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मूल निवास

23 अगस्त 2023

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         गज्जू 12वीं पास करने के बाद पंजाब अपने मामा के साथ नौकरी की तलाश में चला गया था, कुछ दिन तक घर में ही रहा उसके बाद वहीं उसको एक ढाबे में नौकरी मिल गयी। शुरू में ढाबे वाले ने सर्विर्सिग पर रखा, लेकिन गज्जू को सर्विसिंग से ज्यादा खाना बनाने का शौकीन था, लेकिन मालिक के सामने कभी अपने शौक बता नहीं पाया। बड़ी मुश्किल से तो मामा ने होटल में चिपकाया था, यह भी छूट गया तो कहॉ जायेगा। घर में तीन भाई और दा बहिनें हैं, मॉ बाप खेती और पशुपालन का ही तो सहारा था। साल भर में दो गाय और एक बैल बिक जाते थे तो स्कूल की फीस चुकता की जाती थी। वह तो अच्छा था कि खाने के लिए अनाज खेती में हो जाता थां। मॉ और बहिनें तो नहाते वक्त साबुन की जगह कभी काले और मोती साबुन से सिर धो लेते थे, जब सिर ज्यादा चिपचिपा जिसको स्थानीय भाषा में लीसू कहते हैं वह हो जाता था तब वह भीमल के रेशे निकालकर उसको पानी में भिगोकर सिरसळू से अपने बालों को धोते थे। मिट्टी तेल और चीनी चाय पत्ती के खर्चे के लिए मॉ घी बेचकर मॅगवा लेती थी।

    गरीबी के दिन गज्जू ने देखे थे। स्कूल भी बेचारा एक जोड़ी स्कूली गणवेश में गया, पैरों ने पैरोगॉन के चप्पल के अलावा कभी कुछ देखा नहीं था, पंजाब भी अपने मामा के साथ पैरोगॉन चप्पल और पैंट कमीज पहनकर आया था जो उसने दो साल पहले अपने ताउजी के बेटे की शादी के लिए सिलवाये थे। इन सब बातें उसके जेहन में आते ही वह मन को पक्का करके फिर वैटर का काम तल्लीनता से करने लगता। समय बीतता गया गज्जू की ईमानदारी और मेहनत ने उसे वैटर के बाद तंदूर पर काम मिल गया। तंदूर पर पूरे दिन शरीर को तपाता रहता पसीने के बूंदे कभी कभी माथे से लुड़कते हुए हृदय स्थल पर रूककर गज्जू की मन को झिंझोडती और कहती कि गज्जू इतना पसीना अपनी मिट्टी में बहाया होता तो खेती सोना उगलती। वहीं दूसरा मन कहता कि यदि खेती सोना ही उगलती तो आज उसके मॉ बाप सबसे ज्यादा अमीर होते क्योंकि वह तो दिन भर खेती और मिट्टी में ही सने रहते हैं, युवा अवस्था जोश और जूनून की होती है, फिर वह कुछ पल हताश होकर फिर काम में लग जाता था।

    ईधर मामा की नौकरी दुकान में करते थे तब 3000 हजार रूपये मिलते थे, उसमें से कमरे का किराया और घर का खर्चा अलग था। महीने के 1000 रूपये घर मनीआर्डर कर देते थे। गज्जू तो तीनों समय का खाना ढाबे में खा लेता था, मामा अपने लिए अक्सर रात को दाल चावल बनाते और खाकर सो जाते। समय के पॉव और उम्र पर कौन जंजीर बॉध सका है। ढाबे का खाना खाकर गज्जू मोटा तगड़ा हो गया। ढाबा में खाने पीने के लिए हो जाता और रात खोली में मामा के साथ कट जाती। यह तो अच्छा था कि गज्जू पर कोई ऐब नहीं था, कभी कभी महीने दो महीने में मामा के साथ सिनेमा हॉल शनि देवल की पिक्चर देखने चले जाता।

