shabd-logo

कचोटती तन्हाइयां -भाग 29

8 अगस्त 2023

49 बार देखा गया 49
जैसे जैसे बच्चे बडे़ हो रहे थे उन्हें चीजें समझ आ रही थीं । शिवन्या, शिवल्या और शिवाली को समझ आने लगा था कि बाबा उन्हें पसंद न‌ करते हैं तो वो अब हवेली न‌ जाकर अपने यहां शिव‌ मंदिर के सामने ही अपने गुड्डे-गुड़ियों के साथ आपस मे ही खेलती रहती थीं , राज प्रताप भानु बड़ा होने के कारण बाबा का अपनी बहनों के प्रति व्यवहार देखकर हवेली न जाकर अपने यहां ही अपने खिलौनों से खेल लेता था और राग प्रताप भानु अपने स्वभाव के कारण हवेली में दिव्यांश प्रताप भानु, दिवाकर प्रताप भानु और दिनकर प्रताप भानु के साथ खेलता और दिव्यांश प्रताप भानु के खिलौने तोड़ देता था , दिव्यांश प्रताप भानु सीधा होने के कारण कुछ न कहता मगर मजाल क्या थी कि दिवाकर प्रताप भानु के खिलौने राग प्रताप भानु छू भी ले , दोनों की प्रकृति एक थी , दोनों एक दूसरे के लिए नमक थे , 'नमक से नमक न खाया जाता है 'वाली उक्ति उन पर फिट बैठती थी वहीं दिनकर प्रताप भानु सबसे अलग अपने में ही मगन‌ रहता था ।

मानसी अपने गृह कार्यों में लगी रहती थी ,उसे दिव्या से कोई सरोकार न था क्योंकि वो भी समझ चुकी थी कि मां के लिए दिव्य प्रताप भानु और उनका परिवार ही पहले है बाद में उसका परिवार ..... 
दिव्या मानसी को बच्चों के साथ लगे देखती तो स्वयं पाकशाला में जाकर जल्दी से जो बना पाती बना देती और हवेली जाती और कनक दूसरे कार्यों में उलझी होती तो वहां पाकशाला में जाकर खाना बना देती थी ।
शिव प्रताप भानु को ये सब बुरा न‌ लगता ,उसे और मानसी को खराब तब लगता जब दिव्या उसके बच्चों से ज्यादा दिव्य प्रताप भानु के बच्चों का बखान करते न थकती , ज्यादा समय हवेली में दिव्य के बच्चों के साथ ही बिताती और जब उसके यहां होती तब भी माला जपती रहती -पता नहीं दिवाकर ने खाना खा लिया होगा कि नहीं !! दिनकर ने सही से नाश्ता किया होगा कि नहीं !! उनके लिए कुछ बनाकर लिए जाऊं........  दिव्या के साथ 'तन यहां मगर मन कहां ' वाली बात रहती और उसकी ये बात राज प्रताप भानु,राग प्रताप भानु, शिवन्या शिवल्या और शिवाली भी महसूस करते कि दादी हवेली के बच्चों को ज्यादा मानती हैं ।

समय तीव्र गति से बीतते बीतते कब सारे बच्चे बडे़ हो गए थे जैसे पता ही न चला था ।
दिव्य प्रताप भानु ने अपने कार्य क्षेत्र वाले स्थान जो कि उसकी हवेली से तीस किलोमीटर दूर था वहां पक्का घर बनवा लिया था और उसके आधे भाग में किराएदार रखकर आधा स्वयं के पास रख लिया था जिसमें वो अपने परिवार सहित रहने लगा था  क्योंकि उसके बच्चे वहीं अपनी पढ़ाई कर रहे थे ।

दिव्य प्रताप भानु और कनक के चले जाने से सूर्य प्रताप भानु हवेली में अकेले रह गए थे ।
शिव‌प्रताप भानु के दोनों बेटे राज प्रताप भानु और राग प्रताप भानु ने पढा़ई में रुचि न लेकर खेती बाड़ी करना ही चुना था ।
शिवन्या और शिवल्या ने दसवीं तक पढ़ कर आगे पढ़ना बंद कर दिया था और शिवाली थोड़ी मंद बुद्धि की थी तो उसको पढा़या ही न गया था ।

चूंकि सूर्य प्रताप भानु हवेली में अकेले रह गए थे , जब छुट्टियां होतीं तभी दिव्य प्रताप भानु का परिवार आता और फिर चला जाता था तो दिव्या ही हवेली जाकर सूर्य प्रताप भानु के लिए दोनों समय का भोजन बनाती थी जो कि राज प्रताप भानु और राग प्रताप भानु दोनों को बहुत बुरा लगता था क्योंकि अब तक सारी बातें उन दोनों को भी पता चल चुकी थीं कि बाबा कैसे हैं और दादी का रवैया कैसा रहा !! 

