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कायरा का इंसाफ-75

15 जून 2023

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किसी अदृश्य सुरक्षा कवच ने उसका मुख मोड़ दिया, और अपने साथ निशांत को किसी चोर की तरह उठाकर ले गई ,और वह शक्ति बिना किसी को नुकसान पहुंचाए शान्त हो गई,
कायरा अत्यंत क्रोध के साथ देखने लगी, लेकिन तभी उसे अपने गुरु के पास होने का एहसास हुआ, और अपनी भूल को समझ लाचारी और क्रोध मिश्रित आसूं के साथ किसी बच्चे की तरह फफक फफक कर रोने लगी।



गुरुजी ने उसे पिता की तरह अपनी गोद में सिर रख बड़े प्यार से समझाया, और कहा शक्तियों को हासिल करना हर कोई चाहता है, लेकिन उसके लिए बलिदान करना कोई नहीं चाहता, कायरा मेरी बच्ची मुझे गर्व है, कि तुमने अपने स्वार्थ से कहीं ज्यादा बढ़कर इस प्रकृति के बारे में सोचा। 
              आज फिर तुम एक अनचाही परीक्षा में पास हो गई हो, शायद मुझे इसके लिए अलग से परीक्षा लेना होता है, एक नई पृष्ठभूमि के साथ ,लेकिन अब उसकी कोई आवश्यकता नहीं, 



परंतु हर परीक्षा में शिष्य की किसी न किसी कमजोरी का प्रकट होना स्वाभाविक है, और अच्छा हुआ कि वक्त रहते हुए इस बात का ज्ञान हो गया, कहते हुए उन्होंने एलिना के सिर पर हाथ रखा, और अचानक ओस की बूंदो जैसी वर्षा के साथ अभिमंत्रित जल की चंद बूंदे, कायरा के माथे पर पड़ी, और वह पुनः एक नई शक्ति को अपने आप में महसूस करने लगी।
                     और गुरु कृपा से कुछ ही समय में सब कुछ सामान्य हो गया, गुरुजी ने कायरा को बताया कि संसार में माया के अनेकों रूप है, जिसका प्रभाव जल, वायु, अग्नि, निद्रा, भूख, प्यास, विरह, प्रेम और लालसा किसी भी रुप में माया किसी भी जीव को प्रभावित करने में सक्षम हो सकती है। 



लेकिन आज मैं तुम्हें इस संसार की रचना करने वाले, और उसका संचालन करने के लिए खुद मायापति की संपूर्ण माया जल से मुक्त करता हूं, यह तुम्हारा गुरु का वचन है, कि आज के बाद किसी भी प्रकार का कोई भी विचार तुम्हारे मन में न्याय करते समय नहीं आएगा, चाहे फिर तुम्हारे सामने कितना ही सगा क्यों ना खड़ा हो। 
                     माया चाहे बच्चे रूप में हो, मोहिनी रूप में हो, या फिर स्वयं, गुरु या पिता के रूप में अपना रूप तुमसे छिपा पाने में कोई भी शक्ति सक्षम नहीं होगी, 

तुम आसानी से उसका वास्तविक रूप और परिचय बिना किसी पर्दे के सोचने मात्र से प्राप्त कर लोगी, अपना ख्याल रखना, कहते हुए गुरुजी कायरा को तपस्या का प्रसाद और अतिरिक्त शक्ति संचय हेतु देकर चले गए, और एलिना अब निरंतर शक्ति के नए से नए आयामों को प्राप्त करती चली गई। 


ना कल तुम इस लायक थे, और ना ही आज, अच्छाई और बुराई दोनों में कोई समानता ही नहीं हो सकती, निशांत तुम्हें क्या लगा था, पिछली दफा तुम अपनी शक्ति से बच गए थे, 
                नहीं, तुम्हें मुझ से बचाकर दूर पहाड़ियों पर फेंक आने वाले मेरे गुरु सम्राट ही थे, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि मैं उम्र की उस अवस्था में तुम्हें दंड दे खुद को दोषी समझूं।


लेकिन जैसा कि उन्हें उम्मीद थी, कि तुम सही मार्ग अपनाकर पुनः एक नए सिरे से जीवन आरंभ कर दोगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, तुम तो मार्ग से इतना भटक चुके थे, कि खुद के मठ के द्वारा त्याग दिए जाने के पश्चात और बार-बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी नहीं सुधरे ।
                   और अंत में अपने सारे कुटुंब को त्याग ना जाने कहां चले गए, निशांत तुम भूल गए, कि मेरी शक्तियों से मैं ब्रह्मांड के उस कोने तक को देख पाने में भी सक्षम हूं, जहां प्रकाश का लेश मात्र भी ना हो। 



तुमने किस अंधकार की गोद में बैठ कर  शक्तियों को प्राप्त किया, और तब से अब तक कितने ही दुष्कर्म किए, सबका ज्ञान है मुझे, लेकिन बिना वजह मैं हस्तक्षेप या पुनः मुलाकात नहीं चाहती थी। 
                      तुम्हें क्या लगता है कि तुम्हारा अपराध कोई नहीं जानता था, किसी को नजर नहीं आएंगे, ईश्वर की दृष्टि से आज तक पत्थर के अंदर छुपा हुआ कीड़ा भी ना बच सका तो, तुम क्या चीज हो????