    ईधर घर में बहिनें बड़ी हो गयी थी, उनके रिश्ते के बात चलने लगी, एक एक करके दोनो बहिनों की शादी हो गयी। फिर गज्जू के लिए भी गॉव की एक सुंदर लड़की देख ली, और गज्जू को भी शादी के बंधन में बॉध लिया गया। दो साल बाद गज्जू ने अपने लिए पंजाब में कमरा अलग ले लिया। ईधर ढाबे मालिक ने ढाबे की जगह होटल की तिमंजिला भवन बना दिया। गज्जू अब होटल का और मालिक का सबसे खास हो गया। अब तनख्वा भी अच्छी हो गयी। अनुभव और मेहनत ने उसे अब गज्जू से गजेन्द्र बना दिया।

     गज्जू के दो बच्चे हो गये, जब तक बच्चे छोटे थे तो गॉव आना जाना लगा रहता, बड़ी कक्षाओं में जैसे जैसे बच्चों ने प्रवेश लेना शुरू किया गज्जू का घर जाना कम होता गया। इधर बड़ी वाली बेटी ने 12वीं पास लिया था और बेटा 10वीं में था। मध्यम वर्ग के लिए सरकारी नौकरी ज्यादा सुरक्षित होती हैं। गज्जू ने सोचा कि चलो अब बच्चों का मूल निवास बना लेते हैं। गॉव में फोन किया और मूल निवास बनाने की प्रक्रिया का पता लगाया। पटवारी से बात हुयी, खाता खतौनी का पता लगाया, तो जानकारी मिली कि 15 साल से दाखिल खारीज ही नहीं हुआ। चार दिन की छुट्टी लेकर गज्जू गॉव आया, सब काम निपटाकर मूल निवास के लिए आवेदन करके वापिस पंजाब चला गया।

     ईधर तीन महीने हो गये मूल निवास नहीं बना फिर पता किया तो मालूम हुआ कि अभी तक वह लंबित पड़ा हुआ है, ले दे कर बड़ी मुश्किल से मूल निवास बन गया। ईधर उत्तराखण्ड में नर्सिग कोर्स में प्रवेश के लिए फार्म आये गज्जू के बेटी ने फॉर्म भर लिया। लड़की पढने लिखने में होशियार थी तो उसने नर्सिग परीक्षा में अच्छी रैंक लेकर आ गयी। वह एडमिशन के लिए देहरादून के नर्सिग कॉलेज आ गयी। कॉलेज मेंं उत्तराखण्ड के मूल निवासी ज्यादा काम करते थे, वहॉ पर जो बाबू एडमिशन लेता वह मूल निवास जरूर ध्यान से देखता और उनसे उसी हिसाब से बातचीत करके गॉव गलियारों के बारे में पूछ लेता।

      गज्जू की बेटी को जब उसके गॉव के बारे में पूछा और कहा कि तुम कभी गये हो अपने गॉव में उसने सिर हिलाकर कहा कि हॉ बचपन में गये थे एक दो बार उसके बाद नहीं गये। बाबू ने पूछा कि गॉव कहॉ है तो उसने कहा कि चमोली में कर्णप्रयाग से आगे जिलोटी गॉव है। लेकिन मैनें भी मूल निवास में ही अपने गॉव का नाम ढंग से पढा और समझा। बाबू के पास ऐसे मामले बहुत आते थे कि मूल निवास गॉव का है और बच्चों को गॉव का अता पता नही ंतब वह कहता कि यार हम केवल अब कागजों के पहाड़ी रह गये, ना हमें बोलना आता है, ना हम कभी अपने गॉव गये, ना हमको रीति रीवाजों का पता, ना देवी देवताओं का पता। इतने में गज्जू भी अंदर कक्ष में आ गया। बाबू को वह पहचानता था, उसने कहा अरे सुनील भाई तुम यहॉ, सुनील बाबू ने कहा जी आप यहॉ कैसे, उसने कहा कि यह मेरी बेटी है सोनाली। वह तो मैनें इसके मूल निवास में देख लिया था, ये बताओ कि तुम कब से परिवार सहित गॉव नहीं गये, इस बिटीया की गलती नहीं है, गलती तुम्हारी है, जो तुम इनको गॉव दिखाने नहीं ले गये। हर साल यहॉ पर बच्चे आते हैं, जिसमें से 05 से बच्चे ऐसे होते हैं जो कहते हैं कि मेरे पापा ने बताया कि हमारा गॉव पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, में है, बस हाथों से इशारा करते हैं कि उधर से वो रोड़ जाती हैं ना उसके आस पास है।