दोनों ही पिता शिव प्रताप भानु से कहते कि जब दादी अपने हिस्से में हैं तो हवेली दौड़ दौड़ कर क्यों जाती हैं !! 
बाबा की जिम्मेदारी तो दिव्य चाचा की है तो वो जानें ,, बाबा को भी अपने साथ ले जाएं या कनक चाची को यहां भेजें बाबा के भोजन के लिए ,, ये वो सोचें !! 

राज प्रताप भानु और राग प्रताप भानु को पक्षपाती बंटवारे के बारे मे भी पता चल चुका था और उनके मन में बहुत रोष था कि बाबा ने ये कैसा बंटवारा किया कि पूरी हवेली दिव्य चाचा की और हम लोगों को इतनी कम जगह जिसमें हमारा घर बना है !!
इस बात को लेकर उनकी मानसी के साथ बहस भी हो जाती कि पापा दब गए  इसलिए उन्हें दबा लिया गया ,उन्हें अपने अधिकार के लिए कुछ करना तो चाहिए था मगर वो तो जो मिला उसी को लेकर चुप रह गए !! 
इधर सूर्य प्रताप भानु बहुत ज्यादा बीमार हो गए ।शिव प्रताप भानु ने दिव्य प्रताप भानु के पास संदेश‌ भिजवाया मगर दिव्य प्रताप भानु ने दवाइयों पर रुपए खर्च न हों ये सोचकर सांस ही न ली और हारकर सूर्य प्रताप भानु की दवा शिव‌प्रताप भानु ने करवानी प्रारंभ कर दी।
सालों सूर्य प्रताप भानु की दवा,मंहगी मंहगी जांचें, इंजेक्शन इत्यादि पर शिव प्रताप भानु का जाने कितना रुपया खर्च होता जा रहा था और दिव्य प्रताप भानु किसी रात को आता ,पिता का हाल-चाल लेकर रात में ही भाग खडा़ होता कि कहीं शिव‌दादा उसे  खर्च किए जा रहे रुपयों की पर्ची न पकड़ा दें और वो रुपए उसे न देने पड़ जाएं !!
शिव प्रताप भानु और मानसी भी इस बात को समझ रहे थे और‌ राज प्रताप भानु व राग प्रताप भानु भी पर ये अवसर दिव्य प्रताप भानु से इस विषय पर बात करने का न था ।

एक सामान्य आदमी बिक जाए इतने रुपए लग गए तब जाकर सूर्य प्रताप भानु सही हुए थे और उनके सही होते ही दिव्य प्रताप भानु और कनक अपना परिवार लेकर हवेली आ गए थे और संदेवना प्रकट करने लगे थे -"पिताजी आप कितना ज्यादा बीमार हो गए थे , नौकरी की वजह से छुट्टी तक न मिलती थी जो आकर आपकी सेवा ही कर सकते !! 
दिव्यांश प्रताप भानु बाबा के सीने से लगकर ह्रदय से रोया था मगर दिवाकर प्रताप भानु और दिनकर प्रताप भानु को जैसे कोई फर्क ही न पड़ा था ।..........शेष अगले भाग में।