मैं तुम्हें पुनः चेतावनी देती हूं कि, कायरा को मजबूर मत करो कि तुम्हारा अस्तित्व ही मिटा दे, क्योंकि अब कायरा वह नहीं, जिसे तुमने धोखा देकर हासिल करना चाहा था।
                            मैं माया प्रपंचो से परे सात्विक शक्ति और विध्वंश शक्तियों के स्वामी काल पुरुष को भी जीत लेने की शक्ति रखने वाली महा शक्ति के तुल्य हो चुकी थी, और इसका मुझे लेश मात्र भी अभिमान नहीं है।


क्योंकि मेरे गुरु ने जिस तरह अपनी संपूर्ण शक्तियों को अर्पण कर प्रकृति में विलीन होना स्वीकार किया, ठीक उसी तरह मैं भी खुद को इसी प्रकृति का अंग मानती हूं, जिसमें अंहकार के लिए कोई स्थान नहीं।
                 निशांत तुम्हारी जानकारी के लिए बता दूं, कि इस ब्रह्मांड में ना जाने कितनी ही कायरा होगी, लेकिन तुम सा कुटिल निशांत नहीं हो सकता, और ना ही अब होगा। 



दुर्भाग्य है तुम्हारा कि आज तुम ठीक तुम्हारे ही तरह एक अहंकारी, अत्याचारी और स्त्री को महज एक तुच्छ प्राणी समझने की भूल करता है, जिसने हमेशा स्त्री को सामान्य ही समझा है,
                अब भी वक्त है यदि तुम लौटना चाहो तो, क्योंकि मुझे तुम पर कोई दया नहीं ,लेकिन मैं इस भले तांत्रिक से प्रसन्न हूं, जिसने अपनी खुद की सुरक्षा कवच अपने शरणागत को प्रदान कर एक मिसाल पेश की है। 



सावधान कहते हुए कायरा ने जमीन पर अपना एक पैर उठाकर पटका ,और देखते ही देखते एक झटके में वैभव का सुरक्षा कवच ना जाने कहां टूट कर बिखर गया, अब तो वैभव की दशा और भी खतरनाक हो गई,  वह अपने को मरा हुआ समझ आंखे बंद कर घुटने टेके हुए बैठा था। 
                   लेकिन अब तक वो यह समझ चुका था, कि उसका जीवन शेष बचना संभव नहीं है, इसलिए वह उठ खड़ा हुआ और अपना अंतिम दांव खेलते हुए उसने एक बार फिर हाथ फैला चीखकर कहने लगा....


ये शैतानी दुनिया के स्वामी निशांत मैं जानता हूं, कि अब और कोई उपाय शेष ना रहा, इसलिए मैं अपनी यह दुष्ट आत्मा तुम्हें सौंपता हूं, इससे पहले की यह कायरा मुझे खाक कर दे, उससे पहले मैं तुम्हें अपने आप को सौंपता हूं। 
                  अब मुझे सरंक्षण नहीं विनाश चाहिए, मेरी सारी शक्तियां समाप्त हो जाए, लेकिन कायरा का अस्तित्व शेष नहीं बचना चाहिए। 



बहुत हुआ यह समाज पुरुष प्रधान है, और रहेगा.....
काली शक्तियों को कोई नहीं हरा सकता, इन्हें बता दो कि सृष्टि पर जितना अधिकार सूरज की रोशनी का है, उससे कहीं ज्यादा रात के अंधेरे का भी है।
हां, कोई अपनी परछाई को अंधेरे के रूप में लेकर घूमता है, वहां भी सूर्य की रोशनी हमारा अस्तित्व नहीं मिटा सकती,
तब फिर भला यह कायरा क्या चीज है,



वह इससे पहले कि कुछ और कह पाता, कायरा ने एक ही झटके में महज अपनी उंगली के प्रहार से उसका सिर धड़ से उड़ा दिया, और अपनी फूंक मात्र से उसे राख के ढेर में तब्दील कर दिया, अब तक निशांत जैसे क्रोध में लाल हो चुका था,
                   क्योंकि अपने ही सामने अपने किसी शरणागत का वध होते देखना वह बर्दाश्त नहीं कर सकता था, उसने तंत्र क्रोध से कायरा की और अपना प्रहार किया। 



कायरा की और अपने हथियार छोड़े , जो कायरा को तो प्रभावित नहीं कर सके, लेकिन पलट कर फर्श से जा टकराये, और देखते ही देखते सारा महल भूकंप के झटके से चरमराकर गिरने लगा, जिसे कायरा ने महज अपनी मुस्कुराहट से स्थिर कर दिया। 
                आज कायरा तो जैसे निशांत की शक्ति को जैसे परखना चाहती थी,  वह जानना चाहती थी कि आखिर अपना सब कुछ त्याग देने के पश्चात किसी व्यक्ति को भला क्या प्राप्त हो सकता है????


