जिज्ञासाएँ??हमारे समाधान। भाग 4

18 अगस्त 2021
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*जय श्रीमन्नारायण*☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿*‼️आपकी जिज्ञासाएँ?? हमारे समाधान‼️**भाग ४:-*🌺🌷🌺🌷🌺🌷🌺🌷🌺*गतांक से आगे:---------**प्रश्न:- क्या गुरु ईष्ट हो सकता है?**उत्तर:-* इष्ट का तात्पर्य एक ऐसी सत्ता से है जो उसके जीवन में सर्वोच्च है और जिस में लीन हो जाना वह अपना गौरव समझता है यदि शिष्य की भावना है

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प्रणाम करने का तरीका

25 अगस्त 2021
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<p>★★★प्रणाम निषेध ★★★</p> <p>°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°</p> <p>१_दूरस्थं जलमध्यस्थं धावन्तं धनगर्व

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छठी इंद्री

26 अगस्त 2021
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<p>🚩🔱🕉️⚛📿🔥 *छठी इंद्री को जागृत करने के 5 तरीके !*⚛</p> <p>

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आपकी जिज्ञासाएँ? हमारे समाधान

20 सितम्बर 2021
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<p>*श्रीमते रामानुजाय नमः*</p> <p>🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿</p> <p>एक बार पुनः आप लोगों की सेवा में प्रेषित ह

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श्राद्ध कब और कैसे

21 सितम्बर 2021
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<p>पक्ष विशेष</p> <p>〰〰🌸〰〰</p> <p>एकैकस्य तिलैर्मिश्रांस्त्रींस्त्रीन</p> <p>दद्याज्जलाज्जलीन।</p>

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आपकी जिज्ञासाएँ? हमारे समाधान

22 सितम्बर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d425242f7ed561c89

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आपकी जिज्ञासाएँ?हमारे समाधान

24 सितम्बर 2021
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<p>*श्रीमते रामानुजाय नमः*</p> <p><br></p> <p>*‼️आपकी जिज्ञासाएँ?हमारे समाधान‼️*</p> <p><br></p> <p>

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आपकी जिज्ञासाएँ?हमारे समाधान

26 सितम्बर 2021
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<p>*श्रीयतिराजाय नमः*</p> <p><br></p> <p>☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️</p> <p><br></p> <p> *‼️आपकी जिज्ञास

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आपकी जिज्ञासाएँ?हमारे समाधान

1 अक्टूबर 2021
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<p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/611d425242f7ed561c89

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पितृ दोष

2 अक्टूबर 2021
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<p>*🕉हिन्दू संस्कार🕉*</p> <p><br></p> <p>पितृ दोष लक्षण,कारण एवं निवारण</p> <p>~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

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भोजन करने का नियम

12 नवम्बर 2021
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<p>*खड़े होकर भोजन करने से हानियाँ*</p> <p>🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹</p> <p>*आजकल सभी जगह शादी-पार्टियों

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अयोध्या नाथ की लीला

26 नवम्बर 2021
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<p>*श्री अयोध्या जी के दशरथ महल की सत्य घटना*</p> <p><br></p> <p><br></p> <p>श्री अयोध्या जी में 'कन

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भक्त भगवान की प्रेम लीला

6 जनवरी 2022
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ठाकुर जी के प्रेमी भक्त 'श्री जयकृष्ण दास बाबा जी' के जीवन का एक सुंदर प्रसंग गोपाल की उल्टी रीति है। अगर कोई बुलाता है तब भी उसके पास नहीं जाते, और कभी कोई नहीं भी बुलाता तो उसके पास जरूर जाते हैं।

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श्रीवैष्णव तिलक महत्व

9 मार्च 2022
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*जय श्रीमन्नारायण* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *श्री वृंदावन धाम की जय* अगर कोई कंठीधारी कृष्णभक्त या वैष्णव जो उर्धव-पुन्ड्र वैष्णव तिलक लगाकर किसी के घर भोजन करता है, तो उस घर के 20 पीढ़ियों को मैं (

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हनुमानजी का कर्ज

16 मई 2022
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(((( हनुमान जी का कर्जा )))) . रामजी लंका पर विजय प्राप्त करके आए तो, भगवान ने विभीषण जी, जामवंत जी, अंगद जी, सुग्रीव जी सब को अयोध्या से विदा किया।  . सब ने सोचा हनुमान जी को प्रभु बाद में बिदा करेंग

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लहसुन प्याज क्यों नहीं खाना चाहिए

28 जून 2022
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प्रश्नकर्ता - लहसुन-प्याज खाना चाहिए अथवा नहीं ? श्री बागेश्वर धाम सरकार एवं श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने इस सन्दर्भ में परस्पर विरोधी वक्तव्य दिये हैं, कृपया समाधान करें। निग्रहाचार्य श्रीभागवता

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सनातन संस्कृति पर भू माफियाओं का कब्जा

15 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[प्रथम भाग]* आज बहुत दिन बाद पुनः धारावाहिक

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सनातन संस्कृति पर बलात कब्जा

17 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[ तृतीय भाग]*             *जय श्रीमन्नारायण*

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सनातन संस्कृति पर बलात कब्जा

17 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[ द्वितीय भाग]*    कल के लेख में  आपने पढ़ा

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सनातन संस्कृति पर भू माफिया ओं का कब्जा

18 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[ चतुर्थ भाग]*             *जय श्रीमन्नारायण

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सनातन संस्कृति पर बलात अतिक्रमण

19 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[ चतुर्थ भाग]*             *जय श्रीमन्नारायण

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सनातन संस्कृति पर बलात कब्जा

20 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[ पंचम भाग]*             *जय श्रीमन्नारायण*

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सनातन संस्कृति व धर्मस्थलों पर भूमाफियाओं का कब्जा

23 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[ षष्ठम भाग]*             *जय श्रीमन्नारायण*

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सनातन संस्कृति व धर्मस्थल और आश्रमों पर भू माफियाओं का बलात कब जा

23 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[ षष्ठम भाग]*             *जय श्रीमन्नारायण*

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*सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण*

24 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[ अष्टम भाग]*             *जय श्रीमन्नारायण*

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सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण*

25 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[ नवम भाग]*             *जय श्रीमन्नारायण*  

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सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण*

30 सितम्बर 2022
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*श्रीमते रामानुजाय नमः* 🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿☘️🌿    *!! विषय!!* *सनातन धर्म और धर्म स्थलों पर बलात अतिक्रमण* *( सनातन धर्म स्थलों पर भू माफियाओं का कब्ज़ा जा)* *[ दशम भाग]*             *जय श्रीमन्नारायण*  

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