46
रचनाएँ
कचोटती तनहाइयाँ
4.7
मैं आप सबके लिए एक नई कहानी लेकर आई हूँ ,जिसका शीर्षक है 'कचोटती तनहाइयाँ '। मेरी ये कहानी पूर्णतः काल्पनिक है ।मेरी ये कहानी है कहानी के नायक सूर्य प्रताप भानु व उसकी सहधर्मिणी दिव्या प्रताप भानु की । सूर्य प्रताप भानु जो अपने पूर्वजों द्वारा प्राप्त हजारों एकड़ भूमि का स्वामी है और दो बेटों शिव प्रताप भानु व दिव्य प्रताप भानु का पिता है । मेरी ये कहानी 'कचोटती तनहाइयाँ ' वृद्धावस्था में अपनी कचोटती तनहाइयों से जूझ रहे सूर्य प्रताप भानु व दिव्या प्रताप भानु की है,अपनी कचोटती तनहाइयों के लिए ये दोनों स्वयं जिम्मेदार हैं ।हर बार इंसान की औलाद ही दोषी न होती है ,कभी कभी माँ और बाप भी ऐसा कुछ कर जाते हैं जिसका परिणाम उन्हें अपनी वृद्धावस्था में भुगतना पड़ता है जैसे सूर्य प्रताप भानु व दिव्या प्रताप भानु भुगत रहे हैं । आखिर हुआ क्या !! ये जानने के लिए पढे़ं मेरी कहानी -'कचोटती तनहाइयाँ ' 😊🙏🙏
1

कचोटती तनहाइयाँ-भाग 1

26 जुलाई 2023
184
50
10

गोधूलि बेला होने वाली है ।गोधूलि बेला में चरवाहे अपने गोवंशों को घर ले जाते हैं, भगवान भास्कर अपना उदास,क्लांत, मुख लिए पश्चिम में जाते हैं और विहग अपने नीड़ की तरफ लौटते हैं ,ऐसे ही गोधूलि बेला में ग

2

कचोटती तनहाइयाँ-भाग 2

26 जुलाई 2023
102
44
7

कथा सुनते मादा गौरैया सोने लगी थी और नर गौरैया भी ऊँघने लगा था ।"ऊँहहूँ , बडी़ आफत है !दिनभर मजदूरी करके आओ,रात में सोने को मिलता है तो ये बुढ़ऊ भक्क भक्क लगाकर सारी नींद बिगाड़ देते हैं !!"सत्य शरण न

3

कचोटती तन्हाइयां -भाग 3

28 जुलाई 2023
78
44
3

उस दिवस जो, विहग ने सूर्य प्रताप भानु और दिव्या प्रताप भानु के कक्ष से निकलकर हवेली के प्रांगण में बने अपने कोठर में बैठकर अपना सिर अपनी गर्दन पर टिका लिया था , तो उस दिवस से उसने सूर्य प्रताप भानु के

4

कचोटती तन्हाइयां -भाग 4

28 जुलाई 2023
66
44
4

दिव्य प्रताप भानु ,नंदिनी के साथ इसलिए न खेलता कि कहीं वो उससे उसके खिलौने न माँग ले और दूसरी बात अपनी बहन नंदिनी के जन्म पर जो उसके पिता ने कहा व व्यवहार किया था ,उसके कोमल मन पर उसकी छाप बन गई थी ,उ

5

कचोटती तन्हाइयां -भाग 5

28 जुलाई 2023
64
43
5

नंदिनी हवेली के मुख्य दरवाजे की ओट से अपना मासूम मन लिए हुए बाहर बैठे पिता व दोनों दादा को देख रही थी।सूर्य प्रताप भानु ने तो नंदिनी का विद्यालय में दाखिला तक न करवाया था ,नंदिनी दिव्य प्रताप भानु को

6

कचोटती तन्हाइयां -भाग 6

29 जुलाई 2023
63
44
6

सूर्य प्रताप भानु के तीनों बच्चे बडे़ हो रहे थे ।अपनी उम्र पूरी करके दिव्या का प्रिय विहग स्वर्ग सिधार गया था ,जिसकी वजह से दिव्या बहुत शोकाकुल रहने लगी थी। शिव प्रताप भानु पिता के कार्यों में हाथ बँट

7

कचोटती तन्हाइयां -भाग 7

29 जुलाई 2023
58
45
3

"मेरी पीठ पीछे क्या होता रहता है !! स्पष्ट बताओ,पहेलियाँ न बुझाओ !!"सूर्य प्रताप भानु ने कहा।शिव प्रताप भानु हैरानी से छोटे भाई दिव्य को देखने लगा कि ये क्या कहने आया है यहाँ !!दिव्य प्रताप भानु ने कु