सात्विक शक्तियों के ऊपर बुरी शक्तियां कहां तक प्रभावी हो सकती है, निशांत ने जाने कितने ही प्रयास किये, और कायरा को चोट पहुंचानी चाही, लेकिन हर बार की तरह वह निष्फल हुआ। 
        जब वह समझ चुका था कि, अब कायरा को चोट पहुंचा पाना संभव नहीं, तब उसने अपना अंतिम दांव खेलते हुए चारवी और हैसल को अपना निशाना बनाया ,और दोनों को अपने पास में बांध महल की दीवारों में लटका दिया ।


कायरा अब तक निशांत की नादानियां को माफ कर रही थी, लेकिन जब बात चारवी और हैसल को चोट पहुंचाने की आई, तब तो जैसे सारी सीमाएं ही समाप्त हो गई, कायरा ने एक ही झटके में अपनी तीखी मुस्कान के प्रहार से निशांत की सारी शक्तियों को चूर चूर करते हुए उसे हवा से जमीन पर ला पटका। 
          उसके बाद बाल पकड़कर एक जोरदार झटके के साथ गर्दन को घुमा दिया, लेकिन निशांत भी कहा मरने वाला था, वह देखते ही देखते दो टुकड़ों में बट गया, और पुनः कायरा के सामने आ खड़ा हुआ, और ललकारने लगा।



कायरा अब और समय गंवाना नहीं चाहती थी,  उसका एक-एक पल प्रकृति के लिए बहुत कीमती था, उसने तुरंत उन दोनों टुकड़ों को महल के बीचों बीच ज्वालामुखी प्रकट कर उसके हवाले कर दिया, और निशांत का शरीर पल भर में राख हो गया। 
            सिर्फ शेष बचा तो, एक चमकता हुआ काला हीरा, उसे कायरा ने काल पुरुष का स्मरण कर उनके हवाले कर दिया, जो आगे चलकर किसी भले कार्य में उपयोग कर सकें....


इस तरह कायरा अब काल पुरुष के वरदान और गुरु कृपा से प्राप्त शक्तियों के साथ स्वयं साधना के द्वारा और भी ज्यादा शक्तिशाली हो गई, 
            अब कायरा संपूर्ण ब्रह्मांड में एकमात्र वह पंच तत्व से बने शरीर के साथ ऐसी शक्तियों की मालकिन थी, जिसने पंचतत्व के साथ ही साथ ब्रह्मांड की संपूर्ण शक्तियों को अपने वश में करना सीख लिया था। 


अब वो तलाश में थी, अपनी उन सेविकाओं के जो उसी की तरह समाज कल्याण के लिए बिना किसी भेदभाव के अपने आप को समर्पित करने के लिए तैयार हो, जिसके लिए उसने चारवी और हैसल को अपनी अनंत शक्तियां सौंपते हुए ब्रह्मांड की सैर करने को कहा ,
           ताकि वह ऐसी सेविकाओं के साथ अपना सफ़र तय कर सके, उसे विश्वास था कि मानव जाति में अवश्य ही कोई न कोई उसकी उम्मीद पर खरा उतरेगा।

🙏🏻🙏🏻समाप्त🙏🏻🙏🏻


Parth

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Story bahut achi lgi...

15 जून 2023

75
रचनाएँ
कायरा का इंसाफ
5.0
मैं आप लोगों के समक्ष एक नई कहानी लेकर आई हूं (कायरा का इंसाफ) यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है, इस कहानी के पात्र के नाम या घटना अगर किसी से जुड़े हैं, तो वह सिर्फ एक संयोग ही होगा, इस कहानी का किसी के वास्तविक जीवन से भी कोई लेना देना नहीं है, यह कहानी पाठको के मनोरंजन के लिए लिखी गई है। "कायरा का इंसाफ" एक ऐसी लड़की की कहानी है, जो समाज से बुराइयों को दूर करती है, और पीड़ित स्त्रियों का साथ देकर उनको इंसाफ दिलाती है, मेरी कहानी में मैंने भावनाओ को समाज के दर्पण के रूप में, समाज के कभी कड़वे तो कभी सुखद पल के अनुभव के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, समाज के छिपे उन पहलुओं और बिखरे लेकिन पाक भावनावो वाला विचार, टूटे मन और छुपे दर्द में छुपी मुस्कान को कहानियों में दर्शाना और शास्त्रों के अध्यन को अपना मूल आधार बना बीच-बीच में ज्ञान की बाते समाहित करना, आप सबको मेरी कहानी में नजर आएगा। उम्मीद है पाठकों को मेरी सभी कहानियों की तरह यह कहानी भी पसन्द आयेगी, आप लोगों की सुंदर समीक्षा से मुझे आगे  लिखने का प्रोत्साहन मिलता है।🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 ❤️ ❤️❤️❤️पुरी कहानी जानने के लिए आप पढ़ते रहिए "कायरा का इंसाफ" ❤️❤️❤️❤️ 🙏🏻धन्यवाद🙏🏻
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कायरा का इंसाफ-1

1 मई 2023
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कायरा के स्वर से अचानक सारा माहौल बदल गया, उसमें हल्की दीवारें हिलने लगी जो पहले से तो खंडहर हो ही चुका था, लेकिन उस नाम ने

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कायरा का इंसाफ -2

1 मई 2023
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इस पूरी फलाई पहाड़ी में या फिर यूं कहुँ कि हमारे पूरे दीमा हसाओ जिले में तुम मात्र एक ऐसी पागल लड़की होगी जिसने पूरा दिन एक बकरी के बच्चे के साथ बिताया, कायरा

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कायरा का इंसाफ -3

1 मई 2023
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यह सब तुम कैसे जानती हो कायरा???? और तुम्हें यह सब किसने बताया??????और भला इतने विश्वास के साथ तुम यह कैसे कह सकती ह