       गज्जू भाई जी आप कभी अपने देवी देवता पूजने भी नहीं गये, अगर नहीं गये तो इस बार जाना और इस बिटीया को भी ले जाना, यहॉ से छुट्टी जाने के लिए मैं प्रबंधन से बात कर लूंगा लेकिन इनको गॉव लेकर आते जाते रहना। उसके बाद सोनाली ने भी कहा कि सर अभी आप मेरा एडमिशन कर दो, इस पर गज्जू ने कहा कि वैसे रिश्ते में मैं आपका चाचा लगता हूॅ। उसके बाद गज्जू ने बिटीया को छात्रावास में भेज दिया और रात की गाड़ी से जब वह वापस लौट रहा था तो सुनील बाबू के शब्द उसके कानों में गूज रहे थे और वह छटपटा रहा था कि वास्वत में हम लोग नौकरी और कमाने के चक्कर में कभी अपनी मातृभूमि को नहीं समझ पाये, उसने सोच लिया था कि इस बार दिवाली वह गॉव में परिवार सहित मनाने जायेगे, इन्हीं बातों को सोचते सोचते गज्जू की ऑख लग गयी।

हरीश कण्डवाल मनखी की कलम से।
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पैतृक भूमि का सौदा

8 सितम्बर 2021
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कमबख्त कम्बल

8 सितम्बर 2021
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शिक्षक बना बाबू

8 सितम्बर 2021
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<p><br></p> <p><br></p> <figure><img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/613840e0

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सीढ़ी

9 सितम्बर 2021
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<div align="left"><p dir="ltr">उतार चढ़ाव सी भरी जिंदगी<br> कर ले ईश्वर की हम बन्दगी<br> दो दिन है खु

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हम तुम्हें अपना मान बैठे।

9 सितम्बर 2021
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ऑन लाईन क्लास

10 सितम्बर 2021
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<p>सुबह जल्दी उठकर सोनम ने राज के साथ योगा और फिर चाय साथ में पीते हुए कहा कि लगता है कि इस महीने का

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बॅटवारा

10 सितम्बर 2021
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<div><br></div><div> </div><div> महेश स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया से सहायक महाप्रबं

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जीवन का सुख

11 सितम्बर 2021
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<div align="left"><p dir="ltr"> अरे अभागन तूने तो जन्म लेते ही अपनी माँ को खा दिया था, त

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मशगूल 

12 सितम्बर 2021
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<div> </div><div><br></div><div>वो अपनी दुनिया में मशगूल हो गए</div><div>उनकी एक झलक देख

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डार्विन का विकासवादी सिद्धांत बनाम सनातन धर्म के दशावतार।

12 सितम्बर 2021
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<div> </div><div>कुमुद ने बीएससी बायोलॉजी से की थी उसके बाद उसकी शादी हो गई कुमुद का पति

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"फलक"

12 सितम्बर 2021
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<div><br></div><div><br></div><div><b>(पति पत्नी से )</b></div><div><br></div><div>चलो कुछ पल साथ बि

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सपनों की वो सड़क

14 सितम्बर 2021
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<div><br></div><div><span style="font-size: 1em;">अरे बेटा उठ जा जल्दी तुझे जाना भी है, अपने काम पर

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 उम्मीद 

15 सितम्बर 2021
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<div> उम्मीद </div><div><br></div><div>नरेश और महेश बृजेश तीनो परम् मित्र थे,

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गर्दभ समाज के सुर लय ताल में छेड़छाड़ करने पर आपत्ति

16 सितम्बर 2021
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<div><img style="background: gray;" src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/613840e01

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भूतों का घर 

17 सितम्बर 2021
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<div> </div><div><span style="white-space:pre"> </span>रोशन अपने ऑफिस में लैपटॉप पर कम्पनी को म

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पतझड़ की आहट

18 सितम्बर 2021
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<div> <span style="font-size: 1em;">भास्कर रेलवे में क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त होकर देहरादून