8

कचोटती तन्हाइयां -भाग 8

29 जुलाई 2023
58
44
3

नर गौरैया ने आगे की कथा मादा गौरैया को पुनः सुनानी आरंभ कर दी --जहाँ एक तरफ शिव प्रताप के मन में अपने पिता सूर्य प्रताप के प्रति पर्याप्त खटास आ गई थी वहीं दिव्य प्रताप ने मन ही मन निश्चय किया था कि प

9

कचोटती तन्हाइयां -भाग 9

30 जुलाई 2023
56
44
3

श्रीधन सूर्य प्रताप भानु के समीप खडे़ होकर बोला -"मालिक अपनी हवेली के दक्षिण तरफ जो मुख्य मार्ग गया है उस पर जाकर आगे चलकर जो थोडा़ वन क्षेत्र पड़ता है ,उसके आगे ही एक नदी पड़ती है ,,वो नदी पार करने क

10

कचोटती तन्हाइयां -भाग 10

30 जुलाई 2023
55
43
2

सुरतिया पाकशाला का कार्य समेट रही थी और समेटते समेटते ही उसने मनिका व नंदिनी की बात सुनी थी तो उसका मन भी खिन्न हो गया था ,होता भी क्यों नहीं !! माना हवेली के भीतरी कार्यों में लगे रहने की वजह से उसे

11

कचोटती तन्हाइयां -भाग 11

30 जुलाई 2023
54
42
2

"जानती हूँ मैडम जी ,, उसी संबंध में बात करने आई हूँ।"सुरतिया ने दिव्या के पैरों के पास भूमि पर पडी़ दरी पर बैठते हुए कहा ।"हाँ बोल क्या बात करनी है तुझे ?"दिव्या ने पूछा ।"वो मैडम जी ,कल रात से

12

कचोटती तन्हाइयां -भाग 12

30 जुलाई 2023
54
42
3

दिव्या का बुझा और उदास मन याद करने लगा कि कब 'इन्होनें' मुझसे प्यार से बात की !! विवाह के बाद से अभी तक इन्होने उसपर अपनी व्यस्तता ही तो थोपी , अपना रौब ही तो झाडा़ और कुछ नहीं ,,, प्यार के दो बोल तो

13

कचोटती तन्हाइयां -भाग 13

31 जुलाई 2023
51
41
3

नंदिनी के विवाह के दो दिन रह गए थे और दिव्या मन ही मन ये सोचकर कुढ़ रही थी कि इनको लोकलाज की भी परवाह नहीं है ,, ये नहीं सोचते कि सामने भले कोई न बोले मगर पीठ पीछे तो लोग हँसकर कहेंगे ही कि देखो

14

कचोटती तन्हाइयां -भाग 14

1 अगस्त 2023
50
40
3

दिव्य प्रताप भानु प्रसन्न होता हुआ ,मन ही मन अपनी पीठ थपथपाता हुआ हवेली के बाहर जा रहा था कि मैं जैसा सोच रहा था सबकुछ वैसे ही हो रहा है अब मुझे अपना दाँव खेलना है ।गोपी हवेली के सामने वाले शिव मंदिर

15

कचोटती तन्हाइयां -भाग 15

1 अगस्त 2023
49
38
2

पूरे विधि विधान से कुशलता पूर्वक नंदिनी का विवाह संपन्न हो गया था और विवाह संपन्न होते होते भोर हो गई थी ।भोर में कलेवा होने लगा ।सूर्य प्रताप भानु ने हवेली के बाहर बने बरामदे में कलेवा में ही नंदिनी

16

कचोटती तन्हाइयां -भाग 16

2 अगस्त 2023
48
39
2

नंदिनी मनिका को लेकर विदा होकर नवीश के साथ चली गई ,तत्पश्चात श्रीधन हवेली की और उसके सामने शिव मंदिर की सारी सजावट कृषकों की मदद से हटवाने लगा ।शिव प्रताप भानु रात का बचा भोजन व मिठाइयाँ भीतर रखवाकर प

17

कचोटती तन्हाइयां -भाग 17

2 अगस्त 2023
48
39
2

अब वो समय आ गया था जब शिव प्रताप भानु और दिव्य प्रताप भानु दोनों के विवाह के लिए रिश्ते आना प्रारंभ हो गए थे।सूर्य प्रताप लड़की वालों से वार्ता करते और उनके द्वारा लाई उनकी बेटी की फोटो हवेली के