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कायरा का इंसाफ- 4

3 मई 2023
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अरे शिल्पी तुम यहां कैसे????? क्या हुआ?????? क्या हुआ, क्या सोच रही हो??????? तुम्हें क्या लगा?????? शिल्पी चौंकते हुए......... कायरा क्या तुम मुझे सुन सकती हो?????? देख भी सकती हो??????? हां बिल्क

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कायरा का इंसाफ -5

3 मई 2023
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शिल्पी , कायरा से कहने लगी सच तो अब मेरे सामने आया, जब मैं इनकी सलामती देखने लौट कर आयी, और इन को सुना और देखा जिसमें वही मेरी बहन अब मेरे पति पर

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कायरा का इंसाफ-6

18 मई 2023
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सूर्य की चमक की तरह चटकता यौवन चंद्रमा से कही ज्यादा परिपक्व यौवन और सृष्टि की ,दोनों शक्तियों का मिलन वह भी बढ़ती हुई उम्र के साए में खासकर जब उसे मनुष्य और उसमें भी स्त्री का शरीर मिला हो, जो सरस सल

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कायरा का इंसाफ-7

18 मई 2023
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वही चंचल आंखे, वही मासूम सा चेहरा और होठों पर ना समा सकने वाली मुस्कान, पल पल में किसी रेशे की तरह बिखर जाने वाले वह लंबे बाल जो कमर से भी नीचे थे, जाना पहचाना सा नैन नक्श मुझे रह-रहकर ना जाने क्यों क

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कायरा का इंसाफ -8

18 मई 2023
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बाजरे की रोटी और मेथी की भाजी खाई है तूने कभी????चल आ बैठ दोनों मिलकर खाते हैं, आज मां ने सुबह-सुबह मेरे लिए बनाई, मैंने एक-दो रोटी पहले ही खा ली, इसलिए अब भूख नहीं है, चलो जल्दी खाते हैं, फिर बहुत का

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कायरा का इंसाफ -9

18 मई 2023
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मैं कुछ-कुछ समझ पा रही थी, मेहमानों की चहल पहल और कल्पना की सौतेली मां का सबके सामने कल्पना से इतना प्यार करना, और जैसे सबको दिखाना कि वह कल्पना से कितना प्यार करती है, मुझसे कल्पना की मां ने कहा कि क

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कायरा का इंसाफ-10

23 मई 2023
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आखिर आज वह दिन आ ही गया, कल्पना के विवाह का दिन..........घर में हंसी खुशी का माहौल था, मैं कल्पना के घर एक दिन पहले से ही आ गई , शहनाई की गूंज बजी जा रही थी, खुशियों की मुबारक घड़ी आ गई है, सजी स

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कायरा का इंसाफ-11

23 मई 2023
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ढलती शाम और उन बैल गाड़ियों के बैलों के गलों में बंधी हुई घंटियों की आवाज को मैं दूर तलक सुनकर उस दिन महसूस कर रही थी, शायद ही मेरी उस अनुभूति को कोई समझ पाता, क्योंकि उस दिन मैंने सही मायने में

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कायरा का इंसाफ-12

27 मई 2023
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मेरी पुनः संरचना शक्ति रूप में की गई थी, जिसका मूल उद्देश्य मेरी सखी कल्पना के पूर्व जन्म की सुरक्षा और सहायता के साथ जुड़ा हुआ था, कल्पना मानव शरीर के रूप में पुनः जन्म लेने के कारण आज की कायरा अपनी

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कायरा का इंसाफ-13

27 मई 2023
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अपने आप को आईने में निहारती कायरा अब धीरे-धीरे उस उम्र की दहलीज पर दस्तक दे रही थी, जब भावनाओं पर काबू कर पाना और वह भी तब जब शक्तियां प्रचुर मात्रा में अंतर्मन और शरीर के साथ उपस्थित हो, बड़ा ह

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कायरा का इंसाफ-14

27 मई 2023
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ठहरो कायरा ना जाने मुझे क्यों कुछ ठीक ना जान पड़ता, ऐसा लग रहा है जैसे आस-पास कोई चुंबकीय शक्ति का बादल या यूं कहूं कोई अति शक्तिशाली आभामंडल हमारी और बड़े चला आ रहा है, कायरा मुझे अपनी चिंता नहीं लेक

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कायरा का इंसाफ-15

27 मई 2023
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चाचा मुझे इन भेड़ की खालो से कुछ ऐसा बना कर दो, जिसे पहनकर ना तो ठंड लगे और ना गर्मी हो, क्या ऐसा हो सकता????? यदि हां तो, यह कमाल सिर्फ आपके हाथों से ही हो सकता है, कहते हुए कायरा ने दो भेड़ की खाल उ

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कायरा का इंसाफ-16

29 मई 2023
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भला ऐसे कैसे संभव है????? अनबिलीव़बल????? समझ नहीं आ रहा क्या दे रिपोर्ट में?????किसकी बॉडी है यह?????डॉक्टर चीखते हुए बोला........ सर नवनीत चटर्जी नाम बताया है इसका, पैर के अंगूठे में लगी हुई स्