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बदलेंगे जहॉ

20 सितम्बर 2021
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<figure><img height="auto" src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/613840e01b261a4f85

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बेटी की सीख

23 सितम्बर 2021
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<div align="left"><p dir="ltr"><i><b><u>बेटी की </u></b></i><i><b><u>सीख</u></b></i><i><b><u>( </u><

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बेटियों की सीख ( भाग - 2)

24 सितम्बर 2021
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<div><b> (दूसरा दृश्य )<

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रोटी की जुगत

28 सितम्बर 2021
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<div> </div><div>सुमेश दिल्ली में एक प्रतिष्ठित कंपनी में काम करता था। लॉकडाउन के दौरान सब घर प

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कुछ दिन तो बिताओ मेरे ससुराल में

30 सितम्बर 2021
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<div> विकास नहा कर बाथरूम से बाहर निकला देखा तो फोन पर दो मिस कॉल आई थी उसने चेक किया तो

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यँहा कौन रहता है।

1 अक्टूबर 2021
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<div> <span style="font-size: 1em;">अनूप अपने गाँव बहुत सालों बाद गया, वँहा जाकर उसने देख

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मंगलू-का-संघर्ष-(-भाग--1)------

3 अक्टूबर 2021
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<div><br></div><div><u> </u></div><div><u> मंगलू रोज की तरह जल्दी उठकर 15 लीट

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मंगलू का संघर्ष ( भाग- 2)

4 अक्टूबर 2021
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<div><br></div><div> मंगलू ऋषिकेश बस अड्डे पर बैठा हुआ है, दिल्ली, सहारनपुर, रूड़की, जाने वाली च

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मंगलू का संघर्ष (भाग 3)

6 अक्टूबर 2021
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<div><br></div><div> मंगलू इधर विधायक जी का इंतजार कर रहा है, उधर घर में दर्शनी ने

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स्कूल का पहला दिन

11 अक्टूबर 2021
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<div> <span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: sans-serif; font-size: 12.8px;"> राजन

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मेहंदी

18 अक्टूबर 2021
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<div> </div><div> बलवंत अपनी नौकरी से शाम को घर आया तो उसके लिए गॉव से साली के बेटे

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मेहंदी

21 अक्टूबर 2021
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<div> मेंहदी (भाग -2)</div><div><br></div><div> इधर दूसरे कक्ष में दूल्हे को

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दीवाली का गिफ्ट

1 नवम्बर 2021
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<div> <img src="https://shabd.s3.us-east-2.amazonaws.com/articles/613840e01b261a4f85c9d58

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दादी की सीख

1 दिसम्बर 2021
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<br style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: Calibri, &quot;sans-serif&quot;; font-size: 14.6667px;"

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अटूट बंधन

8 दिसम्बर 2021
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<div> सीडीएस श्री बिपिन रावत को सपत्नीक सभी सैन्य कर्मियों को भाव भीनी श्रद्धांजलि।</div><div><

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फूफा जी

25 दिसम्बर 2021
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<div> जब तक फूफा जी ससुराल के अकेले जवाई और जीजा जी थे तब तक तो उनकी खातिरदारी और रूठना चलता रह

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एक नई शुरूवात

5 जनवरी 2022
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नवीन के पापा शहर के मंत्री नये नये निर्वाचत हुये, नवीन कॉलेज जाता था, वहॉ वह भी छात्र राजनीति में सक्रिय रहता। पापा के मंत्रीबनते ही उसके रंग और ढंग बदल गये, अब वह कॉलेज का जाना माना चेहर

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अदरक वाली चाय

7 जनवरी 2022
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रौनक शिवम और अनु तीनों एक कोचिंग सेण्टर में कोचिंग ले रहे हैं, तीनों के पिताजी अच्छी पोस्ट पर हैं। रौनक अच्छे परिवार से है, े पिताजी सरकारी विभाग में उच्च पद पर हैं, वहीं शिवम के पिताजी एक बिजने