18

कचोटती तन्हाइयां -भाग 18

2 अगस्त 2023
46
38
2

" ओहो , एक तो सूर्य प्रताप का नंदिनी के प्रति ऐसा व्यवहार कि भाई शिव के द्वारा उसके संदूक में जेवर रख देने से आग बबूला हो जाना , अपनी हजारों एकड़ की जमीन में से शिव प्रताप को महज ढा़ई सौ एकड़ दे

19

कचोटती तन्हाइयां -भाग 19

2 अगस्त 2023
47
39
1

जब से सूर्य प्रताप ने अपनी वसीयत कर अपनी हजारों एकड़ की भूमि में से शिव प्रताप को महज ढा़ई सौ एकड़ भूमि दी थी और दिव्या ने भी इस पक्षपात पर कुछ न कहा था तब से शिव प्रताप के मन से माँ दिव्या भी दूर हो

20

कचोटती तन्हाइयां -भाग 20

3 अगस्त 2023
47
38
1

दिव्या व मानसी बात कर ही रही थीं कि दिव्या के कक्ष में दिव्य ने प्रवेश किया ।"अरे दिव्य ,मेरा लाड़ला बेटा ,आओ ,आओ ।"दिव्या ने उठकर आगे बढ़ते हुए दिव्य प्रताप भानु से स्नेह का गागर उडे़लते हुए कहा ।दिव

21

कचोटती तन्हाइयां -भाग 21

3 अगस्त 2023
46
38
1

श्रीधन दिव्य से कुछ भी कहने की हिम्मत न कर सका और दिव्य की तरफ देखकर -"नहीं ,कुछ नहीं बेटा"कहकर वापस हवेली के पीछे बने अपने घर लौट गया ।श्रीधन के घर जाने के दो रास्ते थे ,एक हवेली के गलियारे से होते ह

22

कचोटती तन्हाइयां -भाग 22

7 अगस्त 2023
47
38
1

।श्रीधन हवेली में दबे पाँव आ तो गया मगर चूंकि वो प्रथम बार हवेली के भीतर आया था तो उसे दिव्य प्रताप भानु का कक्ष कौन सा है ये न पता था अतः वो हर कक्ष के पास से दबे पाँव गुजरता हुआ हर कक्ष के अंदर झांक

23

कचोटती तन्हाइयां -भाग 23

7 अगस्त 2023
46
39
0

" उफ़ ! ये दिव्य तो बहुत ही बुरा इंसान है, अपने ही भाई को फंसा रहा है जबकि उसकी कोई ग़लती ही नहीं इस सब में !!" मादा गौरैया ने नर गौरैया से कहा ।" हां ,ये इंसान और इनकी प्रकृति ऐसी ही होती है ,ये अपने

24

कचोटती तन्हाइयां -भाग 24

7 अगस्त 2023
45
37
3

सुरतिया श्रीधन को लेकर अस्पताल के बाहर पड़े परिसर के एक वृक्ष के नीचे बैठ गई और रोते हुए बोली - "ये आपने क्या कर दिया ! अब हम कहां रहेंगे ,क्या खाएंगे ! " " मैं भी जा रहा हूं दिव्य दादा , यहां कब

25

कचोटती तन्हाइयां -भाग 25

7 अगस्त 2023
43
36
0

कनक बिना कुछ कहे ही चली गई, बडे़ और उदार ह्रदय वाली मानसी ने भी घर में शांति बनी रहे इस हेतु आगे कुछ न कहा और सारे कार्य स्वयं ही करती रही ।मानसी की चुप्पी से कनक और ज्यादा मनमानी करने लगी और मा

26

कचोटती तन्हाइयां -भाग 26

7 अगस्त 2023
42
36
0

"क्या ! पिताजी ने हमारे साथ इतना पक्षपात किया और मां ने कुछ न कहा क्या !आप भी तो उनके बेटे हो और बडे बेटे हो कोई आपको कहीं से उठा कर तो न लाया गया !!"मानसी ने राज प्रताप भानु को सुलाते हुए कहा ।" एक त

27

कचोटती तन्हाइयां -भाग 27

8 अगस्त 2023
40
35
1

"ये कैसा बंटवारा है पिताजी !! पूरी हवेली दिव्य प्रताप भानु की और जितना परिसर पड़ा वो सब मेरा !! मैं पहले अपने लिए घर बनवाऊं तब जा कर रह पाऊं !! "शिव प्रताप भानु ने हैरानी में भरकर पिता सूर्य प्रताप भा

28

कचोटती तन्हाइयां -भाग 28

8 अगस्त 2023
42
36
0

हवेली के पीछे श्रीधन के लिए जो घर सूर्य प्रताप भानु ने दिया था वो बस दो कक्षों का एक छोटा सा घर था जिसमें एक कक्ष इतना छोटा था कि उसमें पाकशाला ही हो सकती थी , दूसरा कक्ष ही था जिसमें दो पलंग पड़ने के

29

कचोटती तन्हाइयां -भाग 29

8 अगस्त 2023
42
36
0

जैसे जैसे बच्चे बडे़ हो रहे थे उन्हें चीजें समझ आ रही थीं । शिवन्या, शिवल्या और शिवाली को समझ आने लगा था कि बाबा उन्हें पसंद न‌ करते हैं तो वो अब हवेली न‌ जाकर अपने यहां शिव‌ मंदिर के सामने ही अपने गु

30

कचोटती तन्हाइयां -भाग 30

8 अगस्त 2023
43
36
1

दिव्य प्रताप भानु के बच्चों की पढाई हो चुकी थी इसलिए वे अपनी मां कनक के साथ हवेली ही रुक गए थे मगर दिव्य प्रताप भानु की सरकारी नौकरी थी अत: वो वापस चला गया था ,कनक ने दिव्य प्रताप भानु से कह दिय

31

कचोटती तन्हाइयां -भाग 31

10 अगस्त 2023
42
36
0

शिव प्रताप भानु को एक पिता का जो स्नेह सूर्य प्रताप भानु से न मिला था वो उसे श्रीधन से मिलता महसूस होता था ,यही कारण था कि वो श्रीधन से हर छोटी-बड़ी बात कहकर अपना मन हल्का कर लेता था ।आज भी वो अपने खे

32

कचोटती तन्हाइयां -भाग 32

10 अगस्त 2023
42
36
0

मानसी शिव प्रताप भानु के पास बैठती हुई बोली ,-" राज और राग दोनों हवेली के बंटवारे की बात करने पिताजी के पास जाएंगे , मुझे तो यही लग रहा है कि पहले तो पिताजी ही उसके बाद दिव्य प्रताप और उनके दिवाकर व द

33

कचोटती तन्हाइयां -भाग 33

10 अगस्त 2023
43
36
0

मानसी बोली -" उनके बाप का नहीं मगर उनके बाबा का तो घर है ,वो बाबा ,जिनका स्वास्थ्य इतना खराब हो गया था कि वे मरणासन्न हो गए थे तब तो तुम और देवर जी अपने -अपने मुंह छुपाए वहां पड़े हुए थे तब इनके बाप न

34

कचोटती तन्हाइयां -भाग 34

10 अगस्त 2023
43
36
1

पिता ससुर सूर्य प्रताप भानु के इस निर्णय को सुनकर कनक का मुंह उतर गया और दिवाकर प्रताप भानु और दिनकर प्रताप भानु के चेहरों पर भी बारह बज गए ।सूर्य प्रताप भानु ने आगे राज प्रताप भानु और राग प्रता

35

कचोटती तन्हाइयां -भाग 35

10 अगस्त 2023
42
37
0

सबके पेट दुख रहे थे दिव्य प्रताप भानु और उसके बेटों को हवेली में रहते देखकर ,खाना न‌ हजम हो रहा था ,हवेली बंटवा ली तभी सबके कलेजे को ठंड़क पड़ी ।"दिव्या यूं भुनभुनाते हुए ये भी न सोच रही थी कि उ

36

कचोटती तन्हाइयां -भाग 36

11 अगस्त 2023
42
36
1

"पिताजी , आपकी पोती का श्रावस्ती जिले में विवाह देख आया हूं , आपको विवाह की बातचीत तय करने चलना है ।" शिव प्रताप भानु ने कहा ।दिव्यांश प्रताप भानु को पता चला कि शिव प्रताप ताऊ जी आए हैं तो