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कायरा का इंसाफ-17

29 मई 2023
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अरुण कंपाउंडर और डॉक्टर तेजस मन ही मन में बस इसी बात को दिन भर सोचे जा रहे थे, कि आखिर प्रोफ़ेसर पॉल हमें कहां ले जाने वाले हैं?????और यह हमारी डॉक्टरी दुनिया से बाहर की ऐसी कौन सी दुनिया है????जो वह

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कायरा का इंसाफ - 18

29 मई 2023
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क्या सोच रहे हो अरुण????बड़ी चिंता में लग रहे हो????डॉक्टर तेजस ने अपने चहते कंपाउंडर कम मित्र को गंभीर मुद्रा में देख कहा, डॉक्टर तेजस और अरुण कहने के लिए तो अलग अलग पद पर थे, परंतु वह सिर्फ हॉ

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कायरा का इंसाफ -19

29 मई 2023
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देखकर तो लगता है, कि किसी बड़े घर की बहू या बेटी होगी........लेकिन यहां कैसे????? और इस हाल में कैसे?????देख कर ऐसा लगता है जैसे किसी ऊंचाई से अचानक किसी कारणवश धोखे से गिर गई होगी, लेकिन नसीब भी कोई

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कायरा का इंसाफ -20

29 मई 2023
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एक नई खबर आज सुबह-सुबह अखबार की सुर्खियों में पढ़ने को मिली, जिसे जिस जिस ने सुना और पढ़ा सबकी आंखें नम हो गईं, अजीब है विधाता का विधान पहले पिता की मृत्यु एक कार एक्सीडेंट में हो गई, और फिर आज

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कायरा का इंसाफ-21

29 मई 2023
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पढ़ाई में इतनी होनहार, आज उसके 12 वी के रिजल्ट आने पर जैसे पूरे घर में इतने खुशी का माहौल छा गया, जैसे कोई जश्न का माहौल हो, और देखा जाए तो एक तरह से जश्न हीं तो है , क्योंकि स्वाति ने आज पूरे डिस्टिक

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कायरा का इंसाफ-22

29 मई 2023
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कहते हैं कि ईश्वर ने बिना भेद के इस प्रकृति को बनाया है, उसने हर रंग को बड़ी खूबसूरती से एक अलग पहचान दी, हां यह बात और है कि उसे इंसान ने अपनी नजरों से अलग-अलग रूपों में देखा, लेकिन जब कायनात ए

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कायरा का इंसाफ-23

29 मई 2023
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अब ज्यादा शोर मत मचाओ, त्यौहार मनाने आई हो, तो खुशी खुशी त्यौहार मनाओ, और जाकर अपना अपना घर संभालो.........हमने किसी में कोई भी भेदभाव नहीं किया, और ना ही किसी को पढ़ने से रोका, जो जिस लायक था उसे वह

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कायरा का इंसाफ -24

29 मई 2023
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यह बात किसी से नहीं छुपी थी कि चौधरी साहब ने कभी भी अपने बेटे, बेटी और बहुओं में किसी भी प्रकार का कोई भेद भाव किया हो, वह आकृति को बिल्कुल अपनी बेटियों की तरह ही मानते थे, वे सारी बाते आकृ

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कायरा का इंसाफ -25

29 मई 2023
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नदियों में बहता हुआ कल कल पानी, झरनों से फव्वारे की तरह बिखर जाने वाली, उच्च स्वर में गिरता पानी और पानी में डुबकी लगाकर फिर लौट आने वाली बतखे, अंगड़ाई लेते पशु-पक्षी और हल्की धूप में यहां वहां भागते

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कायरा का इंसाफ-26

30 मई 2023
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आखिर कब तक गीत संगीत से अपना दिल बहलाती रहेगी, अब उम्र हो चली है उसकी, उसके भी कुछ अरमान होंगे, हर लडकी के शादी को लेकर बहुत से सपने होते हैं,भांजी है आपकी...........आपकी भी जिम्मेदारी है कनक के लिए,&

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कायरा का इंसाफ-27

30 मई 2023
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पद्मिनी की सुदूर गांव में दूर के रिश्ते में रहने वाली किसी बुढ़िया ने उसे सलाह दी थी, कि यदि किसी विशेष पेड़ की छाल को पीसकर अगर उसे शर्बत में मिलाकर किसी को पिला दिया जाए ,तो वह धीरे-धीरे कमजोर होने

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कायरा का इंसाफ -28

30 मई 2023
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अभय एक बहुत ही बिगड़े स्वभाव का लड़का, बड़ों का सम्मान ना करना, गाली गलौज, गुस्सा नशा यह सब करना तो जैसे उसकी आदत सी बन गई थी, कभी-कभी तो इतना नशा कर लेता था कि, किसे क्या बोल रहा है, यह भी उसको याद न

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कायरा का इंसाफ-29

30 मई 2023
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अभय का बर्ताव दिव्या के प्रति बिल्कुल भी अच्छा नहीं था, वह दिव्या को यातना देने का कोई भी मौका नहीं छोड़ता था, और वह दिव्या को हर स

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कायरा का इंसाफ-30

30 मई 2023
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ये घमंडी इंसान या तो तू पागल है, या फिर हद से ज्यादा जिद्दी????क्या तुझे पता हैं तु क्या करने जा रहा है

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कायरा का इंसाफ-31

30 मई 2023
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भला ऐसे कैसे हो सकता है, कि एक सामान्य स्त्री को संसार की वह ताकत सौंप दी जाए, जो सृष्टि के समस्त नियमों को अपने अनुसार परि

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कायरा का इंसाफ-32

30 मई 2023
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मिहिका और अर्पित की शादी को पूरे पांच बरस हो गये थे, वे अपने पारिवारिक जीवन से बहुत खुश थे, काम की अधिकता और जीवन का आनंद उठाने के लिये शादी के शुरुआती दो बरस तक तो उन्होंने परिवार बढ़ाने के बारे में

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कायरा का इंसाफ-33

30 मई 2023
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अर्पित ने मिहिका से कहा कि......... मिस्टर गुप्ता तुम्हारे बॉस कैसे हैं????? अच्छे हैं????? अचानक तुम्हें उनकी याद कैसे आ गयी????? तुम्हारी इस हालत में सबसे अधिक तकलीफ तुम्हारे बॉस को ही हुई होगी।&nbs

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कायरा का इंसाफ-34

30 मई 2023
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आपको तो पता है ना मौसी, मैं उससे कितना प्यार करता था, और फिर मैंने ही तो आपसे कह कर ही तो हमारी शादी के लिए घर वालों को मनाने के लिए कहा था, तब तो आप समझ ही स

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कायरा का इंसाफ-35

30 मई 2023
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आखिर क्या राज रहा होगा मौसी के मुस्कुराहट के पीछे का??????? भला मेरा साथ क्यों दिया मौसी ने?????? यही सब सवाल रह रह कर जयस के मन में गूंजते रहे, वह कह

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कायरा का इंसाफ-36

30 मई 2023
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जयस के पिताजी को उन बुजुर्ग के द्वारा किया गया आदर सम्मान बहुत अच्छा लगा, और इतने सुंदर उनके वचन सुन तो जयस के पिताजी

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कायरा का इंसाफ -37

31 मई 2023
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आज के समय में महिलाएं किसी से पीछे नहीं हैं, फिर चाहे वो कोई भी क्षेत्र क्यों ना हो, हर तरफ महिलाओं ने अपना परचम लहराया हुआ है, पूरी मेहनत और लगन से महिलाएं हर किसी से आगे बढ़ रही हैं, और देश का नाम ग

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कायरा का इंसाफ -38

31 मई 2023
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अपने मिलनसार व्यक्तित्व और सबकी मदद करना, नौकरी में ईमानदारी से रहने के कारण गुंजन ना सिर्फ अपने स्टाफ की ही चहेती थी, अपित

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कायरा का इंसाफ -39

31 मई 2023
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चाहे जो हो जाए, चाहे मुझे जो करना पड़े, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता, भले ही इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों ना देना पड़े, अगर दुनिया में रहकर इं

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कायरा का इंसाफ -40

31 मई 2023
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"जिंदगी की हर कहानी बेअसर हो जाएगीजो हम ना होंगे तो यह दुनिया बर्बाद हो जाएगी पैर पत्थर करके छोड़ेगी जवानी अब रुख भी जाइए, जो चलना सिखा दिया साथ हमने तो यह जमीं भी हमसफर

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कायरा का इंसाफ -41

31 मई 2023
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यह तो होना ही था, विशाल और फिर मुझे तुमसे कोई शिकायत भी नहीं, क्योंकि शायद मेरे प्यार की शुरुआत ही कुछ ऐसी थी, मैंने जवानी की उस लह

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कायरा का इंसाफ -42

31 मई 2023
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शादी को दस साल हो गए थे, लेकिन फिर भी निशा जैसे एक सजा की तरह गुज़र रही थी, निशा ऐसा महसूस करती थी, जैसे उसके मायके वालो ने उसे ससुराल नह

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कायरा का इंसाफ -43

31 मई 2023
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क्या तुम्हें पता है, मैं जब महज पांच 6 वर्ष की रही होगी, तब कई बार मैं घंटों पलंग के नीचे छिपी रहती, तो कभी चादर से अपने आप को ढक कर रखती, कभी मेहमानों

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कायरा का इंसाफ -44

31 मई 2023
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कायरा का ऐसा विचलित होना और रह-रहकर उग्र हो जाना, शायद स्मृति द्वारा कही गई बातों का प्रभाव था, और फिर उसने कहा भी क्या गलत, जिंदगी के कई कड़वे सच को ह

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कायरा का इंसाफ -45

31 मई 2023
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तीन सौ बीघा जमीन के मालिक अभिमन्यु गुप्ता जिसे सब गुप्ता जी के नाम से ही जानते थे, वह अकेले लगभग पालवी गांव की आधे से ज्यादा ज

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कायरा का इंसाफ -46

31 मई 2023
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बेशक मैं तुम्हें माफ कर देती, यदि कुसूर तुम्हारा ना होता, और तुमने खुद अपने दिल से उसे स्वीकार न किया होता, जिस जुर्म को तुम खुद दिल से कब

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कायरा का इंसाफ -47

31 मई 2023
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अगर तुम गुनाहगार ना होते तो क्यों ना रोक पाए अपने आप को ??????क्या सिर्फ तुम्हें ही जिस्म मिला है???? क्या पुरुष होना और प्रतिष्ठा पाना तुम्हें समाज की सारी व्यवस्था बिगाड़ने का अधिकार देता है जो तुमन

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कायरा का इंसाफ -48

31 मई 2023
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जीवन में कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है ,जब हमें किसी से अपमान सहन करना पड़ता है, कई बार अपनी की गई गलतियों के कारण, तो कई बार बिना बात के अपमानित होना पड़ता है, हाला

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कायरा का इंसाफ -49

31 मई 2023
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मन ही मन हर्षिका को गर्वित की बातें कुछ अजीब सी लगने लगी, हर्षिका सोचने लगीं, आख़िर गर्वित अपने परिवार वालो से मुझे कब मिलाएगा,और वह परेशान सी रहने लगी,और फिर सीमा ने हर्षिका को भड़काने क

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कायरा का इंसाफ-50

31 मई 2023
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भला ऐसे कैसे हो सकता हैं???? मैंने तुम्हें बिना किसी एक रुपए लगाए हिस्सेदार बनाया और तुम खुद आज अपनी हिस्सेदारी

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कायरा का इंसाफ -51

31 मई 2023
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भला ऐसे कैसे हो सकता है?????मेरे सारे खिलौने टूट गए, खड़ी फसलें बर्बाद होने लगी, मैं इन से क्या मांगू?? आप ही बताएं..... क्योंकि मेरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा, ऊपर से लोगों के ताने अलग सुनने में आ रह

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कायरा का इंसाफ -52

31 मई 2023
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कातिल हसीना (एलिना)- 51 आखिर क्या बात है सिस्टर???? आज अचानक इस छोटे से सरकारी हॉस्पिटल में इतनी हलचल क्यों हैं????और सुबह से यहां की टेलीफोन की घंटी हमारे क्वा

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कायरा का इंसाफ -53

31 मई 2023
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कातिल हसीना (एलिना)- 52 जैसे हर किताब के पहले पन्ने पर सिर्फ लिखने वाले का नाम होता है, और कुछ भी नहीं ना आगे ना पीछे.... हर कोई उस पेज को छोड़ दूसरे पेज से लिख

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कायरा का इंसाफ-54

31 मई 2023
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जिस्म को अंदर तक जमा देने वाली इस कड़कड़ाती ठंड में उस बच्चे की सुबह चार बजे से लेकर आठ बजे तक अखबार और मैगजीन की दुकान, और शाम पांच बजे से बाद रात्रि नौ बजे तक पुस्तकों की दुकान लगाना, सबके लिए आश्चर

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कायरा का इंसाफ-55

31 मई 2023
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अचानक शहर में मची हलचल और लोगों के दिल में उठते सवाल और गली चौराह में गरीब से गरीब तपके, यहां तक कि मंदिर के सामने बैठने वाले भिखारियों तक के बीच यदि कोई बात चर्चा का विषय बनी हुई हो तो, निश्चित तौर प

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कायरा का इंसाफ-56

8 जून 2023
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कायरा....कायरा....कायरा आँखे खोलो, आवाज सुन जब कायरा ने आँखे खोली तो, सामने उसे मैं दिखी, कायरा ने अपनी पूर्ण संतुष्टि के लिये एक बार आँखों को मलकर पुनः देखा और जब उसे यकीन हो गया तो वह उठ ब

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कायरा का इंसाफ-57

8 जून 2023
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आपके सारे गांव की परेशानियां, आदि कोई क्षण भर में दूर करने की ताकत रखता है, तो एक ही शख्स है, लेकिन उसे भी अनुमति की जरूरत होगी, महज उसके समुदाय के चंद सदस्यों के लेकिन फिर भी मुझे विश्वास है, कि यदि

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कायरा का इंसाफ-58

8 जून 2023
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यदि आपको ऐसा लगता है , कि मैंने रजनी देवी का नाम लेकर गलत किया है तो बेशक मैं आपकी गुनहगार हूं, लेकिन जब बात पूरे समाज और राज्य को बचाने की हो, तब मेरा या आपका अस्तित्व शून्य से कम ना हो।

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कायरा का इंसाफ-59

8 जून 2023
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मुझे ऐसा क्यों लगता है कि आपने इस हवेली में बहुत सोच-विचार के पश्चात कदम रखे हैं, लेकिन क्यों यह बात मेरी समझ नहीं आती?????क्या इसलिए की यह नगरवधू का निवास स्थान हुआ करता था, और यदि ऐसा है तो क्या गलत

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कायरा का इंसाफ-60

8 जून 2023
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मुझे आपका बेखौफ विचरण इस हवेली में यह तो साफ दर्शाता है कि आप की सासू मां से मिलने के पश्चात आप काफी खुश है, यह मेरे लिए हर्ष की बात है, लेकिन इधर उधर ताकती हुई आपकी नजरें और उस में छुपे हुए प्रश्न, ज

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कायरा का इंसाफ-61

8 जून 2023
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अगर मन में धैर्य और दाता पर विश्वास ना हो तो, कोई लाभ शेष नहीं रह जाता, और संभवत इस बात की भी उम्मीद नहीं की जा सकती कि याचक को कुछ मिल सके, यह सुनते ही लोचन कुमार का चेहरा उतर गया, क्योंकि बार-बार प्

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कायरा का इंसाफ-62

11 जून 2023
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विक्रम के पास इतनी संपत्ति थी, कि यह कल्पना शायद उसके घर वालों ने भी ना की थी, कल तक जिस विक्रम को उनके रिश्तेदार अवघड़, पागल, घुमक्कड़, बेकार आदमी और ना जाने क्या क्या समझ कर धुधकारते थे, अचानक उसके

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कायरा का इंसाफ-63

11 जून 2023
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क्या हुआ किस सोच में डूबे हो????मुझे तुम्हारे चेहरे पर चिंता साफ नजर आ रही है, अगर कुछ प्रश्न हो तो तुम पूछ सकते हो??अब यह सुनते हुए जैसे बलवीर कुम्हार चौंक पड़ा, क्योंकि जैसे ही उसने वह पोटली उस सुना

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कायरा का इंसाफ-64

11 जून 2023
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घर के सामने जमा भीड़ और सुनाई देता कोहराम, चीख चीख कर रोने की आवाज से ऐसा जान पड़ता हैं, जैसे घर के किसी सदस्य की मृत्यु हो गई हो, ऐसा विलाप की सुनने वाले के दिल दहल उठते है।

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कायरा का इंसाफ-65

11 जून 2023
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किसी भी राज्य में शासन किसी राजा का नहीं होता , अपितु वहां की प्रजा, सेवादार ,सैनिक, मंत्री और सलाहकार सही मायने में एक अच्छे शासन का लुफ्त उठाते हैं, राजा तो सिर्फ सिंहासन और राजसत्ता से बंधा हुआ एक

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कायरा का इंसाफ-66

11 जून 2023
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समय के साथ-साथ हर परिस्थिति बदलते जा रही थी, राज्य शासन बदलते गए , और उम्र के पड़ाव में अब विक्रम को एक जगह ठहरने पर मजबूर कर दिया, और वह पहले की तरह एक स्थान से दूसरे स्थान बहुत कम समय में आना जाना न

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कायरा का इंसाफ-67

11 जून 2023
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चटकती सुनहरी धूप, मंद हवाएं और झरने का बहता कल कल पानी, फूलों की महक और पक्षियों का स्वर और उस पर तितलियों का एक फूल से दूसरे फूल पर जाकर बैठना, साथ ही भौरों का गुंजन ,सब कुछ उस धरती पर उगी हुई मध्यम

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कायरा का इंसाफ-68

11 जून 2023
23
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कायरा के बाबा उस लता को उठाकर अलग तो रख देते हैं, उसमें दिन ब दिन बहुत फूल खिलते हैं, और वह लता बढ़ते ही जाती है, और हरी-भरी लहराती हुई ,वह लता बहुत सुंदर सी दिखती है।

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कायरा का इंसाफ-69

11 जून 2023
23
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वो अलग-अलग रंगों के गुब्बारे, रेहड़ी और छोटी दुकानों से उठने वाले धुएं में मिश्रित मिठाई की खुशबू, बच्चे की चहकने की आवाज, और तरह-तरह के झूलो और उनमें बैठे कुछ खुशनुमा तो कुछ डरावनी शक्ल लिए हुए बैठे

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कायरा का इंसाफ-70

12 जून 2023
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एक तरफ मौलवी हैरान था, उस घटना से और उत्सुकता के साथ में चलने वाले हर हमसफर को बारी-बारी शक भरी निगाहों से देख रहा था, वह यह जानना चाहता था कि आखिर उससे भी ज्यादा शक्तिशाली इल्म का मालिक कौन है ????जि

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कायरा का इंसाफ-71

12 जून 2023
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मेला यह शब्द सुनते ही बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है,मेला हमेशा से सभी लोगों का एक अभिन्न अंग रहा है, मेले में व्यतीत किए गए क्षण सभी को आनंदित कर देते हैं, और ये क्षण सदा के लिए व्यक्ति की स्मृ

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कायरा का इंसाफ-72

12 जून 2023
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कायरा....कायरा....कायरा आँखे खोलो, आवाज सुन जब कायरा ने आँखे खोली तो, सामने उसे मैं दिखी, कायरा ने अपनी पूर्ण संतुष्टि के लिये एक बार आँखों को मलकर पुनः देखा और जब उसे यकीन हो गया तो वह उठ ब

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कायरा का इंसाफ-73

12 जून 2023
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मेरी चिंता का विषय यह नहीं है, कि मेरे बाद इस कुनबे का क्या होगा???? या मेरा घर कौन चलाएगा????यह सब सोचना बेकार की बातें हैं, क्योंकि कायरा मेरे लिए बेटा और बेटी दोनों ही है, या यूं कहूं कि मेरे

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कायरा का इंसाफ-74

13 जून 2023
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अचानक कुछ दिनों से पहाड़ी का दूसरा हिस्सा आज रात्रि में शांत सा जान पड़ा, तभी अचानक ज्वालामुखी से तेज विस्फोट की आवाज आती , तो कभी अचानक सूरज की तेज रोशनी, रात्रि के अंधकार को ढकने लगती। &

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कायरा का इंसाफ-75

15 जून 2023
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किसी अदृश्य सुरक्षा कवच ने उसका मुख मोड़ दिया, और अपने साथ निशांत को किसी चोर की तरह उठाकर ले गई ,और वह शक्ति बिना किसी को नुकसान पहुंचाए शान्त हो गई,कायरा अत्यंत क्रोध के साथ देखने लगी, लेकिन तभी उसे

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