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सपनों की वो सड़क

9 जनवरी 2022
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सपनों की वो सड़कअरे बेटा उठ जा जल्दी तुझे जाना भी है, अपने काम पर म कहते हुए राजन की मॉ ने राजन को उठाया। बेटा जल्दी कर पहली गाड़ी आठ बजे निकल जाती है। देर हो जायेगी तुझे, यह आवाज रंजन की कानों मे

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फजीतू ( पार्टी कार्यकर्ता) की मनोदशा।

18 जनवरी 2022
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फजीतू पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता है, पार्टी के हर कार्यक्रम में उसकी उपस्थिति रहती है, फजीतू को क्षेत्र का विधायक से लेकर सांसद तक उसके नाम से जानते हैं, फजीतू की उम्र लगभग 50 साल है, छात्र जीवन से

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फजीतू ( पार्टी कार्यकर्ता)

18 जनवरी 2022
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फजीतू पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता है, पार्टी के हर कार्यक्रम में उसकी उपस्थिति रहती है, फजीतू को क्षेत्र का विधायक से लेकर सांसद तक उसके नाम से जानते हैं, फजीतू की उम्र लगभग 50 साल है, छात्र जी

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फजीतू ( पार्टी कार्यकर्ता)

18 जनवरी 2022
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<div><u> </u><span style="color: rgb(34, 34, 34); font-family: -apple-system, &quot;.SFNSText-Regular&quot;, &quot;San Francisco&quot;, Roboto, &quot;Segoe UI&quot;, &quot;Helvetica Neue&quot;, &

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फजीतू

18 जनवरी 2022
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फजीतू पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता है, पार्टी के हर कार्यक्रम में उसकी उपस्थिति रहती है, फजीतू को क्षेत्र का विधायक से लेकर सांसद तक उसके नाम से जानते हैं, फजीतू की उम्र लगभग 50 साल है, छात्र जीवन से

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फजीतू

18 जनवरी 2022
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फजीतू पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता है, पार्टी के हर कार्यक्रम में उसकी उपस्थिति रहती है, फजीतू को क्षेत्र का विधायक से लेकर सांसद तक उसके नाम से जानते हैं, फजीतू की उम्र लगभग 50 साल है, छात्र जीवन से

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पुदिनहरा (लघु कहानी) 

1 मार्च 2022
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सुनैना और सुयश की शादी को लगभग 6 साल हो गए, उनके दो बच्चे हैं। अब बच्चे बात करने के माध्यम बन गए है। बड़ी बेटी रूही जो लगभग 5 साल कि है, और छोटा बेटा लगभग 8 महीने का। घर मे जब से बच्च

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आदर ( अंतरार्ष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक)

8 मार्च 2022
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रीता ने अमन के सिर से रजाई उठाते हुए कहा कि अजी सुनते हो 07 बज गये हैं, फिर मत कहना कि जल्दी जल्दी नाश्ता तैयार करो, मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है। यह कहते हुए रीता बाथरूम में जाकर ं कपड़े

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काश एक बार गया होता

27 मई 2022
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काश कि एक बार गया होता। मेघा ने रोहन के बैग में टिपिन रखते हुए कहा कि बच्चो की समर वेकेशन हो गयी है, बहुत दिन से आउटिंग भी नही हुई है, पड़ोसी रीना दीदी पूरे परिवार के साथ साउथ इंडिया घूमने ज

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कलयुगी दैत्य विवाह

4 जून 2022
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कलयुगी विवाहराजू भाई जरा टेंट इस वाले खेत में लगा दो और हाॅ काॅकटेल के लिए 8 मेज ईधर लगा देना। ईधर खाना बनाने वाले के लिए बोल दिया कि शाम के लिए मटर पनीर, मिक्स वेज, दाल मखनी सब बना देना, और&nbs

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अपनापन

20 जून 2022
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सौरभ स्कूल से लौट रहा था रास्ते में एक कुत्ता का बच्चा अपनी मॉ से बिछुड़ गया था और कूं कूं की आवाज कर खोजने की कोशिश में लगा हुआ था। सौरभ ने कुत्ते के बच्चे को गोद में उठाया और उस पर

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अनकही मोहब्बत

29 जून 2022
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सुबह के 7:00 बज रहे थे स्कूल में प्रार्थना सभा हो रही थी अजय अपनी लाइन के आगे वाली लाइन मैं किसी को ढूंढ रहा था लेकिन उसे नजर नहीं आ रहा था मन कुछ उद्वेलित था, सामने गुरुजी खड़े थे तो नजरें इधर

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अनकही मोहब्बत भाग 2

8 जुलाई 2022
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अनकही मोहब्बत भाग 2 इधर अजय ने नया साल का ग्रीटिंग कार्ड पोस्ट कर दिया है। डाकिया 4 दिन बाद मानसी के गाँव के किसी व्यक्ति के पास दे देता है। गाँव का व्यक्ति मानसी का&nbsp

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सावन की खीर

18 जुलाई 2022
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सावन की खीर सावन की झमाझम बारिश लगी हुई है, मंडुये के खेत मे भगतू ने हल लगा दिया है, भगतू की पत्नी रज्जू ने घने मंडुये की पौध को एक तरफ निकाल दी है। शाम को दूसरे खेत मे मंडुये की पौध

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छाँव

21 दिसम्बर 2022
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*छांव* ​ वर्क फ्रॉम होम होने के कारण अंकुर अपना व्यस्त शेडयूल में से कुछ समय परिवार के लिए निकाल लेता है। अंकुर ने सोचा कि चलो इस बार गॉव से माताजी और बाबू जी को साथ ले आता हॅू, कुछ दिन उनके छॉव

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दिखावा

14 मार्च 2023
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मदनलाल : अजी सुनती हो तुमने मेहमानों की लिस्ट बना दी है, मेरे ही अकेले 1000 से अधिक क्लाइंट और परिचित वकील है। उसी हिसाब से हम वेडिंग पवाइंट बुक करेंगे और मेन्यु का हिसाब करेंगे। शहर में स

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साझा घर

28 मार्च 2023
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विमल पूरे देश विदेश घूमने के बाद वह जब पहली बार अपने गाँव आया तो उसे लगा की उसने गाँव आने में देरी कर दी, उसका गांव अब सड़क से जुड़ चुका है, सभी सुविधाएं जो गाँव मे होंनी चाहिए वह है, दो दिन

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साझा घर

28 मार्च 2023
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विमल पूरे देश विदेश घूमने के बाद वह जब पहली बार अपने गाँव आया तो उसे लगा की उसने गाँव आने में देरी कर दी, उसका गांव अब सड़क से जुड़ चुका है, सभी सुविधाएं जो गाँव मे होंनी चाहिए वह है, दो दिन

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होली मिलन

1 अप्रैल 2023
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बबलू और सोनू पड़ोसी हैँ, घर की एक फ़ीट चारदीवारी क़ो लेकर हुए विवाद ने उनकी मित्रता क़ो कोर्ट में लाकर खड़ा कर दिया। समाज में कहावत हैँ की जमीन जेवर और सम्पत

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पैंछु ( उधार)  ( आँचलिक कहानी )

7 अप्रैल 2023
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हे जी ( उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में बहु द्वारा ससुराल में अपने से बड़ो को बोले जाने वाला सम्मानित सम्बोधन) द्वी माण ( एक किलो) गहथ उधार दे दो। हमने बीज के लिए सुरक्षित स

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अधजली. बीड़ी

9 अप्रैल 2023
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अरे वो राजू देख पत्थर के नीचे अधजली बीड़ी का टुकड़ा और माचिस होगी, एक दो तीलिया कागज पर लपेट कर रखी हैं, जरा इधर तो पकड़ा, यह कहकर उसके दोस्त प्रदीप ने स्कूल का बस्ता एक किनारे रखा, और एक बड़े पत्थर

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वक्त की लाठी

26 अप्रैल 2023
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कल शाम को देर से लौटा तो श्रीमती जी ने कहा कि आपको फोन किया था कि सुबह नाश्ते और ऑफिस के लिए सब्जी ले आना, लाये हो तो इधर धोने के लिए रख दो। हमने कहा कि आज हम दूसरे रास्ते से आये है, इसलिए सब्जी नही ल

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अब क्या करू।

26 अप्रैल 2023
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घड़ी का एलॉर्म बजते ही अंकुर ने दो बार बंद किया और फिर सो गया, उधर सुनीता ने अपनी यथावत दिनचर्या के अनुसार घर का झाडू पोछा, और नाश्ता की तैयारी कर ली है । लॉकडाउन ने सुनीता को ज्यादा व्यस्त कर दिया है,

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और दोनों हॅस दिये (लघु कहानी)

25 मई 2023
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रोहित अपनी भाभी के साथ उनकी किसी रिश्तेदारी में शादी में गया था। वहॉ उसकी मुलाकात उसकी भाभी ने अपनी मौसेरी बहिन मेघा से करवायी। मेघा और रोहित एक दूसरे से मिले ही नहीं बल्की रात का डिनर भी साथ ही किय

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और दोनों हॅस दिये (लघु कहानी)

26 मई 2023
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रोहित अपनी भाभी के साथ उनकी किसी रिश्तेदारी में शादी में गया था। वहॉ उसकी मुलाकात उसकी भाभी ने अपनी मौसेरी बहिन मेघा से करवायी। मेघा और रोहित एक दूसरे से मिले ही नहीं बल्की रात का डिनर भी साथ ही किया

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बातूनी बिल्ली

26 मई 2023
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नोट: यह लेखक की कल्पना मात्र है। अक्सर एक बिल्ली हमारे घर के आस पास घूमती रहती है, कभी वह खिड़की से दीवार को फांदती है, कभी बाउंड्री में बैठकर मूछे मटकाती नजर आती है, बस सुबह शाम म्या

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नानी का घर

19 जून 2023
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बेटा बच्चों की गर्मियों की छुट्टियॉ हो जायेगी तो सब लोग आ जाना, यह सब बातें नंदिता अपने तीनों बेटियों और दोनों बेटों को कहती है। नंदिता और उनका पति देवेन्द्र अकेले घर में रहते हैं, उन्हें

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पैत्रिक भूमि का सौदा 

22 जुलाई 2023
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रमन के पिताजी बचपन में ही अपने चाचा जी के साथ मुंबई आ गये थे, उसके बाद वह मुबई के होकर रह गये। रमन ने जब भी गॉव जाने की बात कही तो उसके पिताजी हमेशा यह कहकर टाल देते कि वहॉ तो

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कमबख्त कम्बल

11 अगस्त 2023
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कमबख्त कम्बल ने रात भर सोने नही दिया,मैंने पूछा कि भाई परेशान क्यो हो, मुझे भी सोने दो। कम्बल ने कहा कि बस गर्मी क्या आ गयी तुम मुझे भूल ही गए हो। मैंने कहा नही दोस्त तुमको कैसे भूल

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अनमोल तोहफा

18 अगस्त 2023
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अविनाश ने जैसे ही फेसबुक खोला तो उसको नमिता की फ्रेंड रिक्वेस्ट आयी हुई थी, पहले तो गौर नही किया, सरसरी निगाह से अपडेट देखी और बन्द करके अपने ऑफिस के काम मे व्यस्त हो गया। शाम को जैसे ही फुर्सत

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बेल /लता

20 अगस्त 2023
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मैं एक बेल हूँ जो अक्सर पेड़ो पर लहराती हूँमैने बेल से पूछा कि तुम्हे कौन लपेटता है तुम्हारे हाथ तो है नही।तुम्हे रास्ता कौन बताता है तुम्हारे आंख तो है ही नही । तुम्हे कैसे पता कि तुमने जिसका सह

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मूल निवास

23 अगस्त 2023
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गज्जू 12वीं पास करने के बाद पंजाब अपने मामा के साथ नौकरी की तलाश में चला गया था, कुछ दिन तक घर में ही रहा उसके बाद वहीं उसको एक ढाबे में नौकरी मिल गयी। शुरू में ढाबे

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ओढ़

28 अक्टूबर 2023
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हल लगाते हुए भगतू के बैल ओढ को पार करते हुए दूसरे भाई जगतू के खेत में घुस गये, इतने में जगतू की पत्नी विमला ने यह सब देख लिया, और उसने बिना जाने ही गाली देनी शुरू कर दी। हल्ला और गाली सुनकर जगतू

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