37

कचोटती तन्हाइयां -भाग 37

11 अगस्त 2023
41
35
0

राज प्रताप की बात सुनकर शिव‌ प्रताप भानु समझ गया कि इसने मेरी और मानसी की विगत रात्रि की बात सुन ली है तभी इसने अपनी दादी के समक्ष प्रश्न उठाया है वहीं राज प्रताप भानु के मुंह से 'बाबा की तो पूरी तिजो

38

कचोटती तन्हाइयां -भाग 38

11 अगस्त 2023
42
36
1

बाबा सूर्य प्रताप भानु का उत्तर सुनकर राज प्रताप भानु और राग प्रताप भानु उठकर जाने लगे ।घर के अंदर से अपने ट्रांसपोर्ट के लिए जाते दिनकर प्रताप भानु ने बाबा और राज दादा व राग दादा की बात सुनी और वो व्

39

कचोटती तन्हाइयां -भाग 39

11 अगस्त 2023
43
36
0

दिव्यांश प्रताप भानु , शिवन्या के विवाह में सम्मिलित हुआ था , ये राज प्रताप भानु को तो न बुरा लगा क्योंकि वो सुलझे दिमाग का और सह्रदय था मगर राग प्रताप भानु का उसको देखकर मुंह बना ही रहा ।अगले दिन जब

40

कचोटती तन्हाइयां -भाग 40

12 अगस्त 2023
44
37
5

सूर्य प्रताप भानु ने अपने दरवाजे पर राज प्रताप भानु और राग प्रताप भानु को आया देखकर उनसे कहा -" कहो शिव प्रताप के दूतों , आज शिव प्रताप की तरफ से क्या संदेश लेकर आए हो !!" " चरण स्पर्श बाबा , हम

41

कचोटती तन्हाइयां -भाग 41

13 अगस्त 2023
43
36
1

शिवल्या भी अपने भाइयों , पिता व मां को परेशान‌ देखकर दुखित थी और दोपहर का भोजन‌‌ कर अपने कक्ष में लेटी हुई करवटें बदलती जा रही थी , जब चैन‌ न पडा़ तो सोचा कि चलकर कुछ क्षण शिव‌ मंदिर में ही बैठूं ! और

42

कचोटती तन्हाइयां -भाग 42

13 अगस्त 2023
42
36
0

दिव्यांश प्रताप भानु का विवाह कुशलतापूर्वक निपट गया था और शिवन्या और शिवल्या अपने अपने पतियों के साथ अपने ससुराल वापस जाने के लिए सामान बांध‌ रही थीं ।सामान बांधने के बाद शिवन्या और शिवल्या दोनों मां

43

कचोटती तन्हाइयां -भाग 43

13 अगस्त 2023
42
36
2

राज प्रताप भानु खेतों पर काम करते हुए पिता से बोला -" पिताजी ,आप चिंता न करें, शिवाली ने कह दिया है मगर वो एक दिन‌ भी भूख सह न पाएगी और भोजन कर लेगी , वो एक दिन भोजन न करे वो मैं सह सकता हूं मगर उसको

44

कचोटती तन्हाइयां -भाग 44

15 अगस्त 2023
42
35
3

शिवाली के लिए इसके आगे एक शब्द भी कहा तो मैं तुम्हारी जुबान खींच लूंगा ,मुझे शिवाली के लिए ऐसे शब्द सुनना कदापि स्वीकार नहीं है , तुम्हें पूरी सौ एकड़ भूमि चाहिए ना , ठीक है तुम्हें पूरी सौ एकड़ भूमि

45

कचोटती तन्हाइयां -भाग 45

16 अगस्त 2023
41
35
4

शिव प्रताप भानु का कोई समाचार न‌ मिलने के कारण श्रीधन का मन छटपटाता रहा ........... राज प्रताप भानु बहन शिवाली के विवाह की तिथि समीप आने के कारण विवाह की बची हुई तैयारियों में लगा था और उसी मध्य

46

कचोटती तन्हाइयां -भाग 46अंतिम भाग

16 अगस्त 2023
43
37
7

दिव्या और सूर्य प्रताप भानु घर के मुख्य दरवाजे से पहले बने बरामदे के ऊपर बने कमरे में ले गए , और दिव्य प्रताप भानु और कनक , दिनकर प्रताप भानु और उसकी पत्नी सहित चले गए ।दिव्य प्रताप भानु ने चतुराई के

---

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए