shabd-logo

एक कमरे में अवनी, राजीव

2 अगस्त 2023

7 बार देखा गया 7
यदि कोई व्यक्ति किसी कार्य को अंजाम अपने मन मुताबिक देना चाहता है ,तो वह उसे भगवान की मर्जी ईश्वर की इच्छा मान लेता है ।

जबकि उसमें ना तो भगवान की मर्जी होती है ना ही ईश्वर की इच्छा वह उसकी स्वयं की मर्जी और स्वयं की इच्छा होती है जिसका परिणाम कभी अच्छा और कभी बुरा होता है।


 जब अच्छा होता है वह सोचता है, कि भगवान को यही मंजूर था और जब, बुरा होता है तो वह सोचता है ,की शायद हमें ऐसा नहीं करना चाहिए?


 इसी कारण लोग सोचते हैं कि हम तो निमित्त मात्र हैं करवाने वाला तो कोई और ही है। हमेशा से यही होता आया है कि कार्य अपने कारण में पूर्व निहित होता है।

 बिना कार्य के कारण की उत्पत्ति नहीं हो सकती राजीव और अवनी का इस तरह फिर पास पास आना किसी बड़े कार्य की ओर संकेत कर रहा था, दोनों ने जो दृढ़ निश्चय किया था।


 ऐसा नहीं था कि वह उस पर अडिग ना थे, किंतु कहीं ना कहीं परिस्थितियां ऐसी बनी कि वह दोनों चाह कर भी उस निर्णय को मानने में असफल रहे, 


राजीव ने अवनी कहा आज कितना अच्छा महसूस कर रहा हूं आज मैंने अपने मन की सारी बातें आप से बता दी आज बहुत हल्का पर महसूस हो रहा है।

 अवनी ने कहा सच राजीव मुझे भी ऐसा ही महसूस हो रहा है लेकिन तुम मुझे "आप "मत कहा करो मुझे सुनने में थोड़ा अजीब लगता है ।

राजीव ने कहा तो मैं आपको क्या कहूं कुछ सोचते हुएअवनी ने कहा अपनी पसंद से कोई भी नाम रख सकते हो, या फिर अवनी ही बुलाओ राजीव ने कहा अवनी तो अकेले मेरे मुंह से निकलेगा ही नहीं,,,


 क्योंकि अवनी जी बोलने की आदत जो पड़ गई है। तो फिर मैं क्या बुलाऊं? नीलम ने कहा इतना बड़ा कठिन प्रश्न नहीं है तुम अवनी को जान से भी ज्यादा चाहते हो तो उसे जान भी बुला सकते हो?

  नीलम के इस तरह कहने पर राजीव संकोच में पड़ जाता है और कहता है नहीं मैं यह सब नहीं बुला सकता तभी अवनी ने कहा मुझे कोई एतराज नहीं है। 

अगर राजीव तुम चाहो तो मुझे जान भी बुला सकते हो राजीव नजरें नीचे करके कहता है। ठीक है फिर मैं आज से आपको जान ही बुलाऊंगा अवनी खुश हो जाती है, और कहती है मैं तुमको क्या बुलाऊं,,,,


 राजीव ने कहा कि तुम मुझे राजीव बुलाओ क्योंकि तुम्हारे मुंह से अपना नाम सुनना मुझे बहुत अच्छा लगता है जब तुम राजीव कहती हो तो मेरी दिल की धड़कनें अचानक से तेज हो जाती है। 

अवनी और राजीव का ध्यान नीलम की ओर जाता है और दोनों शर्मा जाते हैं, नीलम बोली कोई बात नहीं इतने दिन बाद तुम लोग मिले हो तो गिले-शिकवे तो होंगे ही और उठ कर खड़ी हो जाती है।


  नीलम बोली मैं चलती हूं, अवनी ने उसे रोकने का प्रयास किया लेकिन नीलम रुकने को तैयार नहीं हुई अवनी बोली मैं भी चलूं हालांकि अवनी का मन तो राजीव के पास रुकने का था।


 ,तो नीलम ने कहा मुझे कुछ काम है थोड़ी देर बाद में आती हूं तब दोनों साथ में चलेंगे वैसे भी क्लास शुरू होने में अभी काफी समय है। 

इसलिए तुम निश्चिंत होकर आराम से बातें करो मैं अपना काम निपटा कर आधे घंटे में आती हूं राजीव ने कुछ कहना चाहा किंतु नीलम कहती है कि,,,,


 आप दोनों को अकेले डर तो नहीं लगेगा इस पर राजीव और अवनी दोनों ने हंसते हुए कहा हां लगेगा तुम रुक जाओ इसीलिए तुमको रोक रहे हैं नीलम बोली ना बाबा मुझे तो जाना ही है ।

और नीलम राजीव के कमरे से बाहर चली जाती है। अब राजीव और अवनी अकेले कमरे में रहते हैं। एक दूसरे को देखते हुए कहते हैं कि अब तो हमारे बीच सारी गलतफहमी खत्म हो गई,

 राजीव अवनी का हाथ अपने हाथों में लेकर कहता है अवनी अब मैं तुम्हारे बिना नहीं जी सकता अवनी राजीव के थोड़ा करीब जाकर कहती है मैं भी नहीं जी सकती और दोनों बहुत देर तक एक दूसरों की आंखों में खो जाते हैं। 

तभी राजीव उठ कर अवनी को गले लगा लेता है दोनों बहुत देर तक एक दूसरे मे खो जाते हैं फिर अचानक किसी के दरवाजा खटखटाने की आवाज आती है।

 दोनों का ध्यान दरवाजे की ओर जाता है राजीव घबराकर अवनी को छोड़ते हुए कहता है ,शायद नीलम आ गई? और दरवाजा खोलने चला जाता है। 

दरवाजे पर सामने नीलम खड़ी रहती है। राजीव नीलम को देखते ही कहता है बड़ी जल्दी आप आ गई नीलम उसकी ओर देखते हुए कहती है।

 जल्दी मैं तो आधा घंटा देर से आई "ओह ",,, तो क्या हुआ मैंने आप दोनों को डिस्टर्ब किया क्या ?अवनी नजरें नीची कर लेती है 

और राजीव भी अपनी नजरों को झुका देता है नीलम दोनों की तरफ देखती है दोनों के चेहरे लाल हुए रहते हैं नीलम समझ जाती है कि दोनों को उनकी मंजिल मिल गई

, नीलम कहती है कि ठाकुर साहब की बातें आप दोनों लोगों को याद ही होंगी अवनी ने कहा अब मैं उन बातों को याद नहीं रखना चाहती,,,


 नीलम उसको आश्चर्यचकित होकर देखती है और कहती है कम से कम अपना नहीं तो राजीव का तो ख्याल करो राजीव बोला जो होगा देख लेंगे???

 अब मैं अवनी को नहीं छोड़ सकता और अवनी मुझे नहीं छोड़ सकती ठाकुर साहब या फिर कोई आ जाए अब हमें एक दूसरे से अलग कोई नहीं कर सकता?


 नीलम ने उनके चेहरे पर एक अजीब सी चमक देखी और नीलम यह समझ गई अभी किसी भी तूफान से लड़ने के लिए तैयार हैं कुछ बोलती नहीं और अवनी की तरफ देखती हुई कहती है ।

अगर आपका मन शांत हो गया हूं तो हम अपने हॉस्टल चले अबनी कहती है,। तुमने ही तो आने में देर लगा दी ना मैं तो कब से जाने के लिए तैयार बैठी हूं, नीलम अवनी के पास जाकर उसके ठुड्ढी को अपने हाथों से उठाते हुए कहती है।

 सच में तुम तैयार थी?, अवनी ने कहा और क्या राजीव जी से पूछ लो नीलम बोली मुझे समझ में आ रहा है। तुम कितनी तैयार थी।

 अवनी ने कहा ने कहा क्या मतलब,,?नीलम बोली ,,,मतलब "राजीव जी "अभी तक तो तुम हमेशा राजीव को राजीव ही कहती थी।

 आज राजीव से राजीव जी कैसे हो गए ?क्या बात है? अवनी कुछ नहीं बोलती और कुछ शर्माते हुई उठ कर खड़ी हो जाती है ।और कहती है ,,,,,

अच्छा चलो राजीव की ओर देखते हुए कहती हैं अब हम चलते हैं राजीव अवनी को चुपचाप खड़ा देखता रहता है ।

जब तक वह आंखों से ओझल नहीं हो जाती वह उसको यूं ही निहारता रहता है और अपने मन में सोचता है कि क्या मैं सही कर रहा हूं? या गलत कर रहा हूं?

आगे जानने के लिए पढ़ते रहे प्रतिउत्तर ॽॽॽ 🙏 क्रमशः।।।।
76
रचनाएँ
प्रतिउत्तर???
4.8
पारिवारिक साख प्रतिष्ठा मान मर्यादा और स्वयं की लज्जा एवं भीरुता के कारण जो मुद्दे समाज से अछूते रह गए उसका उत्तरदायी कौन ॽॽ ,अवनी , राजीव,या फिर उनका परिवेश संस्कार या आधुनिकता के बहाने सिनेमा घरों में परोसी गयी अश्लीलता जो रिश्तो के तानो बानो को बुनने में असमर्थ हैं।सबका उत्तरदायी कौन ॽ
1

परिचय,,,,,

15 मई 2023
30
12
21

बड़े घरानो और बड़ी बड़ी हवेलियों के अपने कुछ राज होते हैं। जो समाज में रहने वाले लोगों की सोच से भी परे होते है। , बाहर से जो हवेलियां अपने "शानो शौकत ",मान मर्यादा और संस्कारों से भरी रहती हैं ,अंदर

2

समर्पण....

16 मई 2023
22
10
13

अब अरुणिम साल भर का हो गया , एक सुन्दर तथा अपनी ओर सबको बरबस आकर्षित करने वाला बालक।कोई भी उसके रुप को देखकर उसे दुलारने के लिए तत्पर हो जाता वह ज्यादा समय अपनी बड़ी मां कलावती के समीप ही रहता,,, कलाव

3

नवागन्तुक,,,

18 मई 2023
14
5
2

बसंत ऋतु आने पर सम्पूर्ण प्रकृति नवीनता से भर जाती है वृक्षों पर वृक्षोंकोमल नवागंतुकों के स्वागत में सम्पूर्ण कायनात जिस प्रकार जुट जाती है। अखण्ड प्रताप की हवेली में आज वही दिखाई दे रहा था l एक

4

नई शुरुआत

22 मई 2023
9
5
2

ऐसा नहीं था , कि सुनंदा शहरी वातावरण से अछूती रही हो किन्तु स्वयं इस माहौल में उसकी पहली शुरुआत थी "।एक अजीब" सी उमंग और उत्साह लिए ट्रेन से उतरती है। उतरते ही, ,,,एक बहुत बड़ी गाड़ी उन्हें पिकअप करने

5

श्रूंखलाबद्ध,,,,,,

24 मई 2023
9
5
2

कुछ चीजें पूर्व निर्धारित होती है , जिसमें व्यक्ति का जन्म और उसकी मृत्यु विज्ञान युग युगान्तर तक चाहे जितना विकसित हो जाए,,, किन्तु कुछ चीजों के कारण वह हार कर बैठ जाता है। कहते हैं जन्म तथा मृत्यु क

6

हवेली का काला सच,,,

29 मई 2023
9
5
2

आज बच्चों के घर आते ही कैसी रौनक आ गयी अम्मा बोली मेरे राजकुमार आ गये,,,,,, सुनंदा ने पैर छुए और बच्चे अपनी दादी से चिपक गये l उधर कलावती बरबस पुरानी यादों में खो जाती है। वो सुन्दर चांद जैसी सूरत, बड

7

हवेली की शानो-शौकत,,,

31 मई 2023
7
5
2

अखंड प्रताप कार में बैठे तभी उनकी नज़र केशव काका (माली) के बेटे पर पड़ी अरे! सुनो क्या नाम है तुम्हारा?, पहचानी आवाज सुनकर राजीव पलटा दौड़कर अरे! "ठाकुर साहब" आप अखंड बोलें क्या तुमने भी परीक्षा

8

कालेज का पहला दिन,,,,

3 जून 2023
9
6
2

शब्द इससे तीखा कोई बाण नहीं होता, क्योंकि एक शब्द ही तो है ,जो व्यक्ति के मन में कहीं छूट जाए तो तीर से भी अधिक कष्टदायक होता है। अब आप सोच रहे होंगे कि यह शब्दों की बात कहां से आ गई जी हां एक शब

9

फ्रेशर्स पार्टी,,,,,,

5 जून 2023
6
5
2

कॉलेज में आज फ्रेशर पार्टी थी, कभी-कभी कुछ पल जीवन के रास्ते बदलने के लिए ही बनते हैं ।और हम चाह कर भी उसे मोड़ नहीं पाते इसे नियति कहिए या फिर प्रभु की इच्छा, जो भी हो उस समय हमारा मन मस्तिष्क उ

10

फ्रेशर्स पार्टी भाग दो,,

6 जून 2023
7
5
2

क्या किसी से प्रेम करना गलत है? प्रेम जात-पात, ऊंच-नीच को देख करना चाहिए, और चलिए मान लीजिए सब कुछ देखने के बाद प्रेम वाला भाव ही ना आया तो क्या करें? यूं तो दिन भर व्यक्ति की नजरों से लाखो हजारों लो

11

राजीव की मनःस्थिति,,

7 जून 2023
6
5
2

कभी-कभी मन ऐसे द्वंद में फस जाता है, कि सारी बौद्धिकता धरी की धरी रह जाती है ।यही स्थिति आई होगी विश्वामित्र के सामने जब उन्होंने मेनका को पहली बार देखा होगा ,?? तप तो भंग होना ही था । जब वैदिक क

12

पार्टी वाली रात,,,,

8 जून 2023
6
5
3

आज सभी विषयों की क्लास होनी थी ।दो विषयों की तो एस्ट़ा क्लास भी है ।नीलम ने अवनी को जगाते हुए कहा अवनी 7:00 बज गए ,अवनी अलसाते हुए घड़ी देखती है। फिर आंख फाड़ कर देखती है ,ओह,, !माय गॉड तू ने जग

13

बारिश वाली रात,,,,

9 जून 2023
6
5
2

हर किसी के जीवन में जरूरी नहीं है ,कि बरसात कुछ अच्छा लेकर आए ज्यादातर मामलों में बरसात अच्छी ही होती है। किन्तु कभी -कभी यह कहर भी बरपा देती है। आज अवनी के जीवन की दिशा बदलने में कुछ

14

अवनी नशे में,,,,,,

14 जून 2023
8
6
3

अचानक तेजी से बिजली कड़की, कड़कती बिजली में अवनी इतनी तेज चौकी कि उसने अपने सामने खड़े राजीव को कस कर पकड़ लिया, राजीव कुछ समझ पाता उसके पहले राजीव के बदन में एक सिहरन सी दौड़ गई, नीलम और मय

15

राजीव की कशमकश,,,

25 जून 2023
5
4
2

किसी कार्य को करने के पहले उस कार्य में उसके कारण का होना निहित होता है,यह पूर्णता सत्य तथ्य है, ,किंतु अज्ञानता वश या फिर ऐसा होना निश्चित ही रहता है, ।इस कारण व्यक्ति उसी ओर उन्मुख होता चला जाता है।

16

हास्टल वापस आना,,,,

15 जून 2023
8
5
3

संपूर्ण संसार में प्रत्येक व्यक्ति के मन में किसी कार्य को करने के पूर्व अंतः करण की आवाज अवश्य आती है, किंतु उस समय व्यक्ति सामने वाले की कई बार कही गई बात को ही सही मान लेता है, और वह अपन

17

राजीव का अवनी के प्रति प्रेम,,,,,

26 जून 2023
5
4
2

कभी कभी व्यक्ति ऐसे भंवर में फंस जाता है कि वह चाह कर भी कुछ नहीं कर सकता, ऐसा ही कुछ रूप प्रेम करने वालों के समक्ष देखा जाता है। वह यह नहीं चाहता कि मेरा प्रेम स्पष्ट रूप से किसी को दिखाई दे, सि

18

अवनी राजीव का परस्पर मिलन,,,,

27 जून 2023
6
4
1

प्रत्येक व्यक्ति समाज में बने एक सामाजिक अनुशासन में जीवन व्यतीत करता है ।जो इस सामाजिक अनुशासन से थोड़ा भी अलग होने की कोशिश करता है ,समाज उसको अपने से अलग कर देता है। ,सदियों से ऐसा होता है, या

19

माली काका की तबीयत,,,,,

28 जून 2023
6
4
1

क्या हम प्रेम को परिधि मे बांध सकते हैं। यदि हां तो उसका मानक क्या होना चाहिए ?क्या कोई सच्चा प्रेम परिधि का गुलाम है, अथवा जो प्रीत की सीमाओं को तोड़ दे वही सच्चा प्यार है। मयंक के घर चले जाने क

20

होली का त्योहार,,,

30 जून 2023
5
4
1

जीवन में नवीनता लाने के लिए त्योहारों का उतना ही महत्व होता है जितना कि भोजन और वस्त्र का प्रतिदिन की मशीन की तरह वाली, हां रोज की वहीं दिनचर्या व्यतीत करते करते व्यक्ति ऊब जाता है। इस उबाऊ

21

आज होली है ,,

1 जुलाई 2023
4
4
1

वह कहते हैं ना, इश्क छुपाए नहीं छुपता वो तो नजर आ ही जाता है ।खुद को आए ना आए दूसरों को समझ आने लगता है। , कुछ ऐसी ही हालत राजीव की हो रही थी, गांव के लोग सोच रहे थे, कि बेचारे के बापू की तबीयत ठ

22

अवनी राजीव की नजदीकियां

2 जुलाई 2023
4
4
1

कभी कभी जीवन में हम अपनी मांगी मुरादे पूरी होते देख यह सोचते हैं कि शायद भगवान को भी यही मंजूर है। लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि कभी-कभी भगवान को भी कुछ और ही मन्रजूर होता है। एक तरफ तो हम खुश होते

23

राजीव को अवनी की चिंता,,,

4 जुलाई 2023
4
4
1

प्रत्येक मनुष्य कभी न कभी कोई न कोई गलती अवश्य करता है किंतु कुछ गलतियां छम्य में होती है तथा कुछ अछम्य,,,,, राजीव ने भी ऐसी कोई गलती की नहीं थी जितना उसके विषय में अवनी और राजीव दोनों सोच

24

नीलम अवनी में बहस,,,

5 जुलाई 2023
5
4
0

कभी-कभी हमारी विचारधाराएं हमारी परंपराओं पर भारी पड़ जाती है। जैसे विचार हमारे मन में आते हैं, वह कहीं ना कहीं हमारी परंपराओं से अछूते नहीं रहते व्यक्ति जिस परिवेश में रहता है, उसी तरह की सोच उसके व्य

25

अवनी को भूल का एहसास,,,,,

6 जुलाई 2023
4
4
0

पश्चाताप एक ऐसा शब्द है ,जो व्यक्ति के मन में बोझ बनकर रहता है, ।व्यक्ति चाह कर भी उसे सामने वाले से व्यक्त नहीं कर सकता, क्योंकि यह वह ताप है ,जो बाद में व्यक्ति को धीरे धीरे तपाता रहता है

26

अवनी का राजीव की ओर आकर्षण,,,,

7 जुलाई 2023
4
4
0

अच्छाइयां और बुराइयां व्यक्ति के मन में हमेशा रहती है जो जिस गुण को ज्यादा अपनाता है। उसकी प्रवृत्ति उसमें अधिक हो जाती है, मनुष्य के जीवन में बुराइयों का होना भी उतना ही जरूरी है जितनी की अच्छाइ

27

अवनी का बेचैन होना,,,,

9 जुलाई 2023
4
4
0

सारे भाव मनुष्य के मन के भीतर ही रहते हैं ।कौन कब किस भाव से किसी व्यक्ति को देखता है ,यह उसकी इच्छा पर निर्भर रहता है, ॽ नहीं शायद उसमें उसकी इच्छा नहीं चलती हां यह जरूर होता है कि, व्यक्ति भावन

28

अवनी का रिश्ता,,,

10 जुलाई 2023
4
4
0

कुछ चीजें व्यक्ति स्वयं ही महसूस करता है उसे महसूस करने के लिए किसी सहारे की जरूरत नहीं होती,,,, भले वह जानबूझकर अनजान बना रहे ,किंतु यह उसे भी पता होता है। कि उसके मन में अगले के लिए क्या भाव है ॽप्र

29

अवनी का रेहान से मिलना,,,,

11 जुलाई 2023
4
4
0

आकर्षण प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक उम्र का सबसे खूबसूरत एहसास होता है, जो होता सबके साथ है ,कुछ रुक कर उस एहसास को जीने लगते हैं ।,और कुछ आगे बढ़ जाते हैं। आज सुबह से ही ठकुराइन बिस्तर से उठी ही न

30

अवनी का रेहान को थप्पड़ मारना,,,

11 जुलाई 2023
4
4
0

प्रत्येक व्यक्ति के मन में हर किसी के लिए अलग-अलग भाव होता है। उस भाव का अनुभव उसके दिमाग में बनी हुई उसकी छवि के आधार पर होता है, जिस व्यक्ति की छवि दिमाग में जैसी बन जाती है, उसके प्रति व्यक्ति

31

नीलम के साथ छेड़छाड़

12 जुलाई 2023
4
4
0

स्वभाव एक ऐसी मानसिक प्रवृत्ति है जो कभी बदलती नहीं हां कुछ क्षण कुछ कुछ पल या फिर कुछ दिनों तक व्यक्ति इसको बदलने की कोशिश कर सकता है। किंतु व्यक्ति का स्वभाव कहीं ना कहीं सबके समक्ष प्रकट हो ही

32

रेहान का असली चेहरा सबके सामने ,,,,,,,

13 जुलाई 2023
4
4
0

स्वभाव एक ऐसी मानसिक प्रवृत्ति है जो कभी बदलती नहीं हां कुछ क्षण कुछ कुछ पल या फिर कुछ दिनों तक व्यक्ति इसको बदलने की कोशिश कर सकता है। किंतु व्यक्ति का स्वभाव कहीं ना कहीं सबके समक्ष प्रकट हो ही

33

अवनी का हास्टल वापस आना,,,

14 जुलाई 2023
4
4
0

जहां चाह होती है, वहां राह वाली बात तो हम सब जानते हैं, किंतु अवनी के साथ तो जहां चाहत थी ,उसको वही जाने का रास्ता भी मिल गया, उसे रास्ता ढूंढना नहीं पड़ा बल्कि रेहान ने खुद ही दे दिया, रेहान की

34

अवनी को लेकर नीलम कन्फ्यूज,,,,

14 जुलाई 2023
4
4
0

जब व्यक्ति गुस्से में होता है तो सबसे पहले उसका स्वविवेक मर जाता है। और अक्सर वह गलत निर्णय ले लेता । क्योंकि जब वह गुस्से में होता है , तो सारी इंद्रियां उसकी क्षण भर के लिए इतनी वेगवान हो

35

अवनी का मयंक से मिलना,,,,

15 जुलाई 2023
4
4
0

कभी-कभी व्यक्ति करना कुछ चाहता है ।और हो कुछ और ही जाता है उसे समझ ही नहीं आता कि यह कार्य उसे करना चाहिए??? था कि नहीं करना चाहिए था, यह ज्यादातर चरितार्थ होता है, प्रेम या प्यार के संदर्भ

36

अवनी का राजीव के प्रति आकर्षण,,,,,

16 जुलाई 2023
4
4
0

संकल्प और विकल्प मन के ही दो भाव है, इसलिए मन को भगवान ने निर्णय लेने की क्षमता नहीं दी है, उस कार्य के लिए भगवान ने बुद्धि को नियुक्त कर दिया प्रेम बुद्धि कि नहीं मन की चीज है, इसलिए प्रेम

37

अवनी राजीव की दीवानी,,

16 जुलाई 2023
4
4
0

प्रेम में कुछ कर गुजरने की इच्छा बढ़ती जाती है, व्यक्ति जब तक सोचने समझने की स्थिति तक पहुंचता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है ।चीजें उसके हाथ से निकल चुकी होती है ,और हाथ मलने के सिवा उसके पास और

38

अवनी राजीव में परस्पर प्रेम,,,

17 जुलाई 2023
4
4
0

प्रेम एक एहसास है जिसे सिर्फ करने वाला ही समझ सकता है ,प्रेम में व्यक्ति सामने वाले की भावनाओं को इतनी बखूबी से समझता है, ।जितना कि वह स्वयं के विषय में भी नहीं जानता होगा, एक प्रेमी और एक सफल व्यक्ति

39

परीक्षा का परिणाम,,,

18 जुलाई 2023
4
3
0

हर किसी के जीवन में परीक्षाएं तो आती जाती रहती है, किन्तु जो इन परिक्षाओं को जो पार कर लेता है ।वहीं सफ़लता प्राप्त करता है,और जो इन्हें नहीं पार कर पाता वह असफल हो जाता है, सफलता और असफलता के बी

40

अवनी की कशमकश,,,,

19 जुलाई 2023
5
4
0

परीक्षाफल जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाता है, परीक्षा फल से व्यक्ति का व्यक्तित्व निखार कर सामने आता है, सोचिए अगर परीक्षा फल ना हो तो व्यक्ति उस कदर मेहनत कर पाएगा ???जिस तरह उसे मेहनत करनी च

41

पार्टी के लिए मनाना,,,,

19 जुलाई 2023
4
4
1

प्रेम एक ऐसा एहसास है, जिसमें व्यक्ति दूसरों के किए गए कार्य को छुपाने का भरसक प्रयास करता है भले ही वह कार्य उसने न किया हो, किंतु जिसे वह चाहता है, उसकी हर इच्छा को पूरा करना ही वह अपने जीवन का ध्ये

42

मन की बात मानना ,,,,,,,,,

20 जुलाई 2023
4
4
0

"एक नशा एक जुनून एक पागलपन" अपने प्यार में सब कुछ खो देने की चाहत यही तो प्रेम का स्वरूप है। ,जिसके आगे माता-पिता समाज सभी को झुकना ही पड़ता है, अवनी और राजीव का प्रेम भी अब समर्पण के मोड़

43

नजदीकियां,,,,,,

21 जुलाई 2023
5
4
0

समाज में जब किसी चीज की अधिकता हो जाती है तो समाज उसे अपनाने लगता है, क्योंकि वह चलन में आ जाती है। और जो चीज चलन में आ जाती है उसी का प्रचलन हो जाता है ।और जो चीज चलन में नहीं आई रहती वह समाज क

44

आग का धुआं,,,,,,,

22 जुलाई 2023
4
4
0

अब दुनिया की परवाह नहीं जब इस स्थिति प्रेम में आ जाए तो समझ लीजिए कि प्रेम में वह ताकत पैदा हो गई जो किसी से भी लड़ सकने में समर्थ है और अपने आगे किसी को भी झुकाने की ताकत रखने लगी है, आगे बढ़ते

45

अंजाम की शुरुआत,,,,

23 जुलाई 2023
3
3
0

यह जरूरी तो नहीं कि प्रत्येक प्रेम अपनी पराकाष्ठा को प्राप्त ही करें, ज्यादातर मामलों में देखा गया है की प्रेम कभी भी अंजाम की चिंता किए बिना बढ़ता चला जाता है। क्योंकि अगर अंजाम की चिंता क

46

राजीव की पिटाई,,,,,,

23 जुलाई 2023
3
3
0

कभी-कभी व्यक्ति जानबूझकर आग में कूद जाता है उसे पता तो होता है कि आग में कूदने पर हम जल जरूर जाएंगे किंतु वह कूदता जरूर है ।प्रेम के विषय में भी यही हम कह सकते हैं कि जिस समय व्यक्ति को प्रेम हो

47

बदला स्वरूप

24 जुलाई 2023
4
4
0

कभी-कभी व्यक्ति के सामने जो चीज जैसी दिखाई देती है, वह उसको उसी रूप में ग्रहण करने लगता है । उसे यह जरा भी समझ नहीं आता कि परिस्थितियों को बदलने में समय नहीं लगता, अवनी के सामने सारी चीजें उसी र

48

ठाकुर साहब का समर्थन,,,,

25 जुलाई 2023
4
4
0

कभी कभी हमारी आंखों के सामने बहुत सारी चीजें होती रहती हैं। किंतु वह हमको उसी रूप में परिलक्षित नहीं होती जिस रूप में वह होती है, वह हमें दिखाई तो कुछ और देती हैं, लेकिन होती कुछ और है । जा

49

ठाकुर साहब का समझौता,,,,,

26 जुलाई 2023
3
3
0

कुछ चीजें कहने में भले ही आसान हो किन्तु उसको करना उतना ही मुश्किल होता है। उसको करने में व्यक्ति को जिन जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह तो उस व्यक्ति का मन ही जानता है, कि वह किन

50

अवनी राजीव का फैसला,,,

27 जुलाई 2023
3
3
0

कभी-कभी हम कुछ चीजें अपने मन में सोच लेते हैं, कि हम उसको पूरी तरह से कर लेंगे किंतु कुछ ऐसी परिस्थितियां और कुछ ऐसे कारण आ जाते हैं जिनकी वजह से हम उन चीजों को पूर्ण करने में असमर्थ हो जाते हैं।&nbsp

51

केशव की मृत्यु,,,,

28 जुलाई 2023
3
3
0

राजीव के बहुत बार कहने पर ठाकुर साहब ने डॉक्टर से बात की डॉक्टर ने कहा जी ठाकुर साहब मैं अभी तुरंत आता हूं, ठाकुर साहब ने राजीव को यह बताया कि डॉक्टर साहब आ रहे हैं तुम घर पहुंचो हो सकता है उसके थोड़

52

राजीव का दुःख,,,,,

29 जुलाई 2023
3
3
0

राजीव अपने बापू से बहुत प्रेम करता था ,उसकी मां की मृत्यु के बाद केशव ने उसको किसी चीज की कमी नहीं महसूस होने दी ।भले ही केशव ने दूसरा विवाह किया किंतु राजीव के साथ उसने हमेशा न्याय किया उसने अपनी दूस

53

अवनी का फोन,,,,,

30 जुलाई 2023
3
3
0

गांव वालों की मदद से और ठाकुर साहब के सहयोग से केशव का अंतिम संस्कार हो जाता है लेकिन राजीव बहुत दुखी रहता है, रह रह कर उसको अपने बापू की याद आती रहती है, बचपन से लेकर बड़े तक की सारी यादें

54

मयंक से मिलना,,,,,

30 जुलाई 2023
3
3
0

जब व्यक्ति बहुत दुखी होता है तो वह किसी चीज की परवाह नहीं करता ,दुखी व्यक्ति के लिए समाज परिवार मान मर्यादा किसी चीज की कोई अहमियत नहीं रह जाती। क्योंकि उसका दुख उसे इन सब चीजों की तरफ ध्यान देने

55

मयंक का खुलासा,,,

31 जुलाई 2023
4
4
0

कभी-कभी हम अपने मन की बात चाह कर भी सामने वाले को नहीं समझा पाते, जबकि कि हम उसके व्यवहार और उसके स्वभाव से भलीभांति परिचित होते हैं। ,फिर भी हम अपने मन की बात उससे नहीं कह पाते राजीव और अवनी के

56

द्वंद्व,,,,

1 अगस्त 2023
3
3
0

जीवन में कभी ऐसे पल भी आते हैं जब हम ना चाहते हुए भी अपराध या गलतियां कर देते हैं। वह गलतियां तब तक गलतियां रहती हैं जब बात बहुत आगे नहीं बढ़ती, किंतु जब बात बहुत आगे बढ़ जाती है, तो वही गलती एक

57

एक कमरे में अवनी, राजीव

2 अगस्त 2023
3
3
0

यदि कोई व्यक्ति किसी कार्य को अंजाम अपने मन मुताबिक देना चाहता है ,तो वह उसे भगवान की मर्जी ईश्वर की इच्छा मान लेता है ।जबकि उसमें ना तो भगवान की मर्जी होती है ना ही ईश्वर की इच्छा वह उसकी स्वयं की म

58

बात फैल गई,,,,,

3 अगस्त 2023
2
3
1

राजीव के कमरे से निकलकर अवनी और नीलम सीधे हॉस्टल की ओर चली जाती है नीलम बहुत तेज कदमों से चलती रहती है ।अवनी नीलम से कहती है नीलम थोड़ा धीरे चलो नीलम ने कहा मैडम हमें आए कितना देर हुआ शायद आपको

59

ज़िद और जुनून,,,,,

4 अगस्त 2023
3
3
0

जब व्यक्ति किसी कार्य को करने के लिए तत्पर हो जाता है तो उसके अंदर जो जुनून पैदा होता है, वही जुनूनियत उसकी जिद कब बन जाती है इसका उसे पता ही नहीं चलता, और वही जिद उस को सफल बनाने के लिए सहायक ह

60

सामाजिक सोच,,,,,

5 अगस्त 2023
2
3
0

क्या मान मर्यादाए एवं सामाजिक प्रतिष्ठा एक दिमागी सोच का नतीजा होती है? जो पीढ़ी दर पीढ़ी इस विरासत को आगे ले जाती है या फिर सचमुच यह व्यक्ति के आत्मसम्मान को बढ़ाती हैं, ?एक ऐसा आत्मसम्मान जि

61

ठाकुर साहब की योजना,,,

6 अगस्त 2023
2
3
0

व्यक्ति के मन और मस्तिष्क पर उसके आसपास की घटनाओं और सामाजिक परिवेश का उतना ही प्रभाव पड़ता है, जितना की सामने वाले के समझाने का ,जिस प्रकार किसी सशक्त वक्ता का सामने वाले के मन मस्तिष्क पर पूरा तो नह

62

सामाजिक सोच हावी,,

6 अगस्त 2023
3
4
0

कभी-कभी व्यक्ति के दिमाग में कुछ और और मन में कुछ और चलता रहता है। जो किसी भी प्रकार से किसी को परि लक्षित नहीं होता ,किंतु उसके मन और मस्तिष्क का जो द्वंद होता है उसके चेहरे पर साफ स्पष्ट नजर आने लग

63

पूजा में आना,,,,

7 अगस्त 2023
3
4
0

जब हमारे साथ कुछ बड़ा होने वाला होता है तो उसकी रूपरेखा पहले से ही निर्धारित हो जाती है। हमारा मन उस अनजाने संकट से भले ही निपटने के लिए तैयार ना रहता हो किंतु कहीं ना कहीं उस संकट को भाप अवश्य लेता

64

रुद्र की नाराज़गी,,,,,

8 अगस्त 2023
2
3
0

जब व्यक्ति किसी को सच्चे मन से चाहने लगता है तो उसको उसकी सारी गलतियां सही लगने लगती हैं ।वह उसके प्रेम में इतना अंधा हो जाता है कि उसे उसकी गलतियां या तो नजर नहीं आती है ।या फिर वह जानबूझकर उन्हें नज

65

भव्य आयोजन,,,,

8 अगस्त 2023
2
3
0

कभी-कभी जब व्यक्ति का मन सशंकित होता है, तो उसके मन में अलग-अलग विचार आने लगते हैं वह यह नहीं समझ पाता यह विचार उसके मन में क्यों आ रहे हैं, भगवान प्रत्येक व्यक्ति को एक आहट जरूर देते हैं, ।कुछ व्य

66

अवनी की मृत्यु,,,,,

9 अगस्त 2023
2
3
2

बड़ी-बड़ी हवेलियों में जो हमें दिखाई देता है ,क्या वही सच होता है ?ऐसा नहीं है ,सच का स्वरूप तो कुछ और ही होता है जो कभी किसी को नजर ही नहीं आता और ना ही कोई जान पाता है। सच आम व्यक्ति के समझ से

67

शोक की लहर,,,,,

9 अगस्त 2023
2
3
0

शोक एक ऐसा शब्द है जो अपने आप में एक भीतर की दबी हुई कसक और अंतर मन की वेदना को व्यक्त करता है जिसमें व्यक्ति दुख पराकाष्ठा को प्राप्त कर लेता है। वह भाव वह ना तो किसी को बता सकता है ना ही समझा

68

चिरनिंद्रा,,,

9 अगस्त 2023
3
3
0

अवनी की मृत्यु का गुनाहगार कौन ॽ यह एक यक्ष प्रश्न बना हुआ था हर किसी के लिए, क्योंकि मनुष्य एक विचारशील प्राणी है उसके मन में एक ही व्यक्ति के लिए कई प्रकार के विचार आते जाते रहते हैं ,इसी कारण से कु

69

रिक्त स्थान,,,,

9 अगस्त 2023
2
3
0

जब किसी से अचानक कोई चीज छिन जाती है, तो वह रिक्त स्थान भरने में बहुत समय लगता है, कभी-कभी तो भर ही नहीं पाता किन्तु कभी कभी व्यक्ति समझौता करके आगे बढ़ जाता है। मन के किसी कोने में कहीं ना कहीं

70

परिस्थितियां,,,

10 अगस्त 2023
2
3
0

कभी-कभी परिस्थितियां स्पष्ट रूप से हमें जैसी दिखाई देती है वैसे नहीं रहती उनमें बहुत अंतर रहता है किंतु वह हमें ज्यादातर उसी रूप में दिखाई देती है । जिस रूप में हम उन्हें देखना चाहते हैं। राजीव

71

चर्चाएं,,,,,,

10 अगस्त 2023
2
3
0

समाज में कोई भी हो वह चर्चा का विषय तब तक बना रहता है जब तक कि वह लोगों के समीप, आसपास या फिर स्मृति में रहता है ।किंतु कुछ समय पश्चात लोगों को कोई और ही मुद्दा मिल जाता है जिससे वह चर्चा समाप्त हो जा

72

गायब होना,,,,,,

10 अगस्त 2023
3
4
1

कभी-कभी कुछ चीजें किसी परिपेक्ष में हमारे लिए सही होती हैं ,और वही किसी दूसरे व्यक्ति के लिए गलत ऐसा कैसे हो सकता है ?एक मानक पर कोई व्यक्ति सही हो और उसी मानक पर दूसरा व्यक्ति गलत कैसे हो सकता है ?कि

73

राजीव कहां है,,,,

10 अगस्त 2023
2
3
0

कुछ चेहरे समाज में बहुत ही मान सम्मान और मर्यादा के सूचक होते हैं किंतु, क्या सचमुच उनमें वह सारे गुण पाए जाते हैं ?जो हमारी मानवीय संस्कृति के लिए यथोचित हैं l ठाकुर साहब को पूरा गांव देवता की तरह पू

74

परिस्थितियां ऐसी बनी,,,,

10 अगस्त 2023
3
3
0

कभी-कभी परिस्थितियां हमें अपने हिसाब से नचाती रहती है और हम नाचते रहते हैं। उस समय हमें वही सही लगता है जो परिस्थिति हमसे करवाना चाहती है इसीलिए तो मनुष्य को परिस्थितियों का दास कहा जाता है कुछ अनूठे

75

अतीत की यादें

10 अगस्त 2023
2
3
0

अतीत हमारी स्मृतियों में हमेशा जीवित रहता है। कभी-कभी हम विचारों में ऐसा खो जाते हैं की कई युगों तक के विचार अपने मन मस्तिष्क में ला देते हैं ।जिसके कारण बहुत देर तक हम अपने वास्तविक जीवन को छोड़कर ए

76

समाप्त 🙏

11 अगस्त 2023
5
3
1

यह बड़ी-बड़ी हवेलियांअपनी मर्यादाओं का पालन करती रहेगी तो फिर , अवनी और राजीव जैसे लोगों की मन की भावना और चीखे ऐसे ही दबकर रह जाएंगी। मान मर्यादाएं क्या अपनी संतानों से बढ़कर हैं ?अगर बदला

---